कानपुर देहात रनियाँ में निकला हसन-हुसैन की शहादत का जुलूस, हिंदू-मुस्लिम एकता की दिखी मिसाल
निष्पक्ष जन अवलोकन।
अंकित तिवारी।
रनियाँ नगर पंचायत रनियाँ में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी मुस्लिम समुदाय द्वारा हजरत इमाम हसन और हुसैन की शहादत की याद में श्रद्धा और अकीदत के साथ जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और मातमी माहौल के बीच शहादत को याद किया गया। जुलूस की खास बात यह रही कि इसमें मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ हिंदू समुदाय के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे क्षेत्र में सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल देखने को मिली। दोनों समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे के साथ कंधे से कंधा मिलाकर शांति और एकता का संदेश दिया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर संबंधित थाना प्रभारी अपने हमराह पुलिस बल के साथ पूरे समय मुस्तैदी से डटे रहे। जब जुलूस चिटिकपुर चौराहे से हाईवे की ओर बढ़ा, तब थाना प्रभारी ने सक्रियता दिखाते हुए सभी पुलिसकर्मियों को सख्त निर्देश दिए कि जुलूस में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित रूप से हाईवे पार कराया जाए। पुलिस की सतर्कता और बेहतर प्रबंधन के चलते कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस अवसर पर हारून, मोहम्मद नसीम, मुल्लाजी, मोहम्मद इस्लाम, जुबेर खान, पूर्व सांसद राजा रामपाल, रामकिशोर दिवाकर, सुरेश सक्सेना, अन्नू भदौरिया,पवन यादव, मोहम्मद उमर, राजू सिंह चौहान, मुन्ना अहमद, रेहान मंसूरी फरहान मंसूरी, सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में प्रेम, भाईचारे और आपसी विश्वास को मजबूत करते हैं। रनियाँ में निकला यह जुलूस एक बार फिर गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक एकता का प्रतीक बन गया।









