गोरखपुर में कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई यूपी टीईटी 2026, 89% तक रही उपस्थिति
गोरखपुर में यूपी टीईटी 2026 का पहला दिन शांतिपूर्ण रहा। पहली पाली में 88.26% और दूसरी में 89.27% अभ्यर्थी उपस्थित रहे। अफसरों ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
विभव पाठक/ब्यूरो चीफ
निष्पक्ष जन अवलोकन
गोरखपुर। जनपद में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी)-2026 का पहला दिन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सघन निगरानी के बीच शांतिपूर्ण एवं नकलविहीन वातावरण में संपन्न हुआ। परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पर ऑब्जर्वर वी.पी. श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त आईपीएस/डीआईजी) एवं नोडल अधिकारी अपर जिलाधिकारी (नगर) गजेंद्र कुमार की विशेष निगरानी रही। वहीं मंडलायुक्त अनिल ढींगरा, डीआईजी रेंज एस. चनप्पा, जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ तथा पुलिस अधीक्षक नगर निमिष पाटील सहित अन्य अधिकारियों ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जनपद में टीईटी परीक्षा के लिए कुल 57,020 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं, जबकि लगभग 15 हजार अभ्यर्थी प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक दोनों स्तर की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इस प्रकार कुल मिलाकर लगभग 72,020 परीक्षार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। परीक्षा का आयोजन 2, 3 और 4 जुलाई को पांच पालियों में किया जा रहा है। इसके लिए जिले में 32 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
पहले दिन की पहली पाली में 14,615 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी। इनमें से 12,899 अभ्यर्थी उपस्थित हुए, जबकि 1,716 अनुपस्थित रहे। इस प्रकार पहली पाली में 88.26 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। दूसरी पाली में भी 14,615 अभ्यर्थियों के सापेक्ष 13,047 परीक्षार्थी उपस्थित हुए और 1,568 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में 89.27 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई।
परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और नकलविहीन बनाने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। प्रवेश द्वारों पर अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई तथा सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखी गई। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए डबल लॉक व्यवस्था लागू रही। प्रत्येक केंद्र पर सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
जिला प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, बिजली, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की। अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए यातायात व्यवस्था भी सुचारु रखी गई। अधिकारियों ने बताया कि पहले दिन की परीक्षा पूरी पारदर्शिता, शुचिता और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई तथा कहीं से किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या नकल की सूचना प्राप्त नहीं हुई।









