शीतला केयर हॉस्पिटल पर लापरवाही और आयुष्मान घोटाले का आरोप, बेटी की मौत के बाद पिता ने उठाए गंभीर सवाल
गोरखपुर के शीतला केयर हॉस्पिटल पर इलाज में लापरवाही और आयुष्मान भारत योजना के तहत कथित अनियमितता का आरोप लगा है। कुशीनगर निवासी जयप्रकाश प्रजापति ने अपनी 14 वर्षीय बेटी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
विभव पाठक / ब्रो चीफ
निष्पक्ष जन अवलोकन
गोरखपुर। शहर के गोलघर स्थित शीतला केयर हॉस्पिटल पर इलाज में कथित लापरवाही और आयुष्मान भारत योजना के तहत अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कुशीनगर निवासी जयप्रकाश प्रजापति ने अपनी 14 वर्षीय बेटी राजनंदनी की मौत के लिए अस्पताल प्रबंधन और संबंधित चिकित्सकों को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित पिता जयप्रकाश प्रजापति ने आरोप लगाया कि वह अपनी पुत्री राजनंदनी को पित्त की थैली में पथरी के ऑपरेशन के लिए 23 मई 2026 की रात अस्पताल लेकर आए थे। उनके अनुसार, बेटी की सामान्य जांच के बाद उसे ऑपरेशन के लिए ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकीय लापरवाही बरती गई, जिसके कारण उसकी हालत गंभीर हो गई।
जयप्रकाश प्रजापति का दावा है कि उनकी बेटी की मृत्यु ऑपरेशन के दौरान या उसके तुरंत बाद हो गई थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने इस तथ्य को परिजनों से छिपाए रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब पांच दिनों तक उन्हें वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं दी गई और इस दौरान मरीज का इलाज जारी होने का दावा किया जाता रहा।
पीड़ित पिता ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने आयुष्मान भारत योजना के तहत फर्जी तरीके से बिलिंग कर सरकारी धन प्राप्त करने का प्रयास किया। उनका कहना है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान जयप्रकाश प्रजापति ने प्रशासन और पुलिस से मांग की कि मामले में शामिल डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या, धोखाधड़ी तथा अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने 24 मई को अस्पताल में हुए सभी ऑपरेशनों के रिकॉर्ड, संबंधित दस्तावेजों और सीसीटीवी फुटेज की उच्चस्तरीय जांच कराने की भी मांग की।
पीड़ित पिता ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से अस्पताल के संचालन की जांच कराए जाने, अस्पताल को तत्काल सील करने तथा उसके लाइसेंस और आयुष्मान भारत योजना के पैनल से संबद्धता निरस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में अन्य मरीज भी ऐसी परिस्थितियों का सामना कर सकते हैं।
उन्होंने मीडिया और प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को दंडित किया जाए ताकि उनकी बेटी को न्याय मिल सके।
नोट: यह समाचार पीड़ित पिता जयप्रकाश प्रजापति द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। समाचार प्रकाशित होने तक अस्पताल प्रबंधन अथवा संबंधित चिकित्सकों का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। मामले की जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।









