श्रीमद्भागवत कथा के चौथे एवं पांचवें दिवस पर ध्रुव चरित्र एवं भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मार्मिक वर्णन किया गया

श्रीमद्भागवत कथा के चौथे एवं पांचवें दिवस पर ध्रुव चरित्र एवं भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मार्मिक वर्णन किया गया

निष्पक्ष जन अवलोकन। रामशंकर वर्मा। बाराबंकी। तहसील क्षेत्र के गणेशपुर कस्बे में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे एवं पांचवें दिवस पर भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला।कथा व्यास आचार्य अश्वनी कुमार त्रिपाठी के मुखारविंद से ध्रुव चरित्र एवं भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण और मार्मिक वर्णन किया गया जिसे सुनकर पंडाल में उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे।कथा के चौथे दिन बालक ध्रुव के जीवन प्रसंग का वर्णन करते हुए कथावाचक ने बताया कि मात्र पांच वर्ष की आयु में ध्रुव ने अपनी अटल श्रद्धा दृढ़ संकल्प और कठोर तपस्या से भगवान विष्णु को प्रसन्न कर लिया।ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” के मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने ध्रुव की भक्ति से प्रेरणा लेकर उसे अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।वहीं, कथा के पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण की मनोहारी बाल लीलाओं का सजीव वर्णन किया गया।माखन चोरी, बाल सुलभ चेष्टाओं और लीलाओं का श्रवण करते ही पूरा पंडाल ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयघोष से गूंज उठा और वातावरण भक्तिमय हो गया।इस ज्ञान यज्ञ में अयोध्या हनुमानगढ़ी से पधारे महंत बाबा बलराम दास महाराज,महंत श्रवण दास सौरभ दास तथा महंत बी.पी. दास सहित अनेक संत-महात्माओं ने अपनी उपस्थिति से आयोजन की शोभा बढ़ाई।इसके अलावा ब्लॉक प्रमुख संजय तिवारी वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत शुक्ला सुरेंद्र शुक्ला अधिवक्ता आदर्श कुमार मौर्य वरिष्ठ प्रतियोगी अजय कुमार शुक्ला सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने व्यास पीठ का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।कथा के यजमान सुरेश कुमार शुक्ल एवं लक्ष्मी शुक्ल ने सभी संतों और अतिथियों का स्वागत किया।इस अवसर पर नगर पंचायत रामनगर के चेयरमैन रामशरण पाठक, दयाशंकर तिवारी, नीरज शुक्ला,रोहित त्रिपाठी, गिरजा शंकर अवस्थी, कुलदीप गुप्ता,घनश्याम गुप्ता, समाजसेवी अवधेश शुक्ल, अनुपम शुक्ल,के.के. शुक्ला, आशीष शुक्ल,आनंद शुक्ला, गौरव अवस्थी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालु उपस्थित रहे।