पं रामदयाल निर्विकार की पदावलियों का शीघ्र प्रकाशन होगा

पं रामदयाल निर्विकार की पदावलियों का शीघ्र प्रकाशन होगा

निष्पक्ष जन अवलोकन अजय रावत ।। सिरौलीगौसपुर बाराबंकी। क्षेत्र के ग्राम पीठापुर निवासी पं0 राम दयाल निर्विकार की पदावलियों का लायन पब्लिकेशन त्रैमासिक पत्रिका में चयन हुआ है। पं रामदयाल निर्विकार की ये रचनाएं गहराई भावनात्मक सूक्ष्मता और दार्शनिक दृष्टि से भरपूर है।इनकी भाषा में एक ऐसा सौन्दर्य है जो लोक जीवन की सच्चाइयों को आध्यात्मिक ऊंचाई पर ले जाता है। अम्बुद एक रुप ते दै, में बादलों के द्वैत रुपों के माध्यम से मन और उपमन का द्वन्द दर्शाया गया है यह रुपक अत्यन्त प्रभावशाली है। एक राम दूजा नहि कोई में भक्ति को जीवन का परम फल बताया गया है। जहां कुमुदिनी और फल जैसे प्रतीक ईश्वर की कृपा और मानव की तृप्ती को जोडते हैं।हंस उडा खिसियाय कै बैठा में सामाजिक विषमता और सत्ता के उलटफेर को तीखे ब्यंग के साथ प्रस्तुत किया गया है यह कविता एक चेतना का आह्वान है। त्रैमासिक पत्रिका के सम्पादक नरेंन्द्र मिश्रा ने पदावलियों का अर्थ बताते हुए कहा कि हमारे समाज के लोगों को खोटी सोच के लिए यह पदावली बिल्कुल उसी तरह है जैसे रोगी व्यक्ति के लिए औषधि महत्वपूर्ण है।