न्यू सहारा हॉस्पिटल प्रकरण में कार्रवाई में देरी पर उठे सवाल, पीड़ित पक्ष ने नवागत सीएमओ को सौंपा ज्ञापन

न्यू सहारा हॉस्पिटल प्रकरण में कार्रवाई में देरी पर उठे सवाल, पीड़ित पक्ष ने नवागत सीएमओ को सौंपा ज्ञापन

निष्पक्ष जन अवलोकन। रामशंकर वर्मा।

रामनगर, बाराबंकी। न्यू सहारा हॉस्पिटल में कथित चिकित्सीय लापरवाही के मामले में कार्रवाई में हो रही देरी को लेकर पीड़ित पक्ष ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीड़िता के पिता ने नवागत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को पुनः प्रार्थना-पत्र देकर दोषी चिकित्सकों एवं संबंधित स्टाफ के विरुद्ध कठोर कानूनी और विभागीय कार्रवाई की मांग की है।

पीड़िता के पिता अजय पांडेय का आरोप है कि विभागीय जांच प्रभावी कार्रवाई के बजाय मामले को दबाने और लीपापोती करने में लगी हुई है। उनका कहना है कि उन्होंने पूर्व में भी सभी आवश्यक साक्ष्यों और दस्तावेजों के साथ शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

अजय पांडेय के अनुसार उनकी पुत्री शालू पांडेय को 2 मार्च को प्रसव के लिए न्यू सहारा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। 5 मार्च को ऑपरेशन के माध्यम से बच्ची का जन्म हुआ और 13 मार्च को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। आरोप है कि इसके बाद पीड़िता को लगातार पेट दर्द, बुखार और पेशाब में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।

परिजनों का कहना है कि 19 मई को यूरिन के माध्यम से कॉटन (गॉज) का बड़ा टुकड़ा बाहर निकलने के बाद कथित चिकित्सीय लापरवाही का मामला उजागर हुआ। उनका आरोप है कि यदि समय रहते गॉज बाहर नहीं निकलता तो मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता था।

पीड़ित परिवार का कहना है कि कई सप्ताह बीत जाने के बावजूद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने नवागत सीएमओ से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अजय पांडेय ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो वह लोकतांत्रिक एवं विधिसम्मत आंदोलन करेंगे तथा अंतिम विकल्प के रूप में आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाने को विवश होंगे।

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजन गौतम ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी तथा जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।