सितंबर में होगा कसौधन समाज का राजनीतिक अधिकार सम्मेलन, गोरखपुर चिंतन बैठक में बड़ा फैसला

गोरखपुर में आयोजित कसौधन समाज की चिंतन बैठक में सितंबर माह में राजनीतिक अधिकार सम्मेलन कराने का निर्णय लिया गया। समाज की राजनीतिक भागीदारी और अधिकारों को लेकर रणनीति बनी।

सितंबर में होगा कसौधन समाज का राजनीतिक अधिकार सम्मेलन, गोरखपुर चिंतन बैठक में बड़ा फैसला
गोरखपुर में आयोजित कसौधन समाज की चिंतन बैठक में उपस्थित पदाधिकारी एवं समाज के प्रतिनिधि।

विभव पाठक /ब्यूरो चीफ

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश कसौधन वैश्य समाज की एक महत्वपूर्ण चिंतन बैठक रविवार को गोरखपुर के एक होटल में आयोजित की गई, जिसमें समाज के राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी सितंबर माह में "कसौधन समाज राजनीतिक अधिकार सम्मेलन" का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने दावा किया कि इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से लाखों लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कसौधन समाज की जनसंख्या के अनुपात में राजनीतिक प्रतिनिधित्व और भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संगठित प्रयासों की आवश्यकता है। समाज के लोगों को राजनीतिक रूप से जागरूक कर मुख्यधारा से जोड़ने तथा उनके अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया गया।

चर्चा के दौरान कसौधन समाज को पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र जारी कराने, जाति को केंद्रीय पिछड़ा वर्ग (OBC) सूची में शामिल कराने तथा समाज से जुड़ी अन्य समस्याओं के समाधान के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाने पर भी विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने कहा कि समाज के लोगों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए प्रदेशभर में पोस्टर, बैनर और जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।

मुख्य वक्ता जनार्दन गुप्ता, सदस्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने कहा कि समाज को अपने अधिकारों के प्रति सजग और संगठित होना होगा। उन्होंने युवाओं और समाज के प्रभावशाली वर्ग को इस अभियान से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

कसौधन समाज के प्रदेश अध्यक्ष एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पवन कसौधन ने समाज की विभिन्न समस्याओं का उल्लेख करते हुए राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने को समय की आवश्यकता बताया। इस अवसर पर प्रदेश और विभिन्न जनपदों से आए अनेक पदाधिकारियों एवं समाजसेवियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और प्रस्तावित सम्मेलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतवर्षीय कसौधन महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.वी. गुप्ता ने की, जबकि संचालन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश कसौधन ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ महर्षि कश्यप की आरती के साथ हुआ। अंत में सामाजिक उत्थान, राजनीतिक अधिकारों की प्राप्ति और राष्ट्रीय स्तर पर समाज को संगठित करने के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाने का संकल्प लिया गया।