रसोइया को हटाने का मामला: जांच के बाद बहाली, प्रधानाचार्या पर कार्रवाई की तैयारी

निष्पक्ष जन अवलोकन विजय राम जायसवाल फतेहपुर (बाराबंकी)। क्षेत्र के ग्राम पंचायत नन्दरासी स्थित कम्पोजिट विद्यालय में रसोइया को हटाए जाने का मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई के बाद शांत होता नजर आ रहा है। करीब 25 वर्षों से मिड-डे मील योजना के तहत कार्यरत रसोइया छोटाई को हटाए जाने की खबर प्रकाशित होते ही शिक्षा विभाग हरकत में आया और जांच के बाद उसे पुनः बहाल कर दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 4 अप्रैल 2026 को विद्यालय की प्रधानाचार्या मधु द्वारा रसोइया छोटाई को बिना किसी लिखित आदेश और स्पष्ट कारण के कार्य से हटा दिया गया था। पीड़िता का आरोप था कि उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उसे अपमानित कर विद्यालय से बाहर कर दिया गया, जिससे उसकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया। मामले में पीड़िता ने ग्राम प्रधान हरिनाम गौतम सहित संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। खबर प्रकाशित होने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी फतेहपुर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वयं विद्यालय पहुंचकर अभिलेखों और रजिस्टरों की जांच की। जांच के दौरान पाया गया कि रसोइया को हटाने में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया और कोई विधिवत आदेश जारी नहीं किया गया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्काल प्रभाव से रसोइया छोटाई को पुनः कार्य पर बहाल कर दिया गया है। वहीं, प्रधानाचार्या मधु की कार्यशैली को लेकर विभागीय स्तर पर सवाल खड़े हो गए हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ग्रामीणों ने किया स्वागत, पारदर्शिता पर जोर ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि एक गरीब महिला के साथ अन्याय हुआ था, जिसे अब सुधारा गया है। उन्होंने दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि शिकायत सही पाई गई है और जांच के आधार पर आगे भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।