गोरखपुर के गायत्री चेतना केंद्र पर मासिक गायत्री महायज्ञ संपन्न, सनातन संस्कारों के संवर्धन पर जोर

गोरखपुर के गायत्री चेतना केंद्र, राप्तीनगर में मासिक गायत्री महायज्ञ का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रों के साथ आहुतियां देकर जनकल्याण और संस्कार जागरण का संकल्प लिया।

गोरखपुर के गायत्री चेतना केंद्र पर मासिक गायत्री महायज्ञ संपन्न, सनातन संस्कारों के संवर्धन पर जोर
गायत्री चेतना केंद्र, राप्तीनगर में आयोजित मासिक गायत्री महायज्ञ में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां देते श्रद्धालु

विभव पाठक 

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज, हरिद्वार के मार्गदर्शन में गणेशपुरम, राप्तीनगर स्थित गायत्री चेतना केंद्र पर रविवार को मासिक गायत्री महायज्ञ एवं दिव्य प्रसाद वितरण कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन पिछले 18 वर्षों से निरंतर प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य समाज में सनातन संस्कारों, नैतिक मूल्यों और यज्ञीय जीवनशैली का प्रचार-प्रसार करना है।

कार्यक्रम के दौरान वैदिक परंपरा के अनुरूप गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ का संचालन शांतिकुंज के देवदूत कैलाश, रामहान एवं अवधेश तिवारी ने वैदिक मंत्रोच्चार, भजन और प्रेरणादायक गीतों के साथ संपन्न कराया। यज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आहुतियां अर्पित कीं और विश्व कल्याण, सद्भावना तथा सकारात्मक विचारों की स्थापना के लिए प्रार्थना की।

इस अवसर पर अर्जुन सिंह एवं परिवार, अमित सिंह एवं परिवार तथा सूरज पांडे एवं परिवार मुख्य यजमान के रूप में उपस्थित रहे। सभी यजमानों ने गायत्री महामंत्र एवं वैदिक मंत्रों के साथ यज्ञ में सहभागिता करते हुए परिवार, समाज और राष्ट्र की उन्नति के लिए मंगलकामनाएं कीं।

गायत्री परिवार रचनात्मक ट्रस्ट के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी डॉ. दीना नाथ सिंह ने बताया कि मासिक गायत्री महायज्ञ का उद्देश्य लोगों को भारतीय संस्कृति, सनातन संस्कारों और आदर्श जीवन मूल्यों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में विशेष रूप से नवविवाहित दंपत्तियों को मुख्य यजमान बनाकर यज्ञ-विधि का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है, ताकि वे अपने पारिवारिक जीवन में आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों को आत्मसात कर सकें।

उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम पूर्णतः निःशुल्क है और इसमें भाग लेने वाले श्रद्धालुओं से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता। समाज में नैतिक जागरण और संस्कार निर्माण के उद्देश्य से यह आयोजन वर्षों से निरंतर संचालित हो रहा है।

कार्यक्रम का संचालन राज कौशिक ने किया, जबकि व्यवस्थापन की जिम्मेदारी जितेंद्र वर्मा ने संभाली। आयोजन के समापन पर सभी श्रद्धालुओं को दिव्य प्रसाद वितरित किया गया। अंत में डॉ. दीना नाथ सिंह ने उपस्थित श्रद्धालुओं, सहयोगियों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए समाज में संस्कारवान पीढ़ी के निर्माण के लिए ऐसे आयोजनों में अधिकाधिक सहभागिता का आह्वान किया।

इस अवसर पर मीरा वर्मा, मालती सिंह, आनंद श्रीवास्तव, अरुण कुमार मिश्र, अंजू श्रीवास्तव, दीनदयाल वर्मा, कंचन वर्मा, सतीश सिंह, रविंद्र सिंह, सुरेश राय, सुनील त्रिपाठी, ज्ञान प्रकाश, शिवशंकर गुप्ता, रंजीत बहादुर सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।