गोरखपुर विरासत गलियारा: एक सप्ताह में सड़क होगी मोटरेबल, मण्डलायुक्त ने दिए सख्त निर्देश

गोरखपुर में पाण्डेयहाता से आर्यनगर तक बन रहे विरासत गलियारे का मण्डलायुक्त और डीआईजी ने निरीक्षण किया। एक सप्ताह में सड़क मोटरेबल बनाने, अतिक्रमण हटाने और सफाई के निर्देश दिए गए।

गोरखपुर विरासत गलियारा: एक सप्ताह में सड़क होगी मोटरेबल, मण्डलायुक्त ने दिए सख्त निर्देश
विरासत गलियारा

विभव पाठक

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर। शहर में पाण्डेयहाता से आर्यनगर चौराहे तक विकसित किए जा रहे विरासत गलियारा परियोजना का रविवार को मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा एवं पुलिस उप महानिरीक्षक एस. चन्नप्पा ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग (निर्माण खंड-2) के अधिकारियों ने बताया कि सड़क पर बिटुमिनस कार्य तेजी से चल रहा है और आगामी एक सप्ताह के भीतर इसे पूरा कर सड़क को पूरी तरह मोटरेबल बना दिया जाएगा। इस पर मण्डलायुक्त ने निर्माण कार्य में और तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध हो सके।

मण्डलायुक्त ने लोक निर्माण विभाग और विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी शनिवार तक सड़क को पूरी तरह मोटरेबल बनाते हुए पथ प्रकाश व्यवस्था के लिए विद्युत पोल भी स्थापित कर दिए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के साथ-साथ पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा और आवागमन दोनों बेहतर हो सकें।

निरीक्षण के दौरान फुटपाथों पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। मण्डलायुक्त ने नगर आयुक्त अजय जैन को निर्देश दिया कि फुटपाथों पर दुकानें लगाकर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को तत्काल नोटिस जारी किया जाए। यदि तीन दिनों के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है तो उनके खिलाफ चालान और अन्य आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक स्थलों और फुटपाथों पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित और सुगम पैदल मार्ग उपलब्ध कराना है।

इसके अलावा पाण्डेयहाता से धर्मशाला तक सड़क किनारे पड़े मलबे और कूड़े की सफाई के लिए नगर निगम को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। मण्डलायुक्त ने कहा कि विरासत गलियारा केवल एक सड़क परियोजना नहीं बल्कि शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण विकास कार्य है। इसलिए इसकी स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और सुगम यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने और कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई। प्रशासन की सख्ती के बाद परियोजना के कार्यों में और तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।