सहजनवां समाधान दिवस में कई अधिकारी अनुपस्थित, मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा ने वेतन रोकने के दिए निर्देश

गोरखपुर के सहजनवां तहसील में सम्पूर्ण समाधान दिवस के औचक निरीक्षण में कई अधिकारी अनुपस्थित मिले। मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा ने उनका एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए।

सहजनवां समाधान दिवस में कई अधिकारी अनुपस्थित, मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा ने वेतन रोकने के दिए निर्देश
सहजनवां तहसील में सम्पूर्ण समाधान दिवस का निरीक्षण करते मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा और डीआईजी एस. चन्नप्पा, शिकायतें सुनते हुए अधिकारी।

विभव पाठक

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर। सहजनवां तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस का रविवार को मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा एवं पुलिस उप महानिरीक्षक एस. चन्नप्पा ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई विभागों के अधिकारी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर मण्डलायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश जारी किए।

निरीक्षण के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी पाली/पिपरौली, सीडीपीओ सहजनवां, चकबंदी अधिकारी सहजनवां, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग सहजनवां, पशु चिकित्साधिकारी सहजनवां, पिपरौली एवं पाली तथा सहायक अभियंता ड्रेनेज सिंचाई विभाग सहजनवां अनुपस्थित पाए गए। मण्डलायुक्त ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सभी अनुपस्थित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि भविष्य में समाधान दिवस जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों से अनुपस्थित रहने पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

मण्डलायुक्त ने शिकायतों के प्रभावी निस्तारण के लिए जिलाधिकारी स्तर से सहजनवां तहसील हेतु अपर जिलाधिकारी स्तर के एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

इस दौरान डीआईजी एस. चन्नप्पा ने पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी मामलों का समयबद्ध एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि फरियादियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी समस्याओं का समाधान निर्धारित समय सीमा में किया जाए।

सम्पूर्ण समाधान दिवस में राजस्व एवं भूमि विवाद से जुड़े अनेक मामलों की सुनवाई की गई। प्रमुख रूप से प्रमोद कुमार पुत्र पारस, सरस्वती देवी पत्नी अजय साहनी, भजुराम पुत्र कतवारू तथा संतोष पाण्डेय पुत्र जगदीश पाण्डेय सहित अन्य फरियादियों ने अपनी शिकायतें अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कीं। मण्डलायुक्त ने स्वयं इन मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उप जिलाधिकारी सहजनवां केशरी नन्दन तिवारी को निर्देशित किया गया कि सभी प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के लिए विशेष टीम गठित की जाए और प्रत्येक मामले का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

औचक निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक सख्ती साफ दिखाई दी। अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि जनता से जुड़े कार्यक्रमों में शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी और जवाबदेही तय की जाएगी। इस कार्रवाई को प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।