राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, सौहार्दपूर्ण समाधान पर दिया गया जोर

राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, सौहार्दपूर्ण समाधान पर दिया गया जोर

निष्पक्ष जन अवलोकन विनय सिंह बाराबंकी। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश पर जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रतिमा श्रीवास्तव की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ जिला जज प्रतिमा श्रीवास्तव, अल्पना सक्सेना (पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण) एवं वंदना सिंह प्रथम द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर श्रीकृष्ण चन्द्र सिंह (अपर जिला जज/नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत), शिवानी रावत (पूर्णकालिक सचिव), राजकुमार (अपर जिलाधिकारी न्यायिक), विकास चन्द्र त्रिपाठी (अपर पुलिस अधीक्षक) तथा सौरभ मौर्या (अग्रणी जिला प्रबंधक, बैंक ऑफ इंडिया) सहित समस्त न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, कर्मचारी और पत्रकार उपस्थित रहे। जनपद न्यायाधीश प्रतिमा श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि संवाद, संवेदनशीलता और सहमति ही लोक अदालत की आत्मा हैं। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं संबंधित विभागों से आह्वान किया कि वे मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पक्षकारों के बीच विश्वास का सेतु बनें, जिससे अधिक से अधिक मामलों का सौहार्दपूर्ण व स्थायी समाधान संभव हो सके। उन्होंने कहा कि “विवाद नहीं, समाधान हमारा लक्ष्य हो और टकराव नहीं, समन्वय हमारा मार्ग हो।” लोक अदालत न्याय की उस अवधारणा को साकार करती है, जहां न्याय शीघ्र, सुलभ और सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध होता है।