हमीरपुर सर्दी-जुकाम की दवा बनी जहर निजी डॉक्टर के सिरप ने ली मासूम की जान

हमीरपुर सर्दी-जुकाम की दवा बनी जहर निजी डॉक्टर के सिरप ने ली मासूम की जान

निष्पक्ष जन अवलोकन हमीरपुर। दो वर्षीय मासूम बालक की बीमारी में कफ सिरप पिलाए जाने के बाद हुई मौत से प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारी मृतक के घर पहुंचे और संबंधित स्वास्थ्य कर्मी के आवास पर भी जांच-पड़ताल की गई। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बयान देने से बचते नजर आए, हालांकि जांच कर कार्रवाई का आश्वासन जरूर दिया गया। बताया जा रहा है कि कफ सिरप प्रकरण को लेकर पहले से ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं तथा न्यूज़ चैनलों और अखबारों में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग उठ रही है। इसी बीच कस्बे के वार्ड नंबर 19 स्थित सिचौली पुरवा में मंगलवार देर शाम दो वर्षीय मासूम कार्तिक पुत्र बृजेश कुमार की तबीयत खराब होने पर एक स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी ने निजी तौर पर अपने घर पर इलाज करते हुए कफ सिरप पिलाया, जिसके कुछ ही समय बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। घटना की खबर फैलते ही नगर व क्षेत्र में सनसनी फैल गई। रातभर तनावपूर्ण माहौल बना रहा और बुधवार सुबह प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। स्वास्थ्य कर्मी के घर पर तलाशी अभियान भी चलाया गया। इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। मृतक के पिता बृजेश कुमार ने बताया कि संबंधित स्वास्थ्य कर्मी गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अरतरा में वार्ड आया के पद पर कार्यरत है और उसी ने जुकाम-बुखार होने पर कफ सिरप दिया था, जिसके बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई और उसकी जान चली गई। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी राजकुमार पांडे ने बताया कि मामले में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। वहीं उप जिलाधिकारी करणवीर सिंह ने कहा कि सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर जांच की गई है और शीघ्र ही तथ्य सामने आएंगे, दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी। सीएससी अधीक्षक रजत रंजन तिवारी ने भी जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।