रोडवेज परिषद की मांग पर कार्रवाई, 9 से 11 जून तक अवैध बसों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद और परिवहन विभाग के बीच हुई वार्ता के बाद परिवहन आयुक्त ने 9 से 11 जून तक विशेष चेकिंग अभियान का आदेश जारी किया है। अवैध बस संचालन पर कार्रवाई की जाएगी।
विभव पाठक
निष्पक्ष जन अवलोकन
गोरखपुर। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश और परिवहन निगम प्रशासन के बीच हुई वार्ता का परिणाम सामने आने लगा है। परिषद के प्रांतीय प्रतिनिधि अजय कुमार ने बताया कि परिषद द्वारा घोषित आंदोलन के दूसरे चरण से पहले शासन और निगम स्तर पर हुई बैठकों के बाद जिन मांगों पर सहमति बनी थी, उनमें से एक महत्वपूर्ण मांग पर कार्रवाई करते हुए परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश ने विशेष जांच अभियान चलाने का आदेश जारी किया है।
अजय कुमार ने बताया कि 15 मई 2026 को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक स्तर पर निगम संबंधी मांगों पर तथा 18 मई 2026 को शासन स्तर पर अपर मुख्य सचिव, परिवहन विभाग के साथ विस्तृत वार्ता हुई थी। इसके बाद प्रबंध निदेशक की अपील और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने प्रदेशभर में प्रस्तावित धरना, प्रदर्शन, रैली एवं आमसभा जैसे आंदोलनात्मक कार्यक्रमों को फिलहाल स्थगित कर दिया था।
उन्होंने बताया कि 5 जून 2026 को परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश द्वारा जारी आदेश के अनुसार अखिल भारतीय पर्यटक परमिट (AITP) से संचालित बसों द्वारा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से सीटवार बुकिंग कर स्टेज कैरिज के रूप में किए जा रहे संचालन की जांच के लिए 9 जून से 11 जून 2026 तक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
परिषद ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे प्रदेश में अवैध रूप से संचालित वाहनों पर अंकुश लगेगा और यात्रियों को सुरक्षित एवं बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। परिषद का मानना है कि इस अभियान से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, राजस्व की हानि रुकेगी और सरकारी खजाने में आय बढ़ेगी।
अजय कुमार ने कहा कि परिषद की प्रमुख मांगों में प्रदेश में संचालित अवैध डग्गामार वाहनों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाना भी शामिल था। ऐसे वाहन न केवल परिवहन निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनते हैं। उन्होंने कहा कि अवैध संचालन पर प्रभावी रोक लगाकर निगम को प्रतिदिन होने वाले लाखों रुपये के नुकसान से बचाया जा सकता है।
उन्होंने अपर मुख्य सचिव परिवहन विभाग एवं प्रबंध निदेशक परिवहन निगम से परिषद के साथ हुए समझौतों को शीघ्र लागू करने का अनुरोध भी किया। परिषद ने चालकों-परिचालकों के रात्रि एवं दिन हॉल्ट भत्ते, कार्यशाला कर्मचारियों के रात्रि पाली भत्ते और प्रदूषण भत्ते की दरों में वृद्धि, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों के पारिश्रमिक में बढ़ोतरी तथा ठेके पर संचालित कार्यशालाओं की समीक्षा जैसी मांगों को भी प्रमुखता से उठाया है।
अजय कुमार ने बताया कि शासन स्तर पर हुई वार्ता में अपर मुख्य सचिव ने परमिट शर्तों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी अवगत कराया गया कि संविदा चालकों-परिचालकों, दैनिक वेतनभोगी और आउटसोर्स कार्मिकों के नियमितीकरण का प्रस्ताव सार्वजनिक उद्यम विभाग को भेजा जा चुका है और उसके निस्तारण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।









