एमजीयूजी के कृषि संकाय के 13 विद्यार्थियों का कैंपस प्लेसमेंट, कृषि क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी में मिला अवसर

महोयोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर के कृषि संकाय के 13 विद्यार्थियों का कैंपस प्लेसमेंट एकेएसवी खेतखलिहान क्रॉप प्राइवेट लिमिटेड में हुआ है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रशिक्षण का परिणाम बताया।

एमजीयूजी के कृषि संकाय के 13 विद्यार्थियों का कैंपस प्लेसमेंट, कृषि क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी में मिला अवसर
एकेएसवी खेतखलिहान क्रॉप प्राइवेट लिमिटेड में चयनित होने के बाद महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कृषि संकाय के सफल विद्यार्थी

विभव पाठक /ब्यूरो चीफ 

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर, 25 जून। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय (एमजीयूजी) के कृषि संकाय के विद्यार्थियों ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय के कृषि संकाय के 13 विद्यार्थियों का कैंपस प्लेसमेंट कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी एकेएसवी खेतखलिहान क्रॉप प्राइवेट लिमिटेड में हुआ है। इस सफलता से विश्वविद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल है।

चयनित विद्यार्थियों में रीतू पांडेय, आशुतोष, रितिका, मान, प्रियम्बदा, प्रिया सिंह, शिवानी, विवेक पटेल, अग्रज साहनी, शालू, उर्वशी सिंह, प्रियेश राम और पुष्पा शामिल हैं। विद्यार्थियों ने अपनी सफलता का श्रेय विश्वविद्यालय के अनुभवी प्राध्यापकों, नियमित मार्गदर्शन और व्यावहारिक प्रशिक्षण को दिया है।

इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुरिंदर सिंह और कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए चयनित विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उत्कृष्ट प्रशिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों के समग्र विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

कृषि संकाय के अधिष्ठाता डॉ. विमल कुमार दुबे ने चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संकाय का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए तैयार करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि चयनित छात्र अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे।

कृषि संकाय की प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट समन्वयक डॉ. सास्वती प्रेमकुमारी ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा नियमित रूप से आयोजित व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम, कौशल प्रशिक्षण, करियर परामर्श सत्र और विशेषज्ञों के व्याख्यान विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

वहीं प्लेसमेंट प्रक्रिया के संकाय संयोजक डॉ. सच्चिदानंद सिंह ने बताया कि कृषि क्षेत्र में रोजगार की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए विश्वविद्यालय उद्योग जगत के साथ निरंतर संवाद स्थापित कर रहा है, ताकि विद्यार्थियों को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।