फर्जी दस्तावेजों से दो पासपोर्ट बनवाने वाला ₹10 हजार का इनामिया गिरफ्तार, खजनी पुलिस की कार्रवाई

गोरखपुर की खजनी पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दो पासपोर्ट बनवाने वाले ₹10 हजार के इनामिया आरोपी दिनेश यादव को गिरफ्तार किया। आरोपी पर धोखाधड़ी और कूटरचना समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज है।

फर्जी दस्तावेजों से दो पासपोर्ट बनवाने वाला ₹10 हजार का इनामिया गिरफ्तार, खजनी पुलिस की कार्रवाई
फर्जी दस्तावेजों से दो पासपोर्ट बनवाने के मामले में गिरफ्तार ₹10 हजार का इनामिया अभियुक्त दिनेश यादव पुलिस अभिरक्षा में

विभव पाठक/ब्यूरो चीफ

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर। थाना खजनी पुलिस ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर धोखाधड़ी कर दो पासपोर्ट बनवाने के मामले में फरार चल रहे ₹10 हजार के इनामिया अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी के खिलाफ पहले से ही गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज था और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी।

पुलिस द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। थाना खजनी पर दर्ज मुकदमा संख्या 42/2025 में वांछित अभियुक्त दिनेश यादव, पुत्र रामप्रीत यादव, निवासी ग्राम कुआं बुजुर्ग कमरदेवा, ढकहा बाजार, थाना खजनी, जनपद गोरखपुर को गिरफ्तार किया गया। उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता के अनुरूप पूर्व में दर्ज प्रकरण में धोखाधड़ी, कूटरचना, कूटरचित दस्तावेजों के उपयोग तथा पासपोर्ट अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के अनुसार आरोपी ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी के माध्यम से दो अलग-अलग पासपोर्ट बनवा लिए थे। मामले की शिकायत मिलने के बाद थाना खजनी में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान आरोपी की संलिप्तता स्पष्ट होने पर वह फरार हो गया, जिसके बाद न्यायालयीय प्रक्रिया के तहत उसे वांछित घोषित किया गया और उसकी गिरफ्तारी पर ₹10 हजार का इनाम घोषित किया गया था।

लगातार की जा रही निगरानी और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर खजनी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा इस तरह के अन्य मामलों से उसका कोई संबंध है या नहीं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पासपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों को फर्जी तरीके से प्राप्त करने के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। ऐसे अपराध राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़े हो सकते हैं, इसलिए इस प्रकार की धोखाधड़ी और कूटरचना में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा। फिलहाल आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।