जनपद में निर्माणाधीन ’मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय परियोजना’ का स्थलीय निरीक्षण किया गया
निष्पक्ष जन अवलोकन। । शिवसंपत करवरिया। चित्रकूट।मुख्य विकास अधिकारी डी पी पाल ने आज दिनांक 02 जून 2026 को जनपद में निर्माणाधीन ’मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय परियोजना’ का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय निम्नवत् स्थिति पायी गयीः- निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को परियोजना के प्रत्येक घटक का निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप, उच्च गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय प्रदेश सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं प्राथमिकता वाली परियोजनाओं में सम्मिलित है। इसलिए निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि परियोजना के सभी निर्माण कार्यों में मानक सामग्री का प्रयोग सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक चरण की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण कराया जाए। निरीक्षण के समय लगभग 40 श्रमिक कार्य करते हुए पाये गये। कार्यदायी संस्था ’उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड, इकाई-13, बांदा’ द्वारा जनपद चित्रकूट में मुख्यमंत्री मॉडल योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है। यह परियोजना बेसिक शिक्षा विभाग से संबंधित है, जिसके लिए शासन द्वारा रू0 2434.08 लाख’ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना का कार्य ’10 जून, 2025’ से प्रारम्भ किया गया है तथा इसे ’09 मई, 2027’ तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित है। परियोजना के अंतर्गत मुख्य विद्यालय भवन, मिड-डे-मील भवन, बाल वाटिका भवन, मल्टीपरपज हॉल, स्टाफ आवास, चिकित्सा आवास, चैकीदार कक्ष, गार्ड रूम, गेस्ट हाउस, इंटरलॉकिंग कार्य, सीसी रोड, बाउंड्रीवाल, पेयजल व्यवस्था, आंतरिक एवं बाह्य विद्युतीकरण, मिट्टी भराई तथा अन्य सहायक अवस्थापना सुविधाओं का निर्माण कराया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान अधोहस्ताक्षरी द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यदायी संस्था निर्माण कार्यों की दैनिक प्रगति की समीक्षा करे, पर्याप्त मानव संसाधन एवं मशीनरी की उपलब्धता सुनिश्चित करे तथा किसी भी प्रकार की बाधा अथवा समस्या की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि कार्य की गति एवं गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित अनुश्रवण किया जाए तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्यों को समय से पूर्ण करने हेतु प्रभावी कार्ययोजना अपनायी जाए। परियोजना पूर्ण होने के उपरांत क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण उपलब्ध होगा, जिससे शिक्षा के स्तर में सुधार के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को भी बढावा मिलेगा। यह विद्यालय भविष्य में जनपद के लिए एक आदर्श शैक्षणिक संस्थान के रूप में स्थापित होगा। अधोहस्ताक्षरी द्वारा संयुक्त निदेशक पर्यटन, चित्रकूटधाम को निर्देशित किया कि परियोजना की प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की जाए तथा कार्यदायी संस्था से अद्यतन प्रगति आख्या प्राप्त कर आवश्यक कार्यवाही की जाए, जिससे परियोजना निर्धारित समयावधि में सफलतापूर्वक पूर्ण की जा सके।









