एमजीयूजी में नशा मुक्ति शपथ ग्रहण समारोह, विद्यार्थियों ने नशामुक्त समाज बनाने का लिया संकल्प
महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत नशा मुक्ति शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
विभव पाठक /ब्यूरो चीफ
निष्पक्ष जन अवलोकन
गोरखपुर, 25 जून। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय (एमजीयूजी) में राष्ट्रीय सेवा योजना (रासेयो) के तत्वावधान में नशा मुक्ति शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
समारोह में नशा मुक्ति अभियान के नोडल अधिकारी के संयोजन में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को नशे से दूर रहने तथा समाज में जागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई गई। उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करेंगे।
इस अवसर पर वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए दिलीप कुमार मिश्रा ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए अत्यंत घातक है। उन्होंने कहा कि नशे की लत न केवल स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक समस्याओं को भी जन्म देती है। युवाओं को अपने भविष्य और करियर पर ध्यान केंद्रित करते हुए नशे जैसी बुराइयों से दूर रहना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे केवल स्वयं जागरूक न बनें, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभाएं। इससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में प्रवीण कुमार सिंह, डॉ. राम और डॉ. पूजा मिश्रा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे जन-आंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता है। समाज के सभी वर्गों की सहभागिता से ही नशामुक्त और स्वस्थ भारत का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प दोहराया।









