गोरखपुर विश्वविद्यालय में नशा मुक्त भारत सप्ताह के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

गोरखपुर विश्वविद्यालय में नशा मुक्त भारत सप्ताह के तहत शुद्धिकरण नशा मुक्ति केंद्र ने जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सम्मान समारोह से युवाओं को नशामुक्ति का संदेश दिया गया।

गोरखपुर विश्वविद्यालय में नशा मुक्त भारत सप्ताह के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित 'नशा मुक्त भारत सप्ताह' जन-जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि, अतिथिगण एवं प्रतिभागियों के साथ उपस्थित छात्र-छात्राएं।

विभव पाठक /ब्यूरो चीफ

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर। "नशा मुक्त भारत सप्ताह – विकसित भारत की पहचान" अभियान के अंतर्गत गोरखपुर विश्वविद्यालय में शुद्धिकरण नशा मुक्ति केंद्र द्वारा भव्य जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए नशा मुक्त एवं विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. (श्रीमती) पूनम टंडन रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि नशा समाज और विशेष रूप से युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है। इसके प्रति जागरूक होकर ही स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।

इस अवसर पर शुद्धिकरण नशा मुक्ति केंद्र की निदेशक पूनम सिंह, सह-निदेशक दुर्गेश सिंह 'चंचल', उप क्षेत्रीय मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी संजीत मिश्र, एसपी नारकोटिक्स राहुल कुमार पूर्वे, डॉ. नितेश मिश्रा, छात्र नेता नारायण दत्त पाठक, मानव अधिकार राष्ट्रीय अध्यक्ष एम.डी. रज़ी, केंद्र प्रभारी दिनेश जैन सहित संगठन के पदाधिकारी एवं अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन मरियम मजीद ने किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक, प्रेरक गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों और नशा मुक्ति के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। उपस्थित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी करते हुए नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और युवाओं को नशे से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।