गोरखपुर: पुरानी रंजिश में जानलेवा हमला, सहजनवां पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
गोरखपुर के सहजनवां क्षेत्र में पुरानी रंजिश में हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर डंडे बरामद किए।
विभव पाठक / ब्यूरो चीफ
निष्पक्ष जन अवलोकन
गोरखपुर। सहजनवां थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो बांस के डंडे भी बरामद किए हैं। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार 19 जून 2026 को पुरानी रंजिश के चलते दो पक्षों के बीच विवाद हिंसक हो गया था। आरोप है कि हमलावरों ने वादी और उसके परिजनों पर लाठी-डंडों तथा अन्य हथियारों से हमला कर दिया, जिससे कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर सहजनवां थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साक्ष्य संकलन और आरोपियों की तलाश तेज कर दी। जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर दो वांछित अभियुक्तों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान मुनीश चंद्र यादव पुत्र स्वर्गीय सूर्यनारायण यादव तथा आनंद यादव पुत्र मुनीश चंद्र यादव निवासी टंडवाकला, थाना सहजनवां, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त दो बांस के डंडे भी बरामद किए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में दर्ज मुकदमे के तहत कार्रवाई की जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ मारपीट समेत अन्य मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।
घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी, लेकिन पुलिस की सक्रियता और त्वरित हस्तक्षेप से हालात सामान्य बने हुए हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी प्रकार की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस ने लोगों से आपसी विवादों को बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सुलझाने की अपील करते हुए कहा कि हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।









