चिलुआताल में अवैध कच्ची शराब का भंडाफोड़, 20 लीटर शराब के साथ तीन महिलाएं गिरफ्तार

गोरखपुर के चिलुआताल क्षेत्र में पुलिस ने अवैध कच्ची शराब के कारोबार का भंडाफोड़ करते हुए तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया। 20 लीटर शराब, भट्टियां और उपकरण बरामद किए गए

चिलुआताल में अवैध कच्ची शराब का भंडाफोड़, 20 लीटर शराब के साथ तीन महिलाएं गिरफ्तार
चिलुआताल पुलिस द्वारा अवैध कच्ची शराब, भट्टियों एवं शराब बनाने के उपकरणों के साथ गिरफ्तार की गईं तीन महिलाएं।

विभव पाठक / ब्यूरो चीफ

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर। जनपद में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चिलुआताल पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से लगभग 20 लीटर अपमिश्रित कच्ची शराब, नौसादर, भट्टियां और शराब बनाने में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपित महिलाओं के खिलाफ आबकारी अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार नियमित चेकिंग और अवैध शराब के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान सूचना मिली कि सिक्टौर गांव में कुछ लोग अवैध रूप से कच्ची शराब तैयार कर उसकी बिक्री कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने छापेमारी की, जहां से सविता, सरीता और नीतू नामक तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया।

तलाशी के दौरान पुलिस ने चार प्लास्टिक केनों में भरी लगभग 20 लीटर अपमिश्रित कच्ची शराब बरामद की। इसके अलावा 500 ग्राम नौसादर, तीन भट्टियां तथा शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण भी मौके से जब्त किए गए। पुलिस का कहना है कि बरामद सामग्री से स्पष्ट है कि आरोपित लंबे समय से अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के कार्य में संलिप्त थीं।

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार महिलाओं में सविता के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं सरीता और नीतू के विरुद्ध भी पूर्व में कानूनी कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस अब इनके नेटवर्क और अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटा रही है।

थाना चिलुआताल में आरोपितों के खिलाफ धारा 60(2) आबकारी अधिनियम तथा धारा 274 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री से जनस्वास्थ्य को गंभीर खतरा होता है। ऐसे मामलों पर पूरी सख्ती बरती जाएगी और इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।