श्री कोटवा धाम चौराहे के कृष्णा गौशाला प्रांगण में चल रही श्रीमद भागवत कथा के छठवें दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं ने श्रीमद भागवत कथा का रसपान किया
निष्पक्ष जन अवलोकन
अजय रावत ।
सिरौलीगौसपुर।श्रीकोटवाधाम चौराहे के कृण्णा गौशाला प्रागंण में चल रही श्रीमद भागवत कथा के छठे दिन प्रयागराज से पधारे महन्त जय नारायण दास जी ने श्रोताओं को कथा सुनाते हुए कहा कि अनंत कोटि ब्राह्मण नामक परमात्मा अपनी परा शक्ति के साथ भक्त जनों के उद्धार एंव दुष्टों के संघार हेतु भक्त वत्सल भगवान धरा पर आ ही जाते हैं।और भविष्य के लिए डंके की चोट पर घोषणा करते हुए भक्त जनों के बीच दुष्टों से कहते हैं यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर भवति भारत, अर्थात जब जब पृथ्वी पर धर्म की हानि होगी तब तब मैं स्वंय पृथ्वी पर अवतार लेकर धर्म की स्थापना एवं दुष्टों का संघार करता रहूंगा। उन्होंने आगे कहा कि जिस प्रकार से भक्त रुक्मणी को भगवान ने अपनी पटरानी के रुप में स्वीकारा। इसी प्रकार उनका स्मरण करने वाले अपने प्रत्येक भक्त का उद्धार करते रहेंगे।इस मौके पर अंगद सिंह विधान परिषद सदस्य, खुटपुट बाबा अमरेन्द्र सिंह बब्लू दुर्गेश दीक्षित अंखन्ड प्रताप कमला कान्त द्विवेदी आदि सैकड़ों लोगों ने कथा सुनकर अपने को कृतार्थ किया।









