वट सावित्री व्रत: सुहागिनों ने अखंड सौभाग्य के लिए की बरगद की पूजा
निष्पक जन अवलोकन। मनोज अग्रहरी। मीरजापुर। बरियाघाट। शहर सहित ग्रामीण अंचलों में वट सावित्री व्रत की धूम देखी गई। पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के लिए सुहागिन महिलाओं ने सुबह से ही पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर वट वृक्ष (बरगद) की पूजा-अर्चना की। बरियाघाट के पंचमुखी मंदिर पर तथा नगर में बगीचों में स्थित वट वृक्षों के नीचे सुबह से ही महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं ने बरगद के पेड़ पर जल, मौली (कच्चा सूत), फल और फूल अर्पित किए और वृक्ष की 108 बार परिक्रमा कर पति की दीर्घायु का वरदान मांगा। श्रद्धालु पूजा ने बताया: "यह व्रत हमारे सनातन धर्म में अखंड सौभाग्य का प्रतीक है। हम यमराज से अपने पति के प्राण वापस लाने वाली माता सावित्री की कथा सुनकर इस परंपरा को निभाते हैं।" प्रशासन द्वारा भी प्रमुख पूजा स्थलों पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए गए।









