गोरखपुर: विवादित भूमि पर अवैध निर्माण का आरोप, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

गोरखपुर में विवादित भूमि पर अवैध निर्माण के आरोप को लेकर राम मनोहर लोहिया इंटर कॉलेज के प्रबंधक पारस नाथ यादव ने प्रेस वार्ता कर प्रशासन से न्यायालय में मामला लंबित रहने तक निर्माण कार्य रोकने की मांग की।

गोरखपुर: विवादित भूमि पर अवैध निर्माण का आरोप, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता को संबोधित करते राम मनोहर लोहिया इंटर कॉलेज के प्रबंधक पारस नाथ यादव।

विभव पाठक, ब्यूरो चीफ

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर। शहर में एक विवादित भूमि पर कथित अवैध निर्माण के प्रयास का मामला सामने आया है। राम मनोहर लोहिया इंटर कॉलेज, कजाकपुर के प्रबंधक पारस नाथ यादव ने शुक्रवार को गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद उनकी विवादित भूमि पर जबरन पक्का निर्माण कराने का प्रयास कर रहा है।

पारस नाथ ने बताया कि गाटा संख्या 212, 213 एवं 208 से संबंधित नक्शा दुरुस्ती का वाद न्यायालय में विचाराधीन है, जिसकी अगली सुनवाई 10 जुलाई 2026 को निर्धारित है। उन्होंने कहा कि मूल नक्शा अभिलेखागार में उपलब्ध नहीं होने के कारण उच्च स्तर से रिपोर्ट तलब की गई है, जो अभी प्रक्रियाधीन है। इसी वजह से मामले में अभी तक कोई अंतिम आदेश पारित नहीं हो सका है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस स्थिति का लाभ उठाकर विपक्षी अनिल राय एवं अन्य लोग विवादित भूमि पर निर्माण कार्य कराने में लगे हैं। विरोध करने पर विवाद और मारपीट जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है। उनका कहना है कि राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट में बिना पुष्टकृत भू-चित्र एवं वर्तमान भू-चित्र की तुलना किए नक्शा संशोधन संभव न होने की टिप्पणी दर्ज की गई है, जिसका लाभ विपक्षी पक्ष उठाने का प्रयास कर रहा है।

पारस नाथ ने आशंका जताई कि यदि निर्माण कार्य पूरा हो गया तो मौके की स्थिति बदल जाएगी, जिससे उन्हें अपूरणीय क्षति होगी और न्यायालय में लंबित वाद प्रभावित हो सकता है। उन्होंने बताया कि मामले की सूचना थाना रामगढ़ताल को भी दी गई, लेकिन पुलिस ने किसी न्यायिक स्थगन आदेश (स्टे) के अभाव में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।

प्रेस वार्ता के माध्यम से उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि न्यायालय में वाद के अंतिम निस्तारण तक विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य रोका जाए तथा क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएं। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की।