शुभ कर्म ही जीव के साथ जन्म-जन्मांतर तक रहते हैं

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शुभ कर्म ही जीव के साथ जन्म-जन्मांतर तक रहते हैं

बदायूं/बिल्सी। बिसौली रोड स्थित श्री पदम प्रभु दिगंबर जैन अतिशय तीर्थ क्षेत्र पद्मांचल जैन मंदिर में जैन संत बालाचार्य अभिनंदन सागर जी महाराज का मंगल प्रवचन आयोजित हुआ। प्रवचन से पूर्व महाराज श्री की आहार चर्या नगर के जेपी जैन बाल निकेतन स्कूल में जैन समाज के श्रद्धालुओं द्वारा संपन्न कराई गई। इस दौरान महाराज ने जैन धर्म के नियमों के अनुसार आहार ग्रहण किया। इसके बाद मंदिर परिसर में आयोजित प्रवचन में उन्होंने कहा कि जैन संत नदी की बहती धारा के समान होते हैं। जिस प्रकार नदी अपने प्रवाह से मार्ग में आने वाले सभी तत्वों को सिंचित करती है, उसी प्रकार जैन साधु भी अपने विहार मार्ग में आने वाले सभी प्राणियों को बिना किसी भेदभाव के धर्म लाभ और आशीर्वाद प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन के प्रत्येक क्षण में शुभ कर्म करने चाहिए। यही शुभ कर्म इस जन्म के साथ-साथ अगले जन्मों तक भी जीव के साथ रहते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में सदैव अच्छे कर्मों का संचय करना चाहिए। प्रवचन के उपरांत महाराज का उझानी नगर की ओर मंगल विहार हो गया। इस मौके पर प्रशांत जैन, सतीश चंद्र जैन, प्रीत कुमार जैन, सम्यक जैन, भोला जैन, अजीत कुमार जैन, अनिल कुमार सोनी, मृगांक कुमार जैन, विशाल कुमार जैन, वाशु जैन और सौम्या जैन सहित जैन समाज के अनेक लोगों ने भागीदारी निभाई।