फर्जी निवेश योजना से 11.66 लाख की ठगी, रीयल एस्टेट कारोबारी बनकर लोगों को झांसा देने वाला आरोपी गिरफ्तार
गोरखपुर के पीपीगंज थाना क्षेत्र में फर्जी निवेश योजना के नाम पर 11.66 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी अभिषेक श्रीवास्तव को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को रीयल एस्टेट कारोबारी और कंपनी का सीईओ बताकर लोगों को झांसा देता था।
विभव पाठक /ब्यूरो चीफ
निष्पक्ष जन अवलोकन
गोरखपुर। फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पीपीगंज थाना पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने खुद को रीयल एस्टेट कारोबारी और कंपनी का सीईओ बताकर लोगों को झांसा देने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर निवेश के नाम पर लाखों रुपये हड़पने और पैसा वापस मांगने पर धमकी देने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अभिषेक श्रीवास्तव निवासी टीचर कॉलोनी, थाना पीपीगंज, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है। उसके खिलाफ थाना पीपीगंज में मुकदमा अपराध संख्या 407/25 एवं 430/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक सुनियोजित योजना के तहत लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया। उसने स्वयं को एक प्रतिष्ठित रीयल एस्टेट कारोबारी बताते हुए निवेश पर 15 से 20 प्रतिशत तक मुनाफा देने का भरोसा दिलाया। साथ ही निवेश के बदले 2000 वर्ग फीट जमीन की रजिस्ट्री कराने का भी वादा किया गया।
आरोपी के झांसे में आकर पीड़ित ने करीब छह माह के दौरान नगद और ऑनलाइन माध्यम से कुल 11 लाख 66 हजार रुपये जमा कर दिए। लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी न तो कोई मुनाफा मिला और न ही जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी और उसके सहयोगियों ने कथित रूप से जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि आरोपी स्वयं को Siddhatva Infra Solutions Pvt. Ltd. का सीईओ बताकर लोगों का विश्वास जीतता था और दूसरों की जमीन को अपनी बताकर निवेश के नाम पर धन एकत्र करता था। पुलिस को आशंका है कि इस तरीके से कई अन्य लोग भी ठगी का शिकार हुए हैं।
पीपीगंज पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में धन लगाने से पहले उसकी वैधता और विश्वसनीयता की पूरी जांच अवश्य करें।









