Nishpaksh Jan Avlokan & YogeshJai https://nishpakshjanavlokan.in/rss/author/yogeshjai Nishpaksh Jan Avlokan & YogeshJai hi @2023 – All Right Reserved. Designed and Developed by yowebsolutions.com Makeup Tips: काजल खरीदते समय इन बातों का रखें खास ख्याल, इंफेक्शन से बची रहेंगी आंखें https://nishpakshjanavlokan.in/makeup-tips-काजल-खरीदते-समय-इन-बातों-का-रखें-खास-ख्याल-इंफेक्शन-से-बची-रहेंगी-आंखें https://nishpakshjanavlokan.in/makeup-tips-काजल-खरीदते-समय-इन-बातों-का-रखें-खास-ख्याल-इंफेक्शन-से-बची-रहेंगी-आंखें हम सभी अपने रोजमर्रा के जीवन में थोड़ा बहुत मेकअप करते हैं। वहीं मेकअप में आई लुक का रोल सबसे ज्यादा अहम होता है। वहीं रोजाना मेकअप में अक्सर आंखों सिर्फ काजल लगाया जाना पसंद किया जाता है। हांलाकि काजल के जरिए आई मेकअप लुक्स को रीक्रिएट किया जा सकता है। वहीं सर्दियों में मौसम में आंखों में काजल लगाना अवॉइड किया जाता है।


लेकिन अगर आप भी कुछ बातों का ख्याल रखती हैं, तो किसी भी मौसम में आंखों में काजल अप्लाई कर सकती हैं। आज हम आपके साथ कुछ ऐसे टिप्स शेयर करने जा रहे हैं, जिनको आप काजल खरीदने के दौरान ध्यान में रखें। ऐसे में आप हर मौसम आंखों में काजल लगाकर अपने लुक को आकर्षक बना सकती हैं।

काजल में ऑयल

पेंसिल काजल का इस्तेमाल करने से यह ड्राइनेस को बढ़ा देता है। लेकिन अगर पेंसिल काजल में ऑयल मौजूद हो, तो इससे आपकी आंखों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा। इसलिए प्रयास करें कि आप ऑयल के लिए नेचुरल पदार्थ वाले प्रोडक्ट को चुनें। क्योंकि ऐसा करने से आपकी आंखों को भी भरपूर मात्रा में पोषण मिलेगा।

काजल पेंसिल में केमिकल 

आपको मार्केट कई तरह के काजल के बड़े-बड़े ब्रांड्स आसानी से मिल जाएंगे। ऐसे में आप अपनी आंखों को आकर्षक बनाने के लिए किसी अच्छे ब्रांड वाले प्रोडक्ट को चुनें। क्योंकि लोकल और केमिकल वाले प्रोडक्ट्स आपकी आंखों को न सिर्फ ड्राई करेंगे, बल्कि यह आपकी आंखों को कई तरह से नुकसान भी पहुंचा सकता है।

इन बातों का रखें खास ख्याल


आई मेकअप करने के दौरान हाथों के दबाव का कम से कम इस्तेमाल करें। जिससे कि आपकी आंखों को किसी तरह का नुकसान न हो।

आई मेकअप के समय ब्लेंडिंग पर खास ध्यान देना चाहिए, जिससे आपका लुक आकर्षक हो।

अगर आपकी आंखें सेंसिटिव हैं, तो वॉटरलाइन से काजल को थोड़ी दूर रखकर ही इस्तेमाल करना चाहिए।

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Thu, 15 Feb 2024 19:36:41 +0530 YogeshJai
Prime Minister Modi दोहा पहुंचे, कतर के अमीर से करेंगे मुलाकात https://nishpakshjanavlokan.in/prime-minister-modi-दोहा-पहुंचे-कतर-के-अमीर-से-करेंगे-मुलाकात https://nishpakshjanavlokan.in/prime-minister-modi-दोहा-पहुंचे-कतर-के-अमीर-से-करेंगे-मुलाकात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत और कतर के बीच ऐतिहासिक रूप से घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने के लिए कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक के लिए बुधवार शाम यहां पहुंचे। वर्ष 2014 के बाद से प्रधानमंत्री के रूप में मोदी की यह दूसरी कतर यात्रा है।

मोदी संयुक्त अरब अमीरात की दो दिवसीय यात्रा के बाद दोहा पहुंचे, जहां उन्होंने प्रवासी भारतीय समुदाय के एक कार्यक्रम, ‘विश्व सरकार शिखर सम्मेलन’ को संबोधित किया और संयुक्त अरब अमीरात के पहले हिंदू मंदिर का भी उद्घाटन किया।


मंगलवार को नयी दिल्ली से रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने एक बयान में कहा कि वह अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से मिलने के लिए उत्सुक हैं, ‘‘जिनके नेतृत्व में कतर जबरदस्त विकास और परिवर्तन देख रहा है।’’

भारत द्वारा मोदी की कतर यात्रा की सोमवार को घोषणा के पूर्व कतर ने जेल में बंद भारतीय नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों को रिहा कर दिया और उनमें से सात स्वदेश लौट आए।

मोदी ने रवाना होने से पहले वक्तव्य में यह भी कहा कि कतर में 8,00,000 से अधिक भारतीय की उपस्थिति ‘‘हमारे लोगों के बीच मजबूत संबंधों का प्रमाण है। अमीर के साथ बातचीत के अलावा, मोदी का कतर में अन्य गणमान्य व्यक्तियों से भी मिलने का कार्यक्रम है।

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Thu, 15 Feb 2024 10:50:47 +0530 YogeshJai
बेटीयाँ https://nishpakshjanavlokan.in/बेटीयाँ https://nishpakshjanavlokan.in/बेटीयाँ
हमारे गाँव ने बेटी तुम्हारे शहर भेजी है,
पढ़ाई किस तरह से कर रही ये देखते रहना!
खुशी में खिल-खिलाकर-खुल खूब हँसती है,
रुलाई को हँसी में ढालने का ढंग तक नहीँ आता!
दुनिया समझ नहीं पाती..वो मासूम बेचारी है,
नज़रे नंगी हैं...दुपट्टा डालने का ढंग भी नहीँ आता!
कभी कुछ भी नहीँ बोलेगी...संकोच रखती है,
मगर वह किस-२ गली में डर रही है ये देखते रहना!
हर चौराहे अब घूमते आवारा-जंगली कुत्ते हैं,
कौन से चौराहे से मुड़ जाती है..? ये पूछते रहना!
बेटियोँ को झूठे...सच्चाई से माल/समान बोल देते,
कोई झूठ के ठेले पर उसे प्यार से कल को बेच न दे,
उसमें भी माँ-बहन है, इज्जत इसकी संभालते रहना!
- सत्यम सिंह 'विशेन' (Scientist ISRO)
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Wed, 14 Feb 2024 10:07:56 +0530 YogeshJai
बसंत पंचमी की तिथि पूजा विधि, शुभ मुहूर्त व महत्व https://nishpakshjanavlokan.in/बसंत-पंचमी-की-तिथि-पूजा-विधि-शुभ-मुहूर्त-व-महत्व https://nishpakshjanavlokan.in/बसंत-पंचमी-की-तिथि-पूजा-विधि-शुभ-मुहूर्त-व-महत्व बसन्त पंचमी 14 फरवरी विशेष

बसंत पंचमी की तिथि पूजा विधि, शुभ मुहूर्त व महत्व

बसंत पंचमी भारतीय संस्कृति में एक बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने वाला त्यौहार है जिसमे हमारी परम्परा, भौगौलिक परिवर्तन , सामाजिक कार्य तथा आध्यात्मिक पक्ष सभी का सम्मिश्रण है, हिन्दू पंचांग के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है वास्तव में भारतीय गणना के अनुसार वर्ष भर में पड़ने वाली छः ऋतुओं (बसंत, ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमंत, शिशिर) में बसंत को ऋतुराज अर्थात सभी ऋतुओं का राजा माना गया है और बसंत पंचमी के दिन को बसंत ऋतु का आगमन माना जाता है इसलिए बसंत पंचमी ऋतू परिवर्तन का दिन भी है जिस दिन से प्राकृतिक सौन्दर्य निखारना शुरू हो जाता है पेड़ों पर नयी पत्तिया कोपले और कालिया खिलना शुरू हो जाती हैं पूरी प्रकृति एक नवीन ऊर्जा से भर उठती है।

बसंत पंचमी को विशेष रूप से सरस्वती जयंती के रूप में मनाया जाता है यह माता सरस्वती का प्राकट्योत्सव है इसलिए इस दिन विशेष रूप से माता सरस्वती की पूजा उपासना कर उनसे विद्या बुद्धि प्राप्ति की कामना की जाती है इसी लिए विद्यार्थियों के लिए बसंत पंचमी का त्यौहार बहुत विशेष होता है।

इस दिन पीले वस्त्र पहनने और खिचड़ी बनाने और बाटने की प्रथा भी प्रचलित है तो इस दिन बसंत ऋतु के आगमन होने से कई प्रदेशों में आकाश में रंगीन पतंगे उड़ने की परम्परा भी बहुत दीर्घकाल से प्रचलन में है।

बसंत पंचमी के दिन का एक और विशेष महत्व भी है बसंत पंचमी को मुहूर्त शास्त्र के अनुसार एक स्वयं सिद्ध मुहूर्त और अनसूज साया भी माना गया है अर्थात इस दिन कोई भी शुभ मंगल कार्य करने के लिए पंचांग शुद्धि की आवश्यकता नहीं होती इस दिन नींव पूजन, गृह प्रवेश, वाहन खरीदना, व्यापार आरम्भ करना, सगाई और विवाह आदि मंगल कार्य किये जा सकते है।

माता सरस्वती को ज्ञान, सँगीत, कला, विज्ञान और शिल्प-कला की देवी माना जाता है।

भक्त लोग, ज्ञान प्राप्ति और सुस्ती, आलस्य एवं अज्ञानता से छुटकारा पाने के लिये, आज के दिन देवी सरस्वती की उपासना करते हैं। कुछ प्रदेशों में आज के दिन शिशुओं को पहला अक्षर लिखना सिखाया जाता है। दूसरे शब्दों में वसन्त पञ्चमी का दिन विद्या आरम्भ करने के लिये काफी शुभ माना जाता है इसीलिये माता-पिता आज के दिन शिशु को माता सरस्वती के आशीर्वाद के साथ विद्या आरम्भ कराते हैं। सभी विद्यालयों में आज के दिन सुबह के समय माता सरस्वती की पूजा की जाती है।

वसन्त पञ्चमी का दिन हिन्दु कैलेण्डर में पञ्चमी तिथि को मनाया जाता है। जिस दिन पञ्चमी तिथि सूर्योदय और दोपहर के बीच में व्याप्त रहती है उस दिन को सरस्वती पूजा के लिये उपयुक्त माना जाता है। हिन्दु कैलेण्डर में सूर्योदय और दोपहर के मध्य के समय को पूर्वाह्न के नाम से जाना जाता है।

ज्योतिष विद्या में पारन्गत व्यक्तियों के अनुसार वसन्त पञ्चमी का दिन सभी शुभ कार्यो के लिये उपयुक्त माना जाता है। इसी कारण से वसन्त पञ्चमी का दिन अबूझ मुहूर्त के नाम से प्रसिद्ध है और नवीन कार्यों की शुरुआत के लिये उत्तम माना जाता है।

वसन्त पञ्चमी के दिन किसी भी समय सरस्वती पूजा की जा सकती है परन्तु पूर्वाह्न का समय पूजा के लिये श्रेष्ठ माना जाता है। सभी विद्यालयों और शिक्षा केन्द्रों में पूर्वाह्न के समय ही सरस्वती पूजा कर माता सरस्वती का आशीर्वाद ग्रहण किया जाता है।

नीचे सरस्वती पूजा का जो मुहूर्त दिया गया है उस समय पञ्चमी तिथि और पूर्वाह्न दोनों ही व्याप्त होते हैं। इसीलिये वसन्त पञ्चमी के दिन सरस्वती पूजा इसी समय के दौरान करना श्रेष्ठ है।

सरस्वती, बसंतपंचमी पूजा

1. प्रात:काल स्नान करके पीले वस्त्र धारण करें। 

2. मां सरस्वती की प्रतिमा को सामने रखें तत्पश्चात कलश स्थापित कर प्रथम पूज्य गणेश जी का पंचोपचार विधि पूजन उपरांत सरस्वती का ध्यान करें 

ध्यान मंत्र 

या कुन्देन्दु तुषारहार धवला या शुभ्रवस्त्रावृता। 
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना ।। 
या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता। 
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ।। 
शुक्लां ब्रह्मविचारसारपरमांद्यां जगद्व्यापनीं । 
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यांधकारपहाम्।। 
हस्ते स्फाटिक मालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम् । 
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्।।2।।

3. मां की पूजा करते समय सबसे पहले उन्हें आचमन व स्नान कराएं। 
4. माता का श्रंगार कराएं ।
5. माता श्वेत वस्त्र धारण करती हैं इसलिए उन्हें श्वेत वस्त्र पहनाएं। 
6. प्रसाद के रुप में खीर अथवा दुध से बनी मिठाईयों का भोग लगाएं। 
7. श्वेत फूल माता को अर्पण करें।
8. तत्पश्चात नवग्रह की विधिवत पूजा करें। 

सरस्वती पूजा करते समय सबसे पहले सरस्वती माता की प्रतिमा अथवा तस्वीर को सामने रखना चाहिए। इसके बाद कलश स्थापित करके गणेश जी तथा नवग्रह की विधिवत पूजा करनी चाहिए। इसके बाद माता सरस्वती की पूजा करें। सरस्वती माता की पूजा करते समय उन्हें सबसे पहले आचमन एवं स्नान कराएं। इसके बाद माता को फूल एवं माला चढ़ाएं. सरस्वती माता को सिन्दुर एवं अन्य श्रृंगार की वस्तुएं भी अर्पित करनी चाहिए. बसंत पंचमी के दिन सरस्वती माता के चरणों पर गुलाल भी अर्पित किया जाता है।

देवी सरस्वती श्वेत(सफेद) वस्त्र धारण करती हैं अत: उन्हें श्वेत वस्त्र पहनाएं। सरस्वती पूजन के अवसर पर माता सरस्वती को पीले रंग का फल चढ़ाएं। प्रसाद के रूप में मौसमी फलों के अलावा बूंदिया अर्पित करना चाहिए। इस दिन सरस्वती माता को मालपुए एवं खीर का भी भोग लगाया जाता है।

सरस्वती माता का हवन 

सरस्वती पूजा करने बाद सरस्वती माता के नाम से हवन करना चाहिए. हवन के लिए हवन कुण्ड अथवा भूमि पर सवा हाथ चारों तरफ नापकर एक निशान बना लेना चाहिए। इसे कुशा से साफ करके गंगा जल छिड़क कर पवित्र करने के बाद। आम की छोटी-छोटी लकडि़यों को अच्छी तरह बिछा लें और इस पर अग्नि प्रजज्वलित करें. हवन करते समय गणेश जी, नवग्रह के नाम से हवन करें। इसके बाद सरस्वती माता के नाम से "ॐ श्री सरस्वत्यै नमः " इस मंत्र से 108 बार हवन करना चाहिए. हवन के बाद सरस्वती माता की आरती करें और हवन का भभूत लगाएं।

सरस्वती विसर्जन 

माघ शुक्ल पंचमी के दिन सरस्वती की पूजा के बाद षष्ठी तिथि को सुबह माता सरस्वती की पूजा करने के बाद उनका विसर्जन कर देना चाहिए। संध्या काल में मूर्ति को प्रणाम करके जल में प्रवाहित कर देना चाहिए।

बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा के साथ सरस्वती चालीसा पढ़ना और कुछ मंत्रों का जाप आपकी बुद्धि प्रखर करता है। अपनी सुविधानुसार आप ये मंत्र 11, 21 या 108 बार जाप कर सकते हैं।

निम्न मंत्र या इनमें किसी भी एक मंत्र का यथा सामर्थ्य जाप करें

1. सरस्वती महाभागे विद्ये कमललोचने
विद्यारूपा विशालाक्षि विद्यां देहि नमोस्तुते॥

2. या देवी सर्वभूतेषू, मां सरस्वती रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

3. ऐं ह्रीं श्रीं वाग्वादिनी सरस्वती देवी मम जिव्हायां।
सर्व विद्यां देही दापय-दापय स्वाहा।।

4. एकादशाक्षर सरस्वती मंत्र
ॐ ह्रीं ऐं ह्रीं सरस्वत्यै नमः।

5. वर्णानामर्थसंघानां रसानां छन्दसामपि।
मंगलानां च कर्त्तारौ वन्दे वाणी विनायकौ।।

6. सरस्वत्यै नमो नित्यं भद्रकाल्यै नमो नम:।
वेद वेदान्त वेदांग विद्यास्थानेभ्य एव च।।
सरस्वति महाभागे विद्ये कमललोचने।
विद्यारूपे विशालाक्षी विद्यां देहि नमोस्तुते।।

7. प्रथम भारती नाम, द्वितीय च सरस्वती
तृतीय शारदा देवी, चतुर्थ हंसवाहिनी
पंचमम् जगतीख्याता, षष्ठम् वागीश्वरी तथा
सप्तमम् कुमुदीप्रोक्ता, अष्ठमम् ब्रह्मचारिणी
नवम् बुद्धिमाता च दशमम् वरदायिनी
एकादशम् चंद्रकांतिदाशां भुवनेशवरी
द्वादशेतानि नामानि त्रिसंध्य य: पठेनर:
जिह्वाग्रे वसते नित्यमं
ब्रह्मरूपा सरस्वती सरस्वती महाभागे
विद्येकमललोचने विद्यारूपा विशालाक्षि
विद्या देहि नमोस्तुते”

8. स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए।

जेहि पर कृपा करहिं जन जानि।
कवि उर अजिर नचावहिं वानी॥
मोरि सुधारहिं सो सब भांति।
जासु कृपा नहिं कृपा अघाति॥

9. गुरु गृह पढ़न गए रघुराई।
अलप काल विद्या सब पाई॥

विद्या प्राप्ति में बाधा नाशक टोटके
बसंत पंचमी के दिन प्रातः उठकर, बच्चों को अपनी- अपनी हथेलियां देखनी चाहिए। क्योंकि कहते हैं- कराग्रे लक्ष्मी बसते, कर मध्ये सरस्वती, कर मूले तू गोविदः प्रभाते कर दर्शनम्।" यानी हथेली में माँ सरस्वती का वास होती है, जिनकों देखना माँ सरस्वती के दर्शन करने के बराबर होती है।

 जिन बच्चों में हकलाने या बोलने में परेशानी हो वो बांसुरी के छेद से शहद भरकर, उसे मोम से बंद कराकर, श्रद्धा और विश्वास के साथ उस बच्चों के हाथ से ही वाग्देवी को समर्पण कर, जमीन में गाड़ देना चाहिए। ऐसा करने से बच्चों का बोलने की दिक्कत क्रमशः दूर होती है।।

 अपनी किताबों/ लिखन सामग्री के साथ बसंत पंचमी के दिन मोर पंख रखना चाहिए। मान्यता है कि इससे पढ़ने में मन लगता है।

 बच्चों की बुद्धि तेज करने के लिए इस बसंत पंचमी के दिन से ही औषधि रूपिणी ब्राह्मी, शंखपुष्पी जैसी मेधावटी को सेवन के लिए देना आरंभ करना चाहिए।

 बच्चों के अलावा भी जिन लोगों को बोलने में दिक्कत हो, उन्हें बसंत पंचमी के दिन माँ सरस्वती की सामर्थ्य अनुसार पूजा करने के बाद, पुरोधा की सहायता लेकर जीभ को तालु में लगाकर बीज मंत्र 'ऐं' का यथाविधि जाप करना चाहिए।

माँ सरस्वती चालीसा 
दोहा 

जनक जननि पदम दुरज, निजब मस्तक पर धारि।
बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि।।
पूर्ण जगत में व्याप्त तव, महिमा अमित अनंतु।
दुष्टजनों के पाप को, मातु तुही अब हन्तु।।

चौपाई

जय श्रीसकल बुद्धि बलरासी।जय सर्वज्ञ अमर अविनाशी।।
जय जय जय वीणाकर धारी।करती सदा सुहंस सवारी।।
रूप चतुर्भुज धारी माता।सकल विश्व अन्दर विख्याता।।
जग में पाप बुद्धि जब होती।तबही धर्म की फीकी ज्योति।।
तबहि मातु का निज अवतारा।पाप हीन करती महितारा।।
बाल्मीकि  जी  था हत्यारा। तव प्रसाद जानै संसारा।।
रामचरित जो रचे बनाई। आदि कवि की पदवी पाई।।
कालीदास जो भये विख्याता। तेरी कृपा दृष्टि से माता।।
तुलसी सूर आदि विद्वाना। भये जो और ज्ञानी नाना।।
तिन्ह न और रहेउ अवलम्बा। केवल कृपा आपकी अम्बा।।
करहु कृपा सोई मातु भवानी।दुखित दीन निज दासहि जानी।।
पुत्र  करई  अपराध  बहूता। तेहि  न  धरई  चित  माता।।
राखु लाज जननि अब मेरी।विनय करऊ भांति बहुतेरी।।
मैं अनाथ तेरी अवलंबा। कृपा करउ जय जय जगदंबा।।
मधुकैटभ जो अति बलवाना। बाहुयुद्ध विष्णु से ठाना।।
समर हजार पांच में घोरा। फिर भी मुख उनसे नहीं मोरा।।
मातु सहाय कीन्ह तेहि काला। बुद्धि विपरीत भई खलहाला।।
तेहि ते मृत्यु भई खल केरी। पुरवहु मातु मनोरथ मेरी।।
चण्ड मुण्ड जो थे विख्याता। क्षण महु संहारे उन माता।।
रक्त बीज से समरथ पापी। सुर मुनि हृदय धरा सब कांपी।।
काटेउ सिर जिम कदली खम्बा। बार बार बिनवऊं जगदंबा।।
जगप्रसिद्ध जो शुंभ निशुंभा। क्षण में बांधे ताहि तूं अम्बा।।
भरत-मातु बुद्धि फेरेऊ जाई। रामचन्द्र बनवास कराई।।
एहि विधि रावन वध तू कीन्हा। सुर नर मुनि सबको सुख दीन्हा।।
को समरथ तव यश गुण गाना। निगम अनादि अनंत बखाना।।
विष्णु रूद्र जस कहिन मारी। जिनकी हो तुम रक्षाकारी।।
रक्त दन्तिका और शताक्षी। नाम अपार है दानव भक्षी।।
दुर्गम काज धरा पर कीन्हा। दुर्गा नाम सकल जग लीन्हा।।
दुर्ग आदि हरनी तू माता। कृपा करहु जब जब सुखदाता।।
नृप  कोपित को मारन चाहे। कानन  में घेरे  मृग  नाहै।।
सागर मध्य पोत के भंजे। अति तूफान नहिं कोऊ संगे।।
भूत प्रेत बाधा या दु:ख में। हो दरिद्र अथवा संकट में।।
नाम जपे मंगल सब होई। संशय इसमें करई न कोई।।
पुत्रहीन जो आतुर भाई। सबै छांड़ि पूजें एहि भाई।।
करै पाठ नित यह चालीसा। होय पुत्र सुन्दर गुण ईसा।।
धूपादिक नैवेद्य चढ़ावै। संकट रहित अवश्य हो जावै।।
भक्ति मातु की करैं हमेशा। निकट न आवै ताहि कलेशा।।
बंदी पाठ करें सत बारा । बंदी पाश दूर हो सारा।।
रामसागर बांधि हेतु भवानी। कीजे कृपा दास निज जानी।।

दोहा 

मातु सूर्य कान्ति तव, अंधकार मम रूप।
डूबन से रक्षा कार्हु परूं न मैं भव कूप।।
बलबुद्धि विद्या देहु मोहि, सुनहु सरस्वती मातु।
रामसागर अधम को आश्रय तू ही दे दातु।।

माँ सरस्वती वंदना

वर दे, वीणावादिनि वर दे !
प्रिय स्वतंत्र-रव अमृत-मंत्र नव
        भारत में भर दे !

काट अंध-उर के बंधन-स्तर
बहा जननि, ज्योतिर्मय निर्झर;
कलुष-भेद-तम हर प्रकाश भर
        जगमग जग कर दे !

नव गति, नव लय, ताल-छंद नव
नवल कंठ, नव जलद-मन्द्ररव;
नव नभ के नव विहग-वृंद को
        नव पर, नव स्वर दे !

वर दे, वीणावादिनि वर दे।

कुछ क्षेत्रों में देवी की पूजा कर प्रतिमा को विसर्जित भी किया जाता है। विद्यार्थी मां सरस्वती की पूजा कर गरीब बच्चों में कलम व पुस्तकों का दान करें। संगीत से जुड़े व्यक्ति अपने साज पर तिलक लगा कर मां की आराधना करें व मां को बांसुरी भेंट करें।

पूजा समय

पंचमी तिथि आरंभ 13 फरवरी  को दिन 02 बजकर 40 मिनट से।

पंचमी तिथि समाप्त  14 फरवरी को दिन 12 बजकर 07 मिनट तक।

सरस्वती पूजा का मुहूर्त 5 फरवरी प्रातः 07 बजकर 01 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक है। बसंत पंचमी के पूरे दिन आप अपने किसी भी नए कार्य का आरम्भ कर सकते हैं ये एक स्वयं सिद्ध और श्रेष्ठ मुहूर्त होता है।

सरस्वती स्तोत्रम
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श्वेतपद्मासना देवि श्वेतपुष्पोपशोभिता। 

श्वेताम्बरधरा नित्या श्वेतगन्धानुलेपना॥ 

श्वेताक्षी शुक्लवस्रा च श्वेतचन्दन चर्चिता। 

वरदा सिद्धगन्धर्वैर्ऋषिभिः स्तुत्यते सदा॥  

स्तोत्रेणानेन तां देवीं जगद्धात्रीं सरस्वतीम्। 

ये स्तुवन्ति त्रिकालेषु सर्वविद्दां लभन्ति ते॥ 

या देवी स्तूत्यते नित्यं ब्रह्मेन्द्रसुरकिन्नरैः। 

सा ममेवास्तु जिव्हाग्रे पद्महस्ता सरस्वती॥ 
॥इति श्रीसरस्वतीस्तोत्रं संपूर्णम्॥ 

बसन्त पंचमी कथा

सृष्टि के प्रारंभिक काल में भगवान विष्णु की आज्ञा से ब्रह्मा ने जीवों, खासतौर पर मनुष्य योनि की रचना की। अपनी सर्जना से वे संतुष्ट नहीं थे। उन्हें लगता था कि कुछ कमी रह गई है जिसके कारण चारों ओर मौन छाया रहता है। विष्णु से अनुमति लेकर ब्रह्मा ने अपने कमण्डल से जल छिड़का, पृथ्वी पर जलकण बिखरते ही उसमें कंपन होने लगा। इसके बाद वृक्षों के बीच से एक अद्भुत शक्ति का प्राकट्य हुआ। यह प्राकट्य एक चतुर्भुजी सुंदर स्त्री का था जिसके एक हाथ में वीणा तथा दूसरा हाथ वर मुद्रा में था। अन्य दोनों हाथों में पुस्तक एवं माला थी। ब्रह्मा ने देवी से वीणा बजाने का अनुरोध किया। जैसे ही देवी ने वीणा का मधुरनाद किया, संसार के समस्त जीव-जन्तुओं को वाणी प्राप्त हो गई। जलधारा में कोलाहल व्याप्त हो गया। पवन चलने से सरसराहट होने लगी। तब ब्रह्मा ने उस देवी को वाणी की देवी सरस्वती कहा। सरस्वती को बागीश्वरी, भगवती, शारदा, वीणावादनी और वाग्देवी सहित अनेक नामों से पूजा जाता है। ये विद्या और बुद्धि प्रदाता हैं। संगीत की उत्पत्ति करने के कारण ये संगीत की देवी भी हैं। बसन्त पंचमी के दिन को इनके जन्मोत्सव के रूप में भी मनाते हैं। ऋग्वेद में भगवती सरस्वती का वर्णन करते हुए कहा गया है-

प्रणो देवी सरस्वती वाजेभिर्वजिनीवती धीनामणित्रयवतु।

अर्थात ये परम चेतना हैं। सरस्वती के रूप में ये हमारी बुद्धि, प्रज्ञा तथा मनोवृत्तियों की संरक्षिका हैं। हममें जो आचार और मेधा है उसका आधार भगवती सरस्वती ही हैं। इनकी समृद्धि और स्वरूप का वैभव अद्भुत है। पुराणों के अनुसार श्रीकृष्ण ने सरस्वती से ख़ुश होकर उन्हें वरदान दिया था कि वसंत पंचमी के दिन तुम्हारी भी आराधना की जाएगी और यूं भारत के कई हिस्सों में वसंत पंचमी के दिन विद्या की देवी सरस्वती की भी पूजा होने लगी जो कि आज तक जारी है।

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Wed, 14 Feb 2024 10:04:25 +0530 YogeshJai
पत्रकारों को पूर्व की तरह रेल यात्रा पर रियायत पुनः बहाल करे सरकार – मीडिया महासंघ https://nishpakshjanavlokan.in/पत्रकारों-को-पूर्व-की-तरह-रेल-यात्रा-पर-रियायत-पुनः-बहाल-करे-सरकार-मीडिया-महासंघ https://nishpakshjanavlokan.in/पत्रकारों-को-पूर्व-की-तरह-रेल-यात्रा-पर-रियायत-पुनः-बहाल-करे-सरकार-मीडिया-महासंघ लखनऊ। पत्रकारों को पूर्व की तरह रेल यात्रा पर रियायत पुनः बहाल करने की मांग को लेकर कलमकारों के संगठन मीडिया महासंघ ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उपरोक्त मांग की है। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में मीडिया महासंघ ने कहा कि भारतीय लोकतन्त्र में प्रेस एवं प्रेस प्रतिनिधियों को लोकतन्त्र के चतुर्थ स्तम्भ के रूप में स्थान प्राप्त है। कोरोना महामारी से पूर्व प्रेस प्रतिनिधियों एवं उनके परिवार को भारतीय रेलवे में रेल यात्रा पर पचास प्रतिशत की रियायत प्रदान की जाती रही है। परन्तु अत्यन्त खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि कोरोना महामारी संकट से उबरने के पश्चात प्रेस प्रतिनिधियों को भारतीय रेलवे में रेल यात्रा पर दी जाने वाली पचास प्रतिशत की रियायत भी समाप्त कर दी गई, जो कि अब तक चालू नहीं की गई है। इसलिए जरूरी है कि लोकतंत्र के चतुर्थ स्तंभ के रूप में स्थापित प्रेस एवं प्रेस प्रतिनिधियों एवं उनके परिवार को पूर्व की भाँति भारतीय रेलवे में रेल यात्रा पर दी जाने वाली रियायत तत्काल बहाल की जाए।

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Wed, 14 Feb 2024 09:55:32 +0530 YogeshJai
खुजराहो में इन पांच खूबसूरत जगहों की जरूर करें सैर, जिंदगी भर याद रखेंगे ये एक्सपीरियंस https://nishpakshjanavlokan.in/खुजराहो-में-इन-पांच-खूबसूरत-जगहों-की-जरूर-करें-सैर-जिंदगी-भर-याद-रखेंगे-ये-एक्सपीरियंस https://nishpakshjanavlokan.in/खुजराहो-में-इन-पांच-खूबसूरत-जगहों-की-जरूर-करें-सैर-जिंदगी-भर-याद-रखेंगे-ये-एक्सपीरियंस भारत के मध्य प्रदेश राज्य के छतरपुर जिले में स्थित खुजराहो एक बेहद शानदार शहर है। यह शहर अपने प्राचीन मंदिरों के लिए जाना जाता है। खुजराहो के मंदिरों के आर्टवर्क से लेकर आर्किटेक्चर तक सब कुछ पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करने का काम करता है। देश के मध्यकालीन हिंदू और जैन मंदिरों का सबसे बड़ा समूह भी आपको खुजराहो में देखने को मिलेगा। इसके अलावा सात अजूबों में से एक अजूबा खुजराहो में भी है।

ऐसे में जब लोग खुजराहो घूमने के लिए जाते हैं, तो यहां स्थित मंदिरों को जरुर देखना चाहते हैं। यहां के मंदिरों में आकर आपको एक अलग तरह का अऩुभव होगा। मंदिरों के अलावा भी खुजराहो में घूमने के लिए कई जगहे हैं। ऐसे में अगर आप भी खुजराहो घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि खुजराहो में आप किन चीजों का एक्सपीरियंस ले सकते हैं।

साउंड और लाइट शो

खुजराहो जाने के दौरान आप साउंड और लाइट शो का आनंद लेना न भूलें। यह रात के समय करने लायक चीजों में से एक है पश्चिमी मंदिर ग्रुप द्वारा आयोजित किया जाता है। साउंड और लाइट शो के माध्यम से विभिन्न ऐतिहासिक और धार्मिक तथ्यों के अलावा वहां की संस्कृतियों का चित्रण किया जाता है। इस शो को देखने के बाद आप इसे कभी भूल नहीं सकते हैं। यह शो अंग्रेजी और हिंदी दोनों में आयोजित किया जाता है। इस शो के माध्यम से पर्यटकों को मंदिर की नक्काशी, कला और आकर्षक कहानियों के बारे में जानकारी मिलती है।

पन्ना नेशनल पार्क

इसके अलावा आपको यहां पर पन्ना नेशनल पार्क भी जरूर घूमना चाहिए। पन्ना नेशनल पार्क को इस राज्य का 5वां और देश का 22वां टाइगर रिजर्व कहा जाता है। यहां पर आपको सियार, लंगूर, जंगली सूअर, चिंकारा और चीता सहित अन्य वन्यजीव प्रजातियों को देखने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही जंगल सफारी का आनंद लेते हुए वाइल्ड लाइफ को करीब से एक्सपीरियंस कर सकते हैं। आप चाहें तो जंगल कॉटेज में भी रह सकते हैं।

अजयगढ़ किला

अगर आपको ऐतिहासिक चीजों में रुचि है, तो आप अजयगढ़ किला भी घूम सकते हैं। यह किला खुजराहो से 80 किमी दूर एक खूबसूरत पहाड़ी पर 688 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इस किले को चंदेल राजाओं के किले के तौर पर जाना जाता था। कहते हैं कि उनके शासनकाल में चंदेल राजाओं का गढ़, किलों ने अहम भूमिका निभाई थी। 

स्टेट म्यूजियम ऑफ ट्राइबल एंड फोक आर्ट

खजुराहो में चंदेला कल्चरल कॉम्पलैक्स में स्थित स्टेट म्यूजियम ऑफ ट्राइबल एंड फोक आर्ट में बेहतरीन प्राचीन अवशेष और कलाकृतियां मौजूद हैं। इस म्यूजियम में आप कारीगरों के शानदार ट्राइबल वर्क को देख सकते हैं। यहां पर आपको कई संस्कृतियों, परंपराओं और कलाकृतियों और धर्मों के अवशेषों के बारे में जान सकते हैं। यहां पर आकर आपको एक अलग एक्सपीरियंस होगा। 

पांडव वॉटरफॉल

जब आप पन्ना नेशनल पार्क घूमने के लिए जाएं, तो इसके पीछे 30 मीटर की ऊंचाई से पांडव वॉटरफॉल गिरता है। इस वॉटरफॉल का पानी नीचे एक तालाब में गिरता है। बताया जाता है कि इस झरने के नीचे से पांडव होकर गुजरे थे। जिस कारण इसे पांडव वॉटरफॉल कहा जाता है। आपको यहां एक बार जरूर आना चाहिए।

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Mon, 25 Dec 2023 19:03:44 +0530 YogeshJai
ईसाई समुदाय के साथ मेरा बहुत पुराना और आत्मीय नाता रहा है, क्रिसमस कार्यक्रम में बोले प्रधानमंत्री मोदी https://nishpakshjanavlokan.in/ईसाई-समुदाय-के-साथ-मेरा-बहुत-पुराना-और-आत्मीय-नाता-रहा-है-क्रिसमस-कार्यक्रम-में-बोले-प्रधानमंत्री-मोदी https://nishpakshjanavlokan.in/ईसाई-समुदाय-के-साथ-मेरा-बहुत-पुराना-और-आत्मीय-नाता-रहा-है-क्रिसमस-कार्यक्रम-में-बोले-प्रधानमंत्री-मोदी नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को क्रिसमस के मौके पर अपने आधिकारिक आवास पर ईसाई समुदाय के लोगों से संवाद किया और कहा कि उनके साथ उनका बहुत पुराना और आत्मीय नाता रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि विकास का फायदा हर किसी तक पहुंचे और कोई इससे अछूता ना रहे। उन्होंने कहा, ‘‘ईसाई समुदाय के लोगों तक, विशेषकर गरीबों और वंचितों तक भी आज देश में हो रहे विकास का लाभ पहुंच रहा है।’’

प्रधानमंत्री ने मत्स्य पालन मंत्रालय बनाए जाने के अपने कदम को याद करते हुए कहा कि ईसाई समुदाय ने इसकी सार्वजनिक रूप से सराहना की थी और उनका सम्मान भी किया था। उन्होंने कहा, ‘‘क्रिसमस के इस अवसर पर मैं देश के क्रिश्चियन समुदाय के लिए एक बात जरूर कहूंगा। देश के लिए आपके योगदान को भारत गर्व से स्वीकार करता है। ईसाई समुदाय ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा किइस यात्रा में ईसाई समुदाय के कई विचारक भी शामिल थे जिनमें एक थे स्टीफंस कॉलेज सुशील कुमार रुद्र, जिनके बारे में स्वयं महात्मा गांधी ने बताया था कि असहयोग आंदोलन की प्रेरणा उन्हीं की छत्रछाया में प्राप्त हुई थी।

उन्होंने कहा, ‘‘ईसाई समुदाय ने समाज को दिशा देने में निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समाज सेवा में यह समुदाय बढ़ चढ़कर हिस्सा लेता है। गरीब और वंचितों की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहता है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आज भी पूरे भारत में ईसाई समुदाय के संस्थान बहुत बड़ा योगदान दे रहे हैं।’’

प्रधानमंत्री ने इस संवाद के दौरान ईसाइयों के साथ अपने पुराने और आत्मीय संबंधों को याद किया और कहा कि जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब ईसाई समुदाय के गुरुओं से मिला करते थे। उन्होंने बताया कि वह जिस मणिनगर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया करते थे वहां अच्छी ख़ासी संख्या में ईसाई रहते थे। मोदी ने कहा कि ईसा मसीह का जीवन संदेश करुणा और सेवा पर केंद्रित था और उन्होंने एक समावेशी समाज के लिए काम किया जहां न्याय सभी के लिए हो। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे देश की विकास यात्रा में यही मूल्य एक मार्गदर्शक की तरह हमें रास्ता दिखा रहे हैं।’’

उन्होंने यह भी कहा कि हिंदी दर्शन के स्रोत माने जाने वाले उपनिषदों ने भी बाइबिल की तरह पूर्ण सत्य को साकार करने पर ध्यान केंद्रित किया है। मोदी ने कुछ साल पहले ‘द होली पोप’ से हुई मुलाकात का उल्लेख किया और कहा कि यह उनके जीवन का एक बहुत ही यादगार पल था। प्रधानमंत्री ने बताया कि पोप से उन्होंने इस धरती को बेहतर जगह बनाने के लिए सामाजिक सौहार्द, वैश्विक भाईचारे, जलवायु परिवर्तन और समावेशी विकास जैसे कई विषयों पर लंबे समय तक चर्चा की थी। क्रिसमस पर उपहार देने की परंपरा का जिक्र कर उन्होंने कहा कि इस अवसर पर यह विचार किया जाना चाहिए कि कैसे आने वाली पीढ़ियों को एक बेहतर धरती का उपहार दिया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार के ‘वोकल फोर लोकल’ अभियान में भी ईसाई समुदाय से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कामना की कि यह त्योहार एक राष्ट्र के रूप में देश को और मजबूत करे, सभी देशवासियों को और करीब लाएं, हमारी विविधता में भी हमें एकजुट रखने वाले बंधन को मजबूत करे। इससे पहले प्रधानमंत्री ने देशवासियों को क्रिसमस की बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सभी को क्रिसमस की शुभकामनाएं! मेरी कामना है कि त्योहारों का यह मौसम सभी के लिए खुशी, शांति और समृद्धि लेकर आए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आइए! सद्भाव और करुणा की भावना का जश्न मनाएं जो क्रिसमस का प्रतीक है और एक ऐसी दुनिया की दिशा में काम करें जहां हर कोई खुश और स्वस्थ हो। हम प्रभु मसीह की महान शिक्षाओं को भी याद करते हैं।

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Mon, 25 Dec 2023 18:57:38 +0530 YogeshJai
मोनू रावत ने छात्र छात्राओं की समस्यायों का निदान कराने की वार्ता की https://nishpakshjanavlokan.in/मोनू-रावत-ने-छात्र-छात्राओं-की-समस्यायों-का-निदान-कराने-की-वार्ता-की https://nishpakshjanavlokan.in/मोनू-रावत-ने-छात्र-छात्राओं-की-समस्यायों-का-निदान-कराने-की-वार्ता-की सिरौलीगौसपुर। छात्र सभा के जिलाध्यक्ष मोनू रावत एडवोकेट अपने साथियों के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से शनिवार की शाम मुलाकात कर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र छात्राओं का वजीफा न मिलने आदि समस्याओं से अवगत कराते हुए छात्र छात्राओं की समस्यायों का निदान कराने की वार्ता की।

छात्र सभा के जिलाध्यक्ष मोनू रावत एडवोकेट अपने आवास कोटवाधाम में पत्रकारों से वार्ता में कहा है कि उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र छात्राओं सामान्य वर्ग, पिछडी जाति अनुसूचित जाति,एंव अल्पसंख्यक छात्र छात्राओं को वजीफा न मिलने के कारण उनकी शिक्षा बाधित हो रही है। उन्होंने कहा कि छात्र छात्राओं की समस्यायों के बाबत राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी को अवगत करा दिया है।

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Sun, 17 Dec 2023 20:21:23 +0530 YogeshJai
पूरे बदन पर Urfi Javed ने किससे करवाया Kiss! हाथों से छुपाया प्राइवेट पार्ट, लेकिन नहीं छुपा पायी लवबाइट के निशान https://nishpakshjanavlokan.in/पूरे-बदन-पर-urfi-javed-ने-किससे-करवाया-kiss-हाथों-से-छुपाया-प्राइवेट-पार्ट-लेकिन-नहीं-छुपा-पायी-लवबाइट-के-निशान https://nishpakshjanavlokan.in/पूरे-बदन-पर-urfi-javed-ने-किससे-करवाया-kiss-हाथों-से-छुपाया-प्राइवेट-पार्ट-लेकिन-नहीं-छुपा-पायी-लवबाइट-के-निशान उर्फी जावेद को आज कौन नहीं जानता! बिग बॉस ओटीटी के घर से बाहर निकलने के बाद उर्फी ने गदर मचा दिया। अपने फैशन सेंस और अतरंगी पोशाकों को लेकर वह हमेशा चर्चा का विषय रहती है। उर्फी काफी बोल्ड है और अपने आलोचकों को मुंह तोड़ जवाब भी देती है। उर्फी के खिलाफ काफी शिकायतें भी उसके समुदाय के लोगों ने की लेकिन उर्फी बेखौफ होकर अपने स्टाइल में डटी रहीं। उर्फी भले ही आलोटकों को तीखा जवाब देती है लेकिन वह अपने चाहने वालों का पूरा ख्याल रखती हैं।

उर्फी जावेद सोशल मीडिया पर अपने फैंस के लिए अपनी ताजा फैशन स्टाइल वाली तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। कभी वह रस्सी से ड्रेस बनानी है तो कफी कंप्युटर के कीबोर्ड के बटन से, उनके कारनामें भी अतरंगी होते हैं। हाल ही में उर्फी जावेद ने कुछ तस्वीरें अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट की है, जिसमें आप देख सकते हैं कि उनके पूरे बदन पर होंठों के निशान बनें हुए हैं। उन्होंने अपने प्राइवेट पार्ट को अपने हाथ से छुपाया हुआ हैं। इसके अलावा उन्होंने काले रंग की स्कर्ट भी पहनी हुई हैं। नीले सोफे पर उर्फी जावेद ने काफी ज्यादा सेक्सी पोज दिए हैं। 

आपको बता दे कि उर्फी जावेद ने इससे पहले भी एक बोल्ड फोटो शूट करवाया था जिसमें उन्होंने अपने प्राइवेट पार्ट पर केवल एक लिक्विड को पिंग रंग में रंग कर लगाया था। सोशल मीडिया पर उनकी ये तस्वीर काफी ज्यादा वायरल हुई थी। उर्फी की पोस्ट के कमेंट बॉक्स में कमेंटों की बाढ़ आ गयी थी। कुछ लोगों ने उन्हें हमेशा की तरह पसंद किया और कुछ ने उन्हें जमकर ट्रोल किया और संस्कार सिखाए।  

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Sun, 17 Dec 2023 13:06:26 +0530 YogeshJai
PM Modi का जम्मू कश्मीर पर बड़ा बयान, कहा&अनुच्छेद 370 की वापसी कराने की ताकत ब्रह्मांड में किसी के पास नहीं https://nishpakshjanavlokan.in/pm-modi-का-जम्मू-कश्मीर-पर-बड़ा-बयान-कहा-अनुच्छेद-370-की-वापसी-कराने-की-ताकत-ब्रह्मांड-में-किसी-के-पास-नहीं https://nishpakshjanavlokan.in/pm-modi-का-जम्मू-कश्मीर-पर-बड़ा-बयान-कहा-अनुच्छेद-370-की-वापसी-कराने-की-ताकत-ब्रह्मांड-में-किसी-के-पास-नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 को लेकर विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला है। एक अखबार को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आर्टिकल 370 की वापसी ब्रह्मांड की कोई भी ताकत नहीं करवा सकती।

सुप्रीम कोर्ट का जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 को लेकर आए फैसले की बात प्रधानमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी इस बात पर मोहर लगा चुका है। सुप्रीम कोर्ट से साफ कर चुका है कि एक देश में दो कानून नहीं चलाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाना किसी राजनीतिक से ज्यादा जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोगों के लिए जरूरी था। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में विकास और जम्मू कश्मीर की जनता के जीवन को आसान बनाने के लिए वहां से अनुच्छेद 370 को हटाना हम और महत्वपूर्ण कदम था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस पर भी जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कुछ परिवारों ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए जम्मू को मुट्ठी में बंद कर लिया था। मगर जम्मू कश्मीर की जनता और जम्मू कश्मीर किसी राजनीति का हिस्सा नहीं है और ना ही बनना चाहता है। आज के समय में जम्मू कश्मीर की जनता अपनी पुरानी परेशानियों से बाहर निकाल कर देश के आम नागरिक की तरह बिना भेदभाव के जीवन जीना चाहती है और अपने बच्चों की भविष्य को सुरक्षित करना चाहती है। 

उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 जब से जम्मू कश्मीर से जाता है उसके बाद से जम्मू कश्मीर और लद्दाख की तस्वीर एकदम अलग हो चुकी है। आज जम्मू कश्मीर में सिनेमा हॉल चलाए जा रहे हैं जिसे जनता को एंटरटेनमेंट का एक नए साधन मिला है। पूरे क्षेत्र में टेररिस्ट की जगह टूरिस्ट का मेला लगने लगा है। जम्मू कश्मीर का इलाका उन क्षेत्रों में तब्दील हो चुका है जहां फिल्मों की शूटिंग हो रही है और अब उस इलाके में पत्थरबाजी की घटनाएं देखने को नहीं मिलती।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजनीतिक स्वार्थ के कारण पूरे इलाके में भ्रम फैलाने वालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हैं जो राजनीतिक लाभ के लिए अनुच्छेद 370 को लेकर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उनसे मैं कहना चाहता हूं कि अब ब्रह्मांड की कोई ताकत अनुच्छेद 370 की वापसी नहीं कर पाएगी।

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Sun, 17 Dec 2023 12:57:26 +0530 YogeshJai
बीसलपुर में सराफ के कमरे से दिनदहाड़े 10 लाख की चोरी https://nishpakshjanavlokan.in/Theft-of-Rs-10-lakh-in-broad-daylight-from-Sarafs-room-in-Bisalpur https://nishpakshjanavlokan.in/Theft-of-Rs-10-lakh-in-broad-daylight-from-Sarafs-room-in-Bisalpur बीसलपुर (पीलीभीत)। मोहल्ला दुर्गाप्रसाद के एक मकान में किराये पर रह रहे महाराष्ट्र के सराफ के कमरे से बुधवार को दिनदहाड़े डेढ़ लाख रुपये समेत करीब लगभग 10 लाख रुपयों के सोने-चांदी के जेवर चोरी हो गए। सराफ ने मकान मालिक समेत चार लोगों के खिलाफ चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मकान मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
महाराष्ट्र के जिला सांगली के कस्बा गरनीकी ताल्लुका अढबाड़ी निवासी नीलेश पवार ने बताया कि वह मोहल्ला दुर्गाप्रसाद निवासी सतीश वर्मा के मकान के ऊपरी हिस्से में बने एक कमरे में किराये पर रहते हैं। ऊपर अन्य लोग भी किराये पर रहते हैं।

नीलेश की सराफा मार्केट में सराफे की दुकान है। बुधवार को सुबह नौ बजे रोजाना की तरह वह दुकान पर चले गए। इस बीच चोरों ने उनके कमरे का ताला तोड़ा और अलमारी का कुंडा तोड़कर उसमें रखे सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर ले गए।
पूर्वाह्न करीब 11 बजे मकान मालिक जब दोमंजिले पर पहुंचा और कमरे का ताला टूटा पड़ा देखा तो सराफ को सूचना दी। मौके पर पहुंचे सराफ ने कमरे में जाकर देखा तो कमरा खुला पड़ा था। सराफ का कहना है कि पांच किलो चांदी, 70 ग्राम सोना और डेढ़ लाख रुपये कमरे से गायब थे।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। कोतवाल अशोक पाल ने बताया कि नीलेश की तहरीर पर चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। रिपोर्ट में मकान मालिक सतीश वर्मा, उनके मकान के ऊपरी हिस्से में एक कमरे में किराये पर रह रहे दो लड़कों और दूसरे कमरे में किराये पर रह रही एक लड़की को आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने मौका मुआयना करने के बाद मकान मालिक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है। रिपोर्ट में आरोपी बनाए गए बाकी तीनों किरायेदारों का पता नहीं चल पा रहा हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

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Wed, 06 Dec 2023 18:53:23 +0530 YogeshJai
माधोटांडा समाज वादी पार्टी नता राजकुमार राजू अम्बेडकर पार्क में बाबा साहब परिनिर्वाण दिवस मनाया जिसमे आयोजक धर्म प्रकाश बौद्ध जी ने किया https://nishpakshjanavlokan.in/Baba-Saheb-Parinirvan-Diwas-celebrated-in-Ambedkar-Park https://nishpakshjanavlokan.in/Baba-Saheb-Parinirvan-Diwas-celebrated-in-Ambedkar-Park तहसील कलीनगर नगर माधोटांडा दिवस कार्यकर्ताओं के बीच में मनाया गया उनके चित्र पर माल्यार्पण कर एवं पुष्प अर्पित कर उनको नमन किया।कार्यक्रम में पहुंचे सपा नेता ने कहा बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी के द्वारा बड़े स्तर पर काम किए गए छुआछूत जैसी प्रथा को खत्म करने में उनकी बड़ी भूमिका है बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के द्वारा संविधान लागू किया गया।जिससे हमारे मौलिक अधिकार व नैतिक कर्तव्यों का हमें ध्यान आता है।इस दौरानमनोज गौतम रामदयाल रामसिंह होरीलाल भगवान दास रामचंद्र रामचरनआदि

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Wed, 06 Dec 2023 18:49:14 +0530 YogeshJai
समाज वादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष मोनू रावत एडवोकेट का कस्बा बदोसरांय में हुआ स्वागत https://nishpakshjanavlokan.in/District-President-of-Samajwadi-Chhatra-Sabha-Monu-Rawat-Advocate-welcomed-in-Badosarayan-town https://nishpakshjanavlokan.in/District-President-of-Samajwadi-Chhatra-Sabha-Monu-Rawat-Advocate-welcomed-in-Badosarayan-town सिरौलीगौसपुर बाराबंकी। समाज वादी पार्टी के छात्र सभा के जिलाध्यक्ष मोनू रावत एडवोकेट का कस्बा बदोसरांय के रामसेवक यादव चौराहे पर स्वागत किया गया।
मोनू रावत एडवोकेट ने स्वर्गीय रामसेवक यादव जी की मूर्ति पर माल्यार्पण करने के पश्चात कस्बे के छात्रों नवयुवकों ने स्वागत किया।इस मौके पर छात्र सभा के जिलाध्यक्ष ने सपा कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ने संघर्ष की कोख से जन्म लिया देश के संविधान को बचाने और समता मूलक समाज की स्थापना के लिए समाजवादी पार्टी संघर्ष करती है। जिसके लिए नव युवकों को सदैव तैयार रहना होगा।इस मौके पर लक्की यादव, सूरज रावत, अजय कुमार रावत अज्जू चन्द्र प्रकाश राजवंशी दिनेश कुमार विक्की रावत अभिषेक कुमार रावत उर्फ सर्वेश रावत सहित तमाम लोग मौजूद थे।

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Wed, 06 Dec 2023 18:46:01 +0530 YogeshJai
शिक्षा शेरनी के दूध की भांति काम करती है।आशू चौधरी https://nishpakshjanavlokan.in/Education-works-like-the-milk-of-a-lioness.-Ashu-Chaudhary https://nishpakshjanavlokan.in/Education-works-like-the-milk-of-a-lioness.-Ashu-Chaudhary तहसील सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के कोटवाधाम चौराहे पर समाज सेवी प्रमोद कुमार रावत नन्हा की अध्यक्षता में बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर एंव वीरांगना ऊदादेवी पासी की श्रद्वान्जलि सभा में भा कि यू के प्रदेश प्रभारी आशू चौधरी ने कहा कि बाबा साहेब के शिक्षित बनों संगठित हो संघर्ष करो के मूल मंत्र पर पूरे समाज को इक्टठा होना होगा।

उन्होंने कहा कि प्रायवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत गरीब बच्चों को निःशुल्क शिक्षा की ब्यवस्था है जिससे गरीब के बच्चे वंचित हैं। अपने हक के लिए जागो एक मंच पर आओ।

ब्लाक प्रमुख रेनू वर्मा ने कहा कि संविधान खतरे में है सभी लोग संगठित हो जाओ बाबा साहेब के बताये रास्ते पर चल पड़ो वही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।


जिला पंचायत सदस्य विजय कुमार यादव एडवोकेट, छात्र सभा के जिलाध्यक्ष मोनू रावत एडवोकेट, सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के आनन्द कुमार कौशल चन्द्रप्रकाश राजवंशी दिनेश कुमार रावत झगरु प्रसाद गौतम उमेश कुमार रावत सन्तोष अजय कुमार रावत लक्की यादव सूरज रावत आदि ने विचार व्यक्त किए। मंच का संचालन चौधरी अनिल कुमार नीरवंशी ने किया।तत्पश्चात सैकड़ों लोगों ने भन्डारे में प्रसाद ग्रहण किया।

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Wed, 06 Dec 2023 18:39:08 +0530 YogeshJai
सेंट्रल एकेडमी ने ग्रैंडपरेंट्स दिवस मनाया https://nishpakshjanavlokan.in/सेंट्रल-एकेडमी-ने-ग्रैंडपरेंट्स-दिवस-मनाया https://nishpakshjanavlokan.in/सेंट्रल-एकेडमी-ने-ग्रैंडपरेंट्स-दिवस-मनाया निष्पक्ष जन अवलोकन संवाददाता

लखनऊ । सेंट्रल एकेडमी, इंदिरा नगर, ने 26 नवंबर को अपना ग्रैंडपरेंट्स दिवस मनाया ।
समारोह की अध्यक्षता मुख्य अतिथि  चंद्र भूषण (आई.ए.एस) और विशिष्ट अतिथि सुश्री नेहा त्रिपाठी (एसीपी) ने की। 
आकर्षक ढंग से सजे विद्यालय परिसर में  विद्यालय ने अपनी परम्परा को निभाते हुए सर्वप्रथम आमंत्रितों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। समारोह की शुरुआत शुभ दीप-प्रज्ज्वलन समारोह के साथ हुई। औपचारिक स्वागत के साथ प्राचार्य डी पी सिंह द्वारा स्वागत नोट प्रस्तुत किया गया ।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रारंभ सरस्वती वंदना के साथ हुआ। रंग बिरंगे परिधानों में सजे नन्हे-नन्हे बच्चों ने अपनी मोहक प्रस्तुति से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने एक से बढकऱ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसमें भारतीय संस्कृति पर आधारित नृत्य, गीत, संगीत एवं नाटक सम्मिलित थे। 
इस समारोह में प्रतिभा, कल्पना और संगठन का मिश्रण था। इस दौरान वहां मौजूद अभिभावकों और शिक्षकों ने तालियां बजाकर बच्‍चों का उत्‍साह बढ़ाया। इसके बाद वर्तमान सत्र के दौरान आयोजित विभिन्न सह-पाठ्यचर्या प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्री-प्राइमरी छात्रों के लिए पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। इसी दौरान दोनों ही अतिथियों ने बच्चों से संस्कारों के महत्व की बात की। 
सबसे दिलचस्प प्रदर्शन जिन्होंने लगातार तालियाँ बटोरीं, वह थे - ग्रैंड फिनाले - एन ओडिसी फ्रॉम इंडिपेंडेंस टू सेल्फ-रिलायंस एवं विरत्व - आज़ादी की गाथा ।
अपने बच्चों का प्रदर्शन देखकर अभिभावक बहुत खुश हुए।

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Thu, 30 Nov 2023 19:12:13 +0530 YogeshJai
मोदी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि! Manipur के सबसे पुराने विद्रोही गुट UNLF ने डाले हथियार, शांति समझौते पर हस्ताक्षर https://nishpakshjanavlokan.in/मोदी-सरकार-की-ऐतिहासिक-उपलब्धि-manipur-के-सबसे-पुराने-विद्रोही-गुट-unlf-ने-डाले-हथियार-शांति-समझौते-पर-हस्ताक्षर https://nishpakshjanavlokan.in/मोदी-सरकार-की-ऐतिहासिक-उपलब्धि-manipur-के-सबसे-पुराने-विद्रोही-गुट-unlf-ने-डाले-हथियार-शांति-समझौते-पर-हस्ताक्षर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि मणिपुर के सबसे पुराने उग्रवादी समूह यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट ने केंद्र के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। अमित शाह ने इस बात की जानकारी अपने ट्विटर एक्स से दी है। उन्होंने जानकारी शेयर करते हुए लिखा कि “एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई!!! पूर्वोत्तर में स्थायी शांति स्थापित करने के मोदी सरकार के अथक प्रयासों ने आज नई दिल्ली में यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ) के साथ एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे पूर्ति का एक नया अध्याय जुड़ गया है।

उन्होंने आगे लिखा “यूएनएलएफ, मणिपुर का सबसे पुराना घाटी-आधारित सशस्त्र समूह हिंसा छोड़ने और मुख्यधारा में शामिल होने के लिए सहमत हो गया है। गृह मंत्री ने कहा, मैं लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में उनका स्वागत करता हूं और शांति और प्रगति के पथ पर उनकी यात्रा के लिए शुभकामनाएं देता हूं।

गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा कई अन्य चरमपंथी संगठनों के साथ यूएनएलएफ पर प्रतिबंध लगाए जाने के कुछ दिनों बाद शांति समझौता हुआ। यह निर्णय तब लिया गया जब केंद्र को लगा कि ये संगठन मणिपुर में सुरक्षा बलों, पुलिस और नागरिकों पर हमलों और हत्याओं के साथ-साथ भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए हानिकारक गतिविधियों में शामिल हैं।

यूएनएलएफ क्या है?

24 नवंबर, 1964 को एरियाबम समरेंद्र सिंह के नेतृत्व में स्थापित, यूएनएलएफ उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर में सबसे पुराना मैतेई विद्रोही समूह है। 70 और 80 के दशक में, समूह ने मुख्य रूप से लामबंदी और भर्ती पर ध्यान केंद्रित किया। 1990 में, इसने भारत से मणिपुर की 'मुक्ति' के लिए एक सशस्त्र संघर्ष शुरू करने का निर्णय लिया। उसी वर्ष, इसने मणिपुर पीपुल्स आर्मी (एमपीए) नामक एक सशस्त्र विंग का गठन किया।

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Thu, 30 Nov 2023 13:34:16 +0530 YogeshJai
Hamas और Israel के बीच युद्धविराम, Lebanon के सीमावर्ती इलाकों में वापस लौट रहे लोग https://nishpakshjanavlokan.in/Hamas https://nishpakshjanavlokan.in/Hamas कफर किला (लेबनान)। हमास और इजराइल के बीच चार दिवसीय युद्धविराम से दक्षिण लेबनान के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी शांति बहाल होने लगी है। युद्ध के चलते जो लोग गांव में अपने घर खाली करके चले गए थे वे अब वापस लौटने लगे हैं। बंद दुकानें फिर से खुल गई हैं और सड़कों पर वाहन भी नजर आ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन के अनुसार, इजराइल-हमास के बीच युद्ध शुरू होने के बाद लेबनानी चरमपंथी समूह हिजबुल्ला और इजराइली बलों के बीच कई बार संघर्ष देखा गया, जिसके कारण सीमावर्ती इलाकों से लगभग 55,500 लेबनानी नागरिक अपने घर छोड़कर चले गए। इस संघर्ष के दौरान लेबनान में भी 100 से अधिक और इजराइल में 12 लोग मारे गए। लेबनान में कम से कम 12 आम नागरिकों को जान गंवानी पड़ी, जिनमें तीन पत्रकार थे।

इस चार दिवसीय युद्धविराम से लेबनान के सीमावर्ती इलाकों के लोगों को हवाई हमलों, बमबारी और गोलीबारी से अस्थायी राहत मिली है। इसको देखते हुए कुछ लोग वापस अपने क्षतिग्रस्त घरों को देखने के लिए पहुंचे और सुरक्षित बचा सामान साथ ले जा रहे हैं। वहीं, कुछ लोग यहां रहने के लिए ही लौटे हैं। हौला गांव के निवासी सेवानिवृत्त स्कूल प्रधानाचार्य अब्दुल्ला कुतीश और उनकी पत्नी सबा भी उन लोगों मे से हैं जो युद्ध के चलते अपने घर को छोड़कर चले गये थे। दंपति अपना घर छोड़कर उत्तरी क्षेत्र में अपनी बेटी के पास रहने चले गए थे। युद्धविराम के लागू होने वाले दिन शुक्रवार को वे अपने घर लौट आए, लेकिन काफी समय तक पानी नहीं दिए जाने से उन्हें अपना बगीचा पूरी तरह सूखा मिला।

सबा ने कहा, ‘‘इस युद्ध के कारण हमने भी बहुत कुछ खोया है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है कि हम सुरक्षित हैं। अगर हालात ऐसे ही शांत रहे तो हम अब दोबारा अपना घर छोड़कर नहीं जाएंगे।’’ हालांकि, कई लोगों का कहना है कि शांति स्थापित होने की उम्मीद कम ही है। सीमा के पश्चिमी छोर पर गांव मारवहीन के निवासी एवं कैफे के संचालक खलील घनम शनिवार को वापस लौट आए, लेकिन वह यहां रुकने के लिए नहीं, बल्कि अपने कैफे का बचा हुआ सामान वापस लेने आए थे और फिर लौट गए। घनम ने कहा, ‘‘हम कहते हैं कि ईश्वर कुछ गलत नहीं होने देगा, लेकिन अब हालात बेहद कठिन हैं और जैसा कि मैं देख रहा हूं कि ऐसे ही हालात लंबे समय तक बने रहने वाले हैं।

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Sun, 26 Nov 2023 14:18:21 +0530 YogeshJai
Paytm को लगा बड़ा झटका, दिग्गज निवेशक ने छोड़ी कंपनी, 600 करोड़ का हुआ नुकसान https://nishpakshjanavlokan.in/Paytm https://nishpakshjanavlokan.in/Paytm पेटीएम कंपनी को बड़ा नुकसान हुआ है। दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे की कंपनी बर्कशायर हैथवे ने पेटीएम कंपनी की मूल कंपनी वन97 कम्युनिकेशन से अपनी हिस्सेदारी वापस निकाल ली है। इस कंपनी में बर्कशायर हैथवे की 2.46 फीसदी हिस्सेदारी थी, जो कि लगभग 1371 करोड़ रुपये है। इस पूरी हिस्सेदारी को बेच दिया है। इस हिस्सेदारी को बेचने से बफे को प्रति शेयर 31% का नुकसान उठाना पड़ा है। इस पूरे नुकसान की मूल राशि 620 करोड़ रुपये हुई है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के डाटा के अनुसार बर्कशायर हैथवे इंक ने शुक्रवार को बल्क डील में पेटीएम के 1.56 करोड़ से अधिक शेयरों को बेचा है। इन शेयरों की कीमत 877.29 रुपये हर शेयर की कीमत थी। जानकारी के मुताबिक सितंबर 2023 में विजय शेखर शर्मा की पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशन में ये हिस्सेदारी थी। इस कंपनी में पांच साल पहले बर्कशायर हैथवे ने निवेश किया था। उस समय ये निवेश लगभग 2200 करोड़ रुपये का था, इसके बाद 2021 में कंपनी का आईपीओ आया था। इस दौरान पेटीएम से वॉरेन बफेट की कंपनी ने 220 करोड़ रुपये के शेयरों को बेचा था।

कंपनी के बाहर जाने से पहले पेटीएम में जापानी कंपनी सॉफ्ट बैंक ग्रुप ने हिस्सेदारी में कटौती की थी। चीन के अलीबाबा समूह ने अपनी हिस्सेदारी भी बेच दी थी। सितंबर में पेटीएम के सीईओ विजय शेखर शर्मा का बयान आया था कि वो कंपनी में अपनी हिस्सेदारी में इजाफा करने के लिए तैयार है। इसके बाद कंपनी में विजय वर्मा सबसे बड़े शेयरधारक बन गए है।

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Sun, 26 Nov 2023 14:11:03 +0530 YogeshJai
सलमान खान की फर्रे का पहला गाना जारी, बादशाह और आस्था गिल ने दी आवाज https://nishpakshjanavlokan.in/First-song-of-Salman-Khans-Farre-released,-voiced-by-Badshah-and-Aastha-Gill https://nishpakshjanavlokan.in/First-song-of-Salman-Khans-Farre-released,-voiced-by-Badshah-and-Aastha-Gill बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की भांजी अलीजेह अग्निहोत्री बॉलीवुड में कदम रखने जा रही हैं। इन दिनों वह अपनी पहली फिल्म फर्रे को लेकर सुर्खियां बटोर रही हैं।इसका निर्माण सलमान अपने प्रोडक्शन हाउस सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले कर रहे हैं।अब फर्रे का पहला गाना घर पे पार्टी है रिलीज हो चुका है, जिसे रैपर बादशाह, आस्था गिल, मेलो डी और सचिन-जिगर ने मिलकर गाया है।इस गाने के बोल जिगर सरैया ने लिखे हैं।


सलमान ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर घर पे पार्टी है गाना साझा किया है, जिसमें अलीजेह अपनी गैंग के साथ जबरदस्त डांस करती नजर आ रही हैं।उन्होंने लिखा, इन शैतानों ने तो घर पे पार्टी शुरू कर ली।
गाने के बोल और म्यूजिक काफी शानदार है, जिसे सुनकर यकीनन आप भी थिरकने पर मजबूर हो जाएंगे। इतना ही नहीं घर पे पार्टी है सॉन्ग में सलमान खान की भांजी अलिजेह अग्निहोत्री के गजब के डांस मूव्स भी देखने को मिल रहे हैं।


ट्विटर पर सलमान खान ने इस गाने को शेयर कर कैप्शन में लिखा है- इन शैतानों ने तो घर पर ही पार्टी शुरू कर ली है। सलमान ने ये बात भांजी अलिजेह अग्निहोत्री और उनकी फिल्म फर्रे की अन्य स्टार कास्ट के लिए लिखी है, जो फिल्म के नए गाने में एक साथ नजर आ रहे हैं।


यह फिल्म 24 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस फिल्म में अलीजेह के अलावा सौमेंद्र पाधी, साहिल मेहता, जेन शॉ, प्रसन्ना बिष्ट और रोनित बोस रॉय भी नजर आएंगे।फर्रे का निर्देशन सौमेन्द्र पाढ़ी द्वारा किया जा रहा है।

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Thu, 09 Nov 2023 12:18:10 +0530 YogeshJai
कमल हासन के फिल्म ठग लाइफ का नया पोस्टर जारी, दिखा दमदार अवतार https://nishpakshjanavlokan.in/New-poster-of-Kamal-Haasans-film-Thug-Life-released,-shows-powerful-avatar https://nishpakshjanavlokan.in/New-poster-of-Kamal-Haasans-film-Thug-Life-released,-shows-powerful-avatar कमल हासन का नाम उन अभिनेताओं की सूची में शुमार है, जिन्होंने अपनी दमदार अदाकारी से करोड़ों दर्शकों के बीच लोकप्रियता हासिल की है। कमल  हासन ने अपने 69वां जन्मदिन के मौके पर उनके प्रशंसकों को बेहद खास तोहफा मिला है। दरअसल, कमल की आगामी फिल्म ठग लाइफ का नया पोस्टर सामने आ चुका है, जिसमें वह धांसू अवतार में दिखाई दे रहे हैं।इसके साथ निर्माताओं ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं।


सामने आए पोस्टर में वह एक योद्धा के रूप में नजर आ रहे हैं।ठग लाइफ का निर्देशन मणिरत्नम द्वारा किया जा रहा है। इसमें दुलकर सलमान, जयम रवि, तृषा, अभिरामी और नासिर भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।ठग लाइफ एक पैन इंडिया फिल्म है, जिसे निर्माता एक साथ कई भाषाओं में रिलीज करने की योजना बना रहे हैं।
नायकन में काम करने के बाद कमल हासन और मणिरत्नम इस फिल्म के लिए दोबारा साथ काम करते नजर आएंगे। दावा किया जा रहा है कि यह एक गैंगस्टर ड्रामा फिल्म होगी।


मेकर्स ने नाम का एलान करने के लिए एक वीडियो साझा की थी जिसमें कमल हासन एक खराब से कपड़े में खुद को लपेटे हुए एक रेगिस्तान जैसी जगह में खड़े हैं। कुछ लोग उसका पीछा कर रहे हैं और उन्हें अभिनेता की तरफ आते देखा जा सकता है। इसके बाद कमल हासन का पूरा लुक दिखाया जाता है, जिसमें वह भारी मूंछें और दाढ़ी रखे नजर आ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फिल्म अगले साल के अंत तक सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है।

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Thu, 09 Nov 2023 12:14:11 +0530 YogeshJai
8 नवम्बर से 31 दिसम्बर तक चलेगा मुश्त समाधान योजना https://nishpakshjanavlokan.in/Lump-sum-settlement-scheme-will-run-from-8th-November-to-31st-December https://nishpakshjanavlokan.in/Lump-sum-settlement-scheme-will-run-from-8th-November-to-31st-December सिरौलीगौसपुर बाराबंकी। प्रदेश सरकार एंव ऊर्जा मन्त्री का तोहफा,किसानों,घरेलू कनेक्शन उपभोक्ताओं औद्योगिक इकाइयों एंव निजी संस्थाओं को एक मुश्त समाधान योजना के तहत 8 नवम्बर से 31 दिसम्बर तक लाभ दिया जाएगा।

उक्त आशय की जानकारी देते हुए एस डी ओ विद्युत रामगोपाल ने बताया है कि प्रदेश सरकार एंव ऊर्जा मन्त्री ए के शर्मा ने किसानों,घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं ब्यापारियों, औद्योगिक इकाइयों एंव निजी संस्थाओं को एक मुश्त समाधान योजना का तोहफा दिया है जो 8 नवम्बर से 31 दिसम्बर तक चलेगा जिसके लिए जगह जगह कैम्प आयोजित कर बकायेदारों को एक मुश्त समाधान योजना ओ टी एस से लाभान्वित कर राजस्व जमा कराया जायेगा।

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Thu, 09 Nov 2023 12:07:30 +0530 YogeshJai
इस साल मेकअप से जुड़े ये ट्रेंड्स हो रहे हैं पॉपुलर https://nishpakshjanavlokan.in/These-makeup-related-trends-are-becoming-popular-this-year https://nishpakshjanavlokan.in/These-makeup-related-trends-are-becoming-popular-this-year अगर आप भी किसी पार्टी, फंक्शन या शादी अटेंड करने की तैयारी कर रही हैं। तो इसमें सिर्फ अच्छे कपड़े पहनना ही काफी नहीं होता है। अपने पूरे लुक को बेहतर करने के लिए थोड़ा मेकअप का होना भी जरूरी होता है। हांलाकि लड़कियों का मेकअप के लिए प्यार तो जग जाहिर है। ऐसे में हर साल मेकअप का ट्रेंड बदलता रहता है।

इसलिए यह पता होना बेहद जरूरी होता है कि किस तरह का मेकअप आपके लुक को और भी ज्यादा निखारने का काम करता है। साथ ही इस साल मेकअप का ट्रेंड क्या चल रहा है। ऐसे में अगर आप भी जानना चाहती हैं कि इस साल कौन सा मेकअप ट्रेंड में चल रहा है तो यह आर्टिकल आपके लिए हैं। 

ब्लश ड्रेपिंग

ब्लश के साथ मेकअप का रिश्ता काफी पुराना है। पहले के समय सिंदूर को चीक्स पर लगाकर ब्लश की तरह इस्तेमाल किया जाता था। जिससे कि आपके चीक्स पिंक नजर आए। लेकिन अब आपको मार्केट में कई तरह के ब्लशर मिल जाएंगे। ब्लश को चीकबोन्स से लेकर सी-शेप में लगाया जाता है। 

वेट मेकअप लुक

पिछले कुछ समय से ब्यूटी मार्केट में वेट हेयर लुक दस्तक दे रहा है। ऐसे में आप भी वेट मेकअप लुक के लिए मैट प्रोडक्ट के पीछे दौड़ना छोड़ दीजिए। इसके लिए आप सीरम, फाउंडेशन और लिक्विड हाइलाइटर का इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे आपको ग्लॉसी और चमकदार फिनिश मिलेगा। जो आपके लुक को परफेक्ट बनाने में मदद करता है। 

एम्बेलिश्ड ब्यूटी

पॉप कल्चर आ जाने से मेकअप में भी पॉप कलर्स या नियॉन कलर्स ने अपनी मजबूत पकड़ बनाई हुई है। इसके लिए आंखों को एम्बेलिश्ड रखने के लिए आईशैडो लगाने के बाद उस पर स्टोंस और पर्ल से क्रिएट किया जा रहा है। आई मेकअप का यह ट्रेंड पूरे साल काफी हाइलाइट रहा है। 

ब्राउनी लिप्स

मार्केट में लिप्स के लिए कई तरह के लिप कलर, लिप बाम, लिप पेंट, लिप टिंटेड लिपस्टिक के ऑप्शन में मिल जाएंगे। लेकिन यह सारे ऑप्शन मार्केट में आए और गए। लेकिन इस साल न्यूड लिप और लिप बाम या टिंटेड लिप मॉयस्चराइजर का ट्रेंड रहने वाला है। जहां आंखों के मेकअप के लिए कई सारे एक्सपेरिमेंट्स किए जा रहे हैं तो वहीं लिप्स न्यूड और डल रहेंगे।

पेस्टल से करें प्ले

इस साल पेस्टल कलर में ग्रीन और लेवेंडर कलर इन रहा है। ऐसे में फाइन लुक के लिए आप आईशैडो या ब्लशर में पेस्टल कलर्स का चुनाव कर सकती हैं। इससे आप मेकअप ट्रेंड के साथ चलने वाली लगेंगी। साथ ही आपको गॉर्जियश लुक भी मिलेगा।

मिल्की मैनिक्योर

मैनिक्योर करवाने के बाद नेल्स की बारी आती है। इसलिए आप नाखूनों में पॉप नेल पेंट्स करवा सकती हैं और मिल्की मैनिक्योर लें। इससे आपके हाथों की स्किन मखमली और मुलायम लगेगी। आप चाहें तो हाथों पर मॉइश्चराइजर लगाकर उन्हें सॉफ्ट टच दे सकती हैं।

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Thu, 26 Oct 2023 08:07:38 +0530 YogeshJai
अभिषेक बच्चन के साथ सगाई टूटने के बाद बेहद परेशान हो गयी थी करिश्मा कपूर, आखिरी फिल्म के निर्देशन ने किया खुलासा https://nishpakshjanavlokan.in/Karisma-Kapoor-was-very-upset-after-breaking-her-engagement-with-Abhishek-Bachchan. https://nishpakshjanavlokan.in/Karisma-Kapoor-was-very-upset-after-breaking-her-engagement-with-Abhishek-Bachchan. फिल्म निर्देशक धर्मेश दर्शन ने हाल ही में अभिषेक बच्चन और करिश्मा कपूर की साथ में आखिरी फिल्म 'हां मैंने भी प्यार किया' बनाने का अपना अनुभव साझा किया।

लेहरन रेट्रो के साथ बात करते हुए, दर्शन ने याद किया कि करिश्मा फिल्मांकन के दौरान 'विचलित' दिख रही थीं क्योंकि वह और अभिषेक हाल ही में अलग हो गए थे। दोनों की पहले सगाई हो चुकी थी लेकिन फिल्म के दौरान वह अलग हो चुके थे।

'करिश्मा का ध्यान भटक गया था...'

निर्देशक ने यह भी कहा कि फिल्म बनाना एक गलती थी, हालांकि अमिताभ बच्चन के विपरीत जया बच्चन को फिल्म पसंद आई, जिन्होंने फिल्म के बारे में अपनी अस्वीकृति व्यक्त की थी और इसे 'पुराने जमाने' का कहा था। धर्मेश ने कहा, ''यह ऐसी फिल्म नहीं है जो मुझे करनी चाहिए थी। यह उनकी फिल्मों में से एक है जिसे निर्देशक अपने सहायकों को सौंपते हैं... यह पहली और आखिरी बार था जब अभिषेक और करिश्मा ने एक साथ फिल्म की थी। अभिषेक बहुत प्यारा लड़का है, लेकिन यह वही लोलो नहीं है जो मैंने राजा हिंदुस्तानी के दौरान देखा था।'' धर्मेश ने इससे पहले करिश्मा के साथ राजा हिंदुस्तानी में काम किया था।

उन्होंने आगे कहा “शादी की बात से स्वाभाविक रूप से करिश्मा का ध्यान भटक गया था… यह फिल्म में दिखाया गया है। मैं मनोचिकित्सक नहीं हूं, मैं उनके रिश्ते में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। और मैं दोनों पक्षों को सुन रहा था, मैं आपके साथ ईमानदार रहूँगा। और मैं भी देख रहा हूं।

फिल्म पर बिग बी की नकारात्मक टिप्पणी पर बोले धर्मेश दर्शन

फिल्म के बारे में बिग बी की नकारात्मक टिप्पणियों को याद करते हुए फिल्म निर्माता ने साझा किया, "हां, उन्होंने ऐसा कहा (इसे पुराने जमाने का कहा)। लेकिन जया जी को फिल्म बहुत पसंद आई, अजीब बात है। उन्हें उस लड़की की आक्रामकता पसंद आई, जो कहती है कि आपके पास एक है -नाइट स्टैंड, मैं तुम्हें तलाक दे रहा हूं। उसे यह पसंद आया।''

अभिषेक की शादी ऐश्वर्या राय से हुई है और उनकी एक बेटी आराध्या है। दोनों ने 2007 में शादी कर ली थी। वहीं करिश्मा ने बिजनेसमैन संजय कपूर से शादी की। 2014 में दोनों अलग हो गए।

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Thu, 26 Oct 2023 08:04:49 +0530 YogeshJai
कम समय में एक्सप्लोर करना चाहते हैं बनारस तो ऐसे करें ट्रिप प्लान, 3 दिन में घूम लेंगे काशी का कोना&कोना https://nishpakshjanavlokan.in/कम-समय-में-एक्सप्लोर-करना-चाहते-हैं-बनारस-तो-ऐसे-करें-ट्रिप-प्लान-3-दिन-में-घूम-लेंगे-काशी-का-कोना-कोना https://nishpakshjanavlokan.in/कम-समय-में-एक्सप्लोर-करना-चाहते-हैं-बनारस-तो-ऐसे-करें-ट्रिप-प्लान-3-दिन-में-घूम-लेंगे-काशी-का-कोना-कोना अक्सर हम सभी छुट्टियां होने पर घूमने का प्लान बनाते हैं। जब हमारी जेब पैसे से भरी होती है, तो समय नहीं मिलता है। तो वहीं कई बार समय की कमी के कारण घूमने का बना-बनाया प्लान कैंसिल हो जाता है। ऐसे में अगर आप भी घूमने का प्लान बना रहे हैं और आपके पास समय की कमी है। तो यह आर्टिकल आपके लिए है। बता दें कि आज हम इस आर्टिकल के जरिए आपको बहुत आसानी से आप तीन दिन के अंदर वाराणसी का एक शानदार ट्रिप प्लान करने के बारे में बताने जा रहे हैं। जो आपके लिए काफी यादगार भी बन सकती है। 

अगर आपके पास समय की कमी है और आप वाराणसी को कम समय में भी अच्छे से एक्सप्लोर करना चाहते हैं। तो सबसे पहले आप इस ट्रिप को दिन के हिसाब से डिवाइड कर लें। जैसे कि आपने कहां का प्लान बनाया है। किन जगहों को देखना है और क्या-क्या करना है। इस तरह से प्लान करने से आपका माइंड क्लियर रहेगा और आप जहां-जहां घूमना चाहते हैं। वह जगह भी अच्छे से घूम पाएंगे। 

पहले दिन बनारस की गलियां

बता दें कि बनारस को काशी और वाराणसी भी कहा जाता है। यह एक बेहद प्यारी सिटी है और यहां पर टूरिस्ट्स का तांता लगा रहता है। यहां के तीर्थ स्थलों के दर्शन कर आप घाटों पर बैठकर सुकून के कुछ पल बिता सकते हैं। ऐसे में आप भी बनारस की छोटी-छोटी गलियां घूमकर यहां की असली खूबसूरती को देख सकते हैं। पहला दिन ज्यादा थकाने वाला नहीं होगा। इसलिए आप बाकी के दिन आसानी से काशी को एक्सप्लोर कर सकते हैं। 

दूसरे दिन घूमें तीर्थ स्थल

दूसरे दिन आप बनारस के मंदिर की कलाकारियां देख सकते हैं। आपको तीर्थ स्थल की नक्काशी और वास्तुकला आपको यहां का दीवाना बना देंगी। इसके अलावा आप बनारस में काशी विश्वनाथ मंदिर, हनुमान मंदिर और गंगा आरती का लुत्फ उठा सकते हैं। साथ ही आप बनारस का बाजार और पतली-पतली गलियों को घूमना ना भूलें। 

तीसरे दिन निहारे महलों की सुंदरता

बनारस के आखिरी दिन यानी की तीसरे दिन आप वाराणसी के किलो और महलों की खूबसूरती देख सकते हैं। यकीन मानिए कि बनारस के ऐतिहासिक किलों की सुंदरता देख आपका मन नहीं भरेगा। इस तरह से तीन दिन के बनारस के ट्रिप प्लान में आप यहां की खूबसूरती को अपने जहन में समेट सकते हैं। 

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Thu, 26 Oct 2023 07:59:52 +0530 YogeshJai
Jammu&Kashmir: कश्मीर घाटी में दशहरा मनाया गया, 35 साल बाद निकली शोभायात्रा https://nishpakshjanavlokan.in/jammu-kashmir-कश्मीर-घाटी-में-दशहरा-मनाया-गया-35-साल-बाद-निकली-शोभायात्रा https://nishpakshjanavlokan.in/jammu-kashmir-कश्मीर-घाटी-में-दशहरा-मनाया-गया-35-साल-बाद-निकली-शोभायात्रा मंगलवार को पूरे देश में दशहरे की धूम रही। इस बार जम्मू कश्मीर में भी दशहरा जबरदस्त तरीके से मनाया गया। घाटी में दशहरे का जश्न कहीं ना कहीं इस बात का संकेत दे रहा है कि केंद्र शासित प्रदेश विकास की दृष्टि से काफी आगे बढ़ रहा है और वहां शांति है। कश्मीर में सैकड़ों कश्मीरी पंडितों और हिंदुओं ने धार्मिक उत्साह के साथ दशहरा मनाया। इस मौके पर श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले बनाए गए। वहीं, 35 साल बाद दशहरे पर इंदिरा नगर के शिव मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई। घाटी में आतंकवाद के कारण दशहरे का त्योहार कई साल तक नहीं मनाया गया। 

मंगलवार शाम को आतिशबाजी और पुतला जलाने की रस्म को देखने के लिए घाटी के विभिन्न हिस्सों से पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की एक बड़ी भीड़ मैदान में उमड़ी। कार्यक्रम का आयोजन कदल फाउंडेशन और कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति द्वारा किया गया था। दशहरा या विजयादशमी एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह वार्षिक त्यौहार शारदीय नवरात्र के दसवें दिन दुनिया भर में हिंदुओं द्वारा बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है। इसमें शामिल एक ने कहा कि अलग-अलग आस्था होने के बावजूद मेरा मानना है कि सभी एक ही परिवार हैं और सभी धर्मों के त्योहार एक साथ मनाने चाहिए।

बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा, जिसे विजयादशमी के रूप में भी जाना जाता है, मंगलवार को देशभर में पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। देश के अलग-अलग हिस्सों में रावण, उसके बेटे मेघनाद और भाई कुंभकर्ण के बड़े-बड़े पुतले जलाए गए तथा इन कार्यक्रमों में आम लोगों के साथ-साथ राजनीतिक नेताओं ने भी भाग लिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और कई अन्य नेताओं ने दशहरा उत्सव मनाने के लिए दिल्ली में अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए। राष्ट्रीय राजधानी के द्वारका में आयोजित एक कार्यक्रम में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से देश को जातिवाद और क्षेत्रवाद के नाम पर विभाजित करने की कोशिश करने वाली ताकतों को खत्म करने का आह्वान किया। 

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Thu, 26 Oct 2023 07:55:39 +0530 YogeshJai
I.N.D.I.A. गठबंधन में गांठ! समाजवादी पार्टी के बाद JDU ने भी Madhya Pradesh में उतारे उम्मीदवार https://nishpakshjanavlokan.in/Sumit-Antil-created-history-in-Asian-Para-Games,-won-gold-medal-along-with-making-world-record.-363 https://nishpakshjanavlokan.in/Sumit-Antil-created-history-in-Asian-Para-Games,-won-gold-medal-along-with-making-world-record.-363 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा का मुकाबला करने के लिए बनाया गया I.N.D.I.A ब्लॉक मध्य प्रदेश में चुनावों के संबंध में टूटता नजर आ रहा है। मध्य प्रदेश में मतदान एक ही चरण में 17 नवंबर को होगा। समाजवादी पार्टी के बाद, नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) ने भी मध्य प्रदेश चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ 5 उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की ओर से पहली सूची जारी कर दी गई है। मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को सभी 230 सीट के लिए मतदान होगा। 

जद (यू) के पांच उम्मीदवारों में चंद्रपाल यादव (पिछोर), रामकुंवर रायकवार (राजनगर), शिव नारायण सोनी (विजय राघवगढ़), तोल सिंह भूरिया (थांदला) और रामेश्वर सिंगला (पेटलावद) शामिल हैं। जैसे ही नीतीश कुमार की पार्टी ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार उतारे, बीजेपी ने जेडीयू और आई.एन.डी.आई.ए. ब्लॉक पर तीखा कटाक्ष किया। इस मुद्दे पर बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पाठक ने कहा है, "नीतीश कुमार का धैर्य अब खत्म हो गया है क्योंकि उनकी पार्टी को किसी भी गठबंधन में तरजीह नहीं मिल रही है... पार्टी को कोई नहीं पूछ रहा है। विपक्ष का I.N.D.I.A गुट लोक सभा चुनाव से पहले ही ढह गया है।" 

मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) ने नौ उम्मीदवारों की सूची घोषित की थी। सपा नेता यश भारतीय ने कहा कि इस सूची में पहले 6 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई थी, जबकि इसमें तीन नए नाम जोड़े गए हैं। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन पर बात नहीं बन पाई थी। इसके बाद दोनों दलों में वार-पलटवार खूब देखा गया। सपा की ओर कांग्रेस पर कई आरोप लगाए गए। साथ ही बड़ा दिल दिखाने के लिए कहा गया। 

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Thu, 26 Oct 2023 07:52:58 +0530 YogeshJai
एशियन पैरा गेम्स में सुमित अंतिल ने रचा इतिहास, वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के साथ गोल्ड मेडल किया अपने नाम https://nishpakshjanavlokan.in/Sumit-Antil-created-history-in-Asian-Para-Games,-won-gold-medal-along-with-making-world-record. https://nishpakshjanavlokan.in/Sumit-Antil-created-history-in-Asian-Para-Games,-won-gold-medal-along-with-making-world-record. भारतीय पैरा एथलीट सुमित अंतिल ने एशियन पैरा गेम्स के तीसरे दिन यानी बुधवार को मेंस जैवलिन थ्रो इवेंट में इतिहास रच दिया है। उन्होंने नया रिकॉर्ड बनाकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। 

दरअसल 25 वर्षीय सुमित ने इस साल की शुरुआत में पेरिस में हुई वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अपने ही 70.83 मीटर थ्रो के वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ दिया था और एक नया रिकॉर्ड बनाया। 

वहीं भारतीय पुष्पेंद्र सिंह ने 62.06 मीटर के थ्रो के साथ इस इवेंट का ब्रॉन्ज मेडल जीता। तो श्रीलंकाई अराकचिगे समिथा ने 64.09 मीटर के थ्रो के इस इवेंट का सिल्वर मेडल अपने नाम किया। अंतिल ने इससे पहले टोक्यो पैरालंपिक गेम्स में भी मेंस जैवलिन F64 इवेंट में वर्ल्ड रिकॉर्ड 68.55 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड अपने नाम किया था। 

बता दें कि, ये 2023 हांगझू एशियन पैरा गेम्स में भारत का 10वां गोल्ड मेडल और कुल मिलाकर 36वां मेडल है। भारत इस एशियन पैरा गेम्स में अबतक 10 गोल्ड, 12 सिल्वर और 14 ब्रॉन्ज मेडल समेत कुळ 36 मेडल जीत चुका है और वो फिलहाल पांचवें स्थान पर है। भारत ने एशियन पैरा गेम्स 2023 के लिए अबतक का अपना सबसे बड़ा 303 एथलीटों का दल भेजा गया है। इनमें 191 पुरुष और 112 महिला एथलीट शामिल हैं।  

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Thu, 26 Oct 2023 07:47:48 +0530 YogeshJai
Online Gaming कंपनियों पर सरकार सख्त, अब तक दिया जा चुका है 1 लाख करोड़ रुपए का नोटिस https://nishpakshjanavlokan.in/online-gaming-कंपनियों-पर-सरकार-सख्त-अब-तक-दिया-जा-चुका-है-1-लाख-करोड़-रुपए-का-नोटिस https://nishpakshjanavlokan.in/online-gaming-कंपनियों-पर-सरकार-सख्त-अब-तक-दिया-जा-चुका-है-1-लाख-करोड़-रुपए-का-नोटिस केंद्र ने बुधवार को कथित कर चोरी के लिए कई ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को ₹1 लाख करोड़ का कारण बताओ नोटिस जारी किया। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। हालांकि, सरकारी अधिकारी ने दावा किया कि 1 अक्टूबर के बाद से भारत में विदेशी गेमिंग कंपनियों के पंजीकरण का अभी तक कोई डेटा नहीं है। सूत्रों ने कहा कि जिस राशि के लिए ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है वह लगभग ₹1 लाख करोड़ है।

इस महीने की शुरुआत में यह बताया गया था कि भारत में सक्रिय 100 से अधिक ऑनलाइन गेमिंग एप्लिकेशन लगभग ₹1 लाख करोड़ की कथित कर चोरी के लिए माल और सेवा कर खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) की जांच के दायरे में हैं। पिछले महीने में, ड्रीम 11 और गेम्सक्राफ्ट सहित कई ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को करों के कथित कम भुगतान के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पिछले हफ्ते, डेल्टा कॉर्प को ₹6,384 करोड़ के कम कर भुगतान के लिए जीएसटी नोटिस मिला, जिससे कंपनी पर कुल कर मांग ₹23,000 करोड़ से अधिक हो गई। अलग से, गेम्सक्राफ्ट को पिछले साल सितंबर में ₹21,000 करोड़ की कथित जीएसटी चोरी के लिए कारण बताओ नोटिस भेजा गया था।

अगस्त में, वित्त मंत्रालय ने ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर लगाए गए दांव के पूर्ण मूल्य पर 28 प्रतिशत माल और सेवा कर (जीएसटी) लगाने का फैसला किया। जीएसटी प्राधिकरण के अनुसार, एकीकृत जीएसटी में संशोधन से ऑफशोर ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफार्मों के लिए भारत में पंजीकरण करना और घरेलू कानून के अनुसार करों का भुगतान करना अनिवार्य हो जाएगा। सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग और क्रिप्टो कारोबार के लिए नयी स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) व्यवस्था लाए जाने के बाद चालू वित्त वर्ष में अबतक इनसे 700 करोड़ रुपये से अधिक का कर जुटाया है। केद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन नितिन गुप्ता ने शुक्रवार को यह जानकारी दी थी।

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Thu, 26 Oct 2023 07:44:32 +0530 YogeshJai
यूरोपीय संघ के नए राजदूत डेल्फ़िन बोले, भारत संग संबंध में बनाए रखना चाहते हैं सकारात्मक गति https://nishpakshjanavlokan.in/यूरोपीय-संघ-के-नए-राजदूत-डेल्फ़िन-बोले-भारत-संग-संबंध-में-बनाए-रखना-चाहते-हैं-सकारात्मक-गति https://nishpakshjanavlokan.in/यूरोपीय-संघ-के-नए-राजदूत-डेल्फ़िन-बोले-भारत-संग-संबंध-में-बनाए-रखना-चाहते-हैं-सकारात्मक-गति भारत में यूरोपीय संघ के नए राजदूत हर्वे डेल्फ़िन ने अपने मिशन, भारत से अपेक्षाओं, एफटीए और कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। अपने कार्यकाल के दौरान भारत में अपने एजेंडे पर उन्होंने कहा कि ईयू राजदूत के रूप में यहां अपने कार्यकाल के दौरान मुझे तीन मुख्य कारण नजर आते हैं। पहला यह कि ईयू-भारत संबंध पिछले साल के दौरान प्रगति की राह पर है। मैं देखता हूं हमारे संबंधों में इस सकारात्मक गति को बनाए रखने और बनाए रखने में मेरी भूमिका यहां है। यदि आप आंकड़ों और संदर्भ को देखें, तो यह फल-फूल रहा है, लेकिन अभी भी एक बड़ी संभावना है जिसका दोहन करने की आवश्यकता है। चाहे वह व्यापार में हो, लोगों के आंदोलन में हो, हरित प्रौद्योगिकी में हो अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में पांच देशों के राजदूतों के परिचय पत्र स्वीकार किये। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक परिचय पत्र सौंपने वालों में साइप्रस गणराज्य के उच्चायुक्त इवागोरस व्रियोनाइड्स, बुल्गारिया गणराज्य के राजदूत निकोले ह्रिस्तोव यांकोव, यूरोपीय संघ के राजदूत हर्वे डेल्फिन, फ्रांस के राजदूत थिएरी माथौ और मोल्दोवा गणराज्य की राजदूत एना ताबन शामिल रहीं।

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Thu, 26 Oct 2023 07:40:26 +0530 YogeshJai
‘इंडिया’ में मायावती को शामिल किए बिना उप्र में भाजपा को नहीं हराया जा सकता : आचार्य प्रमोद कृष्णम https://nishpakshjanavlokan.in/इंडिया-में-मायावती-को-शामिल-किए-बिना-उप्र-में-भाजपा-को-नहीं-हराया-जा-सकता-आचार्य-प्रमोद-कृष्णम https://nishpakshjanavlokan.in/इंडिया-में-मायावती-को-शामिल-किए-बिना-उप्र-में-भाजपा-को-नहीं-हराया-जा-सकता-आचार्य-प्रमोद-कृष्णम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बुधवार को कहा कि विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती को शामिल किए बिना उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को शिकस्त नहीं दी जा सकती है।

कृष्णम ने पीटीआई-से बातचीत में कहा, मेरा विचार है कि बहनजी मायावती) उत्तर प्रदेश में ऐसी नेता हैं, जो 18 से 22 प्रतिशत वोटों को प्रभावित करने में सक्षम हैं। अगर बहनजी के बिना ‘इंडिया’ गठबंधन बनता है, तो इसे महागठबंधन कहने का कोई औचित्य नहीं है।

उन्होंने कहा, अगर भारतीय जनता पार्टी को हराना है तो समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल और कांग्रेस के साथ-साथ बहनजी को भी ‘इंडिया’ गठबंधन में सम्मिलित होना चाहिए। इसके लिए मैं उन्हें आमंत्रित कर रहा हूं।

कांग्रेस नेता ने कहा, अगर बहनजी इस गठबंधन में नहीं आती तो, (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी को नहीं हराया जा सकता। मैं ऐसा मानता हूं कि मायावती जी को साथ लिए बिना उत्त प्रदेश में भाजपा को हराना संभव नहीं हैं।” कृष्णम ने 2019 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लखनऊ से लड़ा था, लेकिन भाजपा के राजनाथ सिंह से हार गए थे।

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Thu, 26 Oct 2023 07:37:36 +0530 YogeshJai
भारतीय महिला हॉकी टीम के पास घरेलू मैदान पर ओलंपिक टिकट हासिल करने का मौका https://nishpakshjanavlokan.in/Indian-womens-hockey-team-has-a-chance-to-get-Olympic-ticket-on-home-ground https://nishpakshjanavlokan.in/Indian-womens-hockey-team-has-a-chance-to-get-Olympic-ticket-on-home-ground भारतीय महिला हॉकी टीम हांग्झोउ एशियाई खेलों में तीसरे स्थान पर रहने के बाद 2024 पेरिस ओलंपिक के लिए स्वत: क्वालीफाई करने में विफल रही, लेकिन उसे इस में जगह बनाने का एक और मौका रांची में अगले साल होने वाले क्वालीफाइंग टूर्नामेंट से मिलेगा। अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) ने महिला ओलंपिक क्वालीफायर को चीन के चांगझोउ से रांची में स्थानांतरित कर दिया है। चीन की महिला टीम ने इस महीने की शुरुआत में हांगझोउ में एशियाई खेलों का स्वर्ण जीतकर सीधे पेरिस खेलों में जगह बनाई थी। पेरिस ओलंपिक क्वालीफाइंग टूर्नामेंट अगले साल 13 से 19 जनवरी तक झारखंड के रांची में मारंग गोमके जयपाल सिंह एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा।

क्वालीफाइंग टूर्नामेंट में भारत के अलावा सात देश हिस्सा लेंगे जिनमें से शीर्ष तीन अगले साल के ओलंपिक में अपनी जगह पक्की करेंगे। एफआईएच के अन्य ओलंपिक क्वालीफायर मस्कट, ओमान (पुरुष: 15-21 जनवरी, 2024) और वालेंसिया, स्पेन (महिला और पुरुष: 13-21 जनवरी, 2024) में खेले जाएंगे। भारत हांगझोउ एशियाई खेलों की महिला हॉकी सेमीफाइनल में मेजबान चीन से 0-4 से हार गया था। टीम को इसके बाद जापान को 2-1 से हराकर कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। रांची में ओलंपिक क्वालीफायर की मेजबानी पर हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा, ‘‘यह हमारे खिलाड़ियों के लिए बहुत बड़ा आयोजन है और हम रोमांचित हैं कि यह हमारे घरेलू मैदान पर होगा।

भारतीय प्रशंसकों का समर्थनहमारे खिलाड़ियों को ऊर्जा देगा जो पेरिस 2024 ओलंपिक में अपना स्थान सुरक्षित करने का दृढ़ संकल्प है।’’ भारतीय टीम की कप्तान सविता पुनिया ने कहा, ‘‘रांची में ओलंपिक क्वालीफायर की मेजबानी करना शानदार खबर है क्योंकि यह हमें भारतीय हॉकी प्रशंसकों की उपस्थिति में पेरिस 2024 ओलंपिक के लिए जगह पक्की करने के लिए पहले से कहीं अधिक प्रेरित करेगा।’’ ओलंपिक क्वालीफायर से पहले भारतीय टीम 27 अक्टूबर से पांच नवंबर तक रांची मेंही महिला एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में खेलेगी। टूर्नामेंट में घरेलू टीम का सामना जापान, चीन, कोरिया, मलेशिया और थाईलैंड से होगा।

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Sun, 22 Oct 2023 17:09:55 +0530 YogeshJai
Shardiya Navratri 2023 8th Day: नवरात्रि के 8वें दिन करें महागौरी की पूजा, इस दिन कन्या पूजन का है विशेष महत्व https://nishpakshjanavlokan.in/Shardiya-Navratri-2023-8th-Day:-Worship-Mahagauri-on-the-8th-day-of-Navratri,-girl-worship-has-special-significance-on-this-day. https://nishpakshjanavlokan.in/Shardiya-Navratri-2023-8th-Day:-Worship-Mahagauri-on-the-8th-day-of-Navratri,-girl-worship-has-special-significance-on-this-day. आज यानी की 22 अक्तूबर को शारदीय नवरात्रि की अष्टमी तिथि है। नवरात्रि के आठवें दिन मां दुर्गा के आठवीं शक्ति महागौरी की पूजा की जाती है। मां महागौरी का अत्यंत गौर वर्ण है। इसलिए इनको महागौरी के नाम से जाना जाता है। मान्यता के मुताबिक महागौरी ने अपनी कठिन तपस्या से गौर वर्ण प्राप्त किया था। तभी से मां को धन ऐश्वर्य प्रदायिनी, चैतन्यमयी त्रैलोक्य पूज्य मंगला,  उज्जवला स्वरूपा महागौरी, शारीरिक मानसिक और सांसारिक ताप का हरण करने वाली महागौरी का नाम दिया गया।  

पूजा शुभ मुहूर्त और शुभ योग

आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरूआत 21 अक्तूबर को रात 09:53 मिनट से हुई। वहीं 22 अक्तूबर की शाम 07:58 मिनट तक अष्टमी तिथि रहेगी। उदयातिथि के अनुसार, आज यानी की 22 अक्तूबर को अष्टमी तिथि मनाई जा रही है। अष्टमी तिथि पर धृति योग के साथ सर्वार्थसिद्धि योग भी बन रहा है। सुबह 06:30 मिनट से शाम 06:44 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। आज कन्या पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। 

मां महागौरी का स्वरूप

श्वेत वृषे समारूढ़ा श्वेताम्बरधरा शुचि:। महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥

मां दुर्गा की आठवीं शक्ति मां महागौरी हैं। इनका वर्ण अत्यंत गौर है और मां ने वस्त्र व आभूषण भी सफेद धारण किए हैं। मां महागौरी की चार भुजाएं हैं और इनका वाहन बैल है। मां अपने हाथों में त्रिशूल, अभय मुद्रा, डमरू और वर मुद्रा धारण किए हैं। महागौरी का स्वभाव अत्यंत शांत है। मां महागौरी की आयु 8 वर्ष मानी जाती है।

पूजन का महत्व

मान्यता के अनुसार, मां महागौरी की पूजा करने से सभी ग्रहदोष दूर होते हैं। महागौरी का ध्यान व पूजा करने से दांपत्य सुख, व्यापार, धन और सुख-समृद्धि बढ़ती है। मां की पूजा-अर्चना से व्यक्ति को अलौकिक सिद्धियों की प्राप्ति होती है। यह अपने भक्तों के कष्टों को जल्द ही दूर कर देती हैं। मां महागौरी की उपासना से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। मां का यह स्वरूप वृतियों को सत्य की ओर प्रेरित करके असत्य का नाश करती हैं। भक्तों के लिए मां दुर्गा का यह स्वरूप अन्नपूर्णा का है। इसलिए अष्टमी तिथि को कन्या भोजन कराने का विधान है। मां महागौरी धन, वैभव, अन्न-धन और सुख-शांति की अधिष्ठात्री देवी मानी जाती है।

पूजन विधि

अष्टमी तिथि को सुबह स्नान आदि कर महागौरी की पूजा में श्वेत, लाल या गुलाबी रंग के वस्त्र धारण करें। इसके बाद सबसे पहले कलश पूजन और उसके मां महागौरी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करें। महागौरी को रोली, मौली, कुमकुम, चंदन, अक्षत, मोगरे का फूल अर्पित करें। साथ ही मां के सिद्ध मंत्र 'श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:' का जाप करें। मां को उनका प्रिय भोग हलवा-पूरी, चना और नारियल चढ़ाएं। फिर 9 कन्याओं का पूजन करें और भोजन कराएं। घर की छत पर लाल रंग की ध्वजा लगाने से सुख-समृ्द्धि बढ़ती है। 

मां महागौरी का मंत्र

श्वेते वृषे समरूढा श्वेताम्बराधरा शुचिः।

महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा।।

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Sun, 22 Oct 2023 17:06:46 +0530 YogeshJai
Viral Video । Maa Durga का आशीर्वाद लेने पंडाल पहुंचीं Kajol स्टेज से गिरी, बेटे Yug और बहन Tanisha ने संभाला https://nishpakshjanavlokan.in/Viral-Video.-Kajol,-who-reached-the-pandal-to-seek-blessings-of-Maa-Durga,-fell-from-the-stage,-son-Yug-and-sister-Tanisha-took-care-of-her. https://nishpakshjanavlokan.in/Viral-Video.-Kajol,-who-reached-the-pandal-to-seek-blessings-of-Maa-Durga,-fell-from-the-stage,-son-Yug-and-sister-Tanisha-took-care-of-her. बॉलीवुड गलियारों में दुर्गा पूजा उत्सव की देखने को मिल रही है। मुंबई के कई इलाकों में दुर्गा पूजा पंडाल लग गए हैं, जहाँ नामी सितारें दर्शन करने पहुंच रहे हैं। बीते दिन बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्रियों में शुमार काजोल भी अपने बेटे युग के साथ जुहू के नॉर्थ बॉम्बे सर्बोजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में दुर्गा मां का आशीर्वाद लेने पहुंची थी। हालाँकि, इस दौरान अभिनेत्री के साथ बड़ा हादसा होते-होते बच गया। दरअसल, फोन में मगन होने की वजह से अभिनेत्री स्टेज पर से गिर गई। काजोल को कोई चोट नहीं आई क्योंकि उनके बेटे ने उन्हें संभाल लिया था। इस दौरान के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं।

वायरल वीडियो में, काजोल को गुलाबी साड़ी में फोन पर बात करते हुए स्टेज पर चलते देखा जा सकता है। स्टेज के अंत में जाकर जहाँ उनकी बहन और बेटा खड़ा है, वहां जाकर अभिनेत्री रुक जाती है और फोन चला रही होती है। फिर अभिनेत्री आगे कदम बढाती है और गिर जाती है। यकीनन अभिनेत्री ने आगे सीढ़ी होगी सोचकर कदम बढ़ाया होगा, लेकिन वह बाल-बाल हादसे का शिकार होती बचीं। उनके बेटे और बहन ने उन्हें संभाला।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही लोगों ने अभिनेत्री का मजाक उड़ाना शुरू कर दिया। वहीं कुछ लोग उनके बेटे की तारीफ़ करते नजर आ रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, 'काजल इतना गिरती क्यों रहती है।' एक अन्य ने लिखा, 'अरे रे रे आराम से।' बता दें, ये पहला मौका नहीं था जब काजोल ऐसे गिरी है। इससे पहले भी कई बार काजोल चलते-चलते अपना संतुलन खो चुकी हैं। अभिनेत्री के गिरने के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं।

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Sun, 22 Oct 2023 17:03:31 +0530 YogeshJai
Hamas आतंकियों के पीछे पड़ा इजरायल, एक&एक आतंकी को खत्म करने के लिए प्लान तैयार https://nishpakshjanavlokan.in/Israel-is-after-Hamas-terrorists,-plan-ready-to-eliminate-each-terrorist https://nishpakshjanavlokan.in/Israel-is-after-Hamas-terrorists,-plan-ready-to-eliminate-each-terrorist हमास का खत्म करने के लिए इसराइल पूरी तरीके से तैयार है। गाजा के हमास को खत्म करने के उद्देश्य से इजरायल ने फूल प्रूफ रणनीति तैयार कर ली है। इसराइल जानता है कि हमास से लड़ाई अभी लंबी चलने वाली है क्योंकि हमास के पास इजरायल के 200 से अधिक बंधक है।

इस लड़ाई में इसराइल को दोहरा मुकाबला करना है जिसमें उसे एक तरफ हमास के आतंकियों से मुकाबला करना है वही आतंकी संगठन हिजबुल्लाह से भी लड़ाई लड़नी है। हिज्बुल्लाह लगातार लेबनान की ओर से हमला करने में जुटा हुआ है। वही आतंकी संगठन को जवाब देने के लिए इजरायल की सेना सीमा के पास देती हुई है। सीमा पर इजरायल के टैंक और जवान लगातार मुस्तैद है। इजरायल की सेना सीमा पर इसलिए मुस्तैद है ताकि अगर जमीन पर युद्ध शुरू हुआ तो हमास और हिजबुल्ला को जवाब दिया जा सके।

इजरायल की है पूरी तैयारी

गौरतलब है कि इजरायल इस बड़े युद्ध के लिए अपनी तैयारी जोर शोर से कर रहा है। पड़ोसी देशों में उसके नागरिकों पर हमास-हिजबुल्ला हमला कर सकते है। इजराइल ने इस अंदेशे को देखते हुए अपने सभी नागरिकों को भी सतर्क कर दिया है। इजराइल के अपने नागरिकों को कहा है कि मिस्र और जॉर्डन को तत्काल छोड़ दें। इस संबंध में इजराइल ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि जॉर्डन और मिस्र की यात्रा करने से परहेज करें।

ये है इजराइल का प्लान

बता दें कि इजराइल आतंकवाद के खिलाफ लड़ रहा है। बता दें कि हमास के आंतकियों ने इस युद्ध को शुरू किया था। बेंजामिन नेतन्याहू भी ऐलान कर चुके हैं कि इस युद्ध का खातमा इजराइल करेगा। सिर्फ युद्ध ही नहीं बल्कि हमास का भी इसके साथ अंत किया जाएगा। इसी बीच इजरायल के रक्षा मंत्री योव गैलैंट ने कहा है कि जमीनी युद्ध होगा जो लंबा चलेगा। इस युद्ध को लेकर इजराइल का 3 फेज का प्लान भी तैयार हो गया है।

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Sun, 22 Oct 2023 16:59:43 +0530 YogeshJai
Azam Khan को सता रही जान की चिंता, कहा& हमारा Encounter हो सकता है https://nishpakshjanavlokan.in/Azam-Khan-is-worried-about-his-life,-said--We-may-have-an-encounter https://nishpakshjanavlokan.in/Azam-Khan-is-worried-about-his-life,-said--We-may-have-an-encounter समाजवादी पार्टी के सीनियर नेता आज़म खान और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम खान को उत्तर प्रदेश की रामपुर जेल से निकलकर सीतापुर और हरदोई जेल में भेज दिया गया है। जानकारी के मुताबिक आजम खान को रविवार की सुबह लगभग पौने पांच बजे रामपुर जेल से बाहर निकल गया।

जेल से बाहर निकालने के दौरान आजम खान ने आशंका जताई कि उनका एनकाउंटर किया जा सकता है। बता दें कि आजम खान की पत्नी और पूर्व राज्यसभा सांसद तंजीन फातिमा को रामपुर जिला जेल में ही रखा गया है और उन्हें किसी अन्य जेल में शिफ्ट नहीं किया गया है। गौरतलब है की आजम खान, और उनके बेटे अब्दुल्लाह आजम को डबल जन्म प्रमाण पत्र मामले में आजम खान, उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को कोर्ट ने 18 अक्टूबर को 7-7 साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।

जेल अधिकारियों का कहना है कि दोनों नेताओं को दूसरे जेल में भेजा गया है। इसमें आजम खान अब सीतापुर जेल में रहेंगे जबकि अब्दुल्ला को हरदोई जेल में भेजा गया है। बता दें कि अब्दुल्ला आजम खान के दो अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्रों के मामले में 18 अक्टूबर 2023 को आजम खान उनकी पत्नी पूर्व सांसद डॉ. तजीन फातिमा और छोटे बेटे अब्दुल आजम खान को अदालत ने दोषी करार दिया था। इसके बाद कोर्टन े दोनों को सात वर्ष की सजा सुनाई थी। अदालत के आदेश के बाद दोनों को रामपुर जिला कारागार भेज दिया गया था। अदालत के आदेश के बाद अब आजम और अब्‍दुल्‍ला की जेलें बदल दी गई है। हालांकि आजम की पत्नी तजीन फातिमा की जेल को नहीं बदला गया है। वो अब भी रामपुर जिला जेल में ही रहेंगी।

 

अब्दुल्ला ने जताई पिता की चिंता

वहीं सुबह जब आजम खान को पुलिस के कैदी वाहन में बैठाकर ले जाने लगे तो उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान ने ऐसा करने से मना कर दिया। जानकारी के मुताबिक अब्दुल्ला ने कहा कि इस पुलिस की गाड़ी में बब्बा नहीं बैठ पाएंगे, बाबा की कमर इस काबिल नहीं है। इसी दौरान आजम खान ने जेल के बाहर मौजूद पत्रकारों से कहा कि हमारा एनकाउंटर भी हो सकता है। कुछ भी हो सकता है।

इसके बाद आजम खान ने बेटे से बात करते हुए कहा कि तुम इस गाड़ी में जाओगे, क्या चले जाओगे, बैठ जाओ आराम से, बहुत ही मजबूती से...। जब आज़म खान को पुलिस की जीप में पिछली सीट के बीच मे बैठाने को कहा गया तो आजम खान पुलिस से कहते हुए सुने गये कि हम बीच में नहीं बैठ पाएंगे। पुलिस ने आजम खान से दोबारा कहा, बीच में बैठ जाइए तो इस पर करीब 75 वर्षीय आजम खान ने कहा कि नहीं बिल्कुल नहीं बैठ पाएंगे, बीमार आदमी हैं, हमारी कमर ही इस काबिल नहीं कि बीच में बैठ पाएं, नहीं हम बिल्कुल बीच में नहीं बैठ सकते, आप हमारी उम्र का तो ख्याल रखें, आप हमारे हाथ पैर तोड़ कर ले जाओ लेकिन हम बीच में नहीं बैठ पाएंगे। इसके बाद पुलिस उन्‍हें किनारे की सीट पर बिठाकर सीतापुर ले गयी। 

इस बीच हरदोई से मिली खबर के अनुसार अब्‍दुल्‍ला आजम हरदोई जिला कारागार में पहुंच गये। हरदोई जिला कारागार के जेलर संजय सिंह ने बताया कि अब्दुल्ला को रामपुर से आज सुबह हरदोई जेल लाया गया है। सीतापुर से मिली खबर के अनुसार इस बीच रविवार सुबह करीब नौ बजे आजम खान सीतापुर जेल में पहुंच गये। प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि आजम खान को सीतापुर जिला कारागार में दाखिल किया गया है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता को कड़ी सुरक्षा में रामपुर जेल से सीतापुर लाया गया। आज सुबह करीब नौ बजे आजम खान सीतापुर जेल पहुंचे। इससे पहले समाजवादी नेता ने एक अन्य आपराधिक मामले में दो साल से अधिक समय तक सीतापुर जेल में बिताया था और उच्चतम न्यायालय से जमानत मिलने के बाद मई 2022 में रिहा हुए थे

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Sun, 22 Oct 2023 16:56:59 +0530 YogeshJai
MP Chunav 2023: सांची स्तूप पर जाने वाले मुख्यमंत्रियों को गंवानी पड़ी थी सत्ता, क्या अब CM शिवराज तोड़ पाएंगे यह मिथक https://nishpakshjanavlokan.in/MP-Chunav-2023:-Chief-Ministers-who-visited-Sanchi-Stupa-had-to-lose-power,-will-CM-Shivraj-be-able-to-break-this-myth-now https://nishpakshjanavlokan.in/MP-Chunav-2023:-Chief-Ministers-who-visited-Sanchi-Stupa-had-to-lose-power,-will-CM-Shivraj-be-able-to-break-this-myth-now मध्य प्रदेश की कुछ जगहें ऐसी भी हैं, जहां पर प्रदेश के मुखिया जाने से बचते हैं। राजनेताओं में इन जगहों को लेकर अंधविश्वास या मिथक रहता है। बता दें यह मिथक सिर्फ मध्य प्रदेश के ही नहीं बल्कि नोएडा से लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों में भी देखने को मिलता था। बता दें कि नोएडा को लेकर राजनेताओं के बीच में यह अंधविश्वास था कि यदि प्रदेश यानी की यूपी के सीएम यहां का दौरा करेंगे तो वह फिर से सत्ता की कुर्सी तक नहीं पहुंच पाएंगे। लेकिन 29-30 सालों से चला आ रहे इस अंधविश्वास को उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने तोड़ दिया। ऐसा ही अंधविश्वास मध्य प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल और यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट सांची को लेकर भी है। 

सांची पहुंचे सीएम शिवराज

बता दें कि स्तूप को शांति का टापू भी कहा जाता है। शांति की तलाश में दुनिया भर से लोग इस जगह पर पहुंचते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शांति का संदेश देने वाले इस विश्व प्रसिद्ध स्थल का दौरा करने से राजनेता आनाकानी करते हैं। स्थानीय लोगों के बीच यह अंधविश्वास है कि जब भी प्रदेश का कोई मुख्यमंत्री इस सांची स्तूप पर पहुंचता है, तो फिर उसे सत्ता से हाथ धोना पड़ता है। हालांकि हाल ही में सूबे के सीएम शिवराज सिंह चौहान सांची सोलर सिटी का शुभारंभ करने के लिए पहुंचे थे। तब उन्होंने इस शहर का भी दौरा किया। सीएम चौहान सांची स्तूप की पहाड़ी पर भी गए थे। ऐसे में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि क्या सीएम शिवराज इस मिथक को तोड़ पाएंगे या फिर वह भी सत्ता से हाथ गंवा बैठेंगे। 

इन मुख्यमंत्रियों ने गंवाई है कुर्सी

माना जाता है कि जब-जब कोई मुख्यमंत्री सांची स्तूप की पहाड़ी पर पहुंचा है, तो फिर उसे सत्ता से हाथ धोना पड़ा है। यह सिलसिला दिग्विजय सिंह के समय से शुरू हुई थी। बता दें कि तत्कालीन सीएम दिग्विजय सिंह एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए सांची गए थे। जिसके बाद उनके हाथों से सत्ता हमेशा के लिए चली गई। इसके बाद तत्कालीन सीएम बाबू लाल गौर भी अपने कार्यकाल के दौरान सांची पहुंचे थे। कुछ समय बाद ही उनको भी सत्ता गंवानी पड़ी। सांची की स्तूप पहाड़ी पर जाने के बाद उमा भारती को भी सत्ता गंवानी पड़ी थी। 

ऐसे में पिछली बार जब सीएम शिवराज यहां आए थे, तो उनके हाथों से भी सत्ता की चाभी फिसल गई थी। लेकिन एक बार फिर सीएम शिवराज ने रिस्क लेते हुए सांची की पहाड़ी पर पहुंचे हैं। सांची जाते ही चर्चा गर्म हो गई है कि क्या सीएम शिवराज के सांची पहाड़ी जाने से फिर से उनकी सरकार पर संकट आएगा। या फिर इस बार सीएम शिवराज इस रिस्क को तोड़ पाएंगे। बता दें कि सांची क्षेत्र का अपने आप में एक प्रभाव है। सम्राट अशोक ने इसी जगह पर राजनीति छोड़ने का फैसला कर शांति की तलाश की थी। ऐसे में माना जाता है कि सांची शांति का संदेश देता है। सांची का यह प्रभाव हो सकता है कि सांची ऊंचे पदों पर बैठे नेताओं को यह संदेश देता हो कि शांति की तरफ आओ। 

पहाड़ी चढ़ने से परहेज करते हैं नेता 

सांची के कई सांस्कृतिक कार्यक्रम में पूर्व जनसंपर्क एवं संस्कृति मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। जिसके बाद नतीजन उनको अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी थी। पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटवा हो, रामपाल सिंह, या फिर अन्य स्थानीय नेता, यह सब हमेशा सांची की पहाड़ी चढ़ने से बचते हैं। स्थानीय विधायक प्रभुराम चौधरी और डॉक्टर गौरी शंकर शेजवार भी इस पहाड़ी पर चढ़ने से कतराते हैं। बता दें कि सांची बौद्ध यूनिवर्सिटी के शिलान्यास कार्यक्रम में तमाम नेताओं ने हिस्सा लिया था। लेकिन इन नेताओं ने पहाड़ी पर जाने से परहेज किया था।

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Wed, 18 Oct 2023 11:17:14 +0530 YogeshJai
Healthy Recipes: बच्चों के लिए बनाएं टेस्टी और हेल्दी रेसिपीज, पूरा टिफिन चट कर जाएंगे बच्चे https://nishpakshjanavlokan.in/Healthy-Recipes:-Make-tasty-and-healthy-recipes-for-children,-children-will-eat-the-entire-tiffin https://nishpakshjanavlokan.in/Healthy-Recipes:-Make-tasty-and-healthy-recipes-for-children,-children-will-eat-the-entire-tiffin हर मां के लिए सुबह-सुबह का समय किसी युद्ध के मैदान से कम नहीं होता है। क्योंकि सुबह के समय ना सिर्फ बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करना होता है। बल्कि बच्चों का टिफिन तैयार करना भी एक बड़े टास्क की तरह होता है। क्योंकि बच्चे कई बार स्कूल से बिना टिफिन खाए वापस लेकर आ जाते हैं।

ऐसे में मां अक्सर यह कोशिश करती हैं कि वह बच्चों के टिफिन में कुछ ऐसा बनाकर दें, जो ना सिर्फ बच्चों को पसंद आएं और वह उनके लिए हेल्दी भी हों। ऐसे में हम आपको इस आर्टिकल के जरिए कुछ ऐसे स्वादिष्ट रेसिपीज के बारे में बताने जा रहे हैं। जिनको आप कुछ मिनट में तैयार कर सकती हैं। इन रेसिपीज को बच्चे शौक से खाएंगे और यह हेल्दी भी है।

उपमा

अगर आप भी झटपट कोई रेसिपी बनाना चाहती हैं तो आप बच्चों के टिफिन में वेजिटेबल उपमा बनाकर दे सकती हैं। वेजिटेबल उपमा बनाने के लिए सबसे पहले सूजी को भून लें। फिर उसमें बच्चों की पसंद की सब्जियां जैसे टमाटर, मटर, आलू, प्याज और गाजर डालकर 2 मिनट के लिए पकाएं। 

ढोकला 

अगर बच्चों के लिए इंस्टेंट टिफिन बनाकर तैयार करना चाहती हैं तो आप उनके लिए सिर्फ 5 मिनट में ढोकला बना सकती हैं। ढोकला बनाने के लिए बेसन में थोड़ा सा दही और पानी मिलाकर एक घोल तैयार कर लें। फिर इसमें एक ईनो मिक्स कर दें। अब इसे माइक्रो सेफ कंटेनर में डालकर 3 से 4 मिनट के लिए माइक्रोवेव कर तैयार कर लें। इसके बाद राई और करी पत्तों का छौंक लगाकर आप ढोकला सर्व कर सकती हैं। साथ ही इसे सॉस व चटनी के साथ बच्चों को लंच में भी दे सकती हैं। 

वेज सैंडविच 

बच्चों को सैंडविच खाना बहुत ज्यादा पसंद होता है। ऐसे में आप भी बच्चों को टिफिन में हेल्दी वेज सैंडविच बना कर दे सकती हैं। इसे आप झटपट बनाकर तैयार कर सकती हैं। ब्रेड सैंडविच बनाने के लिए दो ब्राउन ब्रेड की स्लाइस लें। फिर आप इसमें बच्चों के पसंद की सब्जी खीरा, गाजर, टमाटर, पत्ता गोभी डालकर एक चीज स्लाइस रख दें। इस तरह से सैंडविच बनकर तैयार हो जाएगा और फिर इसे टिफिन में दे सकती हैं। 

वेजिटेबल चीला 

अगर आप टिफिन में पराठे की जगह बच्चे को कुछ और देना चाहती हैं। तो वेजिटेबल चीला बच्चों को काफी पसंद आएगा। यह टेस्टी होने के साथ ही हेल्दी भी है। वेजिटेबल चीला बनाने के लिए टमाटर, हरी मिर्च, प्याज, हरा धनिया, अदरक और पानी डालकर इसका बैटर तैयार कर लें। फिर तवा डोसा पर बैटर को डालकर दोनों तरफ से सेंक लें। इसे आप टिफिन में चटनी व सॉस के साथ बच्चों को दे सकती हैं।

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Wed, 18 Oct 2023 11:13:39 +0530 YogeshJai
Beauty Tips: पिंपल्स से खराब हो रहा है पूरा फेस तो अपनाएं ये तरीके, हफ्ते भर में मिलेगी बेदाग स्किन https://nishpakshjanavlokan.in/Beauty-Tips:-If-your-entire-face-is-getting-spoiled-due-to-pimples,-then-adopt-these-methods,-you-will-get-flawless-skin-within-a-week. https://nishpakshjanavlokan.in/Beauty-Tips:-If-your-entire-face-is-getting-spoiled-due-to-pimples,-then-adopt-these-methods,-you-will-get-flawless-skin-within-a-week. आप किसी फंक्शन में जा रहे होते हैं पर आपके चेहरे पर निकली हुई फुंसी या लंबे समय से पैठ जमाया हुआ फोड़ा आपके अच्छे खासे प्लान को खराब कर देता है। ऐसे में आप मुंहासों से जल्द से जल्द छुटकारा पाना चाहेंगी। मुंहासे त्वचा की सतह पर निकले हुए सफेद या लाल रंग के दाने होते हैं। जिनमें मवाद और पस जमा होता है। इन पके हुए दाने को दबाने से मवाद निकलने लगता है, जिससे गड्ढा सा बन जाता है। 

इसीलिए मुंहासों को दबाकर कभी नहीं हटाना चाहिए नहीं तो उस जगह पर पिंपल्स के निशान बन जाते हैं और जल्दी हल्के नहीं होते हैं। इससे चेहरे पर दाग बन जाते हैं। अगर आप भी पिंपल्स से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आप भी घरेलू उपाय कर सकते हैं। आज हम आपको कुछ घरेलू उपायों के बारे में बताएंगे। जिससे आपको जल्द से जल्द छुटकारा मिल जाएगा और आपका चेहरा बेदाग हो जाएगा। 

मुंहासों के लिए घरेलू उपाय

बेसन

घरेलू उपाय में पिंपल्स को दूर करने के लिए बेसन का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके उपयोग के लिए एक चम्मच बेसन में पानी मिलाकर पेस्ट बना लें। इसके बाद उस पेस्ट को अपने चेहरे पर 10 मिनट तक लगाए रखें और फिर हल्के हाथों से अपने चेहरे को धीरे-धीरे धो लें। यह आपकी ऑयली स्किन से पिंपल्स को हटाने का सबसे बेहतरीन नुस्खा है। 

हल्दी और शहद 

हल्दी एंटी-इंफ्लेमेटरी जैसे गुणों से भरपूर होती है। इसलिए यह स्किन पर पिंपल्स को सिकोड़ देती है। जबकि शहद स्किन से बैक्टीरिया को हटाता है। इसके लिए आप आधा चम्मच हल्दी में एक चम्मच शहद मिलाकर गीले चेहरे पर लगाएं और 5 मिनट तक लगाकर रखें। इस उपाय को करने से ना सिर्फ आपके चेहरे पर निखार आएगा, बल्कि पिंपल्स से छुटकारा भी मिल जाएगा। 

ओट्स

ओट्स के उपयोग से भी पिंपल्स की समस्या दूर हो जाती है। फेस की स्किन पर एक्सेस ऑयल भी पिंपल्स के कारण ही आता है। लेकिन ओट्स त्वचा से ऑयल सोखता है और पिंपल्स को दूर करता है। पिंपल्स से निजात पाने के लिए पिसे ओट्स में थोड़ा सा बेसन मिलाकर पेस्ट बना लें और चेहरे पर अप्लाई करें। फिर इसके बाद फेस को धो दें।  

दही

त्वचा पर दही लगाने से डेड स्किन सेल्स हट जाते हैं और स्किन में निखार आता है। दही में लैक्टिक एसिड पाया जाता है। दही के एंटी-बैक्टीरियल भी बहुत अच्छा असर दिखाते हैं। आधा कप दही लेकर चेहरे पर लगाएं। इसके बाद अपने चेहरे को 10 मिनट बाद धो लें। मुंहासों को हटाने के लिए हर दूसरे दिन दही का प्रयोग करें। 

एलोवेरा

ऐलोवेरा कई मायनों में हमारी स्किन के लिए फायदेमंद होता है। इसी तरह आप ऐलोवेरा का इस्तेमाल पिंपल्स की समस्या को दूर करने के लिए भी कर सकती हैं। पिंपल्स को हटाने के लिए आप ताजे ऐलोवेरा के गूदे का इस्तेमाल करें। यह आपकी स्किन के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। इसके अलावा आप फोड़े-फुंसियों पर भी ऐलोवेरा का गूदा लगा सकते हैं। इस उपाय को करने से ना सिर्फ पिंपल्स की समस्या दूर होगी, बल्कि आपको साफ और निखरी स्किन मिलेगी।

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Wed, 18 Oct 2023 11:10:52 +0530 YogeshJai
ओडिशा के खेलमंत्री ने Asian Games में रजत जीतने वाले जेना को सम्मानित किया https://nishpakshjanavlokan.in/Sports-Minister-of-Odisha-honored-Jena-who-won-silver-in-Asian-Games https://nishpakshjanavlokan.in/Sports-Minister-of-Odisha-honored-Jena-who-won-silver-in-Asian-Games भुवनेश्वर। ओडिशा के खेल और युवा कार्यमंत्री तुषारकांति बहेड़ा ने हांगझोउ एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाले भालाफेंक खिलाड़ी किशोर कुमार जेना को सम्मानित किया। जेना ने एशियाई खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 87 . 54 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक जीता और पेरिस ओलंपिक के लिये भी क्वालीफाई कर दिया।

ओलंपिक चैम्पियन नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पदक जीता था। बहेड़ा ने कलिंगा खेल परिसर में जेना को सम्मानित किया। इस मौके पर हॉकी प्रवर्तन परिषद के अध्यक्ष दिलीप टिर्की, खेल निदेशक सिद्धार्थ दास, ओडिशा ओलंपिक संघ और खेल विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। बहेड़ा ने कहा ,‘‘ जेना के कड़े परिश्रम और लगन ने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। उसने पिछले कुछ साल में एक खिलाड़ी के तौर पर काफी प्रगति की है। मुझे यकीन है कि वह पेरिस ओलंपिक में ओडिशा और भारत का नाम रोशन करेगा।

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Wed, 18 Oct 2023 11:07:17 +0530 YogeshJai
इस सप्ताह बंद रहने वाले हैं बैंक, जानें कब है Dusshera की छुट्टी https://nishpakshjanavlokan.in/Banks-are-going-to-remain-closed-this-week https://nishpakshjanavlokan.in/Banks-are-going-to-remain-closed-this-week भारत में त्योहारों का सीजन चालू हो गया है। त्योहारों के दौरान कई दिनों के लिए बैंकों में छुट्टी भी रहेगी। आने वाले त्योहारों के सीजन में बैंक कुछ दिनों के लिए बंद रहने वाले। ऐसे में बैंक संबंधित जो भी जरूरी काम है उन्हें बैंक बंद होने से पहले ही निपटा लें।

दरअसल इस वर्ष दशहरे के मौके पर कई शहरों में लॉन्ग वीकेंड पढ़ने वाला है। लॉन्ग वीकेंड होने के कारण संभावना है कि बैंक चार दिनों के लिए बंद हो सकते हैं। ऐसे में बैंक ग्राहकों को बैंक से जो भी जरूरी काम है वह दशहरे की छुट्टियां शुरू होने से पहले ही निपटा लें ताकि छुट्टियों के दौरान किसी तरह की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े। 

बता दें कि अक्टूबर के महीने में कई त्योहार और सरकारी छुट्टियां पड़ रही है। इस दौरान गांधी जयंती, महालया, कटी बिहू, दुर्गा पूजा, दशहरा समित कई त्यौहार है। इन त्योहारों के दौरान बैंक में छुट्टी रहेगी और बैंक बंद रहेंगे। इस दौरान ऑफलाइन मोड में बैंकों में किसी तरह का काम नहीं किया जाएगा। हालांकि ग्राहकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन सर्विस उपलब्ध रहेगी।

माना जा रहा है कि बैंक 21 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक दशहरे के जौहर को देखते हुए बंद रहेंगे। हालांकि अलग-अलग राज्यों में यह छुट्टियां भिन्न हो सकती है। जानकारी के मुताबिक त्रिपुरा, असम और बंगाल समेत कई राज्यों में लगातार चार दिनों तक बैंक बंद रहने वाले हैं और बैंकों की छुट्टी रहेगी। इस दौरान ऑफलाइन मोड पर कामकाज पूरी तरह ठप्प रहेगा। बता दें कि 21 अक्टूबर को दुर्गा पूजा, 22 अक्टूबर को रविवार, 23 अक्टूबर को दशहरा, विजयादशमी और 24 को दशहरा के मद्देनजर छुट्टी रहने वाली है। 

वहीं कई राज्यों में 25 से 28 अक्टूबर तक रहेगी छुट्टी

सिक्किम स्थित बैंकों में आगामी 25 और 28 अक्टूबर छुट्टी रहने वाली है। यहां दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा को देखते हुए बैंकों की छुट्टी रहेगी। वहीं कर्नाटक, ओडिशा, केरल, बंगाल, बिहार, झारखंड, मेघालय, उत्तर प्रदेश में भी छुट्टी लंबी होगी। यहां 22 से 24 अक्टूबर तक बैंक अवकाश होगा। 

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Wed, 18 Oct 2023 11:04:56 +0530 YogeshJai
गाजा के अस्पताल में विस्फोट, सैकड़ों लोगों की मौत, हमास और इजराइल का एक&दूसरे पर आरोप https://nishpakshjanavlokan.in/Gaza-hospital-explosion,-hundreds-of-people-killed,-Hamas-and-Israel-blame-each-other https://nishpakshjanavlokan.in/Gaza-hospital-explosion,-hundreds-of-people-killed,-Hamas-and-Israel-blame-each-other गाजा के एक अस्पताल में हुए भीषण विस्फोट में सैकड़ों लोगों की मौत हो गई। इस अस्पताल में पहले से घायल मरीजों की भरमार थी और अन्य फलस्तीनी नागरिक भी यहां शरण लिए हुए थे।हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी।

हमास ने इसे इजराइल का हवाई हमला बताया जबकि इजराइल की सेना ने आरोप लगाया कि फलस्तीनी आतंकवादियों द्वारा दागे गए रॉकेट के निशाना चूकने से यह विस्फोट हुआ। मंत्रालय ने बताया कि कम से कम 500 लोग मारे गए हैं।

अस्पताल में हुए विस्फोट के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति जो. बाइडन की पश्चिम एशिया की यात्रा रद्द हो गई है। बाइडन की इस यात्रा से युद्ध से उत्पन्न संकट के समाधान की उम्मीद थी।

जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उनके देश ने अम्मान में बुधवार को होने वाले क्षेत्रीय शिखर सम्मेलन को रद्द कर दिया है, जिसमें बाइडन जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय, फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से मुलाकात करने वाले थे।

जॉर्डन के विदेश मंत्री ऐमन सफादी ने सरकारी टेलीविजन को बताया कि इजराइल और हमास के बीच युद्ध ने ‘‘क्षेत्र को संकट के कगार पर धकेल दिया है’’। उन्होंने कहा कि जॉर्डन शिखर सम्मेलन का आयोजन तभी करेगा जब सभी इस बात पर सहमत होंगे कि इसका उद्देश्य ‘‘युद्ध को रोकना’’, फलस्तीनियों की मानवता का सम्मान करना और उन्हें मदद का उनका वाजिब हक प्रदान करना होगा।

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि बाइडन अब सिर्फ इजराइल का दौरा करेंगे। अल-अहली अस्पताल में हुए विस्फोट के बाद चारों ओर हृदयविदारक दृश्य दिखाई दिए। इससे संबंधित एक वीडियो में चारों ओर क्षत-विक्षत शव बिखरे दिखे जिनमें ज्यादातर शव बच्चों के थे। चारों ओर कंबल, बच्चों के स्कूल बैग और अन्य सामान बिखरा दिखा।

हमास ने अस्पताल में मंगलवार को हुए विस्फोट को ‘‘अत्यंत भयावह नरसंहार’’ करार दिया है और कहा है कि यह इजराइली हमले के कारण हुआ। इजराइल की सेना ने इसके लिए इस्लामिक जिहाद पर आरोप लगाया है और हमास के लिए काम करने वाले कट्टरपंथी फलस्तीनी आतंकवादी समूह को जिम्मेदार ठहराया है।

सेना ने कहा कि इस्लामिक जिहाद के आतंकवादियों ने अस्पताल के पास कई रॉकेट दागे और ‘‘कई सूत्रों से मिली खुफिया जानकारी’’ से संकेत मिलता है कि यह संगठन इस घटना के लिए जिम्मेदार है। पत्रकारों से बातचीत में सेना के मुख्य प्रवक्ता रियर एडमिरल डेनियल हगारी ने कहा कि सेना को यह पता लगा है कि विस्फोट के समय क्षेत्र में कोई हवाई, जमीनी या नौसैन्य हमला नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि रडार ने विस्फोट के समय दागे गए रॉकेट का पता लगाया और आतंकवादी समूहों के बीच हुए संचार से संकेत मिलता है कि इस्लामिक जिहाद ने रॉकेट दागे थे। सैकड़ों फलस्तीनियों ने गाजा सिटी में अल-अहली और अन्य अस्पतालों में शरण ली थी। उन्हें उम्मीद थी कि यहां शरण लेने से वे बमबारी से बच जाएंगे।

अल-शिफा अस्पताल के निदेशक मोहम्मद अबु सेलमिया ने बताया कि एंबुलेंस और निजी कारों में करीब 350 घायलों को अल-अहली से गाजा सिटी के मुख्य अस्पताल अल-शिफा लाया गया, जहां पहले से ही हमले में घायल हुए लोगों की तादाद अधिक है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अल-अहली अस्पताल में विस्फोट से पहले गाजा पर इजराइल के हमले में कम से कम 2,778 लोगों की मौत हुई है और 9,700 लोग घायल हुए हैं।

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Wed, 18 Oct 2023 11:01:02 +0530 YogeshJai
President Draupadi Murmu आज तीन दिवसीय दौरे पर बिहार आएंगी https://nishpakshjanavlokan.in/President-Draupadi-Murmu https://nishpakshjanavlokan.in/President-Draupadi-Murmu राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बिहार के तीन दिवसीय दौरे पर बुधवार को पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे पटना पहुंचेंगी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अपनी इस तीन दिवसीय यात्रा के दौरान राष्ट्रपति बिहार के कृषि रोड मैप के चौथे संस्करण का उद्घाटन करेंगी और राज्य के दो केंद्रीय विश्वविद्यालयों और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स-पटना) में दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी।

राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद यह राज्य की उनकी पहली यात्रा होगी। राष्ट्रपति बुधवार को पूर्वाह्न करीब साढ़े 11 बजे पटना हवाई अड्डे पर उतरेंगी और कृषि रोड मैप का उद्घाटन करने के लिए सीधे गांधी मैदान के पास बापू सभागार जाएंगी। राष्ट्रपति के बिहार दौरे से पहले सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

राष्ट्रपति भवन की ओर से मंगलवार को जारी एक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति बुधवार को पटना में बिहार के चौथे कृषि रोड मैप (2023-2028) कार्यक्रम की शुरुआत करेंगी। राष्ट्रपति 19 अक्टूबर को मोतिहारी में महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी।

उसी दिन वह राजभवन में बिहार के विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के सदस्यों के साथ बातचीत करेंगी। शाम को राष्ट्रपति पटना में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पहले दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी।

बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति 20 अक्टूबर को दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी। बुधवार को कृषि रोड मैप कार्यक्रम में भाग लेने के बाद राष्ट्रपति का गुरु गोविंद सिंह की जन्मस्थली पटना साहिब में तख्त श्री हरिमंदिर साहिब जाने का कार्यक्रम है।

बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव और अन्य कैबिनेट सहयोगी भी बिहार के कृषि रोड मैप के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। कृषि उत्पादन और किसानों की आय में सुधार के लिए मुख्यमंत्री की पहल पर 2007 में राज्य का पहला कृषि रोड मैप शुरू किया गया था

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Wed, 18 Oct 2023 10:47:46 +0530 YogeshJai
इजराइल के आदेश के बाद फलस्तीनियों का उत्तरी गाजा से पलायन https://nishpakshjanavlokan.in/israel--war https://nishpakshjanavlokan.in/israel--war इजराइल की सेना ने कम से कम दस लाख फलस्तीनियों को उत्तरी गाजा को खाली करके सुदूर दक्षिण की ओर जाने को कहा है, जिसके बाद फलस्तीन के लोगों ने बड़ी संख्या में क्षेत्र से पलायन शुरू कर दिया है। इजराइल की चेतावनी के बीच, जमीनी कार्रवाई की आशंका बढ़ गई है। इजराइल की ओर से शुक्रवार को जारी हमलों के बीच लोग कार, ट्रक और खच्चरों पर परिजनों के अलावा जरूरत का कुछ सामान लाद कर दक्षिण में मुख्य सड़कों की तरफ निकल पड़े। फलस्तीन के आतंकवादी संगठन हमास की मीडिया टीम ने कहा कि युद्धक विमानों ने दक्षिण की ओर जा रही कारों को निशाना बनाया, जिससे उनमें सवार 70 से अधिक लोग मारे गए। इजराइल की सेना ने कहा कि उसके सैनिकों ने आतंकवादियों के सफाए के लिए गाजा में अस्थायी छापे मारे और लगभग एक सप्ताह पहले इजराइल पर हमास के हमले के बाद अगवा किए गए लगभग 150 लोगों की तलाश की।

सेना ने अपने निकासी आदेश में कहा कि उसकी योजना गाजा सिटी के आसपास के इलाके में जमीन के नीचे बने हमास के ठिकानों को निशाना बनाने की है। लेकिन फलस्तीन और मिस्र के अधिकारियों को आशंका है कि इजराइल वास्तव में गाजा के लोगों को मिस्र के साथ लगती दक्षिणी सीमा से बाहर निकालना चाहता है। संयुक्त राष्ट्र ने इजराइल से अपने इस निर्देश को वापस लेने का आग्रह किया है। लेकिन इजराइल की सेना ने कहा कि उसने गाजा सिटी के आसपास हमास के भूमिगत ठिकानों को निशाना बनाने की योजना बनाई है। हमास ने लोगों से निकासी निर्देश पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। गाजा में परिवारों के बीच क्षेत्र में रुकने या वहां से चले जाने को लेकर अनिश्चितता की स्थिति है। इजराइली बलों ने पड़ोस के बड़े हिस्से को तबाह कर दिया है और गाजा में भोजन, पानी और चिकित्सा आपूर्ति बंद कर दी है।

गाजा सिटी में ‘पैलेस्टीनियन रेड क्रीसेंट’ की प्रवक्ता नेबाल फारसाख ने रुंधे गले से कहा, ‘‘भोजन के बारे में भूल जाइए, बिजली-ईंधन के बारे में भूल जाइए। इस वक्त की चिंता बस यही है कि क्या आप जिंदा रहने वाले हैं।’’ गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि सप्ताह भर से जारी युद्ध में क्षेत्र के लगभग 1,900 लोग मारे गए हैं। वहीं, इजराइल सरकार ने कहा कि हमास के हमलों में 1,300 से अधिक इजराइली मारे गए हैं, जिनमें से अधिकतर नागरिक थे। सरकार के अनुसार, युद्ध में लगभग 1,500 हमास आतंकवादी भी मारे गए हैं। दक्षिणी इजराइल में हमास के हमले के बाद शुक्रवार को इजराइल ने गाजा में छापे मारे। सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि इजराइली सैनिक छापे मारने के बाद चले गए। सेना की यह कार्रवाई उस जमीनी कार्रवाई की शुरुआत नहीं प्रतीत हुई, जिसकी आशंका व्यक्त की जा रही थी।

इजराइली सेना की ओर से उत्तरी गाजा को खाली करने का निर्देश देने के बाद क्षेत्र में इजराइल की ओर से जमीनी कार्रवाई किए जाने की आशंका बढ़ गई है। इजराइल गाजा सीमा पर सैनिकों की संख्या बढ़ा रहा है। हालांकि, अभी जमीनी हमले पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार रात अपने संबोधन में कहा, ‘‘हम हमास को नष्ट कर देंगे।’’ हमास ने कहा कि गाजा पट्टी पर इजराइल की ओर से की गई भारी बमबारी में 13 बंधकों की मौत हो गई, जिनमें विदेशी भी शामिल हैं। वहीं, इजराइली सेना के प्रवक्ता रियर एडमिरल डेनियल हैगारी ने हवाई हमलों में बंधकों के मारे जाने की खबर को खारिज किया है। इजराइल में जनता सैन्य कार्वाई के पक्ष में है। इजराइली टीवी स्टेशनों ने ‘‘साथ में हम जीतेंगे’’ और ‘‘साथ में मजबूत होंगे’’ जैसे नारों के साथ विशेष प्रसारण की शुरुआत की है।

वहीं, वेस्ट बैंक में फलस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि शुक्रवार को 16 फलस्तीनी मारे गए, जिसके बाद वहां जान गंवाने वाले फलस्तीनियों की संख्या बढ़कर 51 हो गई है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि इजराइली सेना ने नागरिकों को सुदूर दक्षिण की ओर जाने को कहा है, जिससे 11 लाख लोग प्रभावित होंगे। अगर इस पर अमल हुआ तो इसका अर्थ है कि क्षेत्र की पूरी आबादी को 40 किलोमीटर लंबी पट्टी के दक्षिण के आधे हिस्से में गुजर-बसर करनी होगी्। इजराइली सेना के प्रवक्ता जोनाथन कॉनरिकस ने कहा कि ‘‘नागरिकों को नुकसान नहीं पहुंचे, सेना इसके पूरे प्रयास करेगी’’ और युद्ध समाप्त होने पर लोगों को लौटने की अनुमति होगी। इजराइल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने कहा कि इजराइल हमास आतंकवादियों और नागरिकों को अलग करना चाहता है। अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने कहा, ‘‘तो जो लोग अपनी जान बचाना चाहते हैं, कृपया करके दक्षिण की ओर चले जाएं।’’

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि यह असंभव है कि ऐसा अभियान बिना मानवीय त्रासदी के पूरा हो जाए।’’ हमास के मीडिया कार्यालय ने कहा कि गाजा सिटी से दक्षिण की ओर जाते समय तीन स्थानों पर कारों पर हवाई हमले किए गए, जिनमें 70 लोग मारे गए। हमलों पर इजराइली सेना की ओर से तत्काल कोई बयान नहीं आया है। संयुक्त राष्ट्र ने अनुमान व्यक्त किया है कि शुक्रवार रात से लेकर अब तक उत्तरी क्षेत्र से हजारों लोगों ने पलायन किया है।

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Sun, 15 Oct 2023 03:35:49 +0530 YogeshJai
उत्तराखंड में पार्वती कुंड, जागेश्वर मंदिर अवश्य देखें: नरेन्द्र मोदी https://nishpakshjanavlokan.in/उत्तराखंड-में-पार्वती-कुंड-जागेश्वर-मंदिर-अवश्य-देखें-नरेन्द्र-मोदी https://nishpakshjanavlokan.in/उत्तराखंड-में-पार्वती-कुंड-जागेश्वर-मंदिर-अवश्य-देखें-नरेन्द्र-मोदी हाल में उत्तराखंड के कुमांऊ दौरे से लौटे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आदि कैलाश एवं जागेश्वर धाम यात्रा उनके जीवन की ऐतिहासिक यात्राओं में शामिल हो गई है। यह बात प्रधानमंत्री ने स्वयं अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर साझा की। पार्वती कुंड एवं जागेश्वर धाम यात्रा से मंत्रमुग्ध मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “यदि कोई मुझसे पूछे-आपको उत्तराखंड में एक जगह अवश्य देखनी चाहिए तो वह कौन सी जगह होगी, तो मैं कहूंगा कि आपको राज्य के कुमाऊं क्षेत्र में पार्वती कुंड और जागेश्वर मंदिर अवश्य देखने चाहिए। प्राकृतिक सुंदरता और दिव्यता आपको मंत्रमुग्ध कर देगी।” अपने दूसरे पोस्ट में प्रधानमंत्री ने लिखा, “बेशक, उत्तराखंड में घूमने लायक कई प्रसिद्ध जगहें हैं और मैंने भी अक्सर उत्तराखंड का दौरा किया है। इसमें केदारनाथ और बदरीनाथ के पवित्र स्थान शामिल हैं जो सबसे यादगार अनुभव हैं।

लेकिन, कई वर्षों के बाद पार्वती कुंड और जागेश्वर मंदिर में लौटना विशेष रहा।’’ प्रधानमंत्री के पोस्ट के जवाब में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों की ओर से उनका आभार प्रकट करते हुए लिखा, “आदरणीय प्रधानमंत्री जी, आपके कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में देवभूमि उत्तराखंड धार्मिक, आध्यात्मिक एवं साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में नित नए आयाम स्थापित कर रहा है। आपकी दूरदृष्टि के अनुरूप रोड, रेल और रोपवे निर्माण के माध्यम से श्रद्धालुओं के आवागमन को सुविधाजनक बनाया जा रहा है।’’ धामी ने लिखा, “प्रधानमंत्री जी के आदि कैलाश, पार्वती कुंड और जागेश्वर धाम के ऐतिहासिक भ्रमण से न केवल इन पवित्र स्थलों को नई पहचान मिली है बल्कि स्थानीय लोगों की समृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है।

मानसखंड मंदिर माला मिशन को वैश्विक पहचान दिलाने एवं देवभूमि उत्तराखण्ड के प्रति आपके असीम स्नेह एवं प्रेम हेतु समस्त प्रदेशवासियों की ओर से आभार। ’’ प्रधानमंत्री बृहस्पतिवार को पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा के दौरे पर आए थे जहां उन्होंने 14 हजार फीट से अधिक की उंचाई पर स्थित आदि कैलाश चोटी के दर्शन और पार्वती कुंड के किनारे स्थित प्रा्चीन शिव मंदिर में पूजा की थी। अपने एक दिवसीय दौरे में वह 124 मंदिरों के समूह जागेश्वर धाम भी गए थे।

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Sun, 15 Oct 2023 03:32:15 +0530 YogeshJai
Bigg Boss 17 | होने जा रहा बिग बॉस 17 का धमाकेदार आगाज, मेकर्स नें हॉलीवुड स्टाइल में बनाया घर, शतरंज थीम वाला कमरा | https://nishpakshjanavlokan.in/bigg-boss-17-होने-जा-रहा-बिग-बॉस-17-का-धमाकेदार-आगाज-मेकर्स-नें-हॉलीवुड-स्टाइल-में-बनाया-घर-शतरंज-थीम-वाला-कमरा https://nishpakshjanavlokan.in/bigg-boss-17-होने-जा-रहा-बिग-बॉस-17-का-धमाकेदार-आगाज-मेकर्स-नें-हॉलीवुड-स्टाइल-में-बनाया-घर-शतरंज-थीम-वाला-कमरा बिग बॉस के आने वाले संस्करण को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह है। सलमान खान के शो बिग बॉस सीजन 17 को 15 अक्टूबर से आपकी टीवी स्क्रीन पर दिखाया जाएगा। हालाँकि, निर्माताओं ने बीबी हाउस की तस्वीरें जारी कर दी हैं और वे इंतजार के लायक हैं।

बिग बॉस 17 के घर की तस्वीरें बेहद शानदार हैं। इस बार लिविंग रूम को यूरोपियन स्ट्रीट का रूप दिया गया है। प्रिंटेड कालीन खूबसूरत लग रहे हैं। इस सीज़न में, कन्फेशन रूम भी राक्षसी लग रहा है। यह गेम ऑफ थ्रोन्स और हैरी पॉटर सेट जैसा दिखता है। बिग बॉस में पहली बार एक नया कमरा भी पेश किया गया है। प्रोमो के मुताबिक, यह वह जगह है जहां प्रतियोगियों को वह सब कुछ देखने को मिलेगा जो उनकी पीठ पीछे कहा जा रहा है। इसके अलावा एंट्री गेट ही यह साबित करता है कि यह घर पूरी तरह से शाही है। बिग बॉस 17 के प्रतियोगियों के लिए पूल के चारों ओर बैठने की व्यवस्था की गई है। न केवल बीबी घर बल्कि इस सीज़न की थीम भी दिलचस्प लग रही है। यह युगल बनाम एकल थीम वाला संस्करण है।

बिग बॉस 17 के प्रतियोगी

बिग बॉस लवर्स की एक्साइटमेंट को दोगुना करने के लिए मेकर्स ने शो का नया प्रोमो जारी किया है। इसके साथ ही उन्होंने न सिर्फ बिग बॉस के नए घर का परिचय दिया है, बल्कि कंफर्म कंटेस्टेंट की लिस्ट भी सामने आ गई है। बिग बॉस के घर में करीब 17 सेलेब्स 105 दिनों तक बंद रहने के लिए एंट्री करेंगे।

बिग बॉस 17 में जोड़ियां आएंगी

अंकिता लोखंडे और विक्की जैन

ऐश्वर्या शर्मा और नील भट्ट

ईशा मालवीय और अभिषेक कुमार

बिग बॉस 17 में सिंगल प्रतियोगियों की एंट्री होगी

मुनव्वर फारूकी

अनुराग डोभाल उर्फ यूके राइडर

मन्नारा चोपड़ा

जिग्ना वोरा

सनी आर्य उर्फ तहलका शरारत

मनस्वी ममगई

ऋषि धवन

शो का नया सीजन 15 अक्टूबर से कलर्स टीवी पर प्रसारित होगा। हाँ! बिग बॉस 17 के ग्रैंड प्रीमियर में बस एक दिन बचा है।

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Sun, 15 Oct 2023 03:29:25 +0530 YogeshJai
Israel Palestine conflict के कारण महंगे हो सकते है TV&Refrigerator, जल्दी कर लें खरीददारी https://nishpakshjanavlokan.in/israel-palestine-conflict-के-कारण-महंगे-हो-सकते-है-tv-refrigerator-जल्दी-कर-लें-खरीददारी https://nishpakshjanavlokan.in/israel-palestine-conflict-के-कारण-महंगे-हो-सकते-है-tv-refrigerator-जल्दी-कर-लें-खरीददारी इजराइल और फिलीस्तीन के बीच युद्ध जारी है जिसका असर अब अन्य देशों पर भी पड़ने लगा है। ईरान-लेबनान जैसे देशों की इस वॉर में शामिल होने की संभावना तेज हो गई है जिसके बाद युद्ध की लंबा खिंच जाने की संभावना भी बढ़ गई है। हाल ही में रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के बाद अब इसराइल और फिलीस्तीन के बीच युद्ध के कारण भारत जैसे कई देशों में महंगाई की मार का सामना करना पड़ सकता है। 

भारत जैसे देश में महंगाई बढ़ने की संभावना काफी प्रबलता के साथ तेज हो गई है। रूस और यूक्रेन के बीच हुए युद्ध के कारण गेहूं, चावल और अन्य खाद्य उत्पादों की कीमतें वैश्विक स्तर पर काफी बढ़ गई थी। इजराइल और फिलिस्तीन के बीच शुरू हुए युद्ध के कारण तेल की कीमतों पर असर देखने को मिल सकता है। कच्चे तेल की कीमत में इजाफा होने के कारण लोगों के घर का बजट भी गड़बड़ा सकता है। 

बता दें कि 14 अक्टूबर को ब्रेंट क्रूड 2 डॉलर बढ़कर 87 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया था। संभावना जताई जा रही है कि ईरान भी इस युद्ध में शामिल हो सकता है जिसके बाद तेल की कीमतों में इजाफा काफी अधिक बढ़ सकता है। ईरान कच्चे तेल का प्रमुख उत्पादक है और अगर वह युद्ध में शामिल होता है तो तेल की कीमतों में इजाफा होना तय है। 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर यह युद्ध अधिक दिनों तक खींचता है तो कई चीजों के दाम बढ़ सकते हैं। ऐसे में स्मार्ट टेलीविजन, वॉशिंग मशीन और अन्य वस्तुओं की कीमतों में इजाफा देखने को मिल सकता है। हालांकि भारत में इन चीजों के दाम पर असर नहीं होगा।

जानें क्यों नहीं होगा भारत पर असर
भारत में भी युद्ध का असर देखने को मिल सकता है। हालांकि त्योहारी सीजन के लिए भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स का सामान पर्याप्त मात्रा में उपलप्ध है। ऐसे में इलेक्ट्रॉनिक्स सामान के दाम बढ़ने की संभावना नहीं है। हालांकि युद्ध के कारण कच्चे तेल के दाम बढ़ सकते हैं जिससे प्लास्टिक समेत अन्य सामान पर मंहगाई की मार पड़ेगी।

इन चीजों पर होगा असर
युद्ध के कारण भारत जैसे देशों में कुछ चीजों पर असर देखने को मिलेगा। इसमें रोजमर्रा और जरुरत का सामान शामिल है। एफएमसीजी सेक्टर की वस्तुओं के दामों में बढ़ोतरी हो सकती है। इससे लोगों की जेब पर भी अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। लोगों के घर का बजट भी गड़बड़ा सकता है।

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Sun, 15 Oct 2023 03:25:29 +0530 YogeshJai
World Cup: इतिहास को रखा बरकरार, वर्ल्ड कप में भारत ने पाकिस्तान को आठवीं बार किया चित, रोहित फिर चमके https://nishpakshjanavlokan.in/World-Cup https://nishpakshjanavlokan.in/World-Cup वर्ल्ड कप 2023 में बहु प्रतिशत भारत-पाकिस्तान महा मुकाबले में आज टीम इंडिया ने जबर्दस्त जीत हासिल की है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में टॉस जीतकर कप्तान रोहित शर्मा ने पहले पाकिस्तान को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। हालांकि, अच्छी शुरुआत मिलने के बावजूद भी भारतीय गेंदबाजों के सामने पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने घुटने टेक दिए और महज 191 रन ही बना पाए। भारत को जीत के लिए 192 रन बनाने थे और इसे भारत ने 30.3 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। भारत ने शुरुआत से ही पाकिस्तान पर आक्रमण बनाए रखा। कप्तान रोहित शर्मा ने तेज तर्रार पारी खेलते हुए भारत को एक मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था। रोहित शर्मा ने 63 गेंदों में 6 चौके और 6 छक्कों की मदद से 86 रन बनाए। 

डेंगू से वापसी कर रहे शुभमन गिल ने आज के मैच में कुछ खास कमाल नहीं किया। लेकिन कहीं ना कहीं एक अच्छी शुरुआत देने में अहम भूमिका निभाई। शुभमन गिल ने 16 रन बनाए जबकि विराट कोहली भी 16 रन पर आउट हुए। रोहित शर्मा ने एक छोर को संभाले रखा। भारत की ओर से श्रेयस अय्यर की भी शानदार पारी देखने को मिली। अय्यर ने 53 रन की पारी खेली। इसके साथ ही भारत ने उस इतिहास को बरकरार रखा है जिसमें एकदिवसीय विश्व कप में उसे कभी भी पाकिस्तान से हार नहीं मिली है। अब तक विश्व कप के आठ मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान पर बुलंद जीत हासिल की है। पाकिस्तान की ओर से शाहीन अफरीदी ने दो सफलताएं हासिल की जबकि हसन अली को एक विकेट मिला।

इससे पहले मोहम्मद सिराज और जसप्रीत बुमराह की अगुवाई में अपने गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने विश्व कप के बहु प्रतीक्षित मुकाबले में पाकिस्तान को 42.5 ओवर में 191 रन पर आउटकर दिया। वनडे विश्व कप में भारत के खिलाफ पाकिस्तान का यह दूसरा न्यूनतम स्कोर है। इससे पहले 1999 में पाकिस्तानी टीम 180 रन पर आउट हो गई थी। नयी गेंद संभालने वाले सिराज और बुमराह ने अपनी लैंग्थ में बदलाव करके सीम का पूरा फायदा उठाते हुए पाकिस्तान के मध्यक्रम को निस्तेज कर दिया और विश्व कप में भारत की चिर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ आठवीं जीत का मार्ग प्रशस्त किया। कुलदीप यादव ने सऊद शकील (छह) और इफ्तिखार अहमद (चार) को लगातार आउट करके पाकिस्तान की परेशानियां और बढा दी। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी के रोहित शर्मा के फैसले पर कई भृकुटियां तनी होगी लेकिन भारत ने शुरू ही से मैच पर दबाव बनाये रखा। पाकिस्तान के लिये कप्तान बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान ने तीसरे विकेट के लिये 82 रन जोड़े लेकिन उनके अलावा कोई साझेदारी नहीं बना सका। 

बाबर ने 58 गेंद में 50 और रिजवान ने 69 गेंद में 49 रन बनाये। सिराज ने पाकिस्तानी कप्तान को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ा। बाबर के आउट होते ही पूरा नरेंद्र मोदी स्टेडियम उल्लास से मानों उछल पड़ा। एक लाख दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट से आसमान गुंजायमान हो गया। रिजवान को बुमराह ने आफ कटर पर आउट किया। पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाजों अब्दुल्ला शफीक (20) और इमामुल हक (36) ने अच्छी शुरूआत की। सिराज ने शफीक को पगबाधा आउट करके भारत को पहली सफलता दिलाई। तीसरे गेंदबाज के रूप में आये हार्दिक पंड्या को कुछ चौके लगे लेकिन उन्होने इमाम को पवेलियन भेजा। बाबर और रिजवान के क्रीज पर रहने तक पाकिस्तान की स्थिति मजबूत लग रही थी लेकिन एक विकेट ने जज्बात बदल दिये और हालात भी बदल दिये।

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Sun, 15 Oct 2023 03:22:22 +0530 YogeshJai
'अबकी बार सौ पार', एशियन गेम्स में भारत ने बदला 72 साल का इतिहास, पहली बार 100 मेडल https://nishpakshjanavlokan.in/अबकी-बार-सौ-पार-एशियन-गेम्स-में-भारत-ने-बदला-72-साल-का-इतिहास-पहली-बार-100-मेडल https://nishpakshjanavlokan.in/अबकी-बार-सौ-पार-एशियन-गेम्स-में-भारत-ने-बदला-72-साल-का-इतिहास-पहली-बार-100-मेडल भारत ने एशियन गेम्स में पहली बार 100 मेडल का आंकड़ा छू करके इतिहास रच दिया है। एशियन गेम्स 2023 के 13वें दिन भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने जापान को 5-1 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। वहीं रेसलिंग में सोनम मलिक और किरण के ब्रॉन्ज जीतने के साथ ही भारत एशियाई खेलों में 100 मेडल के पार पहुंच गया है। 

भारत अब तक हांगझोऊ एशियन गेम्स में 95 मेडल जीत चुका है, जबकि उसके 7 अन्य मेडल पक्के हो चुके हैं। बस उनका रंग यानी गोल्ड, सिल्वर या ब्रॉन्ज तय होना बाकी है। भारत एशियन गेम्स में अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 70 मेडल को पहले ही पार कर चुका है। लेकिन अब भारत का एशियन गेम्स में पहली बार 100 पदकों का आंकड़ा छूना और भी खास होगा। 

बता दें कि, एशियन गेम्स की शुरुआत में भारत के लिए 100 मेडल का आंकड़ा असंभव सा लग रहा था। लेकिन भारत की घुड़सवारी, सेलिंग और रोइंग में चौंकाने वाली जीतों और शूटिंग और एथलेटिक्स में मेडल की बौछार ने भारत को पहली बार एशियाई खेलों में मेडल के शतक तक पहुंचने में मदद की। 

साथ ही इस एशियाई गेम्स में भारत ने सर्वाधिक 29 मेडल एथलेटिक्स से जीते, जिनमें से 6 गोल्ड, 14 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके बाद भारत को 22 मेडल निशानेबाजी से मिले, जिनमें 7 गोल्ड, 9 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज शामिल हैं। 

घुड़सवारी में भारत ने 42 साल बाद गोल्ड जीता। वहीं बैडमिंटन टीम स्पर्धा में भी भारत ने ऐतिहासिक सिल्वर मेडल अपने नाम किया। 

अभी तक एशियन गेम्स में भारत के कुल मेडल 95 मेडल, 7अन्य मेडल तय

कंपाउंड तीरंदाजी में 3 मेडल- शनिवार को पुरुषों की व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में अभिषेक वर्मा का सामना ओजस प्रवीण देवतले से होगा, इसलिए भारत को इसमें गोल्ड या सिल्वर मिलना तय है। इसके साथ ही ज्योति सुरेखा वेन्नम महिला व्यक्तिगत फाइनल में खेलेंगी और उनको स्वर्ण या सिल्वर मिलना तय है। 

कबड्डी में 2 मेडल: भारतीय पुरुष और महिला दोनों ने फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है। इसमें 2 मेडल पक्के हैं। 

बैडमिंटन में एक मेडल: सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी भी कम से कम ब्रॉन्ज मेडल जीतेंगे। और शनिवार को सेमीफाइनल में मलेशियाई जोड़ी आरोन चिया और सोह वूई यिक का सामना करेंगे। 

पुरुष क्रिकेट में 1 मेडल: ऋतुराज गायकवाड़ की टीम ने सेमीफाइनल में बांग्लादेश पर नौ विकेट की आसान जीत के साथ फाइनल में जगह बनाई है।

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Fri, 06 Oct 2023 20:36:05 +0530 YogeshJai
मोबाइल यूज करने पर उंगलियों में होता है दर्द और सूजन तो समझिए आपको भी है ‘ट्रिगर फिंगर’ बीमारी https://nishpakshjanavlokan.in/मोबाइल-यूज-करने-पर-उंगलियों-में-होता-है-दर्द-और-सूजन-तो-समझिए-आपको-भी-है-ट्रिगर-फिंगर-बीमारी https://nishpakshjanavlokan.in/मोबाइल-यूज-करने-पर-उंगलियों-में-होता-है-दर्द-और-सूजन-तो-समझिए-आपको-भी-है-ट्रिगर-फिंगर-बीमारी
डिजिटलीकरण के युग में स्मार्टफोन, टैबलेट और टच स्क्रीन का बोलबाला है।  यह सब चीजें हमारी जिंदगी का एक हिस्सा बना गई हैं, इसके बिना रहना बेहद मुश्किल होता जा रहा है। अगर आप काम-काज की वजह से दिनभर मोबाइल, लैपटाप पर काम करते हैं तो आपको एक गंभीर बीमारी घेर सकती है। दुनिया में लगभग 2ः लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं, लेकिन वह इस सबसे अंजान हैं।


मोबाइल फोन का कम करें इस्तेमाल


दरअसल मोबाइल फोन को ज्यादा इस्तेमाल करने से हाथ की उंगलियों में ‘ट्रिगर फिंगर’ नामक समस्या दिखने लगती है, जिससे उंगलियों में दर्द, सूजन और कड़ापन का कारण बनती है। अगर आपको भी अपना अंगूठा अकड़ा हुआ महसूस हो, उंगलियों में भी जकड़न सी हो या यूं ही काम करते करते अंगूठा तेज दर्द के साथ मुड़ जाए और फिर उसे सीधा करना आसान न हो, तो यह  ‘ट्रिगर फिंगर’ के संकेत हो सकते हैं। ऐसे में मोबाइल फोन का कम से कम इस्तेमाल करने की कोशिश करें। 

क्या है ‘ट्रिगर फिंगर’ 

ट्रिगर थम्ब या ट्रिगर फिंगर्स वह स्थिति है जब अंगूठे या उंगलियों के टेंडन में किसी कारण से सूजन आ जाती है। टेंडन बारीक धागे जैसे होते हैं जो मांसपेशियों को हड्डी से जोड़े रखते हैं। ये लचीले होते हैं और मजबूत फाइबर कोलेजन ऊतकों से बने होते हैं। ट्रिगर थम्ब की स्थिति में अंगूठा जोड़ के पास से मुड़ जाता है और क्लिक की आवाज के साथ वापस सीधा हो पाता है। साथ ही तेज दर्द भी महसूस होता है। 

ट्रिगर फिंगर के लक्षण

सुबह उठते ही उंगलियों में कड़ापन सा महसूस होना।
उंगली के हिलाने पर टिक-टिक की आवाज आना।
प्रभावित उंगली के नीचे हथेली में दर्द या फिर गांठ महसूस होना। 
कभी-कभी उंगली का अचानक से मुड़ जाना। 

ये लक्षण किसी भी उंगली या अंगूठे में दिख सकते हैं। 

ट्रिगर फिंगर होने के कारण

-डायबटीज, आर्थराइटिस जैसी समस्याओं से ग्रसित लोगों में देखने को मिल रही है ये समस्या
-पुरुषों की तुलना में महिलाओं में यह समस्या ज्यादा होती है।
- जोर से उंगलियों का इस्तेमाल करने पर आते ही नसों में सूजन।                                                                              -मोबाइल, लैपटॉप, वीडियो गेम जैसी चीजों का लगातार उपयोग भी इसका कारण बन सकता है।

ट्रिगर फिंगर का क्या है इलाज

-सबसे पहले जिस काम की वजह से आपके अंगूठे या उंगली पर प्रेशर पड़ रहा है उसे कुछ समय के लिए बन्द कर दें।
-उंगली या अंगूठे को कवर करने वाले या सहारा देने वाले स्पलिंट्स का प्रयोग करें। 
- बॉल को प्रेस करने, अंगूठे और उंगली को मिलाकर ओ बनाने, उंगलियों को मोड़कर गिनती जैसी  एक्सरसाइज करें।
- अपने शुगर लेवल को कंट्रोल रखें, वजन को संतुलित रखें व यूरिक एसिड का स्तर भी चेक करवाएं।

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Fri, 06 Oct 2023 20:28:01 +0530 YogeshJai
9 साल पुराना झगड़ा खत्म करते हुए सलमान खान के घर पहुंचे अरिजीत सिंह https://nishpakshjanavlokan.in/9-साल-पुराना-झगड़ा-खत्म-करते-हुए-सलमान-खान-के-घर-पहुंचे-अरिजीत-सिंह https://nishpakshjanavlokan.in/9-साल-पुराना-झगड़ा-खत्म-करते-हुए-सलमान-खान-के-घर-पहुंचे-अरिजीत-सिंह
हाल ही में गायक अरिजीत सिंह को मुंबई के बांद्रा इलाके में बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के परिसर में देखा गया। गायक को एमपीवी में बैठकर सलमान के घर जाते हुए देेखा गया। सलमान के एक फैन ने यह वीडियो एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर किया। लगभग एक दशक पहले एक पुरस्कार समारोह में गायक और अभिनेता के बीच झगड़ा हो गया था, उस पुरस्कार समारोह के होस्ट सलमान खान थे। अरिजीत ने आशिकी 2 एल्बम में अपनी आवाज के लिए सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक का पुरस्कार जीता था।


समारोह में सर्वश्रेष्ठ गायक की घोषणा हुई, लेकिन, अरिजीत मंच पर देर से पहुंचे और सलमान ने उनका मजाक उड़ाया, जिस पर अरिजीत ने लापरवाही से जवाब दिया, ष्सर, आप लोग इतनी देर कर देते हैं। यह तेरे नाम अभिनेता को पसंद नहीं आया और तभी दोनों के बीच रिश्ते खराब हो गए। इसके बाद अरिजीत ने सलमान से कई बार टेक्स्ट करके माफी मांगी क्योंकि उनकी दो फिल्में चली गई थीं। उन्हें बजरंगी भाईजान में मौका नहीं दिया गया। सुल्तान में उनके जग घूमेया संस्करण को राहत फतेह अली खान को दे दिया गया।


बाद में अरिजीत ने 2016 में फेसबुक पर सलमान से रिश्ता सुधारने के लिए सार्वजनिक माफी मांगी, लेकिन जल्द ही इसे हटा लिया और तब से वह चुप हैं।
अरिजीत शायद हिंदी फिल्म उद्योग के एकमात्र कलाकार हैं, जिनके सलमान के साथ अच्छे संबंध नहीं होने के बावजूद उनके करियर को कोई नुकसान नहीं हुआ।अरिजीत को सलमान के घर पर देखे जाने से ऐसा लगता है कि दोनों ने नौ साल बाद झगड़े को खत्म कर लिया है। संगीतकार प्रीतम चक्रवर्ती की मध्यस्थता में एक सहयोग की संभावना है, जो सलमान की अगली फिल्म टाइगर 3 के लिए संगीत तैयार कर रहे हैं। प्रीतम लगभग 20 वर्षों से अरिजीत के गुरु हैं।

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Fri, 06 Oct 2023 20:22:31 +0530 YogeshJai
रूस की सनक से विश्व शांति को खतरा& संजीव ठाकुर https://nishpakshjanavlokan.in/रूस-की-सनक-से-विश्व-शांति-को-खतरा-संजीव-ठाकुर https://nishpakshjanavlokan.in/रूस-की-सनक-से-विश्व-शांति-को-खतरा-संजीव-ठाकुर
अमेरिका और चीन फिर आमने-सामने आ गए है, इस बार कोई अंतरराष्ट्रीय मुद्दा ना होकर ताइवान के मामले को लेकर अमेरिका और चीन में बेहद तनाव बढ़ गया है। पहले अमेरिका ने ताइवान के बारे में चीन को स्पष्ट बता दिया था कि विस्तार वादी नीति के कारण चीन को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा, उधर रूस-यूक्रेन युद्ध में पूरा विश्व चिंतित और परेशान है खासकर यूरोप अमेरिका और ब्रिटेन इन्हें चिंता सता रही है कि कहीं पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ परमाणु बम का इस्तेमाल किया तो उसका प्रभाव ज्यादातर यूरोपीय देशों में पड़ने की संभावना होगी और फिर पलटवार से विश्व युद्ध की संभावना बलवती हो जाएगी।

 वहीं दूसरी तरफ वर्तमान में चीन ने सख्त रुख अपनाते हुए अमेरिका को चेतावनी दे डाली है कि वह अपने हितों की रक्षा करने में किसी भी तरह की रियायत नहीं करने वाला हैस चीन ने कहा कि वह अपने अंदरूनी मामले में किसी को दखलंदाजी नहीं करने देगा एवं अपने हितों की रक्षा करना अच्छे से जानता है,चीन ने कहा कि ताइवान को लेकर अमेरिका पूरे विश्व में गलत संदेश प्रसारित करते आ रहा है। ताइवान के मामले में चीन किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा, उल्लेखनीय है कि चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग बेनबिन एक बार फिर चीन के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा है कि ताइवान उनका हिस्सा है और चीन अपने हितों की रक्षा करना अच्छे से जानता है वह इतना सक्षम है कि किसी भी देश से मुकाबला करने के लिए तैयार है। यह विदित हो कि हाल ही में चीन ने ताइवान पर अपना नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से उस पर बलपूर्वक कब्जा करने की धमकी दी थीस विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि ताइवान का मामला पूर्णता उनका अंदरूनी मामला है।

 ऐसे में विदेशी दखलअंदाजी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जावेगी, कुछ दिन पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बयान दिया था कि अगर चीन ताइवान पर हमला करता है तो हम निश्चित तौर पर ताइवान की मदद करेंगे, क्योंकि ताइवान की रक्षा करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान को ताइवान के प्रशासक तथा आम जनता ने गर्मजोशी से स्वागत किया था, पूरी दुनिया ने इस बात का समर्थन भी किया था। चीन ने अपने जवाब में जबरदस्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ताइवान के मुद्दे पर समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है। अमेरिका गलत संदेश देना बंद करें क्योंकि चीन अपने आंतरिक हितों की रक्षा करने में कोई भी रियायत नहीं करेगा। अक्टूबर 2020 में चीन ने ताइवान पर बड़ा हमला किया था चीन के लगभग 200 लड़ाकू विमान ताइवान की सीमा पर घुस गए थे और इसके बाद चीन तथा ताइवान में तनाव चरम सीमा पर पहुंच गया था चीन ताईवान को अपने देश का एक हिस्सा मानता है और ताइवान इसका जबरदस्त विरोध करता है। इसके पूर्व चीन ने ताइवान पर बलपूर्वक कब्जा करने की सार्वजनिक रूप से धमकी दी थी और चीन बहुत पहले से कहता आ रहा है कि ताइवान का मामला पूरी तरह चीन का अंदरूनी मामला है और इसमें किसी भी देश की दखलअंदाजी के लिए भी सरसों में स्वीकार नहीं की जावेगी।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि ताइवान के मामले में किसी भी रियायत की कोई गुंजाइश नहीं है। चीन अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए चीनी लोगों की मजबूत जनता दृढ़ विश्वास एवं प्रतिबद्धता पर किसी को संदेह नहीं होना चाहिए। इसके पूर्व अफगानिस्तान में तालिबानियों द्वारा अमेरिकी सैनिकों की युद्ध के समय तालिबानियों की मदद की घोषणा की थी और तालिबान राज्य बनने के बाद चीन लगातार अफगानिस्तान में तालिबानियों की आर्थिक मदद कर रहा है। उधर प्रशांत महासागर तथा हिंदी चाइना महासागर पर ऑस्ट्रेलिया, जापान, अमेरिका और भारत की नौसेना ने लगातार चीन की बढ़ती दखलंदाजी को कम करने के लिए क्वाड सम्मेलन करते आ रहे हैं। वैसे भी चीन की जिस विस्तार वादी नीति से एशिया के देश तथा अन्य देश अंदर ही अंदर बहुत विरोध भी करते हैं। चीन ने नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, पाकिस्तान,और श्रीलंका, तालिबान को आर्थिक मदद देकर अपना गुलाम बना लिया है। किंतु भारत से उसकी परंपरागत दुश्मनी अभी तक चली आ रही है।

अमेरिका के बाद चीन ही सामरिक तथा आर्थिक ताकत बना हुआ है। पर किसी न किसी देश को हमेशा परेशान ही करता आया है। चीन की बढ़ती ताकत को देखते हुए अमेरिका उसे अपने से बड़ी ताकत मानने से इंकार कर उसका हर संभव विरोध भी करता आया है और यह वैश्विक सामरिक संतुलन बनाने के लिए जरूरी भी है क्योंकि चीन अपने अंदरूनी मामलों में एक तानाशाही राज्य का रूप ले चुका है और यदि वह वैश्विक ताकत बनता है तो अंतरराष्ट्रीय शांति को खतरा हो हो सकता है। इसीलिए आंचलिक संतुलन बनाने हेतु भारत तथा अमेरिकी संयुक्त रक्षा प्रणाली की आवश्यकता होगी।

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Fri, 06 Oct 2023 20:19:53 +0530 YogeshJai
बुंदेलखंड के लिए परिवर्तनकारी सिद्ध होगी केन&बेतवा लिंक परियोजना &   विष्णु दत्त शर्मा https://nishpakshjanavlokan.in/बुंदेलखंड-के-लिए-परिवर्तनकारी-सिद्ध-होगी-केन-बेतवा-लिंक-परियोजना-विष्णु-दत्त-शर्मा https://nishpakshjanavlokan.in/बुंदेलखंड-के-लिए-परिवर्तनकारी-सिद्ध-होगी-केन-बेतवा-लिंक-परियोजना-विष्णु-दत्त-शर्मा
बुंदेलखंड की दो दशक पुरानी आस अब पूरी हो रही है। 18 साल से लंबित केन-बेतवा लिंक परियोजना का शुभारंभ क्षेत्र की प्यास के बुझने के साथ ही जीवन बदलने का ऐतिहासिक पड़ाव भी है। चार दशक से बुंदेलखंड की जनता को जिस दिन का बेसब्री से इंतजार था,वह दिन  अब आ गया है। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल जी ने देश में 37 नदियों को आपस में जोड़कर जल संकट को दूर करने का बीड़ा उठाया था, उसमें केन-बेतवा लिंक परियोजना भी थी, उसे अब  मूर्त रूप मिल गया है। यह भारत की पहली नदी जोड़ो परियोजना है। इसको अंतर्राज्यीय नदी हस्तांतरण मिशन के लिये एक मॉडल योजना के रूप में माना जाता है। लेकिन दुर्भाग्य से अटल जी के बाद की यूपीए सरकार ने इसमें रुचि नहीं दिखायी। हालांकि बुन्देलखंड की दुर्दशा पर राजनीतिक रोटियाँ जरुर सेकीं।

 अटल जी ने नदियों को जोड़ने की जो परिकल्पना की थी, उनमें से केन-बेतवा पहला लक्ष्य था। देश में जल के संकट से सर्वाधिक प्रभावित बुन्देलखंड का ही क्षेत्र था, जिसका निदान मानवता की माँग थी। स्वाधीन भारत में सर्वाधिक राजनीतिक रोटियाँ बुंदेलखंड के पिछड़ेपन पर ही सेकी गईं। राजनीतिक पर्यटकों ने इसकी दुर्दशा की तस्वीरों को देश-विदेश में भी खूब प्रचारित किया, लेकिन जिनके हाथों में सात दशक तक इसके तकदीर की चाभी थी, उन्होंने उससे हर बार छल किया और बुंदेलखंड की दशा जस की तस बनी रही। जिस बुंदेलखंड की वीरता की गाथाएँ साहस देती हैं, वही बुंदेलखंड पानी के समर में कई दशकों से मात खाता रहा। उजड़ते गाँव और पलायन बुंदेलखंड की त्रासदी का वृतांत बताते हैं। बुंदेलखंड की जनता के जीवन में हर दिन अंधकार और अधिक घना होता गया और सपनों के सौदागर उन्हें सब्जबाग दिखाते रहे।

कड़वा सच है कि विगत दशकों में बुन्देलखंड से करोड़ों लोग पलायन कर गये। पशुधन को बचाना, कृषि कार्य करना, जीवन के लिए जरूरी पानी जैसी समस्याएँ बुन्देलखंड की नसीब बन गयीं और जन-जीवन में और अँधेरा छाता चला गया। लेकिन अब  बुंदेलखंड के इतिहास में  नया सवेरा आने वाला है। जल, वन-भूमि साझाकरण और अधिग्रहण में आने वाली कठिनाईयों से जूझ रही केन-बेतवा लिंक परियोजना अब शुरू हो रही है। इस महान परियोजना की अनेक अड़चनें दूर हुईं और विश्व जल दिवस पर 8 मार्च को प्रधानमंत्री की उपस्थिति में यूपी और एमपी सरकारों ने इसके लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। सारी बाधाओं को पार कर अब मोदी सरकार ने 45 हजार करोड़ वाली केन-बेतवा लिंक जैसी बहुप्रतीक्षित परियोजना को जमीन पर उतार कर यहाँ समाज-जीवन की सरलता के सारे मार्ग प्रशस्त कर दिये हैं। इस परियोजना में 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार देगी और शेष मध्यप्रदेश व उत्तर प्रदेश वहन करेंगे। इसके तहत केन नदी से बेतवा नदी में पानी भेजा जाएगा और 221 किलोमीटर लंबी संपर्क नहर निकाली जाएगी, जो झांसी के निकट बरुआ में बेतवा नदी को जल उपलब्ध कराएगी।

केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट से नॉन मानसून सीजन (नवंबर से अप्रैल के बीच) में क्रमशः मध्यप्रदेश को 1834 तथा उत्तर प्रदेश को 750 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मिल सकेगा। इसका लाभ मध्य प्रदेश में बुंदेलखंड के छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, सागर और दतिया के साथ-साथ शिवपुरी, विदिशा और रायसेन सहित अन्य जिलों को भी मिलेगा। केन-बेतवा लिंक कार्य के पूरा हो जाने से जहां 8 लाख 11 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा पहुंचाई जा सकेगी, वहीं 41 लाख लोगों को सहज तौर पर पीने का पानी मिल पाएगा। बुंदेलखंड में आने वाले उत्तर प्रदेश के 2 लाख 52 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाईं और पेयजल की सुविधा भी इससे मिल सकेगी। बाद में 103 मेगा वाट पनबिजली और 27 मेगावाट सौर ऊर्जा भी पैदा की जा सकेगी। भले ही देश में जल-संकट पर छिटपुट चर्चाएँ होती रहीं हों परन्तु यह एक अटल सत्य है कि 1999 में एनडीए सरकार बनने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल जी ने ही पहली बार नदी जोड़ो परियोजना पर काम शुरू किया था। उस समय एक टॉस्क फोर्स का गठन करके आधारभूत कार्य किया गया। इस टॉस्क फोर्स ने देश की नदियों का वर्गीकरण करके एक रूपरेखा रखी कि किन नदियों को जोड़कर देश को पानी की समस्या से मुक्ति दिलाई जा सकती है। हालांकि बीच में यह योजना ठंडे बस्ते में डाल दी गई लेकिन अब यहां की जनता का जीवन बदलने का रास्ता खुल गया है।

मोदी सरकार ने  केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए राष्ट्रीय जल विकास प्राधिकरण को इसकी कमान सौंपी तथा प्राधिकरण की मॉनिटरिंग का जिम्मा केंद्रीय जल संसाधन मंत्री को दिया । इसके लिए अप्रैल 2015 में एक स्वतंत्र कार्यबल भी गठित किया था। अब  देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना के रूप में केन-बेतवा लिंक प्रारंभ हो रही है और बुंदेलखंड की जनता का भी सपना पूरा हो रहा है।बुंदेलखंड की जीवन रेखा केन-बेतवा लिंक परियोजना अब यहां युगांतकारी परिवर्तन लाएगी। जल-संकट खत्म होने के साथ ही महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा। उन्हें मीलों सिर पर पानी ढोने से निजात मिलेगी। पानी की उपलब्धता से स्वच्छता बढ़ेगी और उनका स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा।

 इस परियोजना से बुंदेलखंड में सामाजिक-सांस्कृतिक-आर्थिक स्तर ऊँचा होगा। नहरों का विकास होगा, पनबिजली से सस्ती बिजली मिलेगी तथा वनीकरण भी बढ़ेगा। आर्थिक समृद्धि आने से जीवन बदलेगा और बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहरों के प्रति रुझान बढ़ेगा तो पर्यटन उद्योग भी निखरेगा। खाद्य सम्पन्नता और रोजगार के अवसर मिलेंगे तो पलायन पर विराम लगेगा।आज जिस बुंदेलखंड की पहचान अकाल और सूखा की है, वह बुंदेलखंड भविष्य में हरियाली से पहचाना जाएगा। जो बुंदेलखंड गरीबी से जाना जाता है,वह समृद्ध बुंदेलखंड बनेगा और भविष्य में अपने गौरवशाली अस्मिता के साथ सारी दुनिया को आकर्षित करेगा।

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Fri, 06 Oct 2023 20:13:58 +0530 YogeshJai
आज का राशी फल 6&10&2023 https://nishpakshjanavlokan.in/आज-का-राशी-फल-7-6-2023 https://nishpakshjanavlokan.in/आज-का-राशी-फल-7-6-2023 मेष:- कल्पनाओं में जीना छोड़ भौतिक जगत के अनुरूप चलने का प्रयत्न करें। शिक्षा-प्रतियोगिता के दिशा में परिश्रम तीव्र होगा। कुछ आर्थिक प्रगति के लिए मन में नई-नई युक्तियाँ उत्पन्न होंगी। 
बृषभ:- रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर उत्साह का संचार करेंगे, परन्तु आवेश में लिया गया निर्णय हानिकारक हो सकता है। जो बीत गयी उसे भूल वर्तमान में जीने की चेष्ठा करें। 
मिथुन:- दूसरों की सफलता से अपने अन्दर हीन भावना ना पाले। नौकरी का वातावरण थोड़ा अरुचिकर और स्थान परिवर्तन के भी योग हैं। किसी सहकर्मी खराब व्यवहार से कष्ट संभव। 
कर्क:- प्रयासरत कोई महत्वपूर्ण कार्य हल होने से मन प्रसन्न होगा। कार्य क्षेत्र में अपनी क्षमताओं का भरपूर लाभ उठाने का समय आ गया है। किसी विपरीत लिंगी सम्बन्ध में आकर्षण बढ़ेगा। 
सिंह:- नाजुक सम्बन्धों मे भावनात्मक ताल-मेल बिठाने का प्रयत्न करें। नये कायां के क्रियान्वयन के लिए प्रयत्न तीव। भावनात्मक अभिब्यक्ति सम्बन्धों मधुरता बढ़ेगी। कुछ नये उत्साह की अनुभूति करेंगे।
कन्या:- पुरानी घटनाओं के स्मरण से मन को कष्ट संभव। दूसरों की आलोचना का अपने मनोबल पर असर न पड़ने दें। ग्रहों की अनुकूलता से प्रगति के अच्छे अवसर मिलेंगे। 
तुला:- योजनाओं के फलीभूत होने से मन प्रसन्न होगा। कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने में मन दुविधाग्रस्त होगा। विरोधियों की प्रबलता से कार्य क्षेत्र में कठिनाईयाँ संभव। जीविका क्षेत्र में नए आयाम उत्साहित करेंगे। 
वृश्चिक:- आसीम प्रतिभाओं के बावजूद भी हीन मन प्रतिभाओं के लाभ से वन्चित होगा, अतरू इसे सुधारें। रोजगार की समस्याओं को लेकर मन चिन्तित होंगा। मन आपसी तालमेल बैठाने में असमर्थ होगा। 
धनु:- दूसरों की बात इधर से उधर करना आपको शोभा नही देता। कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने में मन दुविधाग्रस्त होग। परिवारिक संबंधों में कटुता पैदा न होने दें। किसी बड़ी यात्रा के प्रति मन उत्साहित होगा। 
मकर:- अपनी क्षमताओं व गुणवत्ता पर भरोसा रखें आगे बहुत सारी सफलताएं मिलेंगी। पुराने संबंधी से आकस्मिक भेंट संभव। रोजगार में सफलता के योग हैं। पारिवारिक दायित्वों की पूर्ति में व्यय संभव। 
कुंभ:- कल्पनाएं व आकांक्षाएं अपनी सार्थकता हेतु आपको उद्वेलित करेंगी। राजनैतिक सरगर्मियाँ आपकी व्यस्तता बढ़ाएंगी। मित्रवत संबंधों का लाभ प्राप्त होगा। आर्थिक परेशानी पैदा हो सकती हैं। 
मीन:- कोई महत्वपूर्ण आकांक्षा अपनी सार्थकता हेतु आपको उद्वेलित करेंगी। अपकी सारी समस्याएं खुद ब खुद सुलझ जाएंगी। थोड़ धैर्य पूर्वक वक्त का इन्तजार करें। स्वास्य के प्रति सचेत रहें

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Fri, 06 Oct 2023 20:10:13 +0530 YogeshJai
पाकिस्तान के बाद अब कनाडा भी बना भारत की परेशानियों का सबब &&संजीव ठाकुर https://nishpakshjanavlokan.in/पाकिस्तान-के-बाद-अब-कनाडा-भी-बना-भारत-की-परेशानियों-का-सबब-संजीव-ठाकुर https://nishpakshjanavlokan.in/पाकिस्तान-के-बाद-अब-कनाडा-भी-बना-भारत-की-परेशानियों-का-सबब-संजीव-ठाकुर
स्वतंत्रता के बाद से ही चीन और पाकिस्तान भारत के लिए स्थाई सिरदर्द बने हुए हैंस पिछले दो दशक से अब कनाडा भी भारत के लिए परेशानी का सबक बन गया है। कनाडा शुरू से खालिस्तानी आतंकवादियों का केंद्र रहा है भारत में खालिस्तानी आतंकवाद को जन्म देने के लिए और भारत को अशांत करने के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आई,एस,आई उसे हर तरह की मदद ट्रेनिंग और आर्थिक मदद देता आ रहा है। खालिस्तान के आतंकवादियों को कनाडा के वीजा से पाकिस्तान गए पनाह देकर आतंकवादी गतिविधियों की ट्रेनिंग देता आया है इसके अलावा वह उन्हें फंडिंग भी करता है, कनाडा अपने राजनीतिक हित में आतंकवादियों और पाकिस्तान का अपने देश खुलकर साथ दे रहा है। यह तो कर विदित है कि चीन पाकिस्तान का भी वित्तपोषक है, और चीन से प्राप्त अरबों डॉलर की मदद का बड़ा हिस्सा अपनी सेना के बजट में शामिल करता है और पाकिस्तान आर्मी अपनी खुफिया एजेंसी की मदद से भारत में अन्य आतंकवादी संगठनों के साथ खालिस्तान आतंकवादियों को भी उकसाकर आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देता है। भारत लगातार कनाडा तथा खालिस्तानी आतंकवादियों की गतिविधियों को उजागर कर संयुक्त राष्ट्र संघ की सभा में अपनी आवाज उठाता रहा है पर कनाडा पाकिस्तान और चीन के कान में जून तक नहीं रेंगती है। ड्रैगन एशिया की शांति के साथ वैश्विक शांति के लिए भी बहुत बड़ा खतरा बना हुआ है फिर चाहे दोस्ती का मामला हो या दुश्मनी का,चीन भारत का परंपरागत दुश्मन है ही और गाहे-बगाहे वह भारत की सीमा पर अतिक्रमण करता रहता है।इसी तरह ड्रैगन अपने छोटे-छोटे मित्र राष्ट्रों को जिनकी वह मदद करता है उनके कई क्षेत्रों में कब्जा जमा चुका है, इसका सबसे बड़ा एवं ताजा उदाहरण श्रीलंका है। श्रीलंका चीन के कारण कंगाली के कगार पर पहुंच चुका था, अब पाकिस्तान की बारी है वह अब बाल्टीस्तान को पाकिस्तान से कई वर्षों के लिए अपनी दी गई उधारी के बदले लीज पर लेने वाला है वह भी पूरी तरह से कंगाल हो चुका है। पाकिस्तान की हैसियत अब चीन से लिए गए कर्जे को वापस करने की रह नहीं गई है कि इन परिस्थितियों में पाकिस्तानी सरकार ने चीन के सामने घुटने टेक दिए हैं, अब पाकिस्तान चीन की हर शर्त मानने को तैयार है। नेपाल तथा बांग्लादेश भी चीन की दादागिरी से त्रस्त हैंस चीन के लिए लद्दाख तथा हिमाचल प्रदेश में घुसपैठ का अनुकूल समय आने वाला है, वर्षा ऋतु तथा ठंड उसके लिए घुसपैठ का अनुकूल समय होता है ।भारत को सीमा पर चीन तथा पाकिस्तान से उसे सावधानी रखनी होगी तब जाकर देश की रक्षा हो सकेगी, अब ड्रैगन का एक ही सिद्धांत है विस्तार वाद और वह भी किसी भी कीमत पर,अब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक डिक्टेटर की तरह चीन के प्रशासन को हंटर से चला रहे है और विदेश नीति में वह अत्यंत लालची, विस्तार वादी हो गया है। चीन पिछले कई दशक से अपनी आर्थिक तथा सामरिक शक्ति को बढ़ाने में लगा हुआ है। और इसी आर्थिक तथा युद्ध कला की शक्ति पर वह कई देशों को अपने कुत्सित इरादों के चलते खुलेआम धमकी भी देने लगा है। इजराइल फिलिस्तीन युद्ध के समय उसने फिलिस्तीन का साथ देते हुए इजरायल तथा अमेरिका को स्पष्ट तौर पर धमकाया था, कि युद्ध यदि आगे बढ़ा और अमेरिका ने इस युद्ध में दखल दिया तो अमेरिका बुरी तरह हार का मुंह देखेगा। चीन के प्रवक्ता ने यह भी कहा था कि इस युद्ध में अमेरिका की मुस्लिम देशों के प्रति उदारवादी मानव अधिकार की नीति कहां अचानक गायब हो गई,ऐसे में इसराइल तथा अमेरिका की चीन खुलेआम खिलाफत करता रहा है। चीन ने मूल रूप से चीन सागर तथा अरब सागर में अपने आप सामरिक बेड़े तथा समुद्री जहाजों को भेजकर वैश्विक स्तर पर अमेरिका फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, जापान, मलेशिया, भारत,तथा अन्य पड़ोसी देशों में अशांति तथा भय का वातावरण बना दिया था ।चीन के समुद्री सीमा पर कई देशों की सीमाओं के अतिक्रमण के फल स्वरुप अमेरिका, फ्रांस, जापान तथा भारत इन 4 देशों में चीन के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण क्वाड सम्मेलन पिछले कुछ माह पहले आयोजित किया था। जिसमें इन 4 देशों ने आपसी सहयोग कर अरब चीन तथा प्रशांत महासागर में चीन की दादागिरी तथा विस्तार वादी नीति को नियंत्रण में रखने के लिए अनेक समझौते किए, और इसके पश्चात नौसैनिक संयुक्त अभ्यास भी किए थे, इस नौसैनिक अभ्यास तथा संयुक्त समझौते ने चीन को चैकन्ना कर दिया था। एवं भारत की रूस से पुरानी दोस्ती में खलल डालने का भी प्रयास चीन सरकार द्वारा किया गया,चीन नहीं चाहता है कि रूस अपना वरदहस्त भारत पर रखें। और इसी के चलते उसने लद्दाख की भूमि पर अतिक्रमण करने की कोशिश की थी,पर भारत की सामरिक शक्ति ने उसके इस बाहुबली प्रयास को नेस्तनाबूद कर दिया था। चीन अपनी आर्थिक तथा सामरिक ताकत के बल पर अमेरिका को सीधी टक्कर देने की स्थिति में आ गया है। और वह बाकी देशों को अपने बताए गए निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य करना चाहता है। इस स्थिति में 4 देशों का क्वाड सम्मेलन चीन की सामरिक ताकत के खिलाफ एक सशक्त मुहिम मानी गई है,विगत दिनों चीन ने बांग्लादेश को स्पष्ट धमका कर कह दिया है कि यदि बांग्लादेश क्वाड सम्मेलन के किसी भी देश अथवा समुद्री सीमा पर उनकी मदद करेगा, तो चीन से बुरा कोई नहीं होगा। चीन में भूटान, नेपाल,बांग्लादेश तथा पाकिस्तान की सीमा पर भूमि को आधिपत्य में लेकर अपने कई सामरिक गांव बना लिए हैं,और चीन सागर पर वह अपनी सामरिक गतिविधि तेज कर चुका है। मलेशिया तथा इंडोनेशिया के समुद्री क्षेत्र में वह अतिक्रमण कर चुका है। चीन अपने कुल मिलाकर 18 पड़ोसी देशों की समुद्री सीमा तथा भूमि पर कब्जा जमाने के जुगत में कई जगह अतिक्रमण कर चुका है। वह अपनी विस्तार वादी नीति को आर्थिक समृद्धि एवं सामरिक शक्ति के दम पर पूरे विश्व में अपनी ताकत तथा शक्ति का प्रदर्शन करना चाहता है, बड़े देशों में अमेरिका, फ्रांस,ऑस्ट्रेलिया,इंग्लैंड चीन के सीधे निशाने पर है। वहीं अमेरिका चीन के साथ कई हुए समझौतों को विगत दिनों वर्तमान राष्ट्रपति जो वार्डन के नेतृत्व में बर्खास्त कर चुका है। इससे यह तो स्पष्ट हो गया कि अमेरिकी नवीन प्रशासन चीन की विस्तार वादी नीतियों को भापकर उसका खुला विरोध कर रहा है। और इस विरोध की आग में घी का काम इजराइल फिलिस्तीन युद्ध में अमेरिका द्वारा इजराइल को समर्थन देकर कर दियास
पिछले कई वर्षों से चीन भारत की सैन्य शक्ति को सदैव कम करने तथा उसकी घेराबंदी का प्रयास करता रहा हैस और इसी कोशिश के अंतर्गत वह पाकिस्तान जैसे भारत के दुश्मन देश को परमाणु अस्त्र मिसाइल, आधुनिक तकनीक तथा युद्ध की सामग्री मुहैया कराता रहा है,और ऐसे देश जो भारत का थोड़ा बहुत भी विरोध करते हैं उन्हें वह राजनीतिक आर्थिक तथा सैन्य सहायता प्रदान करने से नहीं चूकतास और यह प्रयास पड़ोसी देशों में भारत के प्रभाव तथा संप्रभुता को कम करने के प्रयास के अंतर्गत होता है। और इस बात के कई सबूत तथा प्रमाण हैं, कि भारत के विरोध में चीन पाकिस्तान की मदद से श्रीलंका, नेपाल तथा बांग्लादेश में भारत विरोधी तत्वों का साथ देता आया है। चीन नई वैश्विक व्यवस्था मैं अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया जापान, रूस से ऊपर सिरमौर बनना चाहता है ।उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्वाड समूह को अत्यंत संकीर्ण उद्देश्य वाला ग्रुप करार कर दिया है। चीन के कारण वियतनाम तथा फिलिपिंस की समुद्री इलाके में चीनी नौसेना की घुसपैठ से हमेशा तनाव बना रहता है,और समुद्री सीमा पर उल्लंघन के मामलों का अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले का सदैव चीन उल्लंघन कर फैसले की धज्जियां उड़ाई गई हैं। क्वाड देश अभी तक अपना उद्देश्य एक दूसरे से सैन्य सहयोग पर केंद्रित रखे हुए हैं। और चीन की 18 देशों में घुसपैठ तथा चीन की वैश्विक नई व्यवस्था के विस्तार वादी मंसूबों के कारण अब इन चार देशों को अन्य एशियाई देशों में भी विस्तारित करना होगा, वरना चीन अपनी विस्तार वादी तथा दादागिरी को अपना हक समझकर अशांति फैलाने का काम करता रहेगा। जो वैश्विक का अशांति का मूल कारण बन सकता है।

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Thu, 05 Oct 2023 07:21:42 +0530 YogeshJai
आज का राशिफल 5&10&2023 https://nishpakshjanavlokan.in/Horoscope https://nishpakshjanavlokan.in/Horoscope
मेष:- मधुरवाणी से संबंधों में प्रगाढ़ता बढ़ेगी। जीविका क्षेत्र में लाभ के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। पारिवारिक दायित्वों की समय से पूर्ति हेतु प्रयत्नशील होंगे। जीवन साथी के स्वास्य का ध्यान रखें।

 बृषभ मन प्रसन्न व उत्साहित रहेगा। प्रियजनों का सानिध्य प्राप्त होगा। महत्वपूर्ण कार्य सार्थक होने का योग है। नौकरी का वातावरण सुखद होगा। शिक्षा-प्रतियोगिता की दिशा में परिश्रम तीव्र होगा।

मिथुन:- आर्थिक क्षेत्र में आप कुछ नई योजनाओं को सार्थक करेंगे। कोई व्यक्तिगत संबंध परिवार में विवाद का कारण बन सकता है। प्रणय संबंधों को लेकर मन में चिंता होगी। 

कर्क:- पूर्वाग्रहवश मन में किसी प्रकार की शंका न पालें। गलतियों को स्वीकारते हुए सगे-संबंधों में क्षमायाचक बने और शांत भाव से अच्छे कायरे द्वारा उसकी प्राश्चित भी करें। 

सिंह:- पुरानी गलतियों से सीख लेते हुए वर्तमान को सुधारें। परिवार को सुव्यवस्थित चलाने में आपका विशेष योगदान होगा। किसी संबंध को लेकर पूरे परिवार के विरोध का सामना करना पड़ेगा। 

कन्या:- मन ढ़ेर सारे पूर्वाग्रहों से प्रभावित होगा। पुरानी बातों कों भूलकर वर्तमान के साथ समझौता करें। मन पर नियंतण्ररख कर्त्तव्यनिष्ठ बने। जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद संभव। 

तुला:- आज सकारात्मक सोच को अपनाते हुए जीवन को सही दिशा की ओर केंद्रित करें। पुरानी घटनाओं के स्मरण से मन को कष्ट संभव। 

वृश्चिक:- आज परिजनों के सुख-दुख से प्रभावित मन परिवार को एकजुट रखने में केंद्रित होगा। 

धनु:- निराशावादी विचारों को त्याग आशावादी बनें। नाजुक संबंधों के बीच भावनात्मक कष्टों को भूल वर्तमान को बेहतर बनायें। परिवार में खुशहाल माहौल रहेगा। 

मकर:- मन सुंदर विचारो से सिंचित होगा। धार्मिक व पारंपरिक कायरें की ओर मन केंद्रित होगा। नये कायरें में संलग्नता से लाभ संभव। आलस्य का त्याग करें। 

कुंभ:- अपने सुख-दुख को छोड़ परिजनों के सुख के बारे में सोचें। सामान्य दिनर्चया के साथ बीत रहे जीवन में उत्साह का अभाव रहेगा। नयी आकांक्षाएं मन को उद्वेलित करेंगी। पुराने संबंधों में प्रगाढ़ता बढ़ेगी। 

मीन:-:- किसी अचल सम्पत्ति को लेने की योजना बन सकती है। कार्यक्षेत्र के किसी सहकर्मी से मतभेद संभव। धनागम की नयी युक्तियों पर मन केंद्रित होगा। जीवन साथी का भावनात्मक स्नेह प्राप्त होगा। 

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Thu, 05 Oct 2023 07:17:18 +0530 YogeshJai
सेहत के दुश्मन ई&सिगरेट को लेकर सख्त हुए नियम, इसका कश शरीर पर इस तरह करता है वार https://nishpakshjanavlokan.in/Rules-become-stricter-regarding-e-cigarettes,-the-enemy-of-health,-its-puff-attacks-the-body-in-this-way https://nishpakshjanavlokan.in/Rules-become-stricter-regarding-e-cigarettes,-the-enemy-of-health,-its-puff-attacks-the-body-in-this-way
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ किया है कि ई-सिगरेट और इसी तरह के उपकरणों को किसी भी रूप या मात्रा में रखना इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम (पीईसीए) 2019 का उल्लंघन है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार यह कानून सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में और लोगों को नुकसान से बचाने के लिए बनाया गया है। इससे पहले भी सरकार ई-सिगरेट बेचने वाली 15 वेबसाइट को  ऐसे उत्पादों का विज्ञापन और बिक्री बंद करने को कह चुकी है।

अब लगेगा भारी जुर्माना

मंत्रालय ने कहा कि पीईसीए में ई-सिगरेट के व्यक्तिगत उपयोग पर प्रतिबंध का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है, लेकिन ई-सिगरेट के उत्पादन, निर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री, वितरण, भंडारण और विज्ञापन पर रोक लगाने के लिए कानून बनाया गया है। इसलिए देश के भीतर किसी भी मात्रा में ई-सिगरेट रखना संभव नहीं है। प्रतिबंध में ई-हुक्का और इसी तरह के उपकरणों पर रोक शामिल है। दरअसल भारी जुर्माने और कारावास के प्रावधान बावजूद ई-सिगरेट तंबाकू विक्रेताओं, जनरल स्टोर और ऑनलाइन मंचों सहित विभिन्न स्रोतों में व्यापक रूप से उपलब्ध होने की सूचना है। 

स्वाश्स्थ्य मंत्रालय ने शुरु किया ऑनलाइन पोर्टल

स्वास्थ्य मंत्रालय ने पीईसीए के तहत उल्लंघनों के बारे में सूचित करने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है। युवाओं के बीच ई-सिगरेट के इस्तेमाल में व्यापक बढ़ोतरी को लेकर सरकार ने भी चिंता जताई है। मई में, मंत्रालय ने अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया था। बाद में जुलाई में मंत्रालय ने ई-सिगरेट बेचने वाली 15 वेबसाइट को ऐसे उत्पादों का विज्ञापन और बिक्री बंद करने को कहा था। 

कैसे काम करती है ई-सिगरेट

ई-सिगरेट एक ऐसी डिवाइस है जो बैटरी चार्ज करने पर काम करती है। इसमें निकोटिन और हानिकारक रसायन तरल रूप में एक रिफिल में होते हैं। जिन्हें डिवाइस में फिट किया जाता है। इसके चलते जब कश लगाते हैं तो हीटिंग डिवाइस इसे गर्म करके भाप में बदल देती है। इसलिए इसे स्मोकिंग नहीं वेपिंग कहते हैं। इसका सीधे तौर पर छाती और मस्तिष्क पर  बुरा असर पड़ता है। अगर आपके बच्चे के कपड़े, उनके मुंह और उनकी सांसो से तंबाकू जैसी गंध आती है। अगर बच्चे बार-बार बाहर जाने के लिए बहाने बनाने लगे, या वो वॉशरूम में अपना ज्यादा समय बिताने लगे तब आप ये समझ सकते हैं कि शायद आपके बच्चे को स्मोकिंग की आदत लग चुकी है। स्मोकिंग करने वाले लोगों के हाथ और नाखून पीले पड़ने लगते हैं, उनकी होंठ नीले और काले होने लगते हैं।
युवाओं को लग रही इसकी लत
समीक्षा में पाया गया कि सीमित सबूत ई-सिगरेट व्यक्तियों को धूम्रपान रोकने में सहायता करते हैं। लेकिन यह इस बात के सबूतों से ज्यादा मजबूत नहीं है कि ई-सिगरेट का उपयोग करने से धूम्रपान छोड़ चुके लोगों को फिर से तंबाकू के सेवन की लत लग सकती है। ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड वेलफेयर के आंकड़ों से पता चलता है कि अपने जीवनकाल में ई-सिगरेट का उपयोग करने की सबसे अधिक संभावना 18 से 24 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों में हैं। 
-ई-सिगरेट में निकोटीन और दूसरे हानिकारक केमिकल्स का घोल होता है। निकोटीन अपने आप में ऐसा नशीला पदार्थ है जिसकी लत लग जाती है।
- इसके सेवन से हृदय प्रणाली पर प्रभाव पड़ सकता है, हृदय गति बढ़ सकती है, रक्तचाप और हृदय रोग का खतरा हो सकता है। 
-गर्भवती महिलाओं के लिए वेपिंग बहुत खतरनाक है इससे उनके गर्भस्थ शिशु पर बुरा असर पड़ता है। 
- छाटे बच्चों के आसपास इसे पीने से उनके  दिमागी विकास पर असर पड़ता है।
-ई-सिगरेट एरोसोल में हानिकारक पदार्थ होते हैं, ऐसे में फेफड़ों की समस्या पैदा हो सकती है। 

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Thu, 05 Oct 2023 07:14:46 +0530 YogeshJai
कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली इस दवा को खाने से पहले जान लें इसके दुष्प्रभाव https://nishpakshjanavlokan.in/Before-taking-this-cholesterol-reducing-medicine,-know-its-side-effects https://nishpakshjanavlokan.in/Before-taking-this-cholesterol-reducing-medicine,-know-its-side-effects
जब भी हम किसी दवा का सेवन करते हैं तो यह शरीर पर कई तरह के प्रभाव छोड़ती है। ऐसे में अकसर दवाओं के प्रभाव और दुष्प्रभाव के बारे में बताया जाता है। हाल ही की स्टडी में दवा स्टैटिन का जिक्र किया गया है जिसे कोलेस्ट्रॉल के खिलाफ काफी प्रभावी माना गया है। अब इस दवा का सेवन करने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। 


मरीजों को सतर्क रहने की सलाह 

यूके की मेडिसिन्स एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी (एमएचआरए) ने पहले से मौजूद मायस्थेनिया ग्रेविस के मरीजों को स्टैटिन लेते समय सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि स्थिति के दोबारा शुरू होने या बिगड़ने की खबरें आई हैं। मायस्थेनिया ग्रेविस एक न्यूरोमस्कुलर विकार है जो मांसपेशियों में कमजोरी की विशेषता है। स्टैटिन ऐसी दवा हैं जिनका उपयोग कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और हृदय रोग के जोखिम को कम करने के लिए किया जाता है।

स्टैटिन के ये हैं  साइड इफेक्ट

मायस्थेनिक ग्रेविस के सामान्य लक्षणों में आंखों का झुकना, दोहरी दृष्टि, चबाने या निगलने में समस्या, बोलने में दिक्कत, अंगों में कमजोरी और सांस लेने में तकलीफ शामिल है। यूके एमएचआरए ने मरीजों को सलाह दी है कि स्टैटिन लेते समय इन  लक्षणों पर जरूर ध्यान दें। मांसपेशियों में कमजोरी और दर्द इस दवा का सबसे बड़ा साइड इफेक्ट है। जबकि कुछ लोगों को केवल मामूली मांसपेशियों में दर्द हो सकता है। 

स्टैटिन को लेकर किए गए हैं ये दावे

स्टैटिन लेते समय, कुछ रोगियों में मतली, दस्त, कब्ज, या पेट जैसी समस्याएं भी देखने को मिली है। जिन्हें पहले से ही मधुमेह है या विकसित होने का खतरा है वह डॉक्टर की सलाह लिए बीना इस दवाई का बिल्कुल भी सेवन ना करें। हालांकि पिछली कुछ स्टडी में यह दावा किया गया था कि स्टैटिन की मदद से  स्ट्रोक के खतरे को कम किया जा सकता है। 
स्टैटिन क्या है

दरसअल स्टैटिन को एचएमजी-सीओए रिडक्टेस इनहिबिटर भी कहा जाता है। उनमें लवस्टैटिन (मेवाकोर), सिमवास्टैटिन (जोकोर), प्रवास्टैटिन (प्रवाचोल), फ्लुवास्टैटिन (लेस्कोल), एटोरवास्टैटिन (लिपिटर), और रोसुवास्टैटिन (क्रेस्टर) शामिल हैं। कहा जाता है कि स्टैटिन एचएमजी-सीओए रिडक्टेस नामक एक एंजाइम को ब्लॉक करती हैं, जो कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने का काम करते हैं। यह भी दावा किया जाता है कि स्टैटिन दवा लेने से न सिर्फ कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिलती है, बल्कि इससे धमनियों के सख्त होने (एथेरोस्क्लेरोसिस) के खतरे को भी कम किया जा सकता है। 

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Thu, 05 Oct 2023 07:11:59 +0530 YogeshJai
रजनीकांत के तिरुवनंतपुरम पहुंचते ही थलाइवर.. थलाइवर से गूंजा एयरपोर्ट https://nishpakshjanavlokan.in/As-soon-as-Rajinikanth-reached-Thiruvananthapuram,-the-airport-echoed-with-Thalaivar.. https://nishpakshjanavlokan.in/As-soon-as-Rajinikanth-reached-Thiruvananthapuram,-the-airport-echoed-with-Thalaivar..
सुपरस्टार रजनीकांत मंगलवार दोपहर तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। सैकड़ों फैंस अराइवल लाउंज के बाहर इंतजार कर रहे थे। जैसे ही सुरक्षाकर्मियों के साथ रजनीकांत बाहर निकले, फैंस ने थलाइवर...थलाइवर चिल्लाना शुरू कर दिया। एक्टर ने हाथ जोड़कर और मुस्कुराते हुए उनका अभिनंदन किया और इसके बाद वह कार में बैठकर चले गए। एयरपोर्ट की एक महिला कर्मचारी रजनीकांत को करीब से देखकर बेहद खुश हुई। उसने कहा, हां, मैं वास्तव में उत्साहित और खुश हूं... मैं उन्हें बहुत करीब से देख सकी। तमिल सुपरस्टार अपनी अगली फिल्म थलाइवर 170 की शूटिंग के लिए अगले 10 दिनों तक राज्य की राजधानी में रहेंगे।यह उनके करियर में पहली बार है कि वह राज्य की राजधानी में किसी फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं। फिल्म में केरल के अभिनेता मंजू वारियर और फहद फाजिल भी हैं।

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Thu, 05 Oct 2023 07:08:05 +0530 YogeshJai
राम चरण ने मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में अयप्पा दीक्षा की पूरी https://nishpakshjanavlokan.in/राम-चरण-ने-मुंबई-के-सिद्धिविनायक-मंदिर-में-अयप्पा-दीक्षा-की-पूरी https://nishpakshjanavlokan.in/राम-चरण-ने-मुंबई-के-सिद्धिविनायक-मंदिर-में-अयप्पा-दीक्षा-की-पूरी

ग्लोबल स्टार राम चरण ने हाल ही में मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में अयप्पा दीक्षा संपन्न की। अयप्पा दीक्षा भगवान अयप्पा के भक्तों द्वारा मनाया जाने वाला व्रत है। इस अवधि के दौरान, राम चरण ने सख्त नियमों का पालन किया, जिसमें केवल काला कुर्ता और अयप्पा माला पहनना शामिल था। तस्वीरों में, राम चरण अपनी दीक्षा पोशाक पहने और नंगे पैर चलते हुए सिद्धिविनायक मंदिर की ओर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। सिद्धिविनायक मंदिर भक्तों के दिलों में एक अद्वितीय स्थान रखता है, और राम चरण के लिए यह उनकी अयप्पा दीक्षा के समापन के लिए एक आदर्श स्थान है। वर्कफ्रंट की बात करें तो राम चरण अगली बार गेम चेंजर में नजर आएंगे। गेम चेंजर एस. शंकर द्वारा निर्देशित एक राजनीतिक एक्शन थ्रिलर फिल्म है। इसमें कियारा आडवाणी, अंजलि, एस जे सूर्या, जयराम, सुनील, श्रीकांत, समुथिरकानी और नासर भी हैं। फिल्मांकन हैदराबाद, न्यूजीलैंड, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, विशाखापत्तनम और पंजाब में हुआ। आधिकारिक शीर्षक का अनावरण 27 मार्च को चरण के जन्मदिन के दौरान किया गया।

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Thu, 05 Oct 2023 07:06:17 +0530 YogeshJai
भीषण सड़क दुर्घटना से बाल&बाल बचीं शाहरुख खान की ये एक्ट्रेस, टक्कर से पलटी लेम्बोर्गिनी https://nishpakshjanavlokan.in/भीषण-सड़क-दुर्घटना-से-बाल-बाल-बचीं-शाहरुख-खान-की-ये-एक्ट्रेस-टक्कर-से-पलटी-लेम्बोर्गिनी https://nishpakshjanavlokan.in/भीषण-सड़क-दुर्घटना-से-बाल-बाल-बचीं-शाहरुख-खान-की-ये-एक्ट्रेस-टक्कर-से-पलटी-लेम्बोर्गिनी

शाहरुख खान की स्वदेस फेम बॉलीवुड एक्ट्रेस गायत्री जोशी और उनके पति विकास ओबेरॉय इटली के सार्डिनिया में सड़क दुर्घटना में बाल-बाल बच गए। लेकिन इस दुर्घटना में फेरारी में सवार एक स्विस कपल की मौत हो गई। स्थानीय इतालवी मीडिया ने कहा कि सोमवार को सैन जियोवानी सुरगियू शहर के बाहर स्टेट रोड 195 पर यह दुर्घटना हुई।  
बता दें कि ओबेरॉय और जोशी स्पोर्ट्स कार ग्रुप का हिस्सा थे। फास्ट लेन पर ओवरटेक करने के एक मामले के चलते फरारी ने आगे चल रही कैंपर वैन और लेम्बोर्गिनी को टक्कर मार दी। एक तरफ कैंपर वैन में जहां अज्ञात संख्या में दक्षिण टायरॉल के स्थानीय इतालवी पर्यटक सवार थे, वहीं लेम्बोर्गिनी में ओबेरॉय और जोशी थे। टक्कर इतनी भयंकर थी कि लेम्बोर्गिनी पलट गई। वहीं फरारी, जिसमें स्विस कपल सवार था, आग की लपटों की चपेट में आ गई। इतालवी स्थानीय अधिकारियों ने दो मृत कपल की पहचान 67 वर्षीय मार्कस क्रौटली और 63 वर्षीय उनकी पत्नी मेलिसा क्रौटली के रूप में की है, जो स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख के पास वालिसेलेन शहर के रहने वाले थे। इस बीच, ओबेरॉय और जोशी, जो इटली में छुट्टियां मना रहे थे, ने स्थानीय मुंबई चैनलों से पुष्टि की है कि वे दुर्घटना में सुरक्षित हैं, लेकिन अधिक जानकारी नहीं दी।

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Thu, 05 Oct 2023 07:03:26 +0530 YogeshJai
16 अक्टूबर को रिलीज होगा टाइगर 3 का ट्रेलर https://nishpakshjanavlokan.in/Tiger-3-trailer-will-be-released-on-October-16 https://nishpakshjanavlokan.in/Tiger-3-trailer-will-be-released-on-October-16
बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की आने वाली फिल्म ‘टाइगर 3’ का ट्रेलर 16 अक्टूबर को रिलीज होगा। यश राज फिल्म्स के बैनर तले बनी फिल्म टाइगर 3 का हाल ही में एक वीडियो टाइगर का मैसेज रिलीज किया गया था।अब मेकर्स ने टाइगर 3 के ट्रेलर की रिलीज डेट अनाउंस कर दी है। यशराज फिल्मस ने सोशल मीडिया पर बताया है कि टाइगर 3 का ट्रेलर 16 अक्टूबर को रिलीज होगा।टाइगर 3 से पहले इस फ्रेंचाइजी के दो पार्ट एक था टाइगर (2012) और टाइगर जिंदा है (2017) रिलीज हो चुके हैं।फिल्म टाइगर 3 का निर्देशन मनीष शर्मा ने किया है। टाइगर 3 में सलमान खान, कैटरीना कैफ और इमरान हाशमी की मुख्य भूमिका है। टाइगर 3 इस साल दीवाली के मौके पर हिंदी, तेलुगु और तमिल में रिलीज होगी।

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Thu, 05 Oct 2023 07:00:04 +0530 YogeshJai
शादी सीजन से पहले गिर गए सोने के दाम, सात महीने के निचले स्तर पर पहुंचे, जल्दी खरीदिए... कहीं जेब पर फिर न पड़ जाए भारी https://nishpakshjanavlokan.in/शादी-सीजन-से-पहले-गिर-गए-सोने-के-दाम-सात-महीने-के-निचले-स्तर-पर-पहुंचे-जल्दी-खरीदिए-कहीं-जेब-पर-फिर-न-पड़-जाए-भारी https://nishpakshjanavlokan.in/शादी-सीजन-से-पहले-गिर-गए-सोने-के-दाम-सात-महीने-के-निचले-स्तर-पर-पहुंचे-जल्दी-खरीदिए-कहीं-जेब-पर-फिर-न-पड़-जाए-भारी सोना खरीदना सबसे अधिक सेफ इंवेस्टमेंट मानी जाती है। भारत में साल भर लोग सोना खरीदते है। इसे उपयोग करने से अधिक इंवेस्टमेंट के तौर पर खरीदा जाता है। वहीं सोने के दाम बढ़ने से जहां लोग परेशान होते हैं वहीं इन दिनों सोने के दाम में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। वहीं आगामी कुछ दिनों में शादी का सीजन भी शुरू होने वाला है।

ऐसे में अगर आप भी सोना खरीदने का विचार बना रहे हैं तो जल्दी कीजिए, क्योंकि ये सोना खरीदने का बेहद शानदार मौका है। अभी सोना-चांदी खरीदकर पैसों की अच्छी बचत करने का मौका है। घरेलू बाजार में सोने की कीमत गिरकर सात महीनों के निचले स्तर पर पहुंच गई है। 3 अक्टूबर को सोना एमसीएक्स एक्सचेंज पर गिरावट के साथ खुला है। सोने के भाव में सुबह से ही गिरावट देखने को मिली है। बीते सप्ताह भी सोने के दाम में गिरावट देखने को मिली थी। वहीं सोने के अलावा चांदी भी अच्छा नहीं कर रही है। चांदी के दाम में भी गिरावट दर्ज हुई है।

इससे पहले शुक्रवार को यानी 29 सितंबर को कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन भी सोने के दाम में गिरावट आई थी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भी सोने के दाम में गिरावट देखने को मिल सकती है। यानी जिन लोगों को सोना खरीदना है वो आने वाले कुछ दिनों में सस्ते दाम में सोना खरीद सकते है। बता दें कि मंगलवार यानी तीन अक्टूबर को सोना 57426 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला है। इससे पहले बीते सोमवार यानी सप्ताह भर पहले इसके दाम 57600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ये बंद हुआ था। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सोने की कीमत 56,000 से लेकर 56,500 रुपये तक नीचे गिर सकती है।

चांदी में भी गिरावट

इसके साथ ही चांदी के दाम में भी भारी गिरावट देखने को मिली है। चांदी तीन अक्टूबर को 69,255 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली है। मार्केट खुलने के कुछ ही समय बाद चांदी के दाम 65,666 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गए। वहीं इससे पहले 29 सितंबर को बाजार बंद होने से पहले तक चांदी की कीमत 69,857 रुपये प्रति किलोग्राम पर थी। आगामी दिनों में चांदी की कीमत 65,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में इस महीने के खत्म होने से पहले तक सोना और चांदी खरीदना फायदे का सौदा हो सकता है। हालांकि इसके बाद सोने-चांदी के दाम में तेजी देखने को मिल सकती है।

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Wed, 04 Oct 2023 07:31:55 +0530 YogeshJai
China बॉर्डर पर कुछ बड़ा हो गया, उस पार की मिलेगी हर खबर https://nishpakshjanavlokan.in/china-बॉर्डर-पर-कुछ-बड़ा-हो-गया-उस-पार-की-मिलेगी-हर-खबर https://nishpakshjanavlokan.in/china-बॉर्डर-पर-कुछ-बड़ा-हो-गया-उस-पार-की-मिलेगी-हर-खबर भारत के जेम्स बॉन्ड अब चीन के दीवार की पार की खबर बताएंगे। लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर अब भारत सरकार जासूसी पोस्ट बनाएगी। बॉर्डर पर मौजूद आईटीबीपी की चौकियों से चीन की सीमा के अंदर तक नजर रखी जाएगी और इसकी तैयारी भी हो गई है। सूत्रों के अनुसार इस प्रोजेक्ट की शुरुआत अरुणाचल प्रदेश में तवांग जिले के एक गांव मागो से होगी। ये चीन की सीमा के करीब पहला गांव है। साल 2020 में पहली बार हर मौसम में जाने लायक सड़क बनाई गई है। केंद्र सरकार ने सीमा पर जासूसी के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसका नाम बॉर्डर इंटेलिजेंस पोस्ट होगा। ये पोस्ट इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस की चौकियों पर और लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक  बनाई जाएगी।

हर बॉडर्र इंटेलिजेंस पोस्ट पर इंटेलिजेंस ब्यूरो के चार-पांच अधिकारी तैनात रहेंगे और आईटीबीपी के जवान उनकी सुरक्षा करेंगे। इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी बॉर्डर पार होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। चीन की निगरानी करेंगे। जानकारी एकट्ठा करेंगे और इसकी खबर इंटेलिजेंस ब्यूरो और सरकार तक पहुंचाएंगे। लद्दाख से एलएसी पोस्ट तक जासूसी की पोस्ट बनाने की वजह चीन की सेना की बढ़ती घुसपैठ है। भारत चीन सीमा पर पिछले कुछ वर्षों में कई बार दोनों देशों की सेनाएं भिड़ चुकी हैं। भारत चीन बॉर्डर पर आईटीबीपी के करीब 180 बॉर्डर पोस्ट हैं। हाल ही में 45 नए पोस्ट बनाने की मंजूरी दी गई है। 

ऊपर उद्धृत शीर्ष अधिकारी ने बीआईपी की सटीक संख्या और केंद्र द्वारा इसके लिए अनुमोदित बजट का खुलासा नहीं किया। लेकिन उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे सभी संवेदनशील बीओपी में ये विशेष रूप से प्रशिक्षित खुफिया अधिकारी होंगे, जिनके पास नवीनतम निगरानी उपकरणों तक पहुंच होगी। यह घटनाक्रम चीन द्वारा एलएसी पर अपनी ताकत दिखाने, नियमित घुसपैठ के प्रयासों के माध्यम से भारत को उकसाने और सीमा के दूसरी ओर हवाई क्षेत्रों और मिसाइल साइटों जैसे सैन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए दबाव डालने के मद्देनजर आया है।

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Wed, 04 Oct 2023 07:27:38 +0530 YogeshJai
Bihar: जाति सर्वेक्षण के एक दिन बाद नीतीश सरकार ने लिया बड़ा फैसला, EWS वर्ग को मिलेगा फायदा https://nishpakshjanavlokan.in/bihar-जाति-सर्वेक्षण-के-एक-दिन-बाद-नीतीश-सरकार-ने-लिया-बड़ा-फैसला-ews-वर्ग-को-मिलेगा-फायदा https://nishpakshjanavlokan.in/bihar-जाति-सर्वेक्षण-के-एक-दिन-बाद-नीतीश-सरकार-ने-लिया-बड़ा-फैसला-ews-वर्ग-को-मिलेगा-फायदा नीतीश कुमार कैबिनेट ने मंगलवार को न्यायिक सेवाओं और राज्य संचालित लॉ कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के लिए 10% आरक्षण को मंजूरी दे दी। अतिरिक्त मुख्य सचिव (कैबिनेट) एस सिद्धार्थ ने बताया कि कैबिनेट ने राज्य न्यायिक सेवा, 1951 के दिशानिर्देशों में संशोधन को मंजूरी दे दी, जिससे न्यायिक सेवाओं और राज्य संचालित कानून संस्थानों और विश्वविद्यालयों में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए 10% आरक्षण की अनुमति मिल गई। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आरक्षण बदलाव की अधिसूचना की तारीख से लागू होगा।

यह कदम बिहार सरकार द्वारा सोमवार को जाति सर्वेक्षण पर आधारित आंकड़ों का पहला सेट जारी करने के एक दिन बाद उठाया गया है। जाति आधारित गणना के आंकडों के अनुसार राज्य की कुल आबादी में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) की हिस्सेदारी 63 प्रतिशत है। राज्य की कुल जनसंख्या 13.07 करोड़ से कुछ अधिक है, जिसमें ईबीसी (36 प्रतिशत) सबसे बड़े सामाजिक वर्ग के रूप में उभरा है, इसके बाद ओबीसी (27.13 प्रतिशत) है। ‘‘अनारक्षित’’ श्रेणी से संबंधित लोग प्रदेश की कुल आबादी का 15.52 प्रतिशत हैं, जो 1990 के दशक की मंडल लहर तक राजनीति पर हावी रहने वाली ‘‘उच्च जातियों’’ को दर्शाते हैं। 

सर्वेक्षण के निष्कर्ष गांधी जयंती के अवसर पर जारी किए गए, जिससे देश में राजनीतिक हलचल मच गई क्योंकि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने पूरे भारत के लिए इसी तरह के सर्वेक्षण की मांग की। जाति जनगणना के निष्कर्षों पर चर्चा के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक की। बैठक से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सर्वेक्षण ने समाज के सभी वर्गों की आबादी का अनुमान प्रदान किया है, जिनमें से कई की गणना जनगणना के दौरान नहीं की गई थी। इसमें अनुसूचित जाति का ताजा आकलन भी सामने आया है। हम एक दशक पहले की तुलना में उनकी आबादी में मामूली वृद्धि देख सकते हैं। 

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Wed, 04 Oct 2023 07:23:12 +0530 YogeshJai
दिल्ली&एनसीआर समेत यूपी के कई जिलों में महसूस किए गए भूकंप के झटके, भूकंप का केंद्र रहा नेपाल  https://nishpakshjanavlokan.in/दिल्ली-एनसीआर-समेत-यूपी-के-कई-जिलों-में-महसूस-किए-गए-भूकंप-के-झटके-भूकंप-का-केंद्र-रहा-नेपाल https://nishpakshjanavlokan.in/दिल्ली-एनसीआर-समेत-यूपी-के-कई-जिलों-में-महसूस-किए-गए-भूकंप-के-झटके-भूकंप-का-केंद्र-रहा-नेपाल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश भारत में मंगलवार को भूकंप के झटके महसूस किये गये। दोपहर करीब दो बजकर 55 मिनट पर लोगों को भूकंप के झटके महसूस हुए और लोग घबराकर इमारतों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर चले गए। पुलिस नियंत्रण कक्ष ने बताया कि जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि भूकंप की तीव्रता 6.2, रही है। जबकि इसका केंद्र नेपाल में पांच किलोमीटर की गहराई में बताई है। वहीं उत्तर प्रदेश के बलरामपुर , गाजियाबाद में भूकंप के झटके महसूस हुए। लोग अपने घरों से बाहर निकल गए। हालांकि अभी तक कही से जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। 

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Wed, 04 Oct 2023 07:18:31 +0530 YogeshJai
पुरानी पेंशन योजना लागू करे केन्द्र https://nishpakshjanavlokan.in/पुरानी-पेंशन-योजना-लागू-करे-केन्द्र https://nishpakshjanavlokan.in/पुरानी-पेंशन-योजना-लागू-करे-केन्द्र
पुरानी पेंशन योजना को लागू करने की मांग को लेकर रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में शासकीय कर्मचारियों का विशाल प्रदर्शन आयोजित किया गया था जिसमें 20 राज्यों के लाखों कर्मचारी शामिल हुए। इसका आयोजन नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एनएमओपीएस) के तत्वावधान में किया गया था। पेंशन शंखनाद महारैलीश् के नाम से आयोजित इस रैली का उद्देश्य मौजूदा राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) के बजाय पुरानी पेंशन योजना को लागू करने के लिए केंद्र पर दबाव बनाना था। इतनी विशाल संख्या में हुए प्रदर्शन से साफ है कि कर्मचारियों का रुझान पुरानी पेंशन योजना की ओर है और उसे नयी पेंशन योजना बिलकुल रास नहीं आ रही है। इसे देखते हुए केन्द्र सरकार पुरानी योजना को फिर से लागू करना चाहिये क्योंकि वही कर्मचारियों के पसंद की है और उनके हित में भी। वैसे तो इस मसले को राजनैतिक दृष्टिकोण से नहीं देखना चाहिये लेकिन यह सच है कि नयी योजना को भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र सरकार व उसके शासित ज्यादातर राज्यों की सरकारों का समर्थन है। दूसरी तरफ जहां गैर भाजपायी सरकारें हैं और उन राज्यों के कर्मचारी हैं, वे पुरानी स्कीम चाहते हैं। राजस्थान, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, झारखंड और पंजाब में तो इसे लागू करने का फैसला भी लिया जा चुका है। रविवार को एकत्र हुआ कर्मचारियों का हुजूम बतलाता है कि यह मुद्दा न केवल इस साल होने जा रहे पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों पर बल्कि 2024 में निर्धारित लोकसभा चुनावों पर भी असर करेगा।


उल्लेखनीय है कि 2004 में यूपीए की सरकार ने पुरानी योजना की जगह पर नई पेंशन योजना (एनपीएस) लागू की थी जो शेयर बाजार और अन्य निवेशों पर आधारित है। शेयर बाजार की स्थिति के आधार पर रिटर्न का भुगतान होता है। पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) में सेवानिवृत्ति के समय अंतिम मूल वेतन (बेसिक सैलरी) के 50 फीसदी तक निश्चित पेंशन मिलती है। एनपीएस में रिटायरमेंट के समय निश्चित पेंशन की कोई गारंटी नहीं होने से यह कर्मचारियों की पसंद नहीं रह गयी है। पुरानी पेंशन योजना में कर्मचारियों के वेतन से कोई कटौती नहीं होती थी जबकि एनपीएस में कर्मचारियों के वेतन से 10 फीसदी की कटौती होती है। इतना ही नहीं, नई पेंशन स्कीम में ग्रेच्युटी प्राविडेंट फंड उपलब्ध नहीं है।


पुरानी पेंशन स्कीम में यह सुविधा कर्मचारियों को मिलती है। पुरानी पेंशन योजना के और भी कई फायदे हैं। ओपीएस में रिटायर होने के बाद कर्मचारियों को चिकित्सा भत्ता और मेडिकल बिलों की सुविधा भी दी जाती है और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 20 लाख रुपये तक की ग्रेजुएटी की रकम भी मिलती है। इस योजना के तहत कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के समय की तनख्वाह की आधी राशि के बराबर की पेंशन मिलती है जिसका निर्धारण तत्कालीन वेतनमान एवं महंगाई सूचकांक के अनुसार होता है। साथ ही, कर्मचारी की मौत होने पर यह राशि उसके परिजनों को दी जाती है। इस तरह देखें तो वर्तमान परिस्थितियों में यही पेंशन स्कीम कर्मचारियों के व्यापक हित में है। तत्कालीन सरकार ने जब इसे बन्द किया था तब का आर्थिक परिदृश्य काफी अलग था। देश की अर्थव्यवस्था बड़ी ऊंचाइयों पर थी। 1991 में आई नयी अर्थप्रणाली ने कार्पोरेट जगत को गतिशील बना दिया था जिसमें शेयर बाजारों में किया गया निवेश शर्तिया तौर पर फायदेमंद साबित होता था। 2008 की विश्वव्यापी आर्थिक मंदी ने निजी सेक्टर को काफी कमजोर किया था, बावजूद इसके कि भारत पर मंदी का बड़ा असर नहीं पड़ा था, लेकिन शेयरों में निवेश करना जोखिम पर आधारित अधिक हो चला था। 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बनी भारतीय जनता पार्टी की सरकार के अदूरदर्शितापूर्ण निर्णयों से भारत की अर्थव्यवस्था मुठ्ठी भर कारोबारियों के लिये ही फायदेमंद रह गई है। पहले उद्योग-धंधों का स्वरूप विकेन्द्रित था। अब कुछ ही लोगों के शेयर उछाल मारते दिखते हैं जबकि ज्यादातर कम्पनियों के शेयरों में निवेश करना फायदे की गारंटी नहीं रह गई है। पुरानी पेंशन व्यवस्था की मांग करना एवं नयी योजना को नकारना दरअसल निवेश बाजार की गिरती साख का प्रतीक है। कर्मचारियों को पेंशन उनकी उम्र भर की कड़ी मेहनत से अर्जित की हुई होती है जिस पर उसकी सामाजिक सुरक्षा का पूरा भार होता है। इसी पेंशन के बल पर वे अपने बचे सपनों को पूरा करते हैं। बची आयु की रोजी-रोटी का जुगाड़ उसकी पेंशन से ही होता है और उसकी मृत्यु के बाद उसकी विधवा एवं नाबालिग बच्चों का भरण-पोषण भी इसी के जरिये सम्भव है। इस मुद्दे को इस लिहाज से नहीं देखा जाना चाहिये कि इसे किसने लागू किया या बन्द किया। इसका सम्बन्ध लाखों शासकीय कर्मचारियों के जीवन से जुड़ा हुआ है। कुछ अरसा पहले राजस्थान में पुरानी पेंशन की बहाली का ऐलान सर्वप्रथम हुआ जिसका वहां के कर्मचारियों ने दिल से स्वागत किया है। हिमाचल प्रदेश के कर्मचारी भी इससे खुश हैं। छत्तीसगढ़ में भी यही स्थिति है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पुरानी स्कीम का समर्थन करते हुए केन्द्र सरकार से निवेदन किया है कि दिल्ली के कर्मचारियों को पुरानी योजना के अनुसार पेंशन देने का ऐलान करे। कर्मचारियों की मांग जायज है अतः केन्द्र सरकार को चाहिये कि उनकी इच्छा के अनुरूप पुरानी पेंशन योजना बहाल करे। देखना होगा कि सामान्य रूप से जायज मांगों को पूरा करने में अपनी हेठी समझने वाली मोदी सरकार इस बार कर्मचारियों की बात मानती है या नहीं। उन्हें इस पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिये। इससे राजकोष पर भार तो बढ़ेगा लेकिन कर्मचारियों के व्यापक हित में उसे इस पहलू पर ध्यान नहीं देना चाहिये।

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Wed, 04 Oct 2023 07:15:06 +0530 YogeshJai
आज का राशिफल&4&9&23 https://nishpakshjanavlokan.in/आज-का-राशिफल-4-9-23 https://nishpakshjanavlokan.in/आज-का-राशिफल-4-9-23
मेष:- प्रतिभाओं के बावजूद हीन भाव प्रतिभाओं के लाभ से वंचित होगा। कल्पनाओं में जीना छोड़ भौतिक जगत के अनुकूल चलने का प्रयत्न करें। सुख-साधनों की लालसा बढ़ेगी। घर में खुशहाली रहेगी। 


वृष:- किसी कार्य में सफलता से उत्साह में वृद्धि होगी। भौतिक सुख-साधनों की लालसा बढ़ेगी। महत्वपूर्ण कार्य की पूर्ति में असमर्थता जैसी स्थिति मन को निराश करेगी। परिश्रम से आर्थिक लाभ होगा। 

मिथुन:- नीरस स्वभाववश रचनात्मक योजनाओं को सार्थक करने में असमर्थ होंगे। सब कुछ सामान्य होते हुए भी मन अरुचि का शिकार होगा। समस्याओं के समाधान से उत्साह में वृद्धि होगी। 

कर्क:- काफी दिनों से अवरोधित कोई महत्वपूर्ण कार्य हल होने के आसार बनेंगे। काफी दिनों से प्रयासरत कोई महत्वपूर्ण कार्य हल होने से मन प्रसन्न होगा। शिक्षा प्रतियोगिता की दिशा में प्रयत्न सार्थक होगा।

सिंह:- नयी घरेलू जिम्मेदारियों के पैदा होने से व्यय संभव। प्रयासरत कोई महत्वपूर्ण कार्य हल होने से मन प्रसन्न होगा। नये कायरें के क्रियान्वयन हेतु प्रयत्न तीव्र होगा। जीवन साथी के स्वास्य के प्रति सतर्क रहें। 

कन्या:- कर्जदारों से मन परेशान होगा। नये क्षेत्रों में प्रयास से लाभ संभव। व्यावसायिक यात्रा द्वारा लाभ संभव। नये संबंधों के सहयोग से आर्थिक कठिनाइयां दूर होंगी। प्रणय संबंध प्रगाढ़ होंगे। 

तुला:- भावुकता व्यावहारिक जगत के अनुकूल चलने में बाधक होगी। अतः व्यावहारिक बने। भविष्य संबंधी कुछ चिंताएं मन पर प्रभावी होंगी। विद्यार्थी शिक्षा में लापरवाही न बरतें। कल्पनाओं में न जियें। 

वृश्चिक:- किसी नयी दिशा में सकारात्मक सोच अवश्य रंग लायेगी। सकारात्मक सोच को अपनाते हुए जीवन को सही दिशा की ओर केंद्रित करें। परिजनों के अनुकूल चलने की चेष्ठा करें। आलस्य त्यागें। 

धनु:- संवेदनशील शरीर ग्रहों की प्रतिकूलता से बीमार पड़ सकता है। महत्वपूर्ण कार्य की पूर्ति में असमर्थता जैसी स्थिति मन को निराश करेगी। पुरानी घटनाओं के स्मरण से मन को कष्ट संभव।

मकर:- कुछ व्यासायिक कारणों से घर से दूर रहना पड़ सकता है। परिजनों की सुख-सुविधा के प्रति मन चिंतित होगा। मस्त-मौला मन ब्यर्थ के कायरे में समय जाया कर महत्वपूर्ण कायरे के प्रति लापरवाह होगा। 

कुंभ:- अच्छे कायरें से परिजनों के दिल में जगह बनायें। योजनाओं के फलीभूत होने से मन प्रसन्न होगा। महत्वपूर्ण कायरें में लापरवाही न करें। जीवनसाथी के स्वास्य के प्रति सचेत रहें। 

मीन:- थोड़ा संयमी व धैर्यवान बने। भाग्य से प्राप्त अच्छी-बुरी सभी स्थिति में समझौतावादी बनें। कुछ नई व्यस्तताएं सामने आएंगी। महत्वपूर्ण दायित्वों की पूर्ति हेतु प्रयत्न तीव्र होगा। 

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Wed, 04 Oct 2023 07:10:05 +0530 YogeshJai
रोज 50 सीढ़ियां चढ़ने से दिल की बीमारियां रहेंगी कोसों दूर, नई रिसर्च में हुआ खुलासा https://nishpakshjanavlokan.in/रोज-50-सीढ़ियां-चढ़ने-से-दिल-की-बीमारियां-रहेंगी-कोसों-दूर-नई-रिसर्च-में-हुआ-खुलासा https://nishpakshjanavlokan.in/रोज-50-सीढ़ियां-चढ़ने-से-दिल-की-बीमारियां-रहेंगी-कोसों-दूर-नई-रिसर्च-में-हुआ-खुलासा
गलत-खानपान और खराब लाइफस्टाइल के चलते आजकल हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ रहा है। जहां पहले बढ़ती उम्र के साथ लोग हार्ट अटैक का शिकार होते थे अब वहीं कम उम्र की युवा भी दिल से जुड़े रोगों से जूझ रही है। इस रोग से बचने के लिए जहां एक्सपर्ट्स पहले 10,000 कदम चलने की सलाह देते थे। अब वहीं हाल ही में आए शोध की मानें तो रोज 50 सीढ़ियां चढ़ने से हृदय रोगों का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है। एक जर्नल में प्रकाशित हुए शोध के अनुसार, यदि आप रोज 50 सीढ़ियां चढ़ते उतरते हैं तो दिल संबंधी रोगों का खतरा 20 प्रतिशत तक कम हो सकता है।  


शोध में शामिल किए गए इतने युवा 


दिल संबंधी बीमारियों के साथ-साथ धमनी रोग और स्ट्रोक के कारण भी दुनिया भर में कई मृत्यु हो रही हैं। शोध के प्रोफेसर ने कहा कि ऊंची सीढ़ियां चढ़ने से कॉर्डियो रेस्पिरेटरी फिटनेस और लिपिड प्रोफाइल में सुधार हो सकता है। खासतौर पर ऐसे लोग जो व्यायाम नहीं कर सकते उनके लिए यह तरीका कारगार है। यह शोध करीबन 4 लाख 50 हजार युवाओं पर किया गया था। शोध इन युवाओं के परिवार के इतिहास, अनुवांशिक कारकों के आधार पर किया गया था।  


20 प्रतिशत कम होगा हृदय रोगों का खतरा 


इस शोध में यह सामने आया है कि जो लोग रोजाना ज्यादा सीढ़ियां चढ़ते हैं उनमें दिल संबंधी बीमारियों का खतरा कम होता है। इसके अलावा इससे दिल संबंधी रोगों की संभावना भी कम होगी। इस दौरान रिसर्च कर रहे वैज्ञानिकों से 12.5 वर्षों तक युवाओं पर नजर रखी। इस रिसर्च के आधार पर यह साबित हुआ है कि जो नियमित रुप से रोज 50 सीढ़ियां चढ़ता है उनमें लगभग 20 प्रतिशत दिल संबंधी रोगों का खतरा कम होता है।


इंग्लैड में की गई रिसर्च 

शोधकर्ताओं ने कहा कि सीढ़ियां चढ़ना सीधे रास्ते पर चलने की तुलना में ज्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें मांसपेशियों में ज्यादा खिंचाव और संतुलन की जरुरत पड़ती है। उन्होंने बताया कि सीढ़ियां चढ़ने से दिल संबंधी गतिविधियां शामिल होती हैं। इसलिए जो लोग सीढ़ियां चढ़ने का अभ्यास करते हैं उन्हें अक्सर सांस लेने में तकलीफ होती है। जब आप सीढ़ी चढ़ते हैं तो दिल की गति बढ़ती है और उसमें पूरी मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचता है। इससे दिल की बीमारी, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कम होती है और दिल एकदम स्वस्थ रहता है।

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Wed, 04 Oct 2023 07:06:34 +0530 YogeshJai
आलू कुलचा के साथ करें दिन की शुरुआत, ब्रेकफास्ट में बनाएं टेस्टी डिश https://nishpakshjanavlokan.in/आलू-कुलचा-के-साथ-करें-दिन-की-शुरुआत-ब्रेकफास्ट-में-बनाएं-टेस्टी-डिश https://nishpakshjanavlokan.in/आलू-कुलचा-के-साथ-करें-दिन-की-शुरुआत-ब्रेकफास्ट-में-बनाएं-टेस्टी-डिश
सुबह ब्रेकफास्ट में कुछ स्वादिष्ट खाने का मिल जाए तो दिन बन जाता है। इसलिए बहुत से लोगों के घर में सुबह परांठे का स्वाद लिया जाता हैं लेकिन अगर आप भी रोज-रोज परांठे खाकर बोर हो गए हैं तो अब ब्रेकफास्ट में टेस्टी आलू कुलचा का स्वाद ले सकते हैं। मटर कुलचा, छोला कुलचा तो आपने कई बार खाया होगा पर इस बार आप आलू कुलचा के साथ दिन की शुरुआत कर सकते हैं। चलिए जानते हैं इसे बनाने की रेसिपी के बारे में...


सामग्री 


आलू - 8 (उबले हुए)
लाल मिर्च पाउडर - 1 टीस्पून 
हरी मिर्च - 3-4 (कटी हुई)
चाट मसाला - 2 टी स्पून
हरा धनिया पत्ती - 2 टेबलस्पून
नमक - स्वादअनुसार
मैदा - 3 कप
दही - 1 कप 
बेकिंग सोडा - 1 टीस्पून
चीनी का बुरा - 2-3 टेबलस्पून
सूखा मैदा - जरुरतअनुसार
नमक - स्वादअनुसार 
गर्म मसाला - 2 टीस्पून 
पानी - 1 कप 


बनाने की विधि 


1. सबसे पहले आलू मैश करके एक बर्तन में डालें। 
2. फिर इसमें लाल मिर्च पाउडर, गर्म मसाला, चाट मसाला, हरी मिर्च, धनिया पत्ती और नमक डालकर मिलाएं। 
3. इसके बाद दूसरे बर्तन में मैदा डालें। 
4. मैदे में चीनी, बेकिंग सोडा, दही और नमक मिलाकर मिक्स कर दें। 
5. अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सॉफ्ट आटा तैयार कर लें। 
6. आटा तैयार होने के बाद 20 मिनट तक रख दें। 
7. तय समय के बाद इसमें 1 चम्मच तेल मिलाएं और फिर अच्छे से गूंद लें। 
8. अब आटे की एक बड़ी लोई तैयार करें। 
9. बड़ी लोई लेकर उसे हाथ से दबाएं और सूखा मैदा लगाकर हल्का सा मोटा बेल लें। 
10. अब इसमें एक चम्मच आलू का मिश्रण मिलाकर चारों ओर से लोई बना लें। 
11. अब इसमें धनिया पत्ती रखकर इसे दबाएं। 
12. इसके बाद लोई पलटकर इसमें थोड़ा सा मैदा लगाकर किसी भी आकार में कुल्चा बेल लें। 
13. एक मीडियम आंच पर तवा रखें। 
14. इसमें बेले हुए कुलचे में पानी लगाकर तवे में डालें। 
15. इस बात का ध्यान रखें कि जहां धनिया पत्ती लगी हो वहां पर पानी न लगाएं। 
16. जब कुलचा एक तरफ से अच्छी तरह पक जाए तो उल्टा कर दें। 
17. ऐसे ही बाकी मैदे के कुलचे तैयार कर लें। 
18. आपका कुलचा बनकर तैयार है। बटर लगाकर दही के साथ सर्व करें। 

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Wed, 04 Oct 2023 07:03:12 +0530 YogeshJai
आरपी सिंह का किरदार अनोखे और मौलिक तरीके से निभाना चाहता था निशांत दहिया https://nishpakshjanavlokan.in/आरपी-सिंह-का-किरदार-अनोखे-और-मौलिक-तरीके-से-निभाना-चाहता-था-निशांत-दहिया https://nishpakshjanavlokan.in/आरपी-सिंह-का-किरदार-अनोखे-और-मौलिक-तरीके-से-निभाना-चाहता-था-निशांत-दहिया
एक्टर निशांत दहिया वेब-सीरीज सुल्तान ऑफ दिल्ली में अभिनय करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने खुलासा किया कि कैसे उन्होंने अपने किरदार के लिए रेफरेंस लिया था और इसके बजाय उन्होंने राजघराने के साथ अपने अनुभवों को चुना। निशांत दिल्ली के सुल्तान में आरपी सिंह की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा, जब मैं आरपी सिंह का किरदार निभा रहा था तो मैंने टर्म के रेफरेंस में किसी और चीज पर ध्यान नहीं दिया। जाहिर तौर पर मेरे पास कॉस्टयूम के रेफरेंस थे लेकिन वह बाहरी व्यक्तित्व के लिए अधिक था।


टीटू एमबीए फेम एक्टर ने साझा किया, एक अभिनेता के रूप में, जब मुझे पता चला कि हमारा शो किस अवधि पर आधारित है, तो मैंने इंटरनेट के माध्यम से कुछ शोध किया और यह देखने की कोशिश की कि उन दिनों लोग कैसे रहते थे। अभिनेता ने आगे कहा, रॉयल्टी की भूमिका निभाने के संदर्भ में, मैंने किसी भी मैटेरियल का उल्लेख नहीं किया, जैसे कि मैं भूमिका को अपने अनूठे और मूल तरीके से निभाना चाहता था। मैं आरपी को व्यक्तिगत स्पर्श देना चाहता था। एक सैनिक बच्चे के रूप में, मैं अपने पिता के वजह से महलों और अन्य स्थानों पर गया हूं और कुछ बार राजघरानों से भी मिला हूं। इसलिए, मैंने उन छोटी-छोटी चीजों को शामिल करने की कोशिश की जो मैंने अपनी भूमिका में देखी थीं।


अर्नब रे की किताब सुल्तान ऑफ दिल्ली असेंशन पर आधारित, सीरीज रिलायंस एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित और मिलन लुथरिया द्वारा निर्देशित और सुपर्ण वर्मा द्वारा सह-निर्देशित और सह-लिखित है। सीरीज में ताहिर राज भसीन, अंजुम, विनय पाठक, निशांत, और महिला अनुप्रिया गोयनका, मौनी रॉय, हरलीन सेठी और मेहरीन पीरजादा शामिल हैं।


सुल्तान ऑफ दिल्ली 13 अक्टूबर को डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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Wed, 04 Oct 2023 06:58:12 +0530 YogeshJai
ऐश्वर्या राय बच्चन को पेरिस फैशन वीक रनवे लुक के लिए मिलीं मिश्रित प्रतिक्रियाएं https://nishpakshjanavlokan.in/ऐश्वर्या-राय-बच्चन-को-पेरिस-फैशन-वीक-रनवे-लुक-के-लिए-मिलीं-मिश्रित-प्रतिक्रियाएं https://nishpakshjanavlokan.in/ऐश्वर्या-राय-बच्चन-को-पेरिस-फैशन-वीक-रनवे-लुक-के-लिए-मिलीं-मिश्रित-प्रतिक्रियाएं
ऐश्वर्या राय बच्चन, जो हाल ही में मणिरत्नम के तमिल महाकाव्य नाटक पोन्नियिन सेलवन में अपनी भूमिका के लिए चर्चा में हैं, को चल रहे पेरिस फैशन वीक में रैंप पर चलने पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं मिली हैं। पूर्व मिस वर्ल्ड और बॉलीवुड स्टार ने लोरियल पेरिस शो में अंतर्राष्ट्रीय मॉडल और मीडिया सेलिब्रिटी केंडल जेनर, चीनी अभिनेता गोंग जून और प्रशंसित ब्रिटिश अभिनेत्री हेलेन मिरेन के साथ प्रतिष्ठित फैशन कार्यक्रम में रैंप वॉक किया। यह वॉक एफिल टॉवर के पास रनवे पर हुई। ऐश्वर्या सुनहरे रंग का चमकदार गाउन पहने हुई थीं और सबसे खूबसूरत लग रही थीं, लेकिन नेट पर हर कोई इससे प्रभावित नहीं हुआ।

सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा, उसके चेहरे को क्या हो गया है? दूसरे ने कमेंट किया, वह ड्रेस उनके बॉडी टाइप के साथ अच्छी नहीं लग रही है। हालांकि, कई लोग उनके समर्थन में खड़े हुए और उन्होंने शो में उनकी मौजूदगी को यादगार बताया। उन्होंने जेनर के साथ उनकी अपीयरेंस का जश्न भी मनाया, जिसका वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। वीडियो में ऐश्घ्वर्या को जेनर के साथ बातचीत करते हुए दिखाया गया है-जब अभिनेत्री मंच पर पैर हिलाती है तो दोनों मुस्कुराती हैं।

 इस बीच, श्वेता बच्चन की बेटी नव्या नवेली, जो हाल ही में नाना अमिताभ बच्चन के साथ विज्ञापनों में दिखाई दे रही हैं, ने इस सीजन में पेरिस फैशन वीक की शुरुआत की। नव्या ने लाल रंग की मिनी ड्रेस में रैंप पर शान से वॉक किया। अफवाह है कि वह गली बॉय अभिनेता सिद्धांत चतुवेर्दी को डेट कर रही हैं।

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Wed, 04 Oct 2023 06:56:27 +0530 YogeshJai
मुझे लार्जर दैन लाइफ एक्शन स्टार बनना पसंद है: सलमान खान https://nishpakshjanavlokan.in/मुझे-लार्जर-दैन-लाइफ-एक्शन-स्टार-बनना-पसंद-है-सलमान-खान https://nishpakshjanavlokan.in/मुझे-लार्जर-दैन-लाइफ-एक्शन-स्टार-बनना-पसंद-है-सलमान-खान


हिंदी सिनेमा में 35 साल पूरे कर चुके बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान का कहना है कि उन्हें लार्जर दैन लाइफ एक्शन स्टार बनना पसंद है। सलमान ने कहारू जिन लोगों ने मुझे मेरे डेब्यू के बाद से प्यार किया है, उन्होंने सोशल मीडिया पर मुझे एहसास कराया कि मैंने सिनेमा में 35 साल पूरे कर लिए हैं! यह मेरे लिए एक बहुत ही खास पल है, पुरानी यादें, प्यार, खुशी और उस दर्द से भरा हुआ जब चीजें प्लान के अनुसार नहीं हुईं। लेकिन मुझे हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी यात्रा का हर मिनट पसंद आया। उन्होंने आगे कहा, टाइगर 3 की रिलीज के साथ इसका जश्न मनाते हुए मुझे खुशी हो रही है! मुझे पता है कि मेरे प्रशंसक मुझे एक्शन करते हुए देखना पसंद करते हैं और मुझे उम्मीद है कि टाइगर 3 एक परफेक्ट गिफ्ट है जिसका वे इंतजार कर रहे है! सलमान टाइगर 3 के पहले वीडियो एसेट टाइगर का मैसेज को मिली प्रतिक्रिया से बेहद खुश हैं। यशराज फिल्म्स ने पिछले हफ्ते टाइगर का मैसेज जारी किया। सलमान खान यशराज फिल्म्स की टाइगर 3 में सुपर एजेंट टाइगर उर्फ अविनाश सिंह राठौड़ के रूप में अपनी भूमिका को दोहराने के लिए वापस आ गए हैं।


उनका कहना है कि इस तरह के जीवन से भी बड़े किरदार निभाना मजेदार है। सलमान ने कहा, मुझे एक्शन शैली पसंद है, मुझे लार्जर दैन लाइफ एक्शन स्टार बनना पसंद है। मजा आता है! मुझे बड़े एक्शन शो करना पसंद है और टाइगर 3 जितना बड़ा हो सकता है उतना बड़ा है। फिल्म की कहानी कुछ ऐसी है जो मुझे बहुत पसंद आई और मुझे यकीन है कि हम इससे सभी को हैरान कर देंगे। वाईआरएफ के घरेलू फिल्म निर्माता मनीष शर्मा द्वारा निर्देशित टाइगर 3 दिवाली पर रिलीज होने के लिए तैयार है।

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Wed, 04 Oct 2023 06:53:59 +0530 YogeshJai
अगले साल रिलीज होगी शाहिद कपूर&कृति सैनन की फिल्म https://nishpakshjanavlokan.in/अगले-साल-रिलीज-होगी-शाहिद-कपूर-कृति-सैनन-की-फिल्म https://nishpakshjanavlokan.in/अगले-साल-रिलीज-होगी-शाहिद-कपूर-कृति-सैनन-की-फिल्म
बॉलीवुड अभिनेता शाहिद कपूर और अभिनेत्री कृति सैनन की फिल्म 09 फरवरी 2024 को रिलीज होगी। शाहिद कपूर और कृति सैनन पहली बार साथ काम करते नजर आयेंगे।दिनेश विजान के निर्देशन में बन रही इस फिल्म का टाइटल अभी फाइनल नहीं किया गया है। मेकर्स ने इस फिल्म को अगले साल वैलेंटाइन वीक में रिलीज करने की घोषणा की है।


इसके पहले फिल्म की रिलीज डेट 08 दिसंबर, 2023 तय की गई थी। शाहिद-कृति की प्रेम कहानी वाली इस फिल्म के राइटर अमित जोशी और अराधना शाह हैं।
इस फिल्म का प्रोडक्शन दिनेश विजान, लक्ष्मण उतेकर और ज्योति देशपांडे कर रहे हैं। यह फिल्म 09 फरवरी 2024 को रिलीज होगी।

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Wed, 04 Oct 2023 06:52:01 +0530 YogeshJai
आमिर खान निर्मित फिल्म लाहौर 1947 में काम करेंगे सनी देओल https://nishpakshjanavlokan.in/आमिर-खान-निर्मित-फिल्म-लाहौर-1947-में-काम-करेंगे-सनी-देओल https://nishpakshjanavlokan.in/आमिर-खान-निर्मित-फिल्म-लाहौर-1947-में-काम-करेंगे-सनी-देओल
बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल, आमिर खान निर्मित फिल्म लाहौर 1947 में काम करते नजर आयेंगे। कुछ समय से ऐसी चर्चा हो रही थी कि आमिर खान और सनी देओल एक फिल्म में साथ काम करेंगे। इस फिल्म की ऑफिशियल अनाउसमेंट हो गई है। ‘आमिर खान प्रोडक्शन’ की तरफ से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए इस फिल्म का ऐलान किया गया है। फिल्म का टाइटल ‘लाहौर 1947’ रखा गया है। आमिर खान प्रोडक्शन की तरफ से जो पोस्ट शेयर किया है उसमें लिखा गया, मैं और आमिर खान प्रोडक्शन की पूरी टीम एक्साइटेड है और अगली फिल्म सनी देओल के साथ अनाउंस करते हुए खुशी हो रही है, जिसके निर्देशक राजकुमार संतोषी हैं और फिल्म का टाइटल लाहौर 1947 हैं।टैलेंटड एक्टर सनी देओल और मेरे फेवरेट डायरेक्टर राजकुमार संतोषी के साथ कोलैबोरेट करने में खुशी हो रही है।जो पोस्ट सामने आया है उससे यही लग रहा है कि आमिर सिर्फ इस फिल्म को प्रोड्यूस कर रहे हैं।

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Wed, 04 Oct 2023 06:49:05 +0530 YogeshJai
Bollywood में Disha Patani ने पूरे किए सात साल, Sushant Singh Rajput की याद में साझा किया डेब्यू फिल्म का सीन https://nishpakshjanavlokan.in/bollywood-में-disha-patani-ने-पूरे-किए-सात-साल-sushant-singh-rajput-की-याद-में-साझा-किया-डेब्यू-फिल्म-का-सीन https://nishpakshjanavlokan.in/bollywood-में-disha-patani-ने-पूरे-किए-सात-साल-sushant-singh-rajput-की-याद-में-साझा-किया-डेब्यू-फिल्म-का-सीन बीते दिन अभिनेत्री दिशा पाटनी ने बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में अपने सात साल पूरे कर लिए हैं। उन्होंने साल 2016 में 30 सितंबर को रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म 'एमएस धोनी- द अनटोल्ड स्टोरी' से फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था। फिल्म में अभिनेत्री ने महेंद्र सिंह धोनी की पहली प्रेमिका प्रियंका झा की भूमिका निभाई थी। बीते दिन दिशा ने बॉलीवुड इंडस्ट्री में अपने सात साल पूरे होने का जश्न मनाया। उन्होंने अपनी डेब्यू फिल्म का एक सीन सोशल मीडिया पर शेयर किया। इस मौके पर उन्होंने अपने पहले को-स्टार दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत को भी याद किया। अभिनेत्री ने सुशांत की याद में एक प्यारा सा नोट भी लिखा है।

दिशा पटानी ने 'एमएस धोनी- द अनटोल्ड स्टोरी' से एक सीन शेयर किया। इस सीन में, दिशा (प्रियंका) सुशांत के किरदार महेंद्र धोनी के प्रति अपने प्यार का इजहार करती नजर आ रही है। फिल्म के इस सीन को शेयर करते हुए दिशा ने कैप्शन में लिखा, 'इस खूबसूरत सफर और हिंदी सिनेमा में मेरी पहली फिल्म के लिए आभारी हूं। सुशांत सिंह राजपूत को याद करते हुए अभिनेत्री ने लिखा, 'पूरे दिल से प्यार करें और उन लोगों को सुरक्षित रखें जो आपको खुश करते हैं और सुना है पछतावे के लिए जिंदगी बहुत छोटी है! हम अलविदा नहीं कह सके लेकिन मुझे आशा है कि आप खुश और शांति में होंगे।'
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Mon, 02 Oct 2023 09:19:17 +0530 YogeshJai
Beauty Tips: चेहरे से हटाना चाहती हैं अनचाहे बाल तो अपनाएं ये तरीका, खिला&खिला रहेगा फेस https://nishpakshjanavlokan.in/beauty-tips-चेहरे-से-हटाना-चाहती-हैं-अनचाहे-बाल-तो-अपनाएं-ये-तरीका-खिला-खिला-रहेगा-फेस https://nishpakshjanavlokan.in/beauty-tips-चेहरे-से-हटाना-चाहती-हैं-अनचाहे-बाल-तो-अपनाएं-ये-तरीका-खिला-खिला-रहेगा-फेस चेहरे या शरीर पर मौजूद अनचाहे बाल अक्सर सुंदरता को कम करते हैं। अनचाहे बालों को हटाने के लिए लोग तमाम तरह की चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं महिलाएं फेस के बालों को हटाने के लिए थ्रेडिंग, ब्लीच और क्रीम जैसी चीजों का इस्तेमाल करती हैं। इन चीजों से अनचाहे बाल भले ही हट जाते हैं, लेकिन यह आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचाता है।

इसके कारण त्वचा का कलर भी बदल जाता है। वहीं अनचाहे बालों को हटाने का यह प्रोसेस भी काफी दर्दनाक होता है। ऐसे में हम आपको इस आर्टिकल के जरिए फेस से अनचाहे बालों को हटाने के लिए किन चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। 

शरीर में एमिन होने वाले हार्मोनल बदलाव और कुछ समस्याओं के कारण महिलाओं के फेस पर अनचाहे बाल आ जाते हैं। हालांकि फेस के बाल हटाने के लिए मार्केट में कई तरह के प्रोडक्ट मिलते हैं। लेकिन इन प्रोडक्ट में केमिकल होने के कारण त्वचा पर इसका असर दिखता है। इससे चेहरे की स्किन को कई तरह का नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में अनचाहे बालों को हटाने के लिए सुरक्षित तरीका अपनाना चाहिए।

हल्दी और एलोवेरा 

चेहरे पर मौजूद अनचाहे बालों को हटाने के लिए हल्दी और एलोवेरा का इस्तेमाल किया जाता है। दो चम्मच एलोवेरा जेल, आधा चम्मच हल्दी और गुलाबजल का गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें। इसको चेहरे पर लगाकर सूखने के लिए छोड़ दें। जब यह सूख जाए तो हल्के हाथों से मसाज करते हुए चेहरे को पानी से धो लें। इस प्रक्रिया के रोजाना इस्तेमाल से चेहरे के अनचाहे बालों की ग्रोथ को काफी हद तक कम किया जा सकता है। 

एलोवेरा और बेसन

चेहरे के अनचाहे बालों को हटाने में एलोवेरा और बेसन पेस्ट भी काफी मददगार होता है। रोजाना इस पेस्ट के इस्तेमाल से फेसियल हेयर ग्रोथ को कम किया जा सकता है। इसके लिए 2 चम्मच बेसन, गुलाब जल, नींबू का रस और एलोवेरा जेल मिक्स कर लें। इस पेस्ट को चेहरे पर लगाएं और सूखने के बाद उंगलियों की मदद से इसे हटाकर साफ कर लें।

एलोवेरा और नींबू का रस

चेहरे से अनचाहे बालों को हटाने में नींबू का रस और शहद का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए ओट्स, शहद, नींबू का रस और एलोवेरा को अच्छे से मिक्स कर लें। फिर इसे अपने चेहरे पर अप्लाई करें और बालों के बढ़ने के विपरीत दिशा में चेहरे की मालिश करें। करीब 15 मिनट बाद चेहरे को पानी से धो डालें।

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Mon, 02 Oct 2023 09:11:09 +0530 YogeshJai
Pitru Paksha 2023: पितरों की आत्मा की शांति के लिए इन जगहों पर करें पिंडदान, जानिए इनका महत्व https://nishpakshjanavlokan.in/pitru-paksha-2023-पितरों-की-आत्मा-की-शांति-के-लिए-इन-जगहों-पर-करें-पिंडदान-जानिए-इनका-महत्व https://nishpakshjanavlokan.in/pitru-paksha-2023-पितरों-की-आत्मा-की-शांति-के-लिए-इन-जगहों-पर-करें-पिंडदान-जानिए-इनका-महत्व भाद्रपद महीने की पूर्णिमा तिथि से पितृ पक्ष शुरू हो जाता है। जो आश्विन महीने की अमावस्या तक चलती है। यह पितृ पक्ष 15 दिनों तक चलता है। इस साल आज से यानी की 29 सितंबर के पितृ पक्ष की शुरूआत हो रही है। वहीं 14 अक्टूबर को पितृ पक्ष खत्म हो जाएगा। हांलाकि हम सभी यह जानते हैं कि पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पितृ पक्ष में श्राद्ध और पिंडदान किया जाता है।

पितरों का श्राद्ध और तर्पण करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। आज हम आपको कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर श्राद्ध कर्म करने से पुण्य मिलता है और पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। आइए जानते हैं इन फेमस जगहों के बारे में..

हरिद्वार में पिंडदान

भारत के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में हरिद्वार गंगा के तट पर बसा हुआ एक खूबसूरत शहर है। शाम के समय इसकी खूबसूरती और भी ज्यादा बढ़ जाती है। मान्यका के अनुसार, हरिद्वार में गंगा स्नान करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिल जाती है। वहीं हरिद्वार में अंतिम संस्कार करने से उसकी आत्मा सीधे स्वर्ग जाती है। हरिद्वार के नारायणी शिला पर तर्पण करने से पितरों को मोक्ष मिलता है। पुराणों में भी इस बात का वर्णन मिलता है। यहां पर पिंडदान समारोह का भी आयोजन किया जाता है। इस स्थान पर श्राद्ध कर्म करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

मथुरा में पिंडदान

भव्य मंदिरों से सुशोभित मथुरा को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मस्थल भी माना जाता है। यह पवित्र तीर्थ स्थान पिंड दान समारोहों के लिए पसंदीदा स्थानों में से एक है। यमुना नदी के तट पर स्थित बोधिनी तीर्थ, विश्रंती तीर्थ और वायु तीर्थ पर इस तरह के अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। मृतक और पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए सात पिंड या चावल में मिक्स गेहूं के आटे से बने गोले, शहद और दूध के साथ प्रसाद के रूप में तैयार किए जाते हैं। इस प्रसाद को मंत्रों के जाप के साथ अर्पित किया जाता है। 

उज्जैन में पिंडदान

मध्यप्रदेश का उज्जैन पिंड दान समारोहों के लिए एक आदर्श स्थान माना जाता है। यहां पर शिप्रा नदी के तट पर पिंडदान किया जाता है। बता दें कि शिप्रा नदी के किनारे पिंडदान करना लाभकारी माना जाता है। यहां पर असंख्य तीर्थस्थलों के अलावा कालिदास अकैडमी और भर्तृहरि गुफाएं भी स्थित है। उज्जैन से पर्यटक ओंकारेश्वर, बसवारा, भोपाल और चित्तौड़गढ़ समेत कई स्थलों की यात्रा के लिए पहुंचते हैं। 

बोधगया में पिंडदान

पितरों के पिंडदान के लिए बिहार में गया एक महत्वपूर्ण स्थाना माना जाता है। फाल्गु नदी के तट पर पिंडदान समारोह आयोजित किया जाता है। मान्यता के अनुसार, कथित शुद्धिकरण शक्तियों के लिए श्राद्ध करने के लिए अहम स्थान है। रामायण और महाभारत दोनों में गयापुरी का उल्लेख मिलता है। गया में पिंडदान करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। गया में महाबोधि मंदिर, ब्रह्मयोनी हिल और अन्य संबंधित स्थल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। 

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Mon, 02 Oct 2023 09:02:15 +0530 YogeshJai
CM Nitish के काफिले के लिए फिर रोकी गई एंबुलेंस, घंटेभर फंसा रहा मासूम, भाजपा बोली& कुर्सी के नशे में हैं कुर्सी कुमार https://nishpakshjanavlokan.in/cm-nitish-के-काफिले-के-लिए-फिर-रोकी-गई-एंबुलेंस-घंटेभर-फंसा-रहा-मासूम-भाजपा-बोली-कुर्सी-के-नशे-में-हैं-कुर्सी-कुमार https://nishpakshjanavlokan.in/cm-nitish-के-काफिले-के-लिए-फिर-रोकी-गई-एंबुलेंस-घंटेभर-फंसा-रहा-मासूम-भाजपा-बोली-कुर्सी-के-नशे-में-हैं-कुर्सी-कुमार पटना के पास फतुहा में भारी ट्रैफिक में फंसी एक महिला ने अपने बच्चे को एम्बुलेंस के अंदर रखा हुआ था। उसने व्याकुलता से कुछ पुलिसकर्मियों से उन्हें जाने देने के लिए कहा क्योंकि बच्चा जीवन के लिए संघर्ष कर रहा था। लेकिन पुलिस ने एंबुलेंस को जाने की इजाजत नहीं दी क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का काफिला इलाके से गुजरने वाला था। बच्चे के बेहोश होते ही महिला टूट गई। नीतीश कुमार का काफिला गुजरने तक एंबुलेंस को एक घंटे तक इलाके में रुकना पड़ा। नीतीश कुमार नालंदा में इथेनॉल फैक्ट्री का उद्घाटन करने के बाद पटना लौट रहे थे। 

मुख्यमंत्री के काफिले को गुजारने के लिए पटना पुलिस ने सभी गाड़ियों को रोक दिया था। जैसे ही पुलिस ने भीड़ भरी सड़क पर सभी यातायात रोका, दुर्भाग्य से एम्बुलेंस उस क्षेत्र में पहुंच गई। एम्बुलेंस चालक ने कहा कि उसने पुलिसकर्मी को बताया कि वे फतुहा से पटना जा रहे थे, और एक पुलिसकर्मी से उन्हें जाने देने के लिए कहा। ड्राइवर ने बताया कि एंबुलेंस में बच्चे और चिंतित मां की हालत देखने के बावजूद पुलिस ने उन्हें जाने नहीं दिया। इसी तरह की एक घटना एक महीने पहले पटना में सामने आई थी जब मुख्यमंत्री के काफिले को गुजरने की अनुमति देने के लिए एक एम्बुलेंस को रोक दिया गया था। बाद में एंबुलेंस रोकने वाले पुलिसकर्मी की पहचान की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। 

पूरे मामले पर भाजपा ने कहा कि सत्ता का नशा जब सिर पर सवार हो जाता है तो आम आदमी सिंघासन पर से कीड़े-मकोड़े की तरह लगता है। कुर्सी कुमार जी कुर्सी के नशे में हैं। एक बार फिर नीतीश कुमार जी के "वीआईपी ट्रीटमेंट" की लत से आम आदमी की जान पर बन आई! वहीं, भाजपा महासचिव विनोद तावड़े ने कहा कि ये कैसी सरकार है - कितना जघन्य अत्याचार है ? मासूम नवजात की जान तक की परवाह नहीं - कितने निर्मम नीतीश कुमार हैं! रोती-बिलखती माँ की ममता की ही परवाह कर लेते मुख्यमंत्री जी!

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Mon, 02 Oct 2023 08:55:31 +0530 YogeshJai
Asian Games 2023: पिता के बाद बेटी ने भी शूटिंग में मेडल जीतकर किया देश को गौरवान्वित https://nishpakshjanavlokan.in/asian-games-2023-पिता-के-बाद-बेटी-ने-भी-शूटिंग-में-मेडल-जीतकर-किया-देश-को-गौरवान्वित https://nishpakshjanavlokan.in/asian-games-2023-पिता-के-बाद-बेटी-ने-भी-शूटिंग-में-मेडल-जीतकर-किया-देश-को-गौरवान्वित एशियन गेम्स 2020 में भारत के लिए रविवार का शुरुआती दिन काफी खुशनुमा रहा। भारत में शूटिंग में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीत लिया है। भारतीय खिलाड़ी राजेश्वरी कुमार, मनीषा कर और प्रीति रजक ने महिला टीम इवेंट ट्रैप में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। खिलाड़ियों ने भारत के लिए सिल्वर मेडल जीतने में सफलता हासिल की है।

बता दें कि राजेश्वरी अपने पिता की तरह ही एक शूटर है। राजेश्वरी के पिता रणवीर सिंह भी गोल्ड मेडल विजेता रह चुके हैं। जानकारी के मुताबिक रणधीर सिंह ओलंपिक काउंसिल ऑफ़ एशिया की एक्टिंग प्रेसिडेंट है। वहीं उनकी बेटी राजेश्वरी ने इस बार चीन में आयोजित हो रहे एशियाई गेम्स 2023 में हिस्सा लिया है। इन खेलों में बेटी और टीम का हौसला बढ़ाने के लिए उनके साथ उनके पिता रणधीर सिंह भी चीन पहुंचे हैं। बता दें कि रणधीर सिंह एशियन गेम्स में शूटिंग में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी हैं। पिता की बात बेटी भी अब इस दिशा में आगे बढ़ रही है जिन्होंने सिल्वर मेडल जीतने में सफलता हासिल की है।

वैसे बता दें कि भारत को राजेश्वरी, मनीषा और प्रीति से गोल्ड मेडल की उम्मीद थी हालांकि इसमें टीम को सफलता नहीं मिली। बता दें कि रविवार को ही भारतीय टीम ने शूटिंग में गोल्ड मेडल जीता है। यह मेडल के चेनाई, पृथ्वीराज टोंडिमन और जोरावर सिंह की मेंस टीम ने हासिल किया है।

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Mon, 02 Oct 2023 08:50:27 +0530 YogeshJai
भारत सरकार ने किया 10% अधिक जीएसटी कलेक्शन, अब पहुंचा 1.62 लाख करोड़ रुपये के पार https://nishpakshjanavlokan.in/भारत-सरकार-ने-किया-10-अधिक-जीएसटी-कलेक्शन-अब-पहुंचा-162-लाख-करोड़-रुपये-के-पार https://nishpakshjanavlokan.in/भारत-सरकार-ने-किया-10-अधिक-जीएसटी-कलेक्शन-अब-पहुंचा-162-लाख-करोड़-रुपये-के-पार नयी दिल्ली। देश में सकल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह सितंबर में सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर 1.62 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। चालू वित्त वर्ष में यह चौथा महीना है, जब कर संग्रह 1.6 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। पिछले महीने सकल जीएसटी राजस्व 1,62,712 करोड़ रुपये रहा। इसमें केंद्रीय जीएसटी 29,818 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी 37,657 करोड़ रुपये, एकीकृत जीएसटी 83,623 करोड़ रुपये (माल के आयात पर जमा 41,145 करोड़ रुपये सहित) और उपकर 11,613 करोड़ रुपये (माल के आयात पर जमा 881 करोड़ रुपये सहित) था।

वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा कि सितंबर, 2023 में जीएसटी संग्रह पिछले साल के इसी महीने के 1.47 लाख करोड़ रुपये से 10 प्रतिशत अधिक रहा। बयान में कहा गया, ‘‘समीक्षाधीन महीने के दौरान घरेलू लेनदेन (सेवाओं के आयात सहित) से राजस्व सालाना आधार पर 14 प्रतिशत अधिक रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में यह चौथी बार है कि सकल जीएसटी संग्रह 1.60 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है।’’ वित्त वर्ष 2023-24 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में सकल जीएसटी संग्रह 9,92,508 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 11 प्रतिशत अधिक है।

अप्रैल-सितंबर 2023 के दौरान औसत मासिक सकल संग्रह 1.65 लाख करोड़ रुपये था। यह आंकड़ा सालाना आधार पर 11 प्रतिशत अधिक है। केपीएमजी के अप्रत्यक्ष कर प्रमुख अभिषेक जैन ने कहा कि वित्त वर्ष 2017-18 के लिए सीमा की सामान्य अवधि 30 सितंबर को खत्म हो गई है और उक्त अवधि के लिए कर मुद्दों को निपटाने का इस वृद्धि में योगदान हो सकता है। उन्होंने कहा कि हालांकि अब 1.6 लाख करोड़ रुपये से अधिक का संग्रह सामान्य लगता है और त्योहारी सत्र नजदीक आने पर इसमें और बढ़ोतरी देखी जा सकती है। डेलॉयट इंडिया के पार्टनर एम एस मणि के अनुसार सितंबर का जीएसटी संग्रह त्योहारी सत्र के आगामी महीनों के लिए अच्छा संकेत है और अर्थव्यवस्था में तेजी को दर्शाता है।

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Mon, 02 Oct 2023 08:45:53 +0530 YogeshJai
America&India Relations । चांद से भी परे पहुंचेंगे.... S Jaishankar ने भारत और अमेरिका के संबंधों की तुलना Chandrayaan से की https://nishpakshjanavlokan.in/america-india-relations-चांद-से-भी-परे-पहुंचेंगे-s-jaishankar-ने-भारत-और-अमेरिका-के-संबंधों-की-तुलना-chandrayaan-से-की https://nishpakshjanavlokan.in/america-india-relations-चांद-से-भी-परे-पहुंचेंगे-s-jaishankar-ने-भारत-और-अमेरिका-के-संबंधों-की-तुलना-chandrayaan-से-की वाशिंगटन। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत और अमेरिका के संबंध अब तक के उच्चतम स्तर पर हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार उन्हें एक अलग स्तर तक लेकर जाएगी। जयशंकर ने कहा कि ये द्विपक्षीय संबंध चंद्रयान की तरह चांद पर और उससे भी परे पहुंचेंगे। भारतीय दूतावास द्वारा शनिवार को यहां आयोजित ‘सेलिब्रेटिंग कलर्स ऑफ फ्रेंडशिप’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका के विभिन्न हिस्सों से ‘इंडिया हाउस’ में एकत्र हुए सैकड़ों भारतीय-अमेरिकियों को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा, ‘‘आज एक स्पष्ट संदेश है कि हमारा रिश्ता अब तक के उच्चतम स्तर पर है, लेकिन जैसा कि अमेरिका में कहा जाता है कि आपने अभी तक कुछ भी नहीं देखा है, हम इन संबंधों को एक अलग स्तर, एक अलग जगह ले जाने वाले हैं।’’ जयशंकर ने कहा कि जी20 की सफलता अमेरिका के सहयोग के बिना संभव नहीं हो सकती थी। उन्होंने कहा, ‘‘जब चीजें अच्छी होती हैं, तो हमेशा मेजबान को इसका श्रेय मिलता है। यह उचित भी है, लेकिन यदि जी20 के सभी सदस्य देश इस आयोजन की सफलता के लिए काम नहीं करते, तो यह संभव नहीं था।’

जयशंकर ने भारतीय-अमेरिकियों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा, ‘‘मैं आज इस देश में हूं, खासकर इसलिए मुझे यह कहना चाहिए कि जी20 को सफल बनाने के लिए जो योगदान, जो सहयोग और समझ हमें अमेरिका से मिली, उसकी मैं वाशिंगटन डीसी में सार्वजनिक तौर पर सराहना करना चाहूंगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘तो, शाब्दिक रूप से यह हमारी सफलता हो सकती है, लेकिन मुझे लगता है कि यह जी20 (राष्ट्रों) की सफलता थी। मेरे लिए, यह भारत-अमेरिका साझेदारी की भी सफलता थी... कृपया इस साझेदारी को वह समर्थन देते रहें, जिसकी उसे आवश्यकता है, जिसकी यह हकदार है और जिसकी अपेक्षा है। मैं आपसे वादा कर सकता हूं कि ये संबंध चंद्रयान की तरह चंद्रमा तक, शायद उससे भी आगे तक जाएंगे।’’

जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच मानवीय संबंध इस द्विपक्षीय संबंध को और अनूठा बनाते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘देश एक-दूसरे के साथ व्यापार करते हैं। देश एक-दूसरे के साथ राजनीति करते हैं। उनके बीच सैन्य संबंध होते हैं, वे अभ्यास करते हैं और उनके बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान होता है, लेकिन जब दो देशों के बीच गहरे मानवीय संबंध हों, तो यह पूरी तरह से अलग स्थिति होती है। हमारे संबंधों की यही आज अहम विशेषता है।’’ जयशंकर ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों के निर्माण में प्रवासी भारतीयों का अत्यधिक योगदान है। उन्होंने कहा, ‘‘इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। इसी आधार के सहारे हम आगे देख रहे हैं... क्षितिज पर नयी आशा देख रहे हैं... इसलिए, मुझे लगता है कि जब हम क्षितिज को देखते हैं, तो हमें वहां वास्तव में शानदार संभावनाएं दिखाई देती हैं और यह समुदाय ही इन्हें संभव बनाएगा।’’

मंत्री ने कहा कि आज का भारत पहले के भारत से अलग है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपसे कहना चाहता हूं कि मैं जिसकी बात कर रहा हूं, वह वास्तव में एक अलग भारत है। जैसा कि आपने दूसरों से सुना है, यह वह भारत है, जो चंद्रयान-3 मिशन को पूरा करने में सक्षम है।’ जयशंकर ने कहा, ‘‘यह वह भारत है, जो सबसे शानदार जी20 सम्मेलन आयोजित करने में सक्षम रहा और उसने उन लोगों को गलत साबित कर दिया, जिन्होंने कहा था कि हम 20 देशों को एक साथ नहीं ला पाएंगे।’’ उन्होंने कहा कि यह वह भारत है, जिसने कोविड-19 महामारी के दौरान दिखाया कि वह न केवल अपने लोगों की देखभाल कर सकता है, बल्कि दुनियाभर के सैकड़ों देशों की ओर मदद का हाथ भी बढ़ा सकता है। जयशंकर ने कहा आज भारत में सबसे तेजी से 5जी सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर भारत के कदमों में आज ऊर्जा है, अगर उसकी आवाज में आत्मविश्वास है, तो इसके कई कारण हैं। मंत्री ने कहा, ‘‘क्योंकि यह 10 साल की कड़ी मेहनत का नतीजा है... ऐसे कई क्षेत्र हैं, जहां हमारी क्षमताएं दोगुनी या तिगुनी हो गई हैं।

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Mon, 02 Oct 2023 08:40:21 +0530 YogeshJai
PM Modi ने अंकित बैयनपुरिया के साथ किया श्रमदान, जानें कौन हैं ये फिटनेस आइकॉन https://nishpakshjanavlokan.in/pm-modi-ने-अंकित-बैयनपुरिया-के-साथ-किया-श्रमदान-जानें-कौन-हैं-ये-फिटनेस-आइकॉन https://nishpakshjanavlokan.in/pm-modi-ने-अंकित-बैयनपुरिया-के-साथ-किया-श्रमदान-जानें-कौन-हैं-ये-फिटनेस-आइकॉन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक युवा भी मौजूद था जिसका नाम अंकित बैयनपुरिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंकित बैयनपुरिया के साथ मिलकर स्वच्छता के लिए श्रमदान किया।

दोनों के श्रमदान का एक वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक पर भी शेयर किया है। इस वीडियो के शेयर किए जाने के बाद हर कोई अंकित बैयनपुरिया के बारे में जानने के लिए इच्छुक है। प्रधानमंत्री और अंकित के बीच डिसिप्लिन, सोशल मीडिया लाइफ और कई अन्य मुद्दों पर चर्चा भी हुई। इस पूरी बातचीत का वीडियो प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है जिसके बाद हर कोई जानना चाहता है कि अंकित कौन है।

बता दें की मूल रूप से अंकित बैयनपुरिया सोनीपत हरियाणा के रहने वाले हैं। उन्हें लोग अंकित सिंह के नाम से भी जानते हैं जिनका यूट्यूब पर वर्ष 2013 से एक चैनल भी चल रहा है। हालांकि उनका पहला वीडियो वर्ष 2017 में सामने आया था। यूट्यूब की शुरुआत में अंकित अपने चैनल पर हंसी मजाक वाली वीडियो पोस्ट करते थे। वही कोरोनावायरस लॉकडाउन के दौरान अंकित ने अपने चैनल के कंटेंट में बदलाव किया। कोरोना के दौरान उन्होंने हेल्थ और फिटनेस से संबंधित वीडियो अपने चैनल पर पोस्ट करने शुरू किया। बता दें कि वर्तमान में अंकित के चैनल पर 1.77 मिलियन से भी ज्यादा फॉलोअर्स है। उनके चैनल पर 100000 से अधिक सब्सक्राइबर्स है। यूट्यूब उन्हें सिल्वर बटन भी दे चुका है।

बता दें कि अंकित फिटनेस से संबंधित वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर डालते रहते हैं। अंकित को सोशल मीडिया पर देसी वर्कआउट के लिए काफी पसंद किया जाता है। हाल ही में उन्होंने 75 डे हार्ड चैलेंज किया था जिसके बाद वह चर्चा में आए थे। यह चैलेंज मानसिक स्वास्थ्य और अनुशासन पर आधारित था। इस चैलेंज के दौरान अंकित के वर्कआउट के वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में आए थे। 75 दिनों तक चलने वाला यह चैलेंज अमेरिकी उद्यमी एंडी फ्रिसेला से प्रेरित था। 

कठिन है 75 डे चैलेंज 

बता दें कि 75 डे चैलेंज बहुत कठिन होता है जिसमें दिन भर में सिर्फ 4 लीटर पानी पीना होता है। इसके बाद 45-45 मिनट के दो आउटडोर वर्कआउट करने होते हैं। साथ ही चैलेंज करने वाले को एक डाइट फॉलो करनी होती है। इस दौरान किसी तरह के अल्कोहल का सेवन भी नहीं किया जाता। आमतौर पर जहां हफ्ते में एक दिन चीट डे होता है लेकिन इस चैलेंज में कोई चीट मील शामिल नहीं होता। साथ ही नॉन फिक्शनल किताब के 10 पेज रोजाना पढ़ने भी जरूरी होते हैं।

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Mon, 02 Oct 2023 08:34:49 +0530 YogeshJai
थाना मेहदावल अंतर्गत बड़ौदा बैंक में चोरी के प्रयास का दुस्साहस करने वाला अभियुक्त गिरफ्तार, https://nishpakshjanavlokan.in/थाना-मेहदावल-अंतर्गत-बड़ौदा-बैंक-में-चोरी-के-प्रयास-का-दुस्साहस-करने-वाला-अभियुक्त-गिरफ्तार https://nishpakshjanavlokan.in/थाना-मेहदावल-अंतर्गत-बड़ौदा-बैंक-में-चोरी-के-प्रयास-का-दुस्साहस-करने-वाला-अभियुक्त-गिरफ्तार विजय कुमार सैनी।

  संत कबीर नगर! पुलिस अधीक्षक जनपद संत कबीर नगर सत्यजीत गुप्ता के मार्गदर्शन में जनपद में अपराध व अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के तहत क्षेत्राधिकारी मेहदावल अम्बरीष सिंह भदौरिया के निकट पर्यवेक्षण में प्रभारी निरिक्षक मेहदावल  विजय कुमार दूबे के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा मु0अ0सं0 406/2023 धारा 457 / 380 / 511 भादवि में प्रकाश में आये अभियुक्त करण उर्फ बिट्टू पुत्र स्व0 विजय कुमार निवासी मोहल्ला ठाकुर द्वारा थाना मेहदावल जनपद संत कबीर नगर को गिरफ्तार किया गया । अभियुक्त की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त 01 अदद हथौड़ा (बंसुली) को बरामद किया गया ।

करण उर्फ बिट्टू पुत्र स्व0 विजय कुमार मोहल्ला ठाकुर द्वारा थाना मेहदावल जनपद संत कबीर नगर का निवासी हैं दिनांक11/12.09.2023 की रात में अज्ञात व्यक्ति द्वारा मेहदावल थाना क्षेत्र के तड़वरिया में स्थित UP बड़ौदा बैंक में बैंक के पीछे से ग्रिल तोड़ कर चोरी करने का दुसाहसिक प्रयास किया था । जिसके संबंध में दिनांक 12.09.2023 को बैंक मैनेजर श्री मृत्युंजय कुमार द्वारा बैंक के पीछे के हिस्से में खिड़की के दो-तीन ग्रिल तोड़कर चोरी का प्रयास करने के संबंध में सूचना दिया गया था । घटनास्थल पर मेहदावल पुलिस, फील्ड यूनिट व सर्विलांस टीम द्वारा पहुंचकर बैंक के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की मॉनिटरिंग एवं वीडियो फुटेज का अवलोकन किया गया । मेंहदावल पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए घटना में प्रकाश में आये अभियुक्त को 24 घण्टे के अन्दर गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया ।

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Wed, 13 Sep 2023 17:45:14 +0530 YogeshJai
घटिया सामग्री से बनाया जा रहा था नाला, बुलडोजर से कराया ध्वस्त, दोबारा होगा निर्माण https://nishpakshjanavlokan.in/Drain-was-being-built-with-poor-material,-demolished-with-bulldozer,-construction-to-be-done-again https://nishpakshjanavlokan.in/Drain-was-being-built-with-poor-material,-demolished-with-bulldozer,-construction-to-be-done-again
 पीलीभीत की नगर पंचायत पकड़िया नौगवां में निर्माणाधीन नाले का कार्य गुणवत्तापूर्वक नहीं किया गया। मानक के अनुसार सामग्री नहीं लगाई गई। निर्माण पर सवाल उठाते हुए लोगों ने इसकी शिकायत की। इस पर अध्यक्ष प्रतिनिधि ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल करवाई तो निर्माण घटिया पाया गया। इसके बाद अब तक बनाए गए नाले को बुलडोजर से ध्वस्त करा दिया गया।
 मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के अंतर्गत नगर पंचायत पकड़िया नौगवां के इस्लामनगर में नगर पंचायत कार्यालय के पास नाला का निर्माण चल रहा है। नाले में घटिया सामग्री प्रयोग होने की कुछ लोगों ने नगर पंचायत अध्यक्ष से शिकायत की थी। शिकायत पर अध्यक्ष प्रतिनिधि संतोख सिंह संधू ने रविवार को मौके पर जाकर  निरीक्षण किया। निरीक्षण में निर्माणाधीन नाले की गुणवत्ता ठीक नहीं पाई गई। 


पूरनपुर मैं ट्रेनों के संचालन को लेकर सपाइयों ने जताया विरोध प्रदर्शन उग्र आंदोलन की चेतावनी दी
आज समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष हाजी लाडले द्वारा 5 साल बीत जाने के बाद भी रेलवे प्रशासन द्वारा ट्रेनें न चलाए जाने को लेकर रेलवे स्टेशन पर धरना प्रदर्शन कर शीघ्र ट्रेनें न चलाए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई
सपा नगर अध्यक्ष हाजी लाडले ने बताया की रेलवे प्रशासन द्वारा एक साल में ट्रेनें चलाने का समय दिया गया था 5 सालें बीत जाने के बाद भी अभी तक ट्रेनें नहीं चलाईं गई जब कि शाहगढ़ तक रेल्वे का काम पूरा हो चुका है 
ट्रेनें न चलने से व्यापार पूरी तरह चौपट हो गया है रोडवेज द्वारा कोई बसों का इंतजाम नहीं किया गया है डगा मार बहनों से ओवर लोड सवारियां ढोई जा रहीं हैं जिस से आए दिन एक्सीडेंट हो रहे हैं जिस से जनता में आक्रोश बढ़ रहा है हमारी मांग है अगर शीघ्र ही रेल्वे प्रशासन द्वारा ट्रेनें नहीं चलाई गई तो समाजवादी पार्टी द्वारा एक बहुत बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा
आज धरना प्रदर्शन में सपा नगर अध्यक्ष हाजी लाडले बंटू खां लल्ला भाई डा अलीम गुड्डू भाई शकील भाई इब्ने हसन सभासद मोह हनीफ रफीउल्ला भाई आदि लोग उपस्थित थे

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Sun, 10 Sep 2023 17:42:47 +0530 YogeshJai
बारिश में तेज हवा ने बढ़ाई किसानों की चिंता, फसलें गिरीं; शहर में जलभराव से लोग परेशान https://nishpakshjanavlokan.in/Strong-wind-during-rain-worries-farmers,-crops-fall-people-from-document-in-city https://nishpakshjanavlokan.in/Strong-wind-during-rain-worries-farmers,-crops-fall-people-from-document-in-city पीलीभीत जिले में शुक्रवार रात से बारिश का सिलसिला जारी है। शनिवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। रात में भी झमाझम बारिश हुई। रविवार को सुबह की शुरुआत भी बारिश के बीच हुई। बारिश से गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन सड़कों पर जलभराव से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। झमाझम बारिश से रामलीला रोड, नौगवां पकड़िया रोड, टनकपुर हाईवे किनारे पानी भर गया। सड़क पर पानी भरने से लोगों को आने जाने में परेशानी उठानी पड़ी


करीब एक पखवाड़े बाद हुई बारिश धान और गन्ना की फसलों के लिए संजीवनी साबित होती, लेकिन तेज हवा ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। धान और गन्ने की फसल खेतों में बिछ गई। इससे नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. एस ढाका के अनुसार अभी तक 40 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। रविवार रात और सोमवार को भी बारिश होने की संभावना है
बारिश से जनजीवन पर असर 


शुक्रवार रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला रविवार को भी जारी है। बारिश से मौसम ठंडा हो गया है। बारिश का असर जनजीवन पर भी देखा गया है। गरीब तबके के लोग काम-धंधे पर नहीं जा सके। रिक्शा चालकों को भी कम ही सवारी मिलीं। टनकपुर हाईवे पर छतरी चौराहे के पास जलभराव हो गया। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गन्ना तिराहे पर हाईवे के गड्ढों में पानी भर जाने से यातायात प्रभावित हुआ। रामलीला रोड भी तालाब बन गई।


धान की फसल गिरने से झड़ गया बालियों का फूल


बारिश के साथ तेज हवा चलने से खेतों में गन्ने के अलावा धान की फसल भी गिर गई है। चूंकि ज्यादातर धान की फसल में बाली पर फूल आ चुका है, ऐसे में फसल गिरने से उत्पादन कम होने की आशंका है। तेज हवा के साथ हुई बारिश से अधिकांश खेतों में धान की फसल गिर गई है। फूल झड़ने से किसान उत्पादन कम होने की आशंका जता रहे हैं। भाकियू के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह ने बताया कि गांव जटपुरा, अमरैयाकलां, धरमगदपुर लोधीपुर नवदिया, पचपेड़ा, हरसिंहपुर में कई खेतों में धान की फसल गिर गई है।काफी नुकसान हो गया

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Sun, 10 Sep 2023 17:40:28 +0530 YogeshJai
सांसद उपेंद्र सिंह रावत ने मेरी माटी मेरा देश अभियान के अंतर्गत अमृत कलश में एकत्रित की मिट्टी https://nishpakshjanavlokan.in/MP-collected-soil-in-Amrit-Kalash-under-Meri-Maati-Mera-Desh-campaign https://nishpakshjanavlokan.in/MP-collected-soil-in-Amrit-Kalash-under-Meri-Maati-Mera-Desh-campaign बाराबंकी।  दिनांक 10.09.2023 को सांसद उपेंद्र सिंह रावत ने मेरी माटी मेरा देश अभियान के अंतर्गत विधानसभा सदर के विकास खण्ड बंकी के ग्राम पंचायत सुरसंडा में घर- घर जाकर अमृत कलश में  मिट्टी एकत्रित की । आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए सांसद उपेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि महान भारत के पुनर्निर्माण में आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी  ने जन- जन की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए मेरी माटी मेरा देश अभियान की शुरुआत की है। 2047 में भारत को विकसित देश की कतार में खड़ा करने के लिए प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश की समृद्ध विरासत के साथ विकास का जो ताना बाना बुना है वह मेरी माटी मेरा देश अभियान उसी का हिस्सा है। इसके उपरांत सांसद उपेन्द्र सिंह रावत ने ग्रामीणों को पंच प्रण की शपथ भी दिलाई । कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों में गजब का उत्साह दिखाई दिया। तिरंगा लिए ग्रामीण भारत माता के जयकारे लगा रहे थे।


इस अवसर पर जिला महामंत्री संदीप गुप्ता, मण्डल अध्यक्ष बंकी संजीव कुमार, जिलाध्यक्ष किसान मोर्चा आशुतोष अवस्थी, जिलाध्यक्ष पारख महासंघ सुशील रावत, आयुष भट्ट, शशी कुमार गुप्ता, सूरज भान सिंह, प्रधान आशा देवी, धीरज कुमार, सूरज जायसवाल, जगजीवन वर्मा, ज्ञान सिंह, तुषार जयसवाल सहित ग्रामीण जन मौजूद रहे।

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Sun, 10 Sep 2023 17:30:51 +0530 YogeshJai
अनंत आसमान की ओर चला भारत का अभिमान आदित्य L1 , श्रीहरिकोटा से ISRO की कामयाब लॉन्चिंग https://nishpakshjanavlokan.in/Indias-proud-Aditya-L1-goes-towards-infinite-sky,-ISROs-successful-launch-from-Sriharikota https://nishpakshjanavlokan.in/Indias-proud-Aditya-L1-goes-towards-infinite-sky,-ISROs-successful-launch-from-Sriharikota चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के बाद अब देश के साथ-साथ पूरे विश्व की निगाहें ISRO के सूर्य मिशन यानी Aditya-L1 पर टिकी हैं. श्रीहरिकोटा के लॉन्चिंग सेंटर से आदित्य-L1 मिशन को आज 11.50 बजे लॉन्च कर दिया गया. आदित्य एल-1 अंतरिक्ष यान को पृथ्वी और सूर्य के बीच की एक फीसदी दूरी तय करके L-1 पॉइंट पर पहुंचा देगा 

चांद के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान 3 की ऐतिहासिक लैंडिंग के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन  (इसरो) एक बार फिर इतिहास रचने की दहलीज पर है.  अब देश के साथ-साथ विश्व देश की निगाहें ISRO के सूर्य मिशन यानी Aditya-L1 पर टिकी हैं. श्रीहरिकोटा के लॉन्चिंग सेंटर से ISRO के सूर्य मिशन आदित्य-L1 मिशन को आज 11.50 बजे लॉन्च कर दिया गया. आदित्य एल-1 अंतरिक्ष यान को पृथ्वी और सूर्य के बीच की एक फीसदी दूरी तय करके L-1 पॉइंट पर पहुंचा देगा. लॉन्चिंग के ठीक 127 दिन बाद यह अपने पॉइंट L1 तक पहुंचेगा. इस पॉइंट पर पहुंचने के बाद Aditya-L1 बेहद अहम डेटा भेजना शुरू कर देगा

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Sat, 02 Sep 2023 12:05:01 +0530 YogeshJai
द्वारका में धर्मशालाओं की जानकारी https://nishpakshjanavlokan.in/Information-about-Dharamshalas-in-Dwarka, https://nishpakshjanavlokan.in/Information-about-Dharamshalas-in-Dwarka, द्वारका में धर्मशालाओं की जानकारी - 20 धर्मशाला और पता

  1. श्री द्वारकाधीश मंदिर धर्मशाला: यह धर्मशाला मंदिर के पास स्थित है और आरामदायक कमरों के साथ आवास प्रदान करता है। पता: मंदिर मार्ग, द्वारका, गुजरात, भारत

  2. श्री द्वारकेश्वर मंदिर धर्मशाला: यह धर्मशाला मंदिर के पास स्थित है और श्रद्धालुओं को आरामदायक और सुरक्षित रहने की सुविधा प्रदान करता है। पता: मंदिर मार्ग, द्वारका, गुजरात, भारत

  3. श्री रुक्मिणी द्वारकाधीश मंदिर धर्मशाला: यह धर्मशाला रुक्मिणी मंदिर के पास स्थित है और यात्रीगण को आवास की सुविधा प्रदान करता है। पता: मंदिर मार्ग, द्वारका, गुजरात, भारत

  4. बेठ द्वारका धर्मशाला: यह धर्मशाला बेठ द्वारका के पास स्थित है और यहाँ पर शांतिपूर्ण आरामदायक माहौल प्रदान करती है। पता: बेठ द्वारका, गुजरात, भारत

  5. द्वारका धर्मशाला: यह धर्मशाला द्वारका के बजार क्षेत्र में स्थित है और साफ़-सुथरे कमरों में आरामदायक रहने की सुविधा प्रदान करता है। पता: बजार मार्ग, द्वारका, गुजरात, भारत

  6. श्री नीलकंठेश्वर मंदिर धर्मशाला: यह धर्मशाला नीलकंठेश्वर मंदिर के पास स्थित है और पर्यटकों को आरामदायक रहने की सुविधा प्रदान करता है। पता: मंदिर मार्ग, द्वारका, गुजरात, भारत

  7. श्री गोरखनाथ मंदिर धर्मशाला: यह धर्मशाला गोरखनाथ मंदिर के पास स्थित है और यहाँ पर सुखद और शांतिपूर्ण माहौल प्रदान करता है। पता: मंदिर मार्ग, द्वारका, गुजरात, भारत

  8. श्री इश्वर शरण मंदिर धर्मशाला: यह धर्मशाला इश्वर शरण मंदिर के पास स्थित है और साफ़-सुथरे कमरों में आराम की सुविधा होती है। पता: मंदिर मार्ग, द्वारका, गुजरात, भारत

  9. श्री जगत मंदिर धर्मशाला: यह धर्मशाला जगत मंदिर के पास स्थित है और यहाँ पर आरामदायक कमरों में विश्राम की सुविधा होती है। पता: मंदिर मार्ग, द्वारका, गुजरात, भारत

  10. दुर्गा देवी मंदिर धर्मशाला: यह धर्मशाला दुर्गा देवी मंदिर के पास स्थित है और यहाँ पर आवास की अच्छी सुविधा होती है। पता: मंदिर मार्ग, द्वारका, गुजरात, भारत

  11. श्री रामधाम मंदिर धर्मशाला: यह धर्मशाला रामधाम मंदिर के पास स्थित है और यहाँ पर यात्रीगण के लिए सुविधाजनक आवास प्रदान करता है। पता: मंदिर मार्ग, द्वारका, गुजरात, भारत

  12. गीता मंदिर धर्मशाला: यह धर्मशाला गीता मंदिर के पास स्थित है और यहाँ पर यात्रीगण के लिए आरामदायक आवास प्रदान करता है। पता: मंदिर मार्ग, द्वारका, गुजरात, भारत

  13. श्री भीमेश्वर महादेव मंदिर धर्मशाला: यह धर्मशाला भीमेश्वर महादेव मंदिर के पास स्थित है और यहाँ पर शांतिपूर्ण आवास की सुविधा प्रदान करता है। पता: मंदिर मार्ग, द्वारका, गुजरात, भारत

  14. भगवान श्रीकृष्ण मंदिर धर्मशाला: यह धर्मशाला भगवान श्रीकृष्ण मंदिर के पास स्थित है और यहाँ पर यात्रीगण को सुविधाजनक आवास प्रदान करता है। पता: मंदिर मार्ग, द्वारका, गुजरात, भारत

  15. गोमती नदी घाट धर्मशाला: यह धर्मशाला गोमती नदी के किनारे स्थित है और यहाँ पर आरामदायक आवास और प्राकृतिक सौंदर्य है। पता: गोमती घाट, द्वारका, गुजरात, भारत

  16. श्री द्वारकेश्वर धर्मशाला: यह धर्मशाला द्वारकेश्वर मंदिर के पास स्थित है और यहाँ पर आरामदायक आवास प्रदान करता है। पता: मंदिर मार्ग, द्वारका, गुजरात, भारत

  17. श्री नागेश्वर महादेव मंदिर धर्मशाला: यह धर्मशाला नागेश्वर महादेव मंदिर के पास स्थित है और यहाँ पर यात्रीगण के लिए सुविधाजनक आवास प्रदान करता है। पता: मंदिर मार्ग, द्वारका, गुजरात, भारत

  18. कृष्ण जन्मभूमि मंदिर धर्मशाला: यह धर्मशाला कृष्ण जन्मभूमि मंदिर के पास स्थित है और यहाँ पर यात्रीगण को सुविधाजनक आवास प्रदान करता है। पता: मंदिर मार्ग, द्वारका, गुजरात, भारत

  19. श्री राधाकृष्ण मंदिर धर्मशाला: यह धर्मशाला श्री राधाकृष्ण मंदिर के पास स्थित है और यहाँ पर यात्रीगण को सुविधाजनक आवास प्रदान करता है। पता: मंदिर मार्ग, द्वारका, गुजरात, भारत

  20. श्री वित्ठलनाथजी मंदिर धर्मशाला: यह धर्मशाला वित्ठलनाथजी मंदिर के पास स्थित है और यहाँ पर यात्रीगण को सुविधाजनक आवास प्रदान करता है। पता: मंदिर मार्ग, द्वारका, गुजरात, भारत

यह थी द्वारका में 20 धर्मशालाओं की जानकारी जिनमें यात्रीगण आरामदायक आवास प्राप्त कर सकते हैं। कृपया ध्यान दें कि इस जानकारी में संपर्क नंबर और अन्य विवरण शामिल नहीं हैं।

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Sun, 20 Aug 2023 23:07:27 +0530 YogeshJai
श्री द्वारकाधीश धाम, नागेश्वर ज्योतिर्लिंग और बेट द्वारका दर्शन &सम्पूर्ण जानकारी https://nishpakshjanavlokan.in/Shri-Dwarkadhish-Dham,-Nageshwar-Jyotirlinga-and-Bet-Dwarka-Darshan---Complete-Information https://nishpakshjanavlokan.in/Shri-Dwarkadhish-Dham,-Nageshwar-Jyotirlinga-and-Bet-Dwarka-Darshan---Complete-Information
  •  द्वारका कैसे पहुंचे?
  •  द्वारका में ठहरने की व्यवस्था
  • भगवान श्री कृष्ण ने बसाई द्वारका
  • श्री द्वारकाधीश दर्शन
  • गोमती घाट और मंदिरों के दर्शन
  • पंच नंदन तीर्थ और समुद्र नारायण मंदिर दर्शन
  • द्वारका बीच
  • द्वारका के निकट अति महत्वपूर्ण स्थलों का दर्शन
  • रुक्मणीदेवी मंदिर
  • नागेश्वर ज्योतिर्लिंग
  • गोपी तालाब
  • बेट द्वारका
  • बेट द्वारका में श्री द्वारकाधीश दर्शन
  • Dwarka Darshan Hindi

    गुजरात के जामनगर जिले में स्थित द्वारका भारत के 4 धाम में से एक धाम होने के साथ ही सात मोक्षदायी तथा अति पवित्र नगरों अयोध्या, मथुरा, माया (हरिद्वार), काशी, काञ्चीपुरम, अवन्तिका (उज्जैन), द्वारिकापुरी में से एक है। अरब सागर के किनारे बसी द्वारका समुद्री चक्रवात तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण अब तक छः बार समुद्र में डूब चुकी है। अभी जो द्वारका नगरी हमारे सामने उपस्थित है, वह सातवीं बार बसाई गई द्वारका है। यह शहर ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के अलावा श्री द्वारकाधीश मंदिर के लिए विश्व प्रसिद्ध है। श्री द्वारकानाथ का दर्शन करने लाखों तीर्थयात्री प्रतिवर्ष यहाँ आते रहते हैं।

    द्वारका कैसे पहुंचे?


    एयरप्लेन से द्वारका कैसे पहुंचे?

    द्वारका से लगभग 127 किलोमीटर की दूरी पर जामनगर एयरपोर्ट और 107 किलोमीटर की दूरी पर पोरबंदर एयरपोर्ट स्थित है। यहाँ से आप टैक्सी या कैब के जरिये द्वारका पहुँच सकते हैं। अगर आपके शहर से इन एयरपोर्ट के लिए फ्लाइट नहीं है तो आप मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट आ जाइये, वहाँ से नियमित फ्लाइट उपलब्ध हैं।


    रेल मार्ग से द्वारका कैसे पहुंचे?

    द्वारका रेलवे स्टेशन के लिए भारत के प्रमुख शहरों से रेल सेवा उपलब्ध है। अगर आपके शहर से द्वारका के लिए डायरेक्ट ट्रेन उपलब्ध नही है, तो आप राजकोट, अहमदाबाद या जामनगर आ सकते है। यहाँ की रेलवे लाइनें पूरे देश में फैली हुई है, जो गुजरात को भारत के सभी शहरों से जोड़ती हैं।

    सड़क मार्ग से द्वारका कैसे पहुंचे?

    द्वारका सड़क मार्ग कई राज्य के राजमार्गों से जुड़ा हुआ है। देश के कई बड़े शहरों से द्वारका के लिए बस सेवाएँ उपलब्ध है। द्वारका और आसपास के शहरों से राज्य परिवहन के अलावा प्राइवेट AC / NON AC बसें  नियमित अंतराल पर मिल जाती हैं।

     


    द्वारका में ठहरने की व्यवस्था


    द्वारका में रुकने के लिए रिलाइंस ट्रस्ट के कोकिला धीरजधाम सबसे उचित स्थान है। यहाँ नॉन एसी रूम 600 रूपये में और एसी रूम 980 रूपये में उपलब्ध है। होटल में 600 रूपये में नॉन एसी और 1000 रूपये से एसी रूम मिलना शुरू होता है। धर्मशालाओं में डोरमेट्री बेड 200 रूपये, रूम 400 में और हॉल में 100 रूपये प्रति व्यक्ति ठहरने के लिए मिल जाता है।

    द्वारका की धर्मशालाओं की जानकारी के लिए लिंक नीचे दिया गया है।

    Dharamshala in Dwarka – द्वारका में धर्मशालाओं की जानकारी, कम किराये में अच्छी धर्मशाला

     

    भगवान श्री कृष्ण ने बसाई द्वारका

    गोमती नदी के तट पर बसा यह पौराणिक नगर द्वारका भगवान श्री कृष्ण का निवास स्थान था। जब श्री कृष्ण ने अत्याचारी राजा कंस का वध किया, तो उसके ससुर जरासंध क्रोध से पागल हो गए। जरासंध ने 17 बार भगवान कृष्ण की राजधानी मथुरा पर आक्रमण किया और अपने दामाद कंस की मृत्यु का बदला लेने की कोशिश की। जरासंध के बार बार आक्रमण करने से लोगों का जीवन, व्यापार और खेती बर्बाद हो रही थी। लोगों का जीवन बचाने और बार बार के नुकसान से बचने के श्री कृष्ण ने लड़ाई के मैदान को छोड़ दिया और रणछोड़जी नाम भी विख्यात हुए।

    यादववंशी श्री कृष्ण ने वर्तमान में ओखा के निकट बारह योजन की भूमि पर (बेट द्वारका) पर अपना राज्य स्थापित किया। द्वारका एक सुनियोजित, सुव्यवस्थित, आवासीय और वाणिज्यिक शहर था, जिसमे सोने, चांदी और अन्य कीमती पत्थरों से बने महल, सुंदर उद्यान और झीलें भी थीं। द्वारका को स्वर्ण का शहर कहा जाने लगा और भगवान श्री कृष्ण को द्वारकाधीश के नाम से विश्व में पूजे गये।

     

    श्री द्वारकाधीश दर्शन

    आप भगवान द्वारकाधीश का मंदिर जिसे जगद मंदिर भी कहा जाता है के पास पहुँच जाइये। आप इस 5 मजिल ऊँचे भव्य मंदिर की सुन्दरता देखकर और मंदिर के शिखर पर लहराती मनमोहक विशाल ध्वजा को देखकर पलके भी नहीं झपका पाएंगे। मंदिर के शिखर की यह बहुरंगी 84 फुट लम्बी ध्वजा प्रतिदीन पांच बार बदली जाती है। द्वारकाधीश को अर्पण करने के लिए तुलसीदल (मंजरी) की माला और माखन मिश्री का प्रसाद श्रद्धानुसार ले सकते है। मंदिर में 2 द्वार है मोक्ष द्वार और स्वर्ग द्वार। आपको स्वर्ग द्वार से मंदिर के भीतर प्रवेश करना है। दर्शन लाइन में लगने के बाद 1-2 घंटे का समय द्वारकाधीश तक पहुचने में लगता है। व्यर्थ की बातें करके अपना समय खराब न करें, आप द्वारकाधीश मंदिर में खड़े है, मन ही मन जय श्री कृष्णा, गोपाल कृष्णा, राधे कृष्णा, जय श्री कृष्णा हरे  हरे का अपनी इच्छानुसार जाप करते रहें। समय पंख लगाकर उड़ जायेगा और आप गर्भगृह में द्वारकाधीश के सम्मुख आ जायेंगे। अब आपको द्वारका में विराजित लोक-पालक, ब्रह्मांड नायक, राजाधिराज श्री द्वारकाधीश के दिव्य दर्शन होंगे। आप इनके श्यामवर्णीय, चतुर्भुज, अपने 4 हाथों में शंख, चक्र, गदा और कमल धारण किये, कई माणिक रत्नों के आभूषण से सुसज्जित, सुन्दर वेशभूषा से सजे रूप को निहारते रहिये और इन्हें अपने अंतर्मन में बसा लीजिये ताकि जब भी आप अपनी आंखे बंद करें तो आपको श्री द्वारकाधीश के दर्शन हो जायें। दर्शन करने के बाद आप मोक्ष द्वार से बाहर की ओर आ जाइये, जहाँ आपको गोमती नदी के दर्शन होंगे।

    समय सारिणी

    दर्शन समय

    6:30 AM – 1:00 PM,

    5:00 PM – 9:30 PM

    आरती

    6:30 AM, 10:30 AM, 7:30 PM, 8:30 PM


    मंदिर में ग्यारह बार श्री द्वारकाधीश के सम्मुख भोग समर्पित किये जाते हैं। मंगलाभोग, मक्खन मिश्री भोग, सांब भोग, श्रृंगार भोग, मध्यान्हः भोग, राजभोग, बन्ठा भोग, उत्थापन भोग, संध्या भोग, शयन भोग और शयन बंठा भोग।

     

    गोमती घाट और मंदिरों के दर्शन


    गोमती नदी के किनारे नौ घाट है। जहाँ सरकारी घाट के पास एक निष्पाप कुण्ड है, यहाँ आप गोमती नदी का दर्शन और स्नान कर लीजिये। यहाँ सावलिया जी मंदिर, गोबरधननाथ मंदिर, महाप्रभु बैठक और वासुदेव घाट पर हनुमानजी का मन्दिर है। आखिर में संगम घाट आता है, यहां गोमती नदी का समुद्र से संगम होता है। इस संगम घाट पर नारायणजी का बहुत बड़ा मन्दिर है।

     

    पंच नंदन तीर्थ और समुद्र नारायण मंदिर दर्शन


    आप गोमती घाट के पास बने सुदामा सेतु को पार करके पंचनंदन तीर्थ आ जाइये। यह सुदामा सेतु ऋषिकेश के लक्ष्मण झूले जैसा दीखता है। यहाँ पांच पांडव के नाम पर पांच कुण्ड बने है। आप इन पांचों कुण्ड के जल का आचमन कर लीजिये, आपको आश्चर्य होगा कि चारों तरफ समुद्र का गहरा खारा पानी होने के बाद भी इन कुण्ड के जल का स्वाद मीठा और एक दूसरे से भिन्न है। यहाँ प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर है, जिसके आँगन में अद्भुद पेड़ है। ऐसा पेड़ आपने पहले नहीं देखा होगा, इस पेड़ के नीचे ऋषि दुर्वासा ने तपस्या की थी।

     

    द्वारका बीच


    द्वारकाधीश मंदिर से करीब 1 किमी की दूरी और समुद्र नारायण मंदिर से कुछ क़दमों की दूरी पर द्वारका बीच है। यहाँ दूर दूर तक फैला सफ़ेद रेत का समुद्री तट द्वारका में आराम करने के लिए सबसे अच्छी जगह है। यहाँ आप ऊंट की सवारी का आनंद ले सकते है। यहाँ समुद्र की लहरे ऊँची आती है इसलिए समुद्र में उछलकूद करते समय ज्यादा आगे तक न जाएँ और बच्चों का ध्यान रखे। शाम को यहाँ शांत और खूबसूरत वातावरण निर्मित हो जाता है।

     

    द्वारका के निकट अति महत्वपूर्ण स्थलों का दर्शन


    द्वारका के पास कई महत्वपूर्ण स्थल है, जिन्हें देखे बिना यात्रा अधूरी है। आप इन जगहों के दर्शन के लिए 2 तरह से जा सकते है, पर्सनल टैक्सी या बस से। द्वारकाधीश मंदिर के पास लोकल मार्किट में पर्सनल टैक्सी या बस में बुकिंग के लिए ट्रेवल एजेंट की दुकाने बनी है।

    1 – पर्सनल टैक्सी से आप 6-8 घंटे में करीब 600 से 800 रुपये का चार्ज देकर सारी देखने वाली जगहों पर घूमने जा सकते है।

    2 – बस द्वारका से सुबह 8 बजे और दोपहर 12 बजे निकलती है। आप सुबह 8 बजे वाली बस को बुक करें क्योकि दोपहर 12 बजे वाली बस से जाने पर भेट द्वारका से लौटने में रात हो जाती है, जिससे आपको परेशानी हो सकती है। बस का किराया 120 – 150 रूपये रहता है।

     

    रुक्मणीदेवी मंदिर


    बस से उतरकर रुक्मिणी मंदिर में प्रवेश करते समय वहां के पंडित आप को रोक कर रानी रुक्मिणी देवी की कथा सुनायेंगे। इसके बाद मुख्य मंदिर में रुक्मिणीजी के दर्शन करने देंगे। मंदिर में रुक्मिणीजी की अति मनमोहक प्रतिमा आपको मंत्रमुग्ध कर देती है। मंदिर में रूक्मिणी जी और भगवान कृष्ण के चित्र और दीवारों पर जटिल नक्काशी बनी हैं। रुक्मिणी मंदिर का  शीर्ष एक ऊँचे शिखर के रूप में है, जिस पर कई सुन्दर स्त्रियों की अति प्राचीन नक्काशियां बनी हुई हैं। शिखर के ऊपर  लहराता हुआ केसरिया ध्वज मंदिर की शोभा बढ़ा रहा है। मंदिर का आधार उल्टे कमल पुष्प की तरह है, जिसमे हाथियों की कतार के ऊपर बने आलों में विष्णु भगवान की प्रतिमाएं बनी है।

    मंदिर के पंडितों के अनुसार एक बार श्रीकृष्ण व रुक्मिणीजी उनके कुलगुरु ऋषी दुर्वासा अतिथी सत्कार करने के लिए अपने रथ में सवार होकर ऋषी को निमंत्रण देने उनके आश्रम पहुंचे। दुर्वासा ऋषि ने एक शर्त रखी कि उन्हें ले जाने वाले रथ को केवल श्री कृष्ण व रुक्मिणी हांकेंगे। कृष्ण व रुक्मिणी ने उनकी मांग सहर्ष स्वीकार कर ली। रुक्मिणीजी को रथ हांकने के कुछ समय पश्चात थक गयीं व प्यास से व्याकुल होकर श्री कृष्ण की तरफ देखने लगीं। भगवान श्री कृष्ण जी ने शीघ्र अपने दाहिने चरण का अंगूठा धरती पर दबाया, जिससे गंगा नदी की धार प्रकट हो गयीं। रानी रुक्मिणी जी ने दुर्वासा मुनि से जलपान का पूछे बिना स्वयं ही जल ग्रहण कर लिया। यह देख दुर्वासा ने क्रोधित होकर श्री कृष्ण व रुक्मिणी को बिछड़ने का श्राप दे दिया। इसलिए रुक्मिणी का मंदिर कृष्ण मंदिर से दूर यहाँ बनाया गया है। इसके साथ ही उन्होंने यहाँ की भूमि को भी बंजर हो जाने का श्राप दे डाला। इसलिए यहाँ के लोग नमक बना कर अपना जीवन यापन करते हैं। टाटा नमक का प्लांट भी यहीं पास बना में बना है। यहां से जल्दी फ्री हो जाइये, इसी सफ़र में आगे नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन भी करने है।

     

    नागेश्वर ज्योतिर्लिंग


    आपको दो किलोमीटर दूर से ही भगवान शिव की ध्यान मुद्रा में एक बड़ी ही मनमोहक अति विशाल प्रतिमा दिखाई देने लगती है। यह 125 फीट ऊँची तथा 25 फीट चौड़ी प्रतिमा नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के परिसर में स्थित है। लाइन में लगकर मंदिर में प्रवेश करने पर पहले एक सभाग्रह आता है। गर्भगृह सभामंड़प से निचले स्तर पर स्थित है। यहाँ से आगे तलघर जैसे गर्भगृह में श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन होते है। शिवलिंग के ऊपर एक चांदी का आवरण चढ़ा हुआ है और एक चांदी के नाग की आकृति बनी हुई है। शिवलिंग के पीछे माता पार्वती की सुंदर मूर्ति स्थापित है। मंदिर के गर्भगृह में पुरुष भक्त केवल धोती पहन कर ही प्रवेश कर सकते हैं। बस यहाँ सिर्फ 20 मिनट के लिए रूकती है इसलिए समय का ध्यान रखें।

    नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की पूरी जानकारी और दर्शन के लिए लिंक नीचे दिया गया है।

    नागेश्वर ज्योतिर्लिंग – जहाँ भगवान शिव ‘नागेश्वर’ कहलाये और माता पार्वती ‘नागेश्वरी’।

     

    गोपी तालाब


    नागेश्वर ज्योतिर्लिंग से करीब 5 किमी की दूरी पर एक छोटा सा तालाब गोपी तालाब है। गोपी तालाब वह दिव्य स्थान है, जहां सभी गोपियों ने भगवान कृष्ण के साथ अपनी अंतिम बार रास लीला की थी। शरद पूर्णिमा की रात को अंतिम रास लीला के बाद गोपियों ने भगवान कृष्ण के साथ इसी तालाब में मोक्ष प्राप्त किया था। गोपियाँ पीली मिट्टी के रूप में परिवर्तित हो गई। इस तालाब की मिटटी चन्दन जैसी पीली है, इसलिए इसे हम गोपी चन्दन कहते है। इसमें कई प्रकार के दिव्य गुण होते हैं, जिनसे कई बीमारियों का इलाज होता हैं। यह चन्दन भक्तों के माथे पर तिलक लगाने के लिए उपयोग किया जाता हैं। कुछ समय तक इस सुन्दर तालाब के दर्शन करने के बाद हम बेट द्वारका के लिए चलते है।

     

    बेट द्वारका


    द्वारका से लगभग 30 किलोमीटर दूर ओखा के निकट स्थित है बेट द्वारका। यहाँ भगवान कृष्ण निवास निवास करते थे और उनका दरबार (कार्यालय) द्वारका में लगता था। भगवान श्रीकृष्ण और उनके बचपन के मित्र सुदामा जी से भेंट होने के कारण भी इसे बेट द्वारका कहा जाता है। समुद्र के कुछ किलोमीटर अन्दर एक छोटे से द्वीप (Island) पर स्थित बेट द्वारका पहुँचने के लिए छोटा जहाज या नाव की सहायता लेनी पड़ती है। नाव में बैठने के बाद खुले आकाश के नीचे सुहाने सफ़र का आनंद लेते हुए लगभग आधे घंटे के आप बेट द्वारका पहुँच जाते है। कहते है कि समुद्र में पूरी द्वारका नगरी डूब गई थी, पर बेट द्वारका एक टापू के रूप में आज भी बची है।

     

    बेट द्वारका में श्री द्वारकाधीश दर्शन


    बेट द्वारका पहुचने के बाद आपको एक पतली सड़क से भगवान श्री कृष्ण के मुख्य मंदिर जो एक समय भगवान कृष्ण और उनके परिवार का निवास था, की ओर जाना है। मंदिर पहुचने के बाद एक बहुत बड़ी चहारदीवारी के घेरे के भीतर पांच बड़े-बड़े महल है। प्रथम महल सबसे बड़ा भगवान श्रीकृष्ण का महल है। इस महल से दक्षिण दिशा में रानी सत्यभामा और जाम्बवती की के महल बने है। रूक्मिणी और राधा रानी का महल उत्तर दिशा में है। इन सभी महलों के दरवाजों और चौखट पर चांदी की परत चढ़ी हुई है। भगवान कृष्ण और उनकी चारों रानियों के सिंहासनों को भी चांदी से मढ़ा गया है। ये सभी मनमोहक प्रतिमायें हीरे, मोती और सोने के गहने से सुसज्जित और खूबसूरत जरी को कपड़ों से सजी हुई अपनी आभा बिखेर रही है। इस सभी का दर्शन करने के बाद मंदिर में हांडी से माखन चुराते बालकृष्ण, गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा में उठाये गोवर्धनधारी, वन में बांसुरी बजाते कृष्ण, गज को पूंछ से उठाये भगवान श्री कृष्ण के चित्र और नक्काशी हमारे ह्रदय में अमित छाप छोड़ जाते है। बेट द्वारका में रणछोड़ तालाब, रत्न तालाब, कचौरी तालाब और शंख तालाब आदि कई तालाब बने है। अगर आप बस से आयें है तो समय का ध्यान रखे आपको वापस भी लौटना है। अगर आप पूरे दिन का समय लेकर आये है, तो बेट द्वारका में घूमने के लिए बहुत कुछ है। वापस ओखा लौटने अगर आपकी बस जा चुकी है तो निराश नहीं होइए। यहाँ से दूसरी बस आपको मिल जाएगी, जिससे आप नाममात्र के शुल्क में द्वारका वापस जा सकते है।

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    Sun, 20 Aug 2023 22:52:22 +0530 YogeshJai
    Trivia Quiz& History https://nishpakshjanavlokan.in/Trivia-Quiz--History https://nishpakshjanavlokan.in/Trivia-Quiz--History Sat, 12 Aug 2023 15:33:11 +0530 YogeshJai WFI elections: भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, शनिवार को होनी थी वोटिंग https://nishpakshjanavlokan.in/WFI-elections:-High-court-bans-the-election-of-Wrestling-Federation-of-India,-voting-was-to-be-held-on-Saturday https://nishpakshjanavlokan.in/WFI-elections:-High-court-bans-the-election-of-Wrestling-Federation-of-India,-voting-was-to-be-held-on-Saturday भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) चुनावों के संबंध में एक बड़े घटनाक्रम में, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने हरियाणा कुश्ती संघ (एचडब्ल्यूए) द्वारा दायर एक याचिका के बाद शनिवार (12 अगस्त) को होने वाले मतदान पर रोक लगा दी है। यह रोक अगले आदेश तक है। हरियाणा कुश्ती संघ ने हरियाणा एमेच्योर कुश्ती संघ (HAWA) को WFI चुनावों में वोट डालने की अनुमति देने के कदम को चुनौती देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया। HWA का नेतृत्व संसद सदस्य दीपिंदर हुड्डा करते हैं और यह आधिकारिक तौर पर WFI और हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन (HOA) से संबद्ध है। 

    डब्ल्यूएफआई के नियमों के मुताबिक, एक राज्य संघ अपने चुनाव में वोट डालने के लिए दो सदस्यों को भेज सकता है। लेकिन हरियाणा एमेच्योर कुश्ती संघ ने भी दावा किया है कि उनका डब्ल्यूएफआई से जुड़ाव है और उन्हें चुनाव में वोट देने का अधिकार है। हरियाणा कुश्ती संघ का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील रविंदर मलिक ने खुलासा किया कि HAWA हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन से संबद्ध नहीं है इसलिए वे वोट देने के हकदार नहीं हैं। वहीं, हरियाणा एमेच्योर कुश्ती संघ ने दावा किया कि एचडब्ल्यूए चुनाव प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकता क्योंकि वह डब्ल्यूएफआई से मान्यता प्राप्त नहीं है।

    एचडब्ल्यूए के प्रतिनिधि मलिक ने कहा,‘‘यदि हरियाणा एमेच्योर कुश्ती संघ को चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति दी जाती है, तो इससे पूर्वाग्रह पैदा होगा और साथ ही डब्ल्यूएफआई चुनाव भी अवैध माने जाएंगे।’’ अदालत ने इस पर संज्ञान लिया और कहा कि यह किसी के प्रति पूर्वाग्रह पैदा कर सकता है और प्रथम दृष्टया लगता है कि हरियाणा एमेच्योर कुश्ती संघ वोट डालने की पात्रता नहीं रखता है। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश विनोद एस भारद्वाज की अदालत ने डब्ल्यूएफआई के चुनावों पर रोक लगा दी है।

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    Fri, 11 Aug 2023 19:58:54 +0530 YogeshJai
    मुंह और सांसों की बदबू मिनटों में होगी दूर, घर पर कई फ्लेवर्स में बनाकर तैयार करें Mouth Freshener https://nishpakshjanavlokan.in/Mouth-and-breath-odor-will-go-away-in-minutes,-prepare-Mouth-Freshener-at-home-in-many-flavors https://nishpakshjanavlokan.in/Mouth-and-breath-odor-will-go-away-in-minutes,-prepare-Mouth-Freshener-at-home-in-many-flavors रात भर में हमारे मुंह में बैक्टीरिया और सलाइवा बनता है। जिसके कारण सुबह मुंह से बदबू आने लगती है। इसलिए सुबह उठने पर हमें ब्रश करने के साथ ही रात में ब्रश करने की सलाह दी जाती है। क्योंकि अगर आप रात में कुछ ऐसा खाते हैं, जिसके फ्लेवर तेज हो तो मुंह से बदबू आने लगती है। वहीं कुछ लोगों के मुंह से हमेशा बदबू आती रहती है। ऐसा माउथ हाइजीन की तरफ ध्यान न देने के कारण ऐसा होता है। वहीं पेट संबंधी समस्या होने पर भी मुंह से बदबू आती रहती है।

    बता दें कि जब बैक्टीरिया फूड को तोड़ता है तो उसमें से निकलने वाली गैस बदबू का कारण बनती है। वहीं कुछ अन्य मामलों में मुंह से बदबू आना डेंटल प्रॉब्लम्स की तरफ भी इशारा करती है। ऐसे में आपको फौरन डेंटिस्ट की सलाह लेनी चाहिए। अगर प्याज-लहसुन वाली चीजों को खाकर आपके मुंह से बदबू आ रही है तो घर में बने माउथ फ्रेशनर की मदद से इसे दूर किया जा सकता है। आप चाहे तो माउथ फ्रेशनर को माउथवॉश की तरह भी इस्तेमाल किया जाता है। आज हम आपको घर पर माउथ फ्रेशनर बनाने के तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसे आप मीटिंग आदि से पहले इस्तेमाल कर मुंह की बदबू को दूर रखने में कामयाब होंगे।

    जानिए क्यों आती है मुंह से बदबू

    कई बार दांतों के बीच खाना फंस जाता है। कुल्ला करने के बाद भी दांतों और मसूड़ों के बीच कुछ पार्टिकल्स जमे रहते हैं। चिपचिपे प्लाक की तरह दांतों में यह बैक्टीरिया जमने लगता है। प्लाक जमने से न सिर्फ दांत पीले होते हैं, बल्कि मसूड़ों को भी नुकसान पहुंचता है। ऐसे में अगर आप रोजाना ब्रश नहीं करते हैं, तो बैक्टीरिया का उत्पादन करने से मुंह से बदबू आने लगती है।

    ऐसे बनाएं इंस्टेंट माउथ फ्रेशनर

    अगर आप घर में माउथ फ्रेशनर बनाकर तैयार करते हैं, तो इसमें किसी भी तरह का केमिकल इस्तेमाल नहीं होता है। साथ ही यह दांतों को भी नुकसान नहीं पहुंचाता है। मुंह की बदबू को दूर करने के लिए घर पर बना फ्रेशनर प्रभावी होता है। बता दें कि आप दो तरह से माउथ फ्रेशनर बनाकर तैयार कर सकते हैं।

    मिंट माउथ फ्रेशनर 

     

    सामग्री

    फिटकरी- 1/4 छोटा चम्मच 

    पानी- 1 कप 

    पुदीना के पत्ते- 4-5

    सेंधा नमक- 1/4 छोटा चम्मच

    नींबू का रस- 1 छोटा चम्मच 

    पोलो मिंट- 3-4

    ऐसे बनाएं

    सबसे पहले एक पैन में पानी गर्म कर लें। फिर इसमें फिटकरी और नींबू का रस डालकर मिलाएं।

    इसके बाद गैस बंद कर दें और पानी में पुदीना व पोलो डालकर 10 मिनट के लिए छोड़ दें।

    फिर करीब 10 मिनट बाद एक चम्मच से मिश्रण को घोलें और छानकर कंटेनर में रख लें।

    अब आप सुबह-शाम ब्रश करने के बाद इस मिश्रण से गार्गल करें। इसे स्प्रे बोतल में रख लें और बाहर जाने पर स्प्रे करें।

    बता दें कि फिटकरी बदबू को हटाने के साथ दांत के दर्द और मसूड़ों की सूजन को कम करता है। 

    पुदीना बदबू को दूर करने के लिए फायदेमंद होता है। 

    वहीं नींबू में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल क्वालिटी मुंह की बैक्टीरिया को दूर करने का काम करता है।

    लेमन विनेगर माउथ फ्रेशनर

    सामग्री

    एप्पल साइडर विनेगर- 1 बड़ा चम्मच 

    लेमन जूस- 1 छोटा चम्मच

    पानी- 1/2 कप

    ऐसे बनाएं

    सबसे पहले एप्पल साइडर विनेगर और लेमन जूस को पैन में डालकर मिक्स कर लें।

    फिर इसमें पानी मिलाकर इसे कुछ देर ऐसे ही छोड़ दें।

    अब इस फ्रेशनर से रोजाना गार्गल करें। इससे धीरे-धीरे मुंह की बदबू दूर हो जाएगी।

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    Fri, 11 Aug 2023 19:56:16 +0530 YogeshJai
    Sawan 2023: सावन में जरूर करें भगवान शिव के इन 5 मंदिरों के दर्शन, महादेव पूरी करेंगे हर मनोकामना https://nishpakshjanavlokan.in/Sawan-2023:-Must-visit-these-5-temples-of-Lord-Shiva-in-Sawan,-Mahadev-will-fulfill-every-wish https://nishpakshjanavlokan.in/Sawan-2023:-Must-visit-these-5-temples-of-Lord-Shiva-in-Sawan,-Mahadev-will-fulfill-every-wish हिंदू धर्म के शास्त्रों में सावन के महीने के महात्म्य के बारे में विस्तार से बताया गया है। सावन माह का हर सोमवार भगवान शिव को समर्पति है। इस दिन महादेव का जलाभिषेक विशेष महत्व होता है। वहीं इस साल अधिक मास के चलते एक नहीं बल्कि दो महीने का सावन होगा। सावन में हजारों की संख्या में भक्त कांवड़ यात्रा कर भगवान शिव को पवित्र जल अर्पित करते हैं। वैसे तो हमारे देश में भगवान शिव के कई फेमस और प्राचीन मंदिर हैं। लेकिन आज हम आपको भगवान भोलेनाथ के 5 ऐसे मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें काफी चमत्कारी माना जाता है। मान्यता के अनुसार, इन मंदिरों में दर्शन मात्र से ही व्यक्ति के दुख दूर हो जाते हैं।

    अमरनाथ महादेव

    अमरनाथ धाम हिमालय की गोद में बसा है। यहां पर भगवान शिव के स्वयंभू रूप के दर्शन होते हैं। बता दें कि यहां पर भगवान शिव का प्राक्रतिक रूप से लगभग 10 फुट ऊंचा शिवलिंग मौजूद है। आषाढ़ पूर्णिमा से अमरनाथ धाम की यात्रा शुरू होती है और रक्षाबंधन तक चलती है। सावन के महीने में भगवान शिव के दर्शन पाने के लिए भक्त अमरनाथ धाम पहुंचते हैं।

    केदारनाथ मंदिर

    उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में केदारनाथ धाम स्थित है। इस धाम की गिनती चार धाम में की जाती है। इसके साथ ही केदारनाथ महादेव द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। मान्यता के अनुसार, सावन के महीने में यहां पर दर्शन करने से व्यक्ति का जीवन सफल हो जाता है। साथ ही व्यक्ति को सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।

    ओंकारेश्वर महादेव

    मध्य प्रदेश में स्थित भगवान शिव के ओंकारेश्वर धाम की गिनती द्वादश ज्योतिर्लिंगों में की जाती है। सावन माह में भगवान ओंकारेश्वर महादेव के दर्शन मात्र से ही व्यक्ति को सभी सुभी दुखों से मुक्ति मिल जाती है। साथ ही कहा जाता है कि चार धाम की यात्रा के बाद ओंकारेश्वर महादेव का दर्शन जरूरी होते हैं। ओंमकारेश्वर के दर्शन करने के बाद ही चार धाम की यात्रा का पुण्यफल प्राप्त होता है।

    दक्षेश्वर महादेव मंदिर

    भगवान शिव की नगरी हरिद्वार के कनखल में दक्षेश्वर महादेव मंदिर स्थित है। यह भगवान शिव के भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है। मान्यता के अनुसार, सावन के पवित्र महीने में महादेव इसी स्थान पर वास करते हैं और अपने भक्तों द्वारा की गई प्रार्थना को सुनते हैं। सावन के महीने में भगवान शिव के दर्शन के लिए लाखों की संख्या में भक्त दक्षेश्वर महादेव मंदिर आते हैं।

    बाबा बैद्यनाथ मंदिर

    झारखंड के देवघर में स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर आस्था का केंद्र है। यह बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसके अलावा माता सती के 52 शक्तिपीठों से एक शक्तिपीठ भी यहां पर स्थित है। बताया जाता है कि यहां पर माता सती का ह्रदय आकर गिरा था। सावन में लाखों की संख्या में शिवभक्त कांवड़ यात्रा करके  भगवान शिव को जल अर्पित करने के लिए यहां आते हैं।

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    Fri, 11 Aug 2023 19:52:18 +0530 YogeshJai
    मणिपुर का समाधान गोलियों से नहीं, दिलों से निकलना चाहिए https://nishpakshjanavlokan.in/Rahul-Gandhis-recipe-is-wrong,-Himanta-Biswa-Sarma-said---Manipurs-solution-should-come-from-hearts,-not-bullets https://nishpakshjanavlokan.in/Rahul-Gandhis-recipe-is-wrong,-Himanta-Biswa-Sarma-said---Manipurs-solution-should-come-from-hearts,-not-bullets असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कहा कि मणिपुर शांति के लिए राहुल गांधी का नुस्खा गलत है क्योंकि गांधी संघर्षग्रस्त पूर्वोत्तर राज्य में सेना के हस्तक्षेप का सुझाव दे रहे हैं। हिमंत ने कहा, मणिपुर की स्थिति का समाधान गोलियों से नहीं दिलों से निकलना चाहिए। अपने बयान में हिमंता ने कहा कि भारतीय वायु सेना ने आइजोल में भी यही किया। बमबारी के बाद हिंसा कम हो रही थी। आज राहुल गांधी ने कहा कि भारतीय सेना को मणिपुर में हिंसा रोकनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि इसका मतलब क्या है? क्या उन्हें नागरिकों पर गोलियां चलानी चाहिए?

    राहुल गांधी पर पलटवार 

    राहुल गांधी पर पलटवार करत हुए हिमंत ने कहा, "क्या यह उनका नुस्खा है? वह ऐसा कैसे कह सकते हैं? सेना कुछ भी हल नहीं कर पाएगी। वे केवल कुछ समय के लिए शांत हो पाएंगे और अस्थायी शांति ला पाएंगे।" उन्होंने कहा कि विपक्ष ने मांग की कि प्रधानमंत्री मोदी को मणिपुर पर बोलना चाहिए और जब उन्होंने बोलना शुरू किया तो वे बाहर चले गए। इससे उनका मंसूबा पूरी तरह उजागर हो गया कि विपक्ष की मंशा का मणिपुर से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि वे सिर्फ संसद को बाधित करना चाहते थे। पीएम मोदी ने अपने दिल की बात कही। उन्होंने मणिपुर के लोगों के प्रति अपना स्नेह भी दिखाया। एक प्रमुख पार्टी के रूप में, उन्हें प्रधानमंत्री का भाषण आखिरी तक सुनना चाहिए था। 

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    Fri, 11 Aug 2023 19:42:36 +0530 YogeshJai
    संजय सिंह डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष न बन पाए यह सुनिश्चित करने में लगे हैं बजरंग और विनेश https://nishpakshjanavlokan.in/Bajrang-and-Vinesh-engaged-in-ensuring-that-Sanjay-Singh-does-not-become-WFI-President https://nishpakshjanavlokan.in/Bajrang-and-Vinesh-engaged-in-ensuring-that-Sanjay-Singh-does-not-become-WFI-President भारत के चोटी के पहलवान बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक कथित तौर पर यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि बृजभूषण सिंह के करीबी संजय सिंह भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष न बन पाएं। डब्ल्यूएफआई के शनिवार को होने वाले चुनाव के लिए अध्यक्ष पद की दौड़ में दो उम्मीदवार- बृजभूषण के करीबी संजय सिंह और 2010 राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता अनीता श्योराण - हैं। बृजभूषण पर महिला पहलवानों का यौन शोषण करने का आरोप लगाकर जंतर-मंतर पर दो महीने तक विरोध प्रदर्शन करने वाले छह पहलवान अनीता श्योराण का पक्ष ले रहे हैं। अनीता भाजपा नेता के खिलाफ लगाए गए यौन शोषण के आरोपों में गवाह भी है।

    बजरंग, विनेश और साक्षी गुट के करीबी सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि इन पहलवानों ने सुबह खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से मुलाकात की और उन्हें गृह मंत्री अमित शाह से बैठक के लिए समय मिलने की उम्मीद है। सूत्रों ने कहा, ‘‘कुछ मध्यस्थ ने उन्हें आश्वासन दिया है कि आज संसद सत्र के बाद गृहमंत्री उनसे मिल सकते हैं। उन्होंने सुबह खेल मंत्री से मुलाकात की और उनसे इस मामले पर गौर करने का आग्रह किया।’’ उन्होंने कहा,‘‘पहलवानों ने बृजभूषण गुट के संजय सिंह के अध्यक्ष चुने जाने को लेकर अपनी आशंकाएं व्यक्त की। पहलवानों ने कहा कि उन्होंने बृजभूषण के किसी रिश्तेदार के डब्ल्यूएफआई चुनाव में नहीं उतारने की मांग की थी और इसका मतलब यह भी था कि उनका कोई करीबी भी चुनाव न लड़े।’’ सूत्रों ने कहा,‘‘संजय सिंह बृजभूषण के बेहद करीबी हैं।

    वह शायद भाजपा नेता के व्यावसायिक साझेदार हैं। उनके डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बनने पर उन्हें आपत्ति है। यदि ऐसा ही मामला है तो फिर बृजभूषण का बेटा भी चुनाव लड़ सकता है। इसमें क्या अंतर है।’’ उन्होंने कहा,‘‘पहलवानों ने मंत्री के पास सारी बातें विस्तार से रखी। वे चाहते हैं कि अनीता श्योराण (हरियाणा में पुलिस अधिकारी और ओड़ीसा की प्रतिनिधि) डब्ल्यूएफआई की अध्यक्ष बने और इसलिए वह गृहमंत्री से भी मिलना चाहते हैं।’’ इस बीच बृजभूषण गुट के एक करीबी सूत्र ने कहा कि अगर संजय सिंह चुनाव नहीं लड़ते हैं तो क्या पहलवान भाजपा नेता के खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न के सभी आरोपों को वापस ले लेंगे। उन्होंने कहा,‘‘क्या इसका मतलब यह है कि बृज भूषण के खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न के सभी मामले वापस चले जाएंगे। अब दौड़ से हटना संभव ही नहीं है। हम डब्ल्यूएफआई चुनाव जीतने के प्रति आश्वस्त हैं।

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    Fri, 11 Aug 2023 19:30:13 +0530 YogeshJai
    पुणे की अदालत ने आतंकी मामले की जांच महाराष्ट्र एटीएस से एनआईए को सौंपने का आदेश दिया https://nishpakshjanavlokan.in/Pune-court-orders-transfer-of-terror-case-probe-from-Maharashtra-ATS-to-NIA https://nishpakshjanavlokan.in/Pune-court-orders-transfer-of-terror-case-probe-from-Maharashtra-ATS-to-NIA पुणे की एक विशेष अदालत ने कथित आतंकी साजिश मामले की जांच महाराष्ट्र एटीएस से लेकर राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को सौंपने का निर्देश दिया। इस मामले में पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया था। लोक अभियोजक विजय फरगाडे ने बताया कि विशेष अदालत ने एटीएस को सभी पांच आरोपियों को एनआईए की हिरासत में दे देने का भी निर्देश दिया और केंद्रीय जांच एजेंसी को उनकी ट्रांजिट रिमांड भी सौंपी। एनआईए ने गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के अलावा भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मुंबई में नये सिरे से मामला दर्ज किया है।

    फरगाडे ने बताया कि अदालत ने जांच तथा मोहम्मद इमरान मोहम्मद यूनुस खान (23), मोहम्मद यूनुस मोहम्मद याकूब साकी (24) , जुल्फिकार अली बड़ौदावाला और कादिर दस्तगीर समेत पांच संदिग्धों की हिरासत एनआईए को सौंपने का आदेश जारी किया। एक अन्य गिरफ्तार संदिग्ध का नाम नहीं बताया गया है। पांच आरोपियों में चार को महाराष्ट्र एटीएस ने गिरफ्तार किया था, जबकि बड़ौदावाला एनआईए की हिरासत में था। खान और साकी को पिछले महीने पुणे के कोथरूड क्षेत्र से एक मोटरसाइकिल चुराते हुए पुलिस ने पकड़ा गया था, जबकि अन्य संदिग्ध शाहनवाज आलम भाग गया था। जांच में खुलासा हुआ है कि साकी और खान राजस्थान में आतंकी साजिश से जुड़े मार्च 2022 के मामले में एनआईए द्वारा वांछित थे और वे कथित तौर पर अल सूफिया संगठन के सदस्य थे।

    एनआईए के इस मामले में कुछ गिरफ्तारियां करने के बाद ये रतलाम से भाग गए थे। जांचकर्ताओं ने यह बात कही थी। एनआईए ने पुणे की अदालत से कहा था कि उसने मुंबई में नया मामला दर्ज किया है। उसने अदालत से गवाहों के बयान, अन्य सबूत ,केस डायरी समेत समूचा मामला एनआईए जांच अधिकारी को सौंपने का अनुरोध किया था।

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    Fri, 11 Aug 2023 19:27:02 +0530 YogeshJai
    भारत को अपने नेता पर है भरोसा, अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने मणिपुर पर पीएम मोदी का किया समर्थन https://nishpakshjanavlokan.in/India-has-faith-in-its-leader,-American-singer-Mary-Milben-supports-PM-Modi-on-Manipur https://nishpakshjanavlokan.in/India-has-faith-in-its-leader,-American-singer-Mary-Milben-supports-PM-Modi-on-Manipur अफ्रीकी-अमेरिकी अभिनेत्री और गायिका मैरी मिलबेन एक बार फिर मौजूदा 'मणिपुर मुद्दे' पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में आईं। प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए अमेरिकी गायक ने कहा, 'वह पूर्वोत्तर राज्य के लोगों के लिए लड़ेंगे। उनकी यह टिप्पणी पीएम मोदी द्वारा भाजपा सरकार के खिलाफ विपक्ष द्वारा दायर अविश्वास प्रस्ताव पर संसद को संबोधित करने के बाद आई है। अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर मैरी मिलबेन ने कहा कि भारत को अपने नेता पर भरोसा है और उन्होंने बेईमान पत्रकारिता की आलोचना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विपक्ष बिना किसी तथ्य के जोर-जोर से नारे लगाएगा और कहा कि सच्चाई हमेशा लोगों को आज़ाद कर देगी।

    दिवंगत अमेरिकी नागरिक अधिकार आंदोलन के नेता मार्टिन लूथर किंग जूनियर की लाइन “लेट फ्रीडम रिंग” का हवाला देते हुए मिलबेन ने उल्लेख किया कि उन्हें पीएम मोदी पर पूरा भरोसा है। ट्वीट में मैरी मिलबेन ने लिखा कि भारत को अपने नेता पर भरोसा है। भारत के मणिपुर की माताओं, बेटियों और महिलाओं को न्याय मिलेगा और पीएम मोदी आपके लिएके लिए हमेशा लड़ते रहेंगे। इसके साथ ही विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी पार्टी से जुड़ना जो सांस्कृतिक विरासत का अपमान करती है, बच्चों को अपने देश का राष्ट्रगान गाने के अधिकार से वंचित करती है और विदेश में अपने देश को अपमानित करती है, यह नेतृत्व नहीं है। यह सिद्धांतहीन है।

    उन्होंने आगे कहा कि बेईमान पत्रकारिता झूठे आख्यानों को चित्रित करेगी। विपक्षी स्वर बिना किसी तथ्य के जोर-जोर से नारे लगाएंगे। लेकिन सच्चाई, सत्य हमेशा लोगों को आज़ाद करेगा। डॉ. मार्टिन लूथर किंग जूनियर के शब्दों में भारत, 'स्वतंत्रता की घंटी बजने दो। इसी साल जून में मैरी मिलबेन ने पीएम नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने वाशिंगटन डीसी में रोनाल्ड रीगन बिल्डिंग में भारत का राष्ट्रगान गाया, जहां पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित किया। 

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    Fri, 11 Aug 2023 19:22:22 +0530 YogeshJai
    आरबीआई गवर्नर ने बैकों से कहा, तनाव छिपाएं नहीं, कर्ज को समुचित अवधि के लिए ही बढ़ाएं https://nishpakshjanavlokan.in/RBI-governor-told-banks,-do-not-hide-stress,-increase-loan-for-appropriate-period-only https://nishpakshjanavlokan.in/RBI-governor-told-banks,-do-not-hide-stress,-increase-loan-for-appropriate-period-only पीटीआई । भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बृहस्पतिवार को बैंकों से कहा कि उन्हें कर्जों में आए तनाव को छद्मावरण से छिपाना नहीं चाहिए और कर्ज भुगतान को युक्तिसंगत अवधि के लिए ही बढ़ाना चाहिए। दास ने यहां आरबीआई मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा कि ऋण अवधि बढ़ाते समय कर्जदारकी उम्र और कर्ज लौटाने की उसकी क्षमता पर भी गौर किया किया जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने कहा कि आरबीआई यह परिभाषित नहीं करना चाहता कि उचित अवधि क्या होती है। खुदरा ऋण, खासकर आवास जैसे लंबी अवधि के ऋण परिवर्तनशील (फ्लोटिंग) दर पर आवंटित होते हैं।

    ऐसे में पिछले सवा साल में रेपो दर में 2.50 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने से ऐसे कई कर्जों को ब्याज भुगतान बढ़ने की वजह से लंबी अवधि के लिए बढ़ाया जा रहा है।इस संदर्भ में आरबीआई गवर्नर ने कहा, अनावश्यक लंबी अवधि से बचना जरूरी है क्योंकि यह कभी-कभी किसी विशेष ऋण में अंतर्निहित तनाव को छिपा सकता है। उन्होंने कहा कि कर्ज भुगतान की अवधि बढ़ाने का मामला अलग-अलग व्यक्तियों के लिए अलग-अलग हो सकता है और बैंकों को ऐसे मामलों पर व्यक्तिनिष्ठ आधार पर निर्णय लेना होगा।

    आरबीआई के डिप्टी गवर्नर एम राजेश्वर राव ने कहा, हम भुगतान अवधि के अनुचित विस्तार को परिभाषित करने पर विचार नहीं कर रहे हैं। यह कुछ ऐसा मुद्दा है जिस पर बैंक के निदेशक मंडल को बकाया अवधि और व्यक्तिगत उधारकर्ताओं की पुनर्भुगतान क्षमता को ध्यान में रखते हुए विचार करना होगा। राव ने कहा कि उचित ऋण-अवधि के बारे में निदेशक मंडल को तय करना होगा। उस अवधि से अधिक विस्तार को अनुचित माना जाएगा लेकिन इसे परिभाषित करने का काम संस्थान पर छोड़ दिया गया है।

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    Fri, 11 Aug 2023 19:18:31 +0530 YogeshJai
    सावन के महीने में कांवड़ियों को चढ़ा भोले का रंग छोटी काशी के लिए रवाना https://nishpakshjanavlokan.in/In-the-month-of-Sawan,-the-colors-of-Bhole-offered-to-the-Kanwariyas-left-for-Chhoti-Kashi https://nishpakshjanavlokan.in/In-the-month-of-Sawan,-the-colors-of-Bhole-offered-to-the-Kanwariyas-left-for-Chhoti-Kashi निष्पक्ष जन अवलोकन सीतापुर।


    सकरन (सीतापुर) कांवड़ियों का जत्था छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ के लिए शुक्रवार को रवाना हुआ श्री त्यागी जी महाराज के निर्देशन पर कांवडिया को गांव की महिलाएं द्वारा कांवड़ियों को गांव से 3 किलोमीटर दूर तक उनका स्वागत किया सकरन के ग्राम कल्ली से शिवभक्त शुक्रवार को मदनापुर केवानी नदी से जल भरकर रवाना हुए कांवरियों का उत्साह वर्धन करते हुए महिलाएं व बुजुर्ग समेत अन्य लोगों ने रवाना होने से पहले से भक्तों को जलपान कराया कांवड़िया बेनीसराय, ढकेरा, मार्ग से लहरपुर, केसरीगंज, खीरी, लखीमपुर, फरधान होते हुए रविवार की रात छोटी काशी गोला गोकरण नाथ पहुंचकर सोमवार सुबह भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे।

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    Fri, 11 Aug 2023 19:15:10 +0530 YogeshJai
    हजरतपुर से अलीनगर मार्ग डामरीकृत करानें की मांग विधान परिषद सदस्य अंगद कुमार सिंह से की है https://nishpakshjanavlokan.in/The-demand-for-asphalting-of-Hazratpur-to-Alinagar-road-has-been-made-to-Legislative-Council-member-Angad-Kumar-Singh. https://nishpakshjanavlokan.in/The-demand-for-asphalting-of-Hazratpur-to-Alinagar-road-has-been-made-to-Legislative-Council-member-Angad-Kumar-Singh. निष्पक्ष जन अवलोकन संवाददाता 

    सिरौलीगौसपुर। हजरतपुर से अलीनगर खडन्जा मार्ग जर्जर होने के कारण सरयू नदी घाघरा की तलहटी में आने जाने वाले ग्रामीणों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

    बताते चलें कि हजरतपुर से अलीनगर गांव के बांध तक करीब 2 किलोमीटर खडन्जा मार्ग जो कि काफी पुराना एंव जर्जर हो गया है मार्ग पर कीचड व पानी भरा हुआ है जिस पर पैदल चलना दूभर है।बाइक और सायकिल चालक प्रायः इस सडक पर दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हैं। उपर्युक्त सडक को डामरी कृत करवाये जानें हेतु सुहैल अंसारी ने सदस्य विधान परिषद अंगद कुमार सिंह से दूरभाष पर वार्ता की है।

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    Fri, 11 Aug 2023 18:46:37 +0530 YogeshJai
    राष्ट्रीय लोकदल कानपुर देहात से सुधीर तिवारी को जिला महासचिव मनोनीत किया गया। https://nishpakshjanavlokan.in/Sudhir-Tiwari-was-nominated-as-District-General-Secretary-from-Rashtriya-Lok-Dal-Kanpur-Dehat. https://nishpakshjanavlokan.in/Sudhir-Tiwari-was-nominated-as-District-General-Secretary-from-Rashtriya-Lok-Dal-Kanpur-Dehat. कानपुर देहात। दिनांक 11 अगस्त 2023 को राष्ट्रीय लोकदल कानपुर देहात के जिलाध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने सुधीर तिवारी उर्फ़ (पुत्तर )को राष्ट्रीय लोकदल कानपुर  देहात का जिला महासचिव मनोनीत किया।
    इस अवसर पर सुधीर तिवारी ने अपने संबोधन में कहा जो पार्टी ने हमें जिम्मेदारी दी है उसे बखूबी निर्वहन करते हुए पार्टी के संगठन को मजबूत करेंगे।
     इस अवसर पर मुख्य रूप से कल्लू तिवारी पूर्व प्रधान,ओम जी तिवारी, अंशु तिवारी, मो० सद्दाम, संदीप तिवारी,अरविंद कुशवाहा, नारायण पाल, डॉ महेंद्र यादव, रिंकू सिंह भदोरिया (पूर्व प्रधान), उस्मान, इंद्रपाल सिंह गौर, रामचंद्र यादव, जसवंत सिंह,विष्णु अग्निहोत्री, अमन यादव, विजय शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।

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    Fri, 11 Aug 2023 18:26:12 +0530 YogeshJai
    ड्रीम गर्ल 2 के रिलीज डेट का हुआ अनाउंसमेंट, सामने आई अनन्या पांडे की पहली झलक https://nishpakshjanavlokan.in/Dream-Girl-2-release-date-announced,-first-look-of-Ananya-Pandey-surfaced https://nishpakshjanavlokan.in/Dream-Girl-2-release-date-announced,-first-look-of-Ananya-Pandey-surfaced बॉलीवुड के टैलेंटेड एक्टर कहे जाने वाले आयुष्मान खुराना आज किसी भी पहचान के मौहताज नहीं हैं। एक्टर ने इंडस्ट्री में कई ऐसी हिट फिल्में दी हैं जिसके फैंस आज भी दीवाने हुए रहते हैं। ऐसे में अब आयुष्मान अपने एक और मूवी को लेकर लाइमलाइट में आ गए हैं। जिसके मात्र एक पोस्टर देखने के बाद से फैंस एक्टर के लुक के दीवाने हो गए थे। दरअसल एक्टर का ये लुक किसी और मूवी की नहीं बल्कि उनकी फ्रैंचाइजी फिल्म ड्रीम गर्ल 2 की हैं। ऐसे में अब आयुष्मान के साथ-साथ फिल्म की एक्ट्रेस का भी पोस्टर जारी कर दिया गया हैं। दरअसल ड्रीम गर्ल 2 में आयुष्मान के साथ बॉलीवुड की बेहद खूबसूरत अदाकारा कही जाने वाली अनन्या पांडेय की जोड़ी देखने को मिलने वाली है। ऐसे में अब ड्रीम गर्ल 2 का नया पोस्टर सामने आया हैं। जिसमें आयुष्मान खुराना के साथ अनन्या पांडे भी नजर आ रही हैं। आयुष्मान खुराना ने अपनी फिल्म ड्रीम गर्ल 2 का नया पोस्टर शेयर करते हुए ट्रेलर के रिलीज की डेट भी बताई है। आयुष्मान खुराना ने आज अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से फिल्म ड्रीम गर्ल 2 का नया पोस्टर शेयर किया है। फिल्म के इस नए पोस्टर में आयुष्मान खुराना के साथ अनन्या पांडे भी नजर आ रही हैं। इस तरह से फिल्म ड्रीम गर्ल 2 से अनन्या पांडे का फर्स्ट लुक सामने आ गया है। आयुष्मान खुराना ने फिल्म के नए पोस्टर के साथ लिखा है, श्ये है परी, मेरी ड्रीम गर्ल। इसके साथ रेड हार्ट इमोजी बनाया है। आयुष्मान खुराना ने बताया है कि फिल्म का ट्रेलर 1 अगस्त को रिलीज होगा। फिल्म ड्रीम गर्ल 2 के नए पोस्टर पर फैंस जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। बता दे की आयुष्मान खुराना की फिल्म ड्रीम गर्ल साल 2019 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और इस फिल्म ने लोगों को जमकर एंटरटेन किया था। इस फिल्म में उनके साथ नुसरत भरूचा नजर आई थीं। फिल्म ड्रीम गर्ल में आयुष्मान खुराना ने पूजा नाम की लड़की का किरदार निभाकर लोगों का ध्यान खींचा था और एक बार फिर वह फिल्म ड्रीम गर्ल 2 में पूजा का रोल करने वाले हैं। ये फिल्म 25 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस फिल्म का निर्देशन राज शांडिल्य ने किया है। ड्रीम गर्ल 2 को एकता कपूर बालाजी प्रोडक्शन प्रोड्यूस कर रहा है। इसी के साथ अब देखने वाली बात होगी कि क्या फिल्म ड्रीम गर्ल की तरह ही क्या फिल्म ड्रीम गर्ल 2 भी लोगों का उतना ही एंटरटेन करेगी।

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    Fri, 11 Aug 2023 17:49:46 +0530 YogeshJai
    राखी से पहले शहनाज गिल ने शहबाज पर लुटाया प्यार, गिफ्ट कर डाली इतनी महंगी लग्जरी कार https://nishpakshjanavlokan.in/Before-Rakhi,-Shahnaz-Gill-showered-love-on-Shahbaz,-gifted-such-an-expensive-luxury-car https://nishpakshjanavlokan.in/Before-Rakhi,-Shahnaz-Gill-showered-love-on-Shahbaz,-gifted-such-an-expensive-luxury-car पंजाबी और बॉलीवुड एक्ट्रेस शहनाज गिल की पॉपुलैरिटी के बारे में तो सभी लोग जानते हैं। बिग बॉस के बाद से शहनाज का करियर बुलंदियों पर है। एक्ट्रेस ने बेहद कम समय में कड़ी मेहनत के दम पर इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई है। साथ ही लोगों का बेशुमार प्यार भी अपने नाम कर लिया है। सोशल मीडिया पर आपको शहनाज गिल के करोड़ों चाहने वालें मिल जाएंगे। शायद इसीलिए उन्हें इंडस्ट्री में एक के बाद एक इतने जबरदस्त प्रोजेक्ट मिलते जा रहे हैं। हाल ही में एक्ट्रेस को सलमान खान की फिल्म में भी काम करने का मौका मिला था। इसके बाद वो नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ एक म्यूजिक वीडियो में भी नजर आई थीं। इस गाने को भी फैंस का जबरदस्त रिस्पांस मिला। वहीं, अब एक्ट्रेस अपने इन प्रोजेक्ट्स के बाद काफी शौहरत कमा चुकी हैं। इसका सबूत है वो लग्जरी कार जो हाल ही में शहनाज ने अपने भाई को गिफ्ट की है। जी हां, अब शहनाज गिल ने राखी से पहले ही अपने भाई को इतना महंगा तोहफा दे डाला है जिसके बारे में जानकार आपके भी होश उड़ जाएंगे। अगर आप भी अपने भाई को ऐसा शानदार गिफ्ट देने के बारे में सोच रहे हैं तो एक बार दुबारा सोच लीजिए क्योकि इसकी कीमत में आप एक 2बीएचके फ्लैट खरीद सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें, शहनाज ने अपने भाई शहबाज को अब नई चमचमाती मर्सिडीज कार गिफ्ट की है। खुद शहबाज बदेशा ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट पर इस कार का एक वीडियो शेयर किया। जिसके साथ कैप्शन में उन्होंने लिखा, श्नई गाड़ी के लिए थैंक्यू बहन शहनाज गिल। इस वीडियो में उन्होंने अपने फैंस के साथ अपनी नई कार की झलक शेयर की है। आप देख सकते हैं कि वीडियो में शहबाज शोरूम में अपनी नई मर्सिडीज-बेंज ई-क्लास का वेलकम करते दिखाई दे रहे हैं। देखने में ये कार बेहद खूबसूरत है। वहीं बात अगर इस कार के मार्केट रेट की करें तो शहबाज की इस नई मर्सिडीज-बेंज ई-क्लास की कीमत कुछ 74.95 लाख से 88.86 लाख रुपए तक बताई जा रही है। ऐसे में फैंस भी इस वीडियो को देख खुद को कमेंट करने से रोक नहीं पाए।

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    Fri, 11 Aug 2023 17:43:06 +0530 YogeshJai
    नगरपालिका देती थी साइकिल का लाइसेंस https://nishpakshjanavlokan.in/Municipality-used-to-give-bicycle-license https://nishpakshjanavlokan.in/Municipality-used-to-give-bicycle-license पालिका देती थी साइकिल का लाइसेंस

    फर्रुखाबाद  नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद में वर्तमान में 42 वार्डों के लिये कार्य करती है | आबादी भी ठीक-ठाक है| प्रथम गठन से लेकर अब तक पालिका लगभग 107 साल पूरे कर चुकी है|
    साल 1857 में फर्रुखाबाद पर कब्जा करने के बाद आखिरी वंगश नवाब तफज्जुल हुसैन खां को मुल्क से बेदखल कर ब्रिटिश हुकूमत ने उनके विरासती महल को तोप के गोलों से उड़ाकर 1868 में उक्त टीले पर सरकारी कामकाज के लिए आलीशान भवन का निर्माण करा दिया था। इसके बाद 28 जून 1916 को जब नागरिक सुविधाएं मुहैया कराने के लिए नगर पालिका का गठन हुआ| उस वक्त अंग्रेज सरकार ने इसी भवन को नगर पालिका परिषद के नाम से कायम कर दिया। गठन के दौरान पालिका में कुल पांच वार्ड ही बनाये गये थे| जिसमे एक वार्ड से तीन सभासद चुने जाते थे| जो अपने-अपने क्षेत्र के विकास कार्यो को पालिका के माध्यम से गति प्रदान कराते थे| एक अध्यक्ष और 15 सभासदों से नगर पालिका का संचालन होता था| वहीं कम बजट में पालिका का संचालन किया जाता था| स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था बिजली के आभाव में नही थी| खम्भों पर लालटेन रोशनी के लिये टांगी जाती थीं| नगर पालिका 9.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में वर्तमान में फैली हुई है| जिसमे अब कुल 42 वार्ड समाहित है|
    पालिका देती थी साइकिल का लाइसेंस
    70 वर्षीय बिर्राबाग निवासी रामनिवास वर्मा ने बताया कि उन्हें खूब याद है जब साइकिल का भी लाइसेंस बनता था| उन्होंने नें भी उस जमानें पर साइकिल का लाइसेंस बनाया था जिस जमानें में साइकिल किसी लग्जरी कार से कम हैसियत नही रखती थी |
    अब तक ये रह चुके अध्यक्ष
    जानकारी के मुताबिक अध्यक्ष पद पर अभी तक आशिक अली खान, शफीक अली खान, शंभू नाथ सक्सेना, अमज़द अली खान, नवाब सैयद हैदर, डा. बीएन सरीन, डा. रघुवीर दत्त शर्मा, मौलवी हकीम अयूब, सेवती प्रसाद सक्सेना, मुरारी लाल तिवारी, सत्य मोहन पाण्डेय, हाफिज़ शमशुद्दीन उर्फ फुर-फुर मियां, दमयंती सिंह और मनोज अग्रवाल व वत्सला अग्रवाल अध्यक्ष रह चुके है| रह चुके है|

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    Fri, 11 Aug 2023 17:40:05 +0530 YogeshJai
    शिक्षा संस्कार कोचिंग सेंटर पर सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में छात्राओं ने मारी बाजी https://nishpakshjanavlokan.in/Girl-students-won-the-general-knowledge-competition-at-Shiksha-Sanskar-Coaching-Center https://nishpakshjanavlokan.in/Girl-students-won-the-general-knowledge-competition-at-Shiksha-Sanskar-Coaching-Center पूरनपुर। नगर के पंकज कॉलोनी गली नंबर 11 में संचालित शिक्षा संस्कार कोचिंग सेंटर पर 02 अप्रैल को सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। जिसका परिणाम 27 अप्रैल दोपहर 2:00 बजे जारी हुआ। सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में इस बार छात्रों को पीछे किया छात्राओं ने। प्रथम स्थान जैकलिन ने, द्वितीय स्थान शीतल श्रीवास्तव ने, तृतीय स्थान सिमरन ने, चतुर्थ स्थान श्रीओम शर्मा ने, पांचवा स्थान ऋषभ श्रीवास्तव ने प्राप्त किया। सभी छात्र बेहद प्रसन्न है। सेंटर पर हुई जीके प्रतियोगिता में कुल 26 छात्रों ने प्रतिभाग लिया था। जिसमें 5 छात्रों ने बाजी मारी।
    जिन छात्रों ने प्रथम, द्वितीय, तृतीय श्रेणी प्राप्त की, उन छात्रों को जिलाधिकारी महोदय के द्वारा सम्मानित कराया जाएगा।
    कोचिंग सेंटर के संचालक प्रेम सिंह का कहना है, कि छात्रों को पूर्ण रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है। जिसके लिए सभी कक्षाओं के छात्रों को उनके विषय से संबंधित टेस्ट लेने के साथ-साथ प्रतिमाह दो बार जीके प्रतियोगिता का भी आयोजन कराया जाता है। जिससे छात्र-छात्राओं में पढ़ने की लगन बनी रहती है। और छात्र भी बेहद इस प्रतियोगिता से सहमत व प्रसन्न है। अभी से ही आईएएस, आईपीएस, जैसी तमाम प्रशासनिक सेवाओं से संबंधित विभिन्न विषयों से सवाल किए जाते हैं। और सभी छात्र इन प्रश्नों को पूर्ण रूप से तैयार भी करते हैं। बताते चलें संस्थान पर अध्ययनरत छात्र-छात्राएं अभी से ही बड़ी-बड़ी प्रशासनिक सेवाओं में जाना चाहते हैं जिसके लिए सभी का सपना बना हुआ है। कोचिंग सेंटर अभी से ही छात्र–छात्राओं को सामान्य अध्ययन, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, इतिहास, करंट अफेयर्स जैसे तमाम विषयों से संबंधित क्विज क्वेश्चन की प्रतियोगिता कराकर छात्र–छात्राओं को पूर्ण रूप से तैयार करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

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    Fri, 11 Aug 2023 17:36:23 +0530 YogeshJai
    फिल्मी दुनिया में कदम रखने जा रही हैं पाकिस्तान से भारत आई सीमा हैदर, इस प्रोड्यूसर ने दिया ऑफर https://nishpakshjanavlokan.in/Seema-Haider,-who-came-to-India-from-Pakistan,-is-going-to-step-into-the-film-world,-this-producer-gave-an-offer https://nishpakshjanavlokan.in/Seema-Haider,-who-came-to-India-from-Pakistan,-is-going-to-step-into-the-film-world,-this-producer-gave-an-offer अपने प्यार को पाने के लिए सात समंदर पार से आई सीमा हैदर आज किसी भी पहचान की मौहताज नहीं हैं। दरअसल सीमा ने अपने प्यार को पाने से पकिस्तान की सीमा लांघ कर भारत आई हैं। ऐसे में सीमा और सचिन की लव स्टोरी किसी फिल्म की कहानी से कहानी नहीं हैं। ऐसे में अब ये कहानी तो नहीं लेकिन इस कहानी के किरदार जल्द ही परदे पर उतरने वाली हैं। दरअसल उड़ती-उड़ती खबरे यह सामने आ रही हैं सीना हैदर जल्द ही बॉलीवुड में कदम रखने जा रही हैं। दरअसल पबजी की बातचीत से शुरू हुई इस प्रेम कहानी को अब कई बंधनो में बांध दिया गया हैं। सचिन और सीमा के काम के लिए बाहर ना जाने की वजह से उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच अब सीमा की किस्मत चमकती हुई दिख रही हैं। जहां उड़ती-उड़ती यह खबर सामने आ रही हैं की सीमा को फिल्मों में काम करने का ऑफर मिला हैं। जल्द ही वो एक हिंदी फिल्म में नजर आने वाली हैं। बता दे की सचिन और सीमा के परिवार की तरफ से कहा गया है कि काम पर बाहर ना जाने की वजह से घर में खाने के लाले पड़ गए हैं। ऐसे में वह चाहते हैं कि वह घर से बाहर जाकर काम कर सकें। ऐसे में सचिन और सीमा की आर्थिक तंगी की ये बात एक जाने-माने प्रोड्यूसर अमित जानी के कानों तक पहुंची और वो अब उनकी मदद के लिए आगे आए हैं। उन्होंने सीमा को एक फिल्म ऑफर की है। अमित जानी ने सीमा-सचिन के लिए बढ़ाया मदद का हाथ, सीमा हैदर को दिया अभिनय का ऑफर – अमित जानी ने हाल ही में अपना प्रोडक्शन हाउस जानी फायर फॉक्स खोला है। इस प्रोडक्शन हाउस के तले वह उदयपुर में हुई टेलर कन्हैया लाल साहू की हत्या फिल्म बना रहे हैं। इस फिल्म का नाम अ टेलर मर्डर स्टोरी है। इस फिल्म में अमित ने सीमा को काम करने का ऑफर दिया है। अमित जानी ने कहा है कि सीमा उनके प्रोडक्शन हाउस के तले बन रही फिल्मों में काम कर सकती है। इसमे काम करने का उन्हे फीस भी मिलेगी जिससे वह अपने घर का खर्चा चला सकती हैं और उनकी मदद भी हो जाएगी। बता दे की अमित जानी ने हाल ही में एक मीडिया ग्रुप से बात-चित में बताया हैं की उन्होंने 2 दिन पहले अपने एक सहयोगी से सीमा को ये फिल्म ऑफर उनके घर भेजवाया हैं। ऐसे में सीमा ने इस ऑफर पर कहा हैं की अभी सोच कर बताउंगी। हालांकि अब तक इस ऑफर पर सीमा की तरफ से कोई भी जवाब सामने नहीं आया हैं।

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    Fri, 11 Aug 2023 17:33:28 +0530 YogeshJai
    त्वचा पर नहीं दिखेगा बढ़ती उम्र का असर, डाइट में शामिल करें ये 5 न्यूट्रिएंट्स https://nishpakshjanavlokan.in/the-effect-of-aging-will-not-be-visible-on-the-skin-include-these-5-nutrients-in-the-diet https://nishpakshjanavlokan.in/the-effect-of-aging-will-not-be-visible-on-the-skin-include-these-5-nutrients-in-the-diet बढ़ती उम्र का असर सबसे पहले त्वचा पर ही दिखता है। ऐसे में हर महिला चाहती है कि बढ़ती उम्र के साथ उसके चेहरे पर कोई असर न दिखे और त्वचा एकदम ग्लोइंग रहे। ऐसे में अपनी डाइट का ध्यान रखना जरुरी होता है। अच्छा लाइफस्टाइल और हैल्दी डाइट फॉलो करके आप अपना ध्यान रख सकती हैं। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि ग्लोइंग स्किन के चक्कर में आप अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर दें। ऐसे में आज आपको कुछ डाइटिशियन गरिमा के कुछ ऐसे न्यूट्रिएंट्स बताएंगे जो चेहरे की झुर्रियां, दिल संबंधी बीमारियां, गठिया और डायबिटीज भी कंट्रोल करेंगे। तो चलिए जानते हैं इनके बारे में….
    एंटीऑक्सीडेंट्स
    बढ़ती उम्र में एंटीऑक्सीडेंट्स आपके ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद करता है। ऑक्सीडेटिव तनाव के कारण बॉडी के सेल्स खराब हो सकते हैं जिसके कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और पुरानी बीमारियां बढ़ सकती हैं। संतरे, नींबू, टमाटर, तरबूज, ब्रोकली, गाजर, रंगीन फल और सब्जियों में एंटीऑक्सीडेंट्स काफी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। ऐसे में आप रोज अपनी डाइट में एंटीऑक्सीडेंट युक्त फल और सब्जियां डाइट में शामिल जरुर करें।
    प्रोटीन
    उम्र बढ़ने के साथ-साथ मांसपेशियों को भी नुकसान होता है। ऐसे में जरुरी है कि आप प्रोटीन अपनी डाइट में शामिल करें। दालें, सेम फलियां, सोया, मछली, पोल्ट्री और प्लांट्स बेस्ड फूड्स के जरिए आप प्रोटीन का सेवन कर सकते हैं।
    ओमेगा-3 फैट एसिड फूड्स
    जरुरी नहीं कि सारे फैट्स वाले फूड्स खराब हो कुछ उम्र के साथ आपकी सेहत के लिए जरुरी होते हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड एक ऐसा पोषक तत्व है जो आपको हार्ट फैलियर, गठिया जैसी स्थितियों से बचाता है। इसके अलावा हाल ही में हुए अध्ययन के अनुसार, अलजाइमर और पॉर्किनसन के रोगियों में भी इस फूड का सेवन करने के फायदे बताए गए हैं। नट, बीज और फैटी मछलियां ओमेगा-3 फैटी एसिड की अच्छी स्त्रोत मानी जाती हैं।
    कैल्शियम और विटामिन-डी
    उम्र बढ़ने के कारण हड्डियां भी कमजोर होने लगती हैं जिसके कारण फ्रैक्चर, दर्द जैसी परेशानियां होने लगती हैं। ऐसे में आप कैल्शियम और विटामिन-डी युक्त आहार को अपनी डाइट में शामिल करें। विटामिन-डी आपकी हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए काफी जरुरी है। दूध, दही, तिल और पालक जैसे डेयरी उत्पाद कैल्शियम के अच्छे स्त्रोत माने जाते हैं। वहीं फोर्टिफाइड दूध, अंड और सी-फूड विटामिन-डी के काफी अच्छे स्त्रोत माने जाते हैं।
    फाइबर
    40-50 की उम्र में पाचन संबंधी समस्याएं बहुत जल्दी शरीर को घेरती हैं जिसमें मुख्य रुप से कब्ज है ऐसे में आप कुछ फल, सब्जियां, अनाज और दालों के जरिए पर्याप्त मात्रा में फाइबर ले सकते हैं। 25-30 ग्रााम फाइबर आपकी बाउल मूवमेंट को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक है। इसके अलावा फाइबर को डाइट में aशामिल करने से डायबिटीज जैसी खतरनाक बीमारी और शुगर स्पाइक्स को रोकने में भी मदद मिलती है। फाइबर खाने से आप कई और भी स्वास्थ्य समस्याओं से बच सकते हैं।
    एजिंग के प्रभावों को कम करने के लिए कोई एजिंग मंत्र नहीं बल्कि एक अच्छा लाइफस्टाइल है जिसे आपको शुरु से ही अपनाना चाहिए। अच्छी और हैल्दी डाइट को फॉलो करके आप कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स से दूर रहकर एक खुशहाल जीवन व्यतीत कर सकते हैं।

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    Fri, 11 Aug 2023 17:28:52 +0530 YogeshJai
    राजीव सेन और चारु असोपा के रिश्तों पर इस दिन कोर्ट सुनाएगा आखिरी फैसला, जल्द अलग हो सकता है कपल https://nishpakshjanavlokan.in/the-court-will-give-its-final-verdict-on-the-relationship-between-rajeev-sen-and-charu-asopa-on-this-day-the-couple-may-separate-soon https://nishpakshjanavlokan.in/the-court-will-give-its-final-verdict-on-the-relationship-between-rajeev-sen-and-charu-asopa-on-this-day-the-couple-may-separate-soon

    सुष्मिता सेन के भाई-भाभी राजीव सेन और चारु असोपा का नाम आए दिन मीडिया की सुर्खियों में बना रहता है। इन दोनों का रिश्ता अभी तक लोगों की समझ से परे है। कभी ये दोनों खुलेआम एक-दूसरे से लड़ते हैं तो कभी एक हो जाते हैं। इन दोनों की शादीशुदा जिन्दगी कई उतार-चढ़ाव से गुजरी है। लेकिन दुख की बात ये है कि ये दोनों इस रिश्ते को बचा नहीं पाए। दोनों ने आखिर में तलाक लेने का फैसला किया था। काफी समय ये जोड़ी एक-दूसरे से अलग रह रही है। ऐसे में अब दोनों के रिश्तों पर जल्द ही कोर्ट का आखिरी फैसला भी सामने आने वाला हैं। दरअसल चारू असोपा और राजीव सेन के तलाक की आखिरी सुनवाई 8 जून को होनी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चारू असोपा और राजीव सेन की तलाक की सुनवाई इस साल जनवरी से ही हो रही है। कई काउंसलिंग के बाद दोनों की तलाक की तारीख तय हु है। बताया जा रहा है कि चारू असोपा और राजीव सेन को छह महीने का वक्त भी मिला था। कोर्ट ने तलाक की आखिरी सुनवाई 8 जून तय की है। इसके बाद दोनों की राहें अलग-अलग हो सकती हैं। हालांकि अभी तक तलाक को लेकर चारू असोपा और राजीव सेन ने कोई कमेंट नहीं किया है।आपको बता दें, चारु अपनी बेटी जियाना के साथ नए घर मे शिफ्ट हो चुकी हैं। वहीं, राजीव अपनी बेटी से मिलने आते रहते हैं। आपको याद दिला दें, राजीव और चारू ने 2019 में शादी की थी। वहीं 2022 में चारू ने राजीव को म्युचुअली अलग होने के लिए नोटिस भेजा था। इसके बाद राजीव ने भी चारू के नोटिस का जवाब नोटिस से दिया था और एक्ट्रेस पर पहली शादी छिपाने का आरोप लगाया था। हालांकि, अपनी बेटी के लिए इन्होने फिर से एक होने का फैसला किया मगर वो फैसला भी उन्हें बदलना पड़ा। जल्द ही अब इनका तलाक होने वाला है।

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    Fri, 11 Aug 2023 17:22:45 +0530 YogeshJai
    फेड होती मेहंदी कर रही है हाथों की खूबसूरती को खराब तो इन घरेलू नुस्खों से जल्दी उतारें इसका रंग https://nishpakshjanavlokan.in/faded-mehndi-is-spoiling-the-beauty-of-the-hands-so-remove-its-color-quickly-with-these-home-remedies https://nishpakshjanavlokan.in/faded-mehndi-is-spoiling-the-beauty-of-the-hands-so-remove-its-color-quickly-with-these-home-remedies सावन का महीना चल रहा है, इस दौरान कई सारी महिलाएं पूजा और व्रत के दौरान अपने हाथों पर मेहंदी लगती हैं। वैसे तो ये मेहंदी हाथों की रौनक को काफी हद तक बढ़ा देती है, पर कुछ ही दिन बाद फेड होकर पीली नजर आने लगती है, जो देखने में अच्छी नहीं लगती है। ऐसे ही समस्या अगर आपके साथ है और अगर आप भी हाथों पर मेहंदी लगवाने से इसी वजह से बचती हैं तो ये टिप्स आपके बहुत काम आने वाली हैं। इन घरेलू नुस्खों के साथ आप फेड होती मेहंदी को आसानी से छुड़ा सकते हो….
    ऑलिव ऑयल और नमक
    एक चम्मच नमक में ऑलिव ऑयल मिलाकर उसके पेस्ट बनाकर तैयार कर लें। अब इस पेस्ट को अपने हाथों पर अच्छी तरह लगाकर 10 मिनट के लिए छोड़ दें। 10 मिनट बाद अपने हाथों को धो लें। ये प्रक्रिया कई बार दोहराएं। कुछ दिन ऐसा करने से मेहंदी का रंग हल्का हो जाएगा।
    ब्लीच
    हाथों से मेहंदी का रंग छुड़ाने के लिए आप मेहंदी लगे हाथों पर फेशियल हेयर ब्लीच का भी इस्तेमाल कर सकती हैं। इसे लगाने से मेहंदी का रंग हल्का हो जाता है
    नमक वाले पानी में हाथ को भिगोकर रखें
    गुनगुने पानी में एक चम्मच नमक मिलाकर अपने हाथों को इस पानी में 15-20 मिनट के लिए भिगोकर रखें। कुछ देर बाद ये उपाय दोबारा करें। इसके बाद अपने हाथों को मॉश्चराइज कर लें। मेहंदी का रंग उतर जाएगा।
    बेकिंग सोडा और नींबू
    बेकिंग सोडा और नींबू का एक गाढ़ा पेस्ट बनाकर अपने हाथों पर अच्छी तरह लगाकर सूखने दें। इसके बाद अपने हाथों को ठंडे पानी से धो लें। हाथों को ड्राई होने से बचाने के लिए मॉश्चराइजर लगा लें।

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    Fri, 11 Aug 2023 17:18:50 +0530 YogeshJai
    तरक्की में आ रही बाधाओं को दूर करेगा एलोवेरा का पौधा, लगाने से पहले जान लें ये टिप्स https://nishpakshjanavlokan.in/Aloe-vera-plant-will-remove-the-obstacles-in-progress,-know-these-tips-before-planting https://nishpakshjanavlokan.in/Aloe-vera-plant-will-remove-the-obstacles-in-progress,-know-these-tips-before-planting वास्तु शास्त्र के नियमों के हिसाब से हर एक चीज की खास ऊर्जा होती है। यहां की पेड़-पौधों में भी अपनी एक उर्जा होती है, एलोवेरा में भी। ये पौधा ना सिर्फ सेहत के लिहाज से बहुत फायदेमंद है बल्कि इसमें काफी सारी सकारात्मक ऊर्जा होती है जो जिंदगी में तरक्की के रास्ते में आ रही बाधाओं को दूर करती है, अगर इसे वास्तु के नियमों के हिसाब से लगाए जाए तो। आइए आपको बताते हैं इसके बारे में…
    एलोवेरा से जुड़े वास्तु टिप्स
    – वास्तु में घर में एलोवेरा का पौधा लगाना बहुत शुभ माना जाता है। ये पौधा घर पर लगाने से सौभाग्य में वृद्धि होती है। घर में इसे लगाने से सफलता में आ रही सभी तरह की बाधाएं दूर हो जाती है। वास्तु शास्त्र के नियमों के हिसाब से तरक्की के लिए इस पौधे को पश्चिम दिशा में लगाना चाहिए। इसके अलावा घर में दक्षिण- पूर्व कोने में भी आप लगा सकते हैं।
    – इस पौधे को घर की पूर्व दिशा में लगाने से मन को शांति मिलती है। एलोवेरा को घर के उत्तर- पश्चिम कोने से दूर रखना चाहिए।
    – एलोवेरा को घर की बालकनी या बगीचे में रखना वास्तु के अनुसार शुभ माना जाता है। इसे लगाने से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं। एलोवेरा को धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। वहीं इसे लगाने से आर्थिक रूप से स्थिरता भी आती है।
    नोट- एलोवेरा के पौधे की देखभाल में सबसे मुख्य बात यह है कि आपको इसे जरूरत से ज्यादा पानी नहीं देना चाहिए। इस पौधों को बहुत कम पानी की जरूरत होती है, ज्यादा पानी से पत्तियां पीली और मुलायम हो सकती हैं।

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    Fri, 11 Aug 2023 16:13:16 +0530 YogeshJai