भारत सेवाश्रम संघ गोरखपुर में पांच दिवसीय सत्संग समारोह का शुभारंभ, नवधा भक्ति पर हुआ प्रेरक प्रवचन

गोरखपुर स्थित भारत सेवाश्रम संघ में पांच दिवसीय सत्संग समारोह का शुभारंभ हुआ। स्वामी अखिलेश्वरानंद सरस्वती ने नवधा भक्ति, सेवा और सनातन संस्कृति पर प्रेरक प्रवचन दिया।

भारत सेवाश्रम संघ गोरखपुर में पांच दिवसीय सत्संग समारोह का शुभारंभ, नवधा भक्ति पर हुआ प्रेरक प्रवचन
भारत सेवाश्रम संघ, गोरखपुर में आयोजित पांच दिवसीय सत्संग समारोह के प्रथम दिन प्रवचन देते स्वामी अखिलेशवरानंद सरस्वती

विभव पाठक / ब्यूरो चीफ 

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर। एकादशी के पावन अवसर पर गुरुवार को भारत सेवाश्रम संघ, गोरखपुर शाखा के प्रांगण में पांच दिवसीय सत्संग समारोह का भव्य शुभारंभ हुआ। आध्यात्मिक वातावरण, वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिभाव के बीच आरंभ हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर सत्संग का लाभ प्राप्त किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत सेवाश्रम संघ, गोरखपुर शाखा के अध्यक्ष Swami Nihshreyasanand ने दीप प्रज्वलित कर किया। दीप प्रज्वलन के साथ ही पूरे परिसर में भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। उपस्थित श्रद्धालुओं ने सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण का संकल्प भी लिया।

सत्संग समारोह के प्रथम दिन मुख्य वक्ता के रूप में पधारे Swami Akhileshwaranand Saraswati ने रामचरितमानस में वर्णित नवधा भक्ति का अत्यंत सरल, सारगर्भित एवं प्रेरणादायी वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भक्ति केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन को सेवा, समर्पण, अनुशासन और सदाचार से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि रामचरितमानस की शिक्षाएं व्यक्ति के चरित्र निर्माण के साथ-साथ समाज में प्रेम, सद्भाव और एकता को भी सुदृढ़ करती हैं।

अपने उद्बोधन में स्वामी अखिलेश्वरानंद सरस्वती ने सनातन संस्कृति की एकता, संगठन और जागरण पर विशेष बल देते हुए कहा कि वर्तमान समय में समाज को अपने सांस्कृतिक मूल्यों और आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण के लिए संगठित होकर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि धर्म का वास्तविक उद्देश्य मानवता, सेवा और आत्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करना है।

कार्यक्रम में अचिंत लहरी, आनंद मुखर्जी, श्रीमती स्वाति मुखर्जी, वीरू पाल, दिवाकर यादव, डॉ. हरि शरण, पूर्वा मुखर्जी, आदित्य मुखर्जी, गणेश थापा, हीरेन मुखर्जी सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

आयोजकों ने बताया कि यह पांच दिवसीय सत्संग समारोह 29 जून तक प्रतिदिन सायं 6 बजे से 7:30 बजे तक आयोजित किया जाएगा। श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर आध्यात्मिक ज्ञान और सत्संग का लाभ लेने का आग्रह किया गया है।

फोटो कैप्शन: भारत सेवाश्रम संघ, गोरखपुर में आयोजित पांच दिवसीय सत्संग समारोह के उद्घाटन अवसर पर प्रवचन देते स्वामी अखिलेश्वरानंद सरस्वती एवं उपस्थित श्रद्धालु।