टीईटी से मुक्त किए जाने की मांग को लेकर शिक्षकों ने भेजे पत्र
निष्पक्ष जन अवलोकन बाराबंकी। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के तत्वावधान में विकास खंड सिरौलीगौसपुर में “शिक्षक की पाती” अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत सैकड़ों शिक्षकों ने एकजुट होकर टीईटी से मुक्त किए जाने की मांग को लेकर माननीय मुख्य न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति तथा नेता प्रतिपक्ष को पत्र प्रेषित किए। शिक्षकों ने अपने पत्रों के माध्यम से मांग की कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए, जिससे उन्हें अनावश्यक प्रशासनिक एवं मानसिक दबाव से राहत मिल सके। अभियान में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने भाग लेकर अपनी एकजुटता और मांग को मजबूती से रखा। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यह अभियान शिक्षकों की समस्याओं को उच्च स्तर तक पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सरकार एवं माननीय न्यायालय शिक्षकों की भावनाओं को समझते हुए इस विषय में सकारात्मक निर्णय लेंगे। अभियान के दौरान शिक्षकों में उत्साह और एकता का माहौल देखने को मिला तथा सभी ने एक स्वर में अपनी मांग को मजबूती से उठाया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ सिरौलीगौसपुर के संयोजक रामानंद, आशुतोष कुमार, दिलीप तिवारी, रामपाल, अनिल गौतम, राजकुंवर दुबे आदि के साथ सुरेंद्र कुमार, आशीष बाजपेई, मनीष बैसवार, नवीन मिश्रा, अपर्णा श्रीवास्तव, मोहम्मद सुफियान सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।









