गोरखपुर में अक्षय पात्र फाउंडेशन की अत्याधुनिक केंद्रीय रसोई का उद्घाटन, लाखों बच्चों को मिलेगा पौष्टिक भोजन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में अक्षय पात्र फाउंडेशन की अत्याधुनिक केंद्रीय रसोई का उद्घाटन किया। इससे लाखों बच्चों को पौष्टिक मिड-डे मील उपलब्ध कराया जाएगा।
विभव पाठक /ब्यूरो चीफ
निष्पक्ष जन अवलोकन
गोरखपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने गुरुवार को गोरखपुर में अक्षय पात्र फाउंडेशन की अत्याधुनिक केंद्रीय रसोई का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बच्चों को पौष्टिक, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और शिक्षित बच्चे ही देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव होते हैं तथा इस दिशा में अक्षय पात्र फाउंडेशन का योगदान सराहनीय है।
मुख्यमंत्री ने रसोई परिसर का निरीक्षण करते हुए यहां स्थापित आधुनिक मशीनों एवं भोजन निर्माण की वैज्ञानिक प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में गोरखपुर में शुरू हुई यह पहल अब नए आयाम प्राप्त कर रही है। पहले सीमित संख्या में बच्चों तक भोजन पहुंचाया जाता था, जबकि अब इस अत्याधुनिक केंद्रीय रसोई के माध्यम से गोरखपुर और आसपास के जिलों के लाखों बच्चों को मिड-डे मील योजना के अंतर्गत पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा।
अक्षय पात्र फाउंडेशन की यह केंद्रीय रसोई अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित है, जहां भोजन निर्माण की पूरी प्रक्रिया स्वचालित एवं मानकों के अनुरूप संचालित की जाती है। यहां स्वच्छता, गुणवत्ता और पोषण का विशेष ध्यान रखा जाता है। भोजन तैयार करने से लेकर उसके सुरक्षित वितरण तक की व्यवस्था वैज्ञानिक तरीके से की गई है, जिससे बच्चों को ताजा और संतुलित भोजन मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुपोषण को समाप्त करने और बच्चों की शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने में इस प्रकार की योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि “कोई भी बच्चा भूखा न रहे” का संकल्प सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही पूरा हो सकता है।
फाउंडेशन के अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय रसोई में सौर ऊर्जा, जल संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन जैसी पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाएं भी विकसित की गई हैं। भविष्य में इसकी क्षमता और बढ़ाने के साथ अधिक विद्यालयों को इससे जोड़ने की योजना है।
उद्घाटन समारोह में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने इस पहल को बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।









