देवरिया में पूर्व ग्राम प्रधान पर जमीन हड़पने का आरोप, युवती ने मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार
देवरिया की अंकिता सिंह ने पूर्व ग्राम प्रधान पर धोखाधड़ी कर 90 लाख रुपये की जमीन हड़पने का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।
विभव पाठक /ब्यूरो चीफ
निष्पक्ष जन अवलोकन
देवरिया। जिले के जंगल-अकटहवा गांव (पोस्ट-छपौली) की निवासी एक युवती ने ग्राम सभा के बर्खास्त पूर्व प्रधान पर धोखाधड़ी कर उसकी करोड़ों की संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़िता अंकिता सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अंकिता सिंह का आरोप है कि उनके माता-पिता के निधन के बाद वह परिवार में अकेली रह गई थीं। इसी परिस्थिति का लाभ उठाकर ग्राम सभा के पूर्व प्रधान रामचंद्र निषाद ने कथित रूप से तहसील के कुछ कर्मचारियों और अन्य लोगों के साथ मिलकर उनकी भूमि को हड़पने की साजिश रची। पीड़िता के अनुसार उनकी जमीन की वर्तमान बाजार कीमत लगभग 90 लाख रुपये है, लेकिन आरोपियों ने धोखे से उसका एग्रीमेंट मात्र 20 लाख रुपये में तैयार करा लिया।
पीड़िता का कहना है कि उन्हें विभिन्न बहानों से तहसील ले जाया गया और जरूरी औपचारिकताओं के नाम पर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए। अंकिता का आरोप है कि उन्हें न तो भूमि के वास्तविक मूल्य की जानकारी दी गई और न ही एग्रीमेंट की शर्तों से पूरी तरह अवगत कराया गया। उनका दावा है कि निर्धारित धनराशि का भी उन्हें उचित भुगतान नहीं किया गया।
अंकिता सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व प्रधान उनके कुछ रिश्तेदारों, विशेषकर चचेरे भाई के साथ मिलकर उक्त भूमि पर कब्जा कर उसे प्लॉटिंग के माध्यम से बेचने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो उनकी पैतृक संपत्ति पूरी तरह हाथ से निकल सकती है।
पीड़िता ने अपने प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि आरोपी पूर्व प्रधान पर पूर्व में लगभग 25 लाख रुपये के भ्रष्टाचार से संबंधित मामला दर्ज हो चुका है। इसके बावजूद प्रभाव और प्रशासनिक उदासीनता के कारण उसके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।
अंकिता सिंह ने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध धोखाधड़ी सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने, भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। वहीं, मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
हालांकि, आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी।









