पुरुषोत्तम मास के चौथे सोमवार पर लोधेश्वर धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब
निष्पक्ष जन अवलोकन। रामशंकर वर्मा।
रामनगर, बाराबंकी। सुप्रसिद्ध तीर्थस्थल लोधेश्वर महादेवा में पुरुषोत्तम मास के चौथे सोमवार पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान भूतभावन भोलेनाथ का पूजन-अर्चन एवं जलाभिषेक कर मनवांछित फल की कामना की। पूरा धाम हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गूंजता रहा।
रविवार रात से ही श्रद्धालुओं का धाम पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। श्रद्धालु हाथों में गंगाजल, फल-फूल एवं पूजन सामग्री लेकर भगवान शिव के दर्शन के लिए मंदिर गर्भगृह की ओर बढ़ते रहे। बड़ी संख्या में शिवभक्त साष्टांग दंडवत परिक्रमा करते हुए अपने आराध्य का जलाभिषेक करने पहुंचे।
लंबी दूरी और कठिन मार्ग की चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था अडिग दिखाई दी। परिक्रमा पूर्ण कर जलाभिषेक और दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं के चेहरों पर संतोष और श्रद्धा का भाव स्पष्ट नजर आया। मंदिर प्रांगण एवं मेला परिसर में दिनभर भक्तिमय वातावरण बना रहा। विभिन्न स्थानों पर अखंड रामचरितमानस पाठ, "ॐ नमः शिवाय" संकीर्तन एवं धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होते रहे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। उपजिलाधिकारी आनंद कुमार तिवारी एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत के निर्देशन में तहसील एवं पुलिस प्रशासन लगातार व्यवस्था बनाए रखने में जुटा रहा, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मंदिर गर्भगृह के अंदर महादेवा चौकी प्रभारी रजनीश कुमार पांडेय सुरक्षा कर्मियों के साथ मौजूद रहकर श्रद्धालुओं को सकुशल जलाभिषेक एवं दर्शन कराने में सहयोग करते रहे। वहीं थाना प्रभारी रामनगर अरुण प्रताप सिंह लगातार भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।
शिव अभरण सरोवर पर लखनऊ पीएसी की जल पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद रही। जल पुलिस के जवान भगवान पाल, इमरान खान, राजन सिंह एवं संजय कुमार मोटर बोट के माध्यम से श्रद्धालुओं को सतर्क करते हुए सुरक्षा व्यवस्था संभालते रहे।
मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं ने विभिन्न दुकानों पर जमकर खरीदारी की, जिससे पूरे मेला क्षेत्र में चहल-पहल बनी रही। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी गई।
पूरे दिन लोधेश्वर धाम शिवभक्ति, आस्था और धार्मिक उल्लास से सराबोर रहा।









