महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम में बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान पर जोर
निष्पक्ष जन अवलोकन नूर मोहम्मद मसौली (बाराबंकी) हर बेटी परिवार का अभिमान, संस्कार और खुशियों का आधार होती है। वह नि:स्वार्थ प्रेम और शक्ति का प्रतीक बनकर पूरे परिवार को एकता के सूत्र में पिरोती है, इसलिए उसकी सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य के तहत मंगलवार को पंचायत भवन बड़ागांव में महिला सशक्तिकरण को लेकर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपनिरीक्षक राशिद अली खान ने उपस्थित महिलाओं एवं लाइब्रेरी में अध्ययनरत छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि बेटियां परिवार में ममता, समर्पण और विश्वास की मिसाल होती हैं। वे न केवल परिवार की खुशियों को बढ़ाती हैं, बल्कि अपने हौसले और प्रतिभा से परिवार का नाम भी रोशन करती हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल देना हर व्यक्ति का कर्तव्य है और उनके अधिकारों की रक्षा करना समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान महिला कांस्टेबल अच्छी बी ने महिलाओं और बालिकाओं को नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के प्रति जागरूक किया। उन्होंने घरेलू हिंसा, बाल विवाह, पॉक्सो एक्ट, गुड टच-बैड टच और साइबर क्राइम जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से जानकारी देते हुए बचाव के उपाय भी बताए। साथ ही महिला मिशन शक्ति केंद्र की भूमिका और साइबर अपराधों से सुरक्षित रहने के तरीकों पर भी प्रकाश डाला। इस मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी साझा की गई, जिनमें 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 1090 वूमेन पावर हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 1930 साइबर हेल्पलाइन, 112 पुलिस आपातकालीन सेवा, 108 एंबुलेंस सेवा और 102 स्वास्थ्य सेवा शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सामूहिक विवाह योजना, कन्या सुमंगला योजना, वृद्धावस्था पेंशन एवं विधवा पेंशन जैसी लाभकारी योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया तथा जागरूकता पंपलेट वितरित किए गए। कार्यक्रम का आयोजन भयारा मोड़ और कस्बा मसौली में भी किया गया, जहां बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि नूर मोहम्मद, पंचायत सहायक सैय्यदा बानो, इरम सबा, महिला होमगार्ड शिवकांती सहित क्षेत्र की अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं।









