अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस" के अवसर पर "योगा एक धरती एक स्वास्थ" के विचार के साथ मनाया गया।
निष्पक्ष जन अवलोकन। । शिवसंपत करवरिया चित्रकूट ।उच्च न्यायालय इलाहाबाद व माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण तथा माननीय उ०प्र०राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार माननीय प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, चित्रकूट के आवास परिसर में न्यायिक अधिकारियों, न्यायालय के कर्मचारियों एवं अन्य द्वारा दिनांक 21 जून 2026 को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस" के अवसर पर "योगा एक धरती एक स्वास्थ" के विचार के साथ मनाया गया। राकेश कुमार यादव, माननीय प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय द्वारा कहा गया कि योग अपने आप व्यापक शब्द है। योग हमारे शरीर, आत्मा एवं चित्त को शुद्ध करने के लिए किया जाता है। योग अपने आप इतना प्रभावशाली है कि यदि किसी व्यक्ति को रोग होता है तो योग में उसका निदान संभव है। विशिष्ट प्रकार की योग क्रियाएं करने से व्यक्ति अपने आपको भीतर से शुद्ध कर सकता है। आज की भागदौड़ की जिन्दगी में थोड़ा समय स्वयं एवं योग के लिए अवश्य निकालें, जिससे स्वस्थ्य भारत का निर्माण हो सके। राहुल मिश्रा, प्रभारी जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्रकूट द्वारा बताया गया कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जो आज पूरी दुनिया के लिए स्वास्थ्य और संतुलन का प्रतीक बन चुका है। हर साल 21 जून को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस आज न केवल भारत, बल्कि वैश्विक स्तर पर जन-जन को जोड़ने वाला पर्व बन गया है, यह भारत के उस संदेश को सशक्त करता है जिसमें ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य' की भावना निहित है। इस अवसर पर राजेन्द्र प्रसाद भारती, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चित्रकूट, अभिनव कुमार दुबे न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय, राम सिंह प्रशासनिक अधिकारी, रितेश सिंह वरिष्ठ सहायक, दिलीप कुमार गुप्ता, शानू सिंह सहायक सिस्टम अधिकारी, पूरन सिंह, रवी प्रकाश श्रीवास्तव आदि न्यायिक कर्मचारीगण उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त माननीय प्रभारी जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्रकूट के निर्देशन में जिलाकारागार चित्रकूट, जिलाकारागार, चित्रकूट एवं राजकीय सम्प्रेक्षण गृह चित्रकूट में "अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस" के अवसर पर कार्यक्रम मनाया गया।









