राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायाधीश, शेषमणि शुक्ला, द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायाधीश,  शेषमणि शुक्ला, द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया।

निष्पक्ष जन लोकपाल। । शिवसंपत करवरिया। चित्रकूट।राष्ट्र विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के तत्वाधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का अायोजन जनपद न्यायालय चित्रकूट में किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ माननीय जनपद न्यायाधीश, शेषमणि शुक्ला, द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत शुभारम्भ के समय पद्माकरमणि त्रिपाठी, पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण, चित्रकूट, राकेश कुमार यादव, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, अनुराग कुरील प्रथम अपर जिला जज, राममणि पाठक, विशेष न्यायाधीश, एस.सी.एस.टी. एक्ट, श्रीमती रेनू मिश्रा विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट, नीरज श्रीवास्तव अपर जिला न्यायाधीश/एफ0टी0सी0, चित्रकूट, सचिन कुमार दीक्षित, सिविल जज (सी0डि0), श्रीमती इला चौधरी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्रीमती वर्णिका अपर सिविल जज (सी0डि0)/एसीजेएम, अंशुमान यादव अतिरिक्त सिविल जज (सी0डि0), अश्वनी कुमार उपाध्याय सिविल जज (सी0डि0)/एफ0टी0सी, श्रीमती सैफाली यादव, सिविल जज (जू०डि०), श्रीमती सृष्टि शुक्ला सिविल जज (जू०डि०)/ एफ0टी0सी0, सुश्री विदिशाभूषण न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम, सुश्री अंजलिका प्रियदर्शिनी न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय, अनुराग शर्मा अग्रणी जिला प्रबन्धक इण्डियन बैंक तथा अन्य बैंकों के प्रबन्धक, न्यायालय के कर्मचारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में कार्यरत न्याय रक्षकगण तथा अधिकारमित्रगण उपस्थित रहे। उक्त लोक अदालत में शेषमणि शुक्ला जनपद न्यायाधीश महोदय द्वारा 02 वादों का निस्तारण करते हुये मु0-380000/-रूपये वसूला गया। पद्माकरमणि त्रिपाठी, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा 10 वादों का निस्तारण करते हुये मु०-6560000/-रूपये प्रतिकर के रूप में दिलाया गया, राकेश कुमार यादव प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय चित्रकूट द्वारा 09 वादों का निस्तारण करते हुये मु०-31500/- रूपये आपसी सुलह समझौते के आधार पर वादिया को दिलाया गया एवं कई वर्षों से एक- दूसरे से अलग हुये 8 जोडों आपस में सुलह समझौते के आधार पर एक साथ भेजा गया, अनुराग कुरील प्रथम अपर जिला जज द्वारा 74 वादों का निस्तारण किया गया। राममणि पाठक विशेष न्यायाधीश एस०सी०एस०टी एक्ट द्वारा 03 वादों का निस्तारण किया गया, नीरज श्रीवास्तव अपर जिला जज/एफ0टी0सी0, द्वारा 01 वादों का निस्तारण किया गया। सचिन कुमार दीक्षित सिविल जज (सी०डि०) द्वारा फौजदारी के 433 वादों का निस्तारण करते हुये मु०-17680/- रूपये वसूला गया व उत्तराधिकार के 04 वादों का निस्तारण करते हुये मु0-5223912/- रूपये का प्रमाण-पत्र निर्गत किया गया । श्रीमती वर्णिका शुक्ला अपर सिविल जज (सी0डि0)/एसीजेएम द्वारा 80 वादों का निस्तारण करते हुये मु0- 800/- रूपये अर्थदण्ड वसूला गया। अंशुमान यादव अतिरिक्त सिविल जज सी0डि0 द्वारा 104 वादों का निस्तारण करते हुये मु0- 1080/- रूपये अर्थदण्ड वसूला गया। अश्वनी कुमार उपाध्याय सिविल जज (सी०डि०)/एफ0टी0सी0 द्वारा 200 फौजदारी वादों का निस्तारण करते हुये मु०-2280/- रूपये अर्थदण्ड वसूला गया, एन0आई0एक्ट के 01 वाद का निस्तारण करते हुये मु0-1780000/- रूपये का वादी को दिलाया गया। श्रीमती सैफाली यादव सिविल जज (जू०डि०) द्वारा 75 फौजदारी वादों का निस्तारण करते हुये मु०-1950/- रूपये अर्थदण्ड वसूला गया, 01 उत्तराधिकार वाद का निस्तारण करते हुये मु0-50000/- रूपये का प्रमाण पत्र जारी किया गया एवं एनआईएक्ट के01 वाद का निस्तारण करते हुये मु0- 157576/- रूपये वादी को दिलाया गया , श्रीमती सृष्टि शुक्ला सिविल जज (जू0डि0)/एफ0टी0सी0 द्वारा 78 वादों का निस्तारण करते हुये मु0- 760/- रूपये अर्थदण्ड वसूला गया। एस. आनन्द सिविल जज (जू0डि0) मऊ द्वारा 156 वादों का निस्तारण करते हुये 2310/- रूपये अर्थदण्ड वसूला गया। सुश्री विदिशाभूषण न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम द्वारा 139 वादों का निस्तारण करते हुये मु०- 11410/- रूपये अर्थदण्ड वसूला गया एवं एन0आई0एक्ट के 01 वाद का निस्तारण करते हुये मु0- 95000/- रूपये वादी को दिलाया गया, सुश्री अंजलिका प्रियदर्शिनी न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय द्वारा 102 वादों का निस्तारण करते हुये मु०-1020/- रूपये अर्थदण्ड वसूला गया। इस प्रकार न्यायिक अधिकारियों द्वारा कुल 1474 वादों का निस्तारण करते हुये मु०- 14317278 (एक करोड तिरालिस लाख सत्रह हजार दो सौ अठहत्तर रूपये) एंव राजस्व व अन्य विभागों द्वारा116754 मामलों का निस्तारण करते हुये मु०-502328000/- (पचास करोड तेइस लाख अट्ठाईस हजार रूपये) रूपये प्रतिकर के रूप में वसूला गया। इला चौधरी, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्रकूट के द्वारा बताया गया कि अाज राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 118228 वादों का निस्तारण करते हुये मु०-516645278/- (इक्यावन करोड छाछठ लाख पैंतालिस हजार दो सौ अठहत्तर रूपये) अर्थदण्ड, प्रतिकर व बैंक ऋण वसूली के रूप में वसूल किया गया।