गोरखपुर में हेल्थ इंश्योरेंस फ्रॉड का खुलासा, फर्जी क्लेम से रकम हड़पने वाले गिरोह के दो आरोपी गिरफ्तार

गोरखपुर के रामगढ़ताल थाना पुलिस ने हेल्थ इंश्योरेंस में फर्जी क्लेम पास कर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

गोरखपुर में हेल्थ इंश्योरेंस फ्रॉड का खुलासा, फर्जी क्लेम से रकम हड़पने वाले गिरोह के दो आरोपी गिरफ्तार
हेल्थ इंश्योरेंस में फर्जी क्लेम के जरिए धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के गिरफ्तार दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में।

विभव पाठक /ब्यूरो चीफ

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर। रामगढ़ताल थाना पुलिस ने हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर फर्जी क्लेम पास कराकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ पहले से गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज था। पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी कैंट के पर्यवेक्षण में की गई इस कार्रवाई को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राकेश कुमार ओझा, निवासी भिटहा थाना बांसगांव, और अभिषेक शर्मा उर्फ हनी शर्मा, निवासी सरस्वतीपुरम लेन-3 थाना शाहपुर, के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ थाना रामगढ़ताल में उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज था।

जांच में सामने आया कि आरोपी एक संगठित गिरोह बनाकर अस्पताल का संचालन करते थे। गिरोह हेल्थ इंश्योरेंस कराने वाले लोगों के नाम पर बिना किसी वास्तविक इलाज के फर्जी मेडिकल दस्तावेज तैयार कर बीमा कंपनियों से क्लेम पास कराता था। क्लेम की राशि प्राप्त होने के बाद उसे आपस में बांट लिया जाता था, जिससे गिरोह लंबे समय से आर्थिक और भौतिक लाभ अर्जित कर रहा था।

पुलिस का कहना है कि इस तरह की धोखाधड़ी से बीमा कंपनियों के साथ-साथ स्वास्थ्य व्यवस्था की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है। मामले की गहन जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है और इनके विरुद्ध पूर्व में भी विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल दोनों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संगठित अपराध, आर्थिक धोखाधड़ी और बीमा फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।