जनता के नरसंहार का विरोध नही कर पा रहे है नेता : सुमन ईरानी जनता के नरसंहार का भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने किया विरोध
निष्पक्ष जन अवलोकन विनय सिंह बाराबंकी। एफ्टीन फाइल्स में भारतीय राजनेताओ के नाम होने के कारण ब्लेकमेलिंग हो रहे नेता ईरान में जनता के नरसंहार का विरोध नहीं कर पा रहे हैं तथा अमरीका उन्हें कठपुतली की तरह नचा रहा है। यह बात भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा आयोजित प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए राज्य परिषद रणधीर सिंह सुमन ने कहा । ईरानी जनता के नरसंहार के खिलाफ पार्टी दारा आयोजित प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए पार्टी सचिव बृजमोहन वर्मा ने कहा कि अंग्रेजों की गुलामी से आजादी के बाद नेता में संविधान की व्यवस्था द्वारा जनता द्वारा चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकारें बनी और देश के विकास एवं जनता की खुशहाली के प्रयास हुए और साथ में भारत की सरकारों की विदेश नीति एवं कूट-नीति के द्वारा विश्व में भारत को मान-सम्मान और शांति एवं अहिंसा का दूत माना जाता रहा है। विरोध प्रदर्शन सभा को परिषद सदस्य परवीन कुमार, पार्टी के कोषाध्यक्ष शिव दर्शन वर्मा,किसान सभा अध्यक्ष-विनय कुमार सिंह आदि ने सम्बोधित किया | प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व मो कदीर ने किया। प्रदर्शन कारिंदे में रामनरेश वर्मा श्याम सिंह एडवोकेट संतोष कुमार राजेन्द्र बहादुर सिंह आलोक कुमार आदित्य वर्मा रीना मोर्य आफरीन अंकुल वर्मा , प्रेम चंद वर्मा,करन राजपूत, धर्मेन्द्र शर्मा, सर्वेश यादव,राम नरेश वर्मा, दीपक वर्मा, सच्चिदानंद श्रीवास्तव,जितेन्द्र श्रीवास्तव, मो. कासिफ, पवन वर्मा, राजकुमार वर्मा,लवकुश वर्मा, दीपक शर्मा,सुन्दर लाल सोनी, संदीप तिवारी,संदीप वर्मा आदि लोग प्रमुख रूप से शामिल रहे। एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा गया है।






