जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विकास खंड मऊ स्थित मोहना नदी के पुनरोद्धार एवं साफ-सफाई के संबंध में कैंप कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विकास खंड मऊ स्थित मोहना नदी के पुनरोद्धार एवं साफ-सफाई के संबंध में कैंप कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विकास खंड मऊ स्थित मोहना नदी के पुनरोद्धार एवं साफ-सफाई के संबंध में कैंप कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई।

निष्पक्ष जन अवलोकन। । शिवसंपत करवरिया। चित्रकूट।जिलाधिकारी पुलकित गर्ग द्वारा दिनांक 17 जनवरी, 2026 को 'सम्पूर्ण समाधान दिवस' के उपरांत भ्रमण के दौरान कुछ ग्रामीणों द्वारा यह अवगत कराया गया कि मोहना नाला/नदी पुनरुद्धार कराया जाए जिससे के पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था हो सके। कोटवा बांध से उद्गमित होकर टोस नदी में समाहित होने वाली यह नदी लगभग 15 किलोमीटर लंबी है। नदी की वर्तमान स्थिति को देखते हुए इसके जीर्णोद्धार हेतु जिलाधिकारी ने व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने विस्तृत कार्ययोजना (DPR) के लिए अधिशासी अभियंता, लघु सिंचाई को निर्देशित किए कि वे नदी के पुनरोद्धार हेतु एक विस्तृत और तकनीकी कार्ययोजना तत्काल तैयार करें। जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि नदी के बहाव क्षेत्र का सटीक सीमांकन सुनिश्चित करें ताकि अतिक्रमण की स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने डीसी मनरेगा को नदी के तटों पर व्यापक वृक्षारोपण कराने के निर्देश दिए गए, जिससे मृदा अपरदन रुके और पारिस्थितिकी तंत्र सुदृढ़ हो। जिलाधिकारी ने संबंधित खंड विकास अधिकारी को समस्त विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्य में अपेक्षित सहयोग प्रदान करने हेतु पाबंद किया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नदी का पुनरोद्धार न केवल जल संरक्षण के लिए आवश्यक है, बल्कि यह स्थानीय कृषि और पर्यावरण के लिए भी जीवनदायिनी सिद्ध होगी। उन्होंने सभी कार्यों को समयबद्ध सीमा के भीतर पूर्ण करने की कड़ी चेतावनी दी है।