नेटहवा भाथर गौशाला में बदहाल व्यवस्था, भूख-प्यास से तड़प रही गौमाता

नेटहवा भाथर गौशाला में बदहाल व्यवस्था, भूख-प्यास से तड़प रही गौमाता

निष्पक्ष जन अवलोकन। पचपेड़वा। विकास खंड पचपेड़वा (बलरामपुर) की ग्राम पंचायत नेटहवा भाथर स्थित गौशाला में गौवंशों की दयनीय स्थिति सामने आई है। स्थानीय लोगों एवं मौके पर पहुंची पत्रकार टीम के अनुसार गौशाला में रह रहे गौवंशों को पर्याप्त चारा और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। भीषण गर्मी के बीच गौवंश भूख और प्यास से परेशान दिखाई दिए। मौके पर देखा गया कि गौशाला में कई गौवंश छाया और पानी के अभाव में इधर-उधर भटक रहे थे। आरोप है कि गौशाला में तैनात केयरटेकर द्वारा व्यवस्थाओं को दुरुस्त दिखाने का प्रयास किया गया, लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ और ही नजर आई। तपती धूप और बढ़ते तापमान के बीच गौवंशों को पर्याप्त राहत नहीं मिल पा रही है, जिससे उनकी हालत लगातार खराब होती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला की नियमित निगरानी नहीं हो रही है। जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण गौवंशों के समुचित रखरखाव पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि न तो पर्याप्त चारे की व्यवस्था है और न ही स्वच्छ पेयजल की। ऐसे में बेजुबान पशु भूख-प्यास से तड़पने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जब गौवंशों को समय पर भोजन नहीं मिलता तो वे गौशाला से बाहर निकलकर खेतों की ओर चले जाते हैं, जिससे किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचता है। इसके अलावा कई गौवंश सड़क पर आ जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। आए दिन सड़क किनारे और मुख्य मार्गों पर गौवंशों के खड़े रहने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गौशाला की तत्काल जांच कराई जाए तथा गौवंशों के लिए पर्याप्त चारा, पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। ग्रामीणों का कहना है कि गौ संरक्षण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं बदहाल हैं।