प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक संपन्न

प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक संपन्न
प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक संपन्न

निष्पक्ष जन अवलोकन। । शिवसंपत करवरिया। चित्रकूट ।प्रभारी मंत्री, जनपद चित्रकूट/मा० राज्य मंत्री, श्रम एवं सेवायोजन विभाग, उ०प्र० सरकार, मनोहर लाल (मन्नू कोरी) की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक में मा० विधायक मऊ /मानिकपुर अविनाश चंद्र द्विवेदी, जिलाधिकारी पुलकित गर्ग, पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डीपी पाल, अध्यक्ष डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक चित्रकूट-बांदा पंकज अग्रवाल, विधान परिषद प्रतिनिधि विवेक श्रीवास्तव तथा रवि त्रिपाठी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मा० प्रभारी मंत्री ने पीएम सूर्यधर योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सप्ताह में कम से कम एक बार कैंप आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इन कैंपों में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए। ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने ट्रांसफार्मरों की स्थिति एवं विद्युत आपूर्ति के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा निर्देश दिए कि शासन की गाइडलाइन के अनुसार विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को विद्युत आपूर्ति के संबंध में किसी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए तथा सिंचाई हेतु पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाए। मा० प्रभारी मंत्री ने किसान सम्मान निधि एवं फसल बीमा योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उन्होंने दिव्यांग एवं विधवा लाभार्थियों को प्राथमिकता दिए जाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने विभागों की योजनाओं की जानकारी जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराएं तथा योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें, जिससे पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके। जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए गए कि चिन्हित सभी ग्राम पंचायतों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। मा० प्रभारी मंत्री ने अधिशासी अभियंता विद्युत एवं अधिशासी अभियंता जल निगम को आपसी समन्वय स्थापित कर विद्युत आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए, जिससे पेयजल व्यवस्था प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि जहां विद्युत संबंधी समस्या आ रही है, वहां ट्रांसफार्मर स्थापना हेतु शीघ्र एस्टीमेट तैयार कर प्रेषित किया जाए। बैठक में मा० प्रभारी मंत्री ने सभी ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी स्थापित किए जाने पर बल दिया। इस संबंध में जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी ग्राम पंचायत सचिवों की बैठक आयोजित कर विकास कार्यों एवं व्यय की समीक्षा की जाए। पर्यटन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा के दौरान क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी ने अवगत कराया कि 28 परियोजनाओं में से 23 परियोजनाएं पूर्ण की जा चुकी हैं। इस पर जनप्रतिनिधियों द्वारा पूर्ण परियोजनाओं की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण लक्ष्य के संबंध में जानकारी दिए जाने पर मा० विधायक ने बुंदेलखंड क्षेत्र की जलवायु के अनुरूप अधिकाधिक पौधरोपण किए जाने पर बल दिया। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि गौशालाओं में ट्री गार्ड सहित पौधरोपण कराया जाए, जिससे पशुओं से पौधों की सुरक्षा हो सके तथा छायादार वातावरण उपलब्ध हो। मा० प्रभारी मंत्री ने जिला पूर्ति अधिकारी से डीजल उपलब्धता एवं राशन वितरण की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा बताया गया कि जनपद में डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। इस पर मा० मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी पात्र व्यक्तियों के राशन कार्ड बनाए जाना सुनिश्चित किया जाए। कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आईजीआरएस, सीसीटी, डायल-112 एवं दर्पण डैशबोर्ड के माध्यम से कानून व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जा रही है। उन्होंने बताया कि लूट, हत्या, बलवा, गृहभेदन एवं वाहन चोरी जैसी घटनाओं में कमी आई है, जबकि चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण हेतु लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मा० प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि विद्यालयों के आसपास संचालित शराब की दुकानों का सत्यापन पुलिस विभाग द्वारा कराया जाए। माननीय प्रभारी मंत्री जी ने कहा कि बाल श्रम एक सामाजिक बुराई है, माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रदेश को दिसंबर 2026 तक बाल श्रम मुक्त प्रदेश बनाने का संकल्प लिया गया है। समाज और देश की प्रगति सभी संभव है जब बच्चों का बचपन सुरक्षित व खुशहाल हो तथा बच्चे विद्यालयों में अध्ययनरत हो। बच्चों का बचपन इस स्कूल में खेल मैदान में व पारिवारिक स्नेह की छांव में व्यतीत होना चाहिए न कि दुकानों, कारखानों या बाल श्रम में कहा कि समाज को बाल श्रम से मुक्त समाज बनाने के लिए सभी दुकानदारों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, फैक्ट्री मालिकों एवं अभिभावकों से अपील है कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम न कराए जाएं। पारिवारिक प्रतिष्ठानों को बाल श्रम मुक्त परिसर बनाने का संकल्प लेकर बच्चों की शिक्षा में सहयोग करके उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सहयोग करना होगा, तभी इस सामाजिक बुराई का समापन होगा। एक शिक्षित बच्चा की खुशहाल परिवार समाज व राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि बाल श्रम कानून अपराध है इसके उल्लंघन में न्यूनतम 6 माह लेकर दो वर्ष तक की सजा सहित ₹20000 से लेकर ₹50000 तक अर्थदंड प्रावधान भी है। उन्होंने समस्त जनपदवासियों से अपील की है कि यदि कहीं बाल श्रम होता संज्ञान में आए तो तुरंत इसकी सूचना जनपद प्रशासन, श्रम विभाग, टोल फ्री नंबर1098 या 1800-102-722 में देकर जनपद चित्रकूट को बाल श्रम मुक्त जनपद बनाने में सक्रिय सहयोग करें। बैठक के अंत में जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने मा० प्रभारी मंत्री एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बैठक में प्राप्त निर्देशों का प्रभावी ढंग से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। इस अवसर पर माननीय मंत्री व जनप्रतिनिधियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) स्वप्निल कुमार यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भूपेश द्विवेदी, डीसी मनरेगा डीएन पाण्डेय, जिला परियोजना अधिकारी संत राम यादव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।