जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक; सड़क सुरक्षा के मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक; सड़क सुरक्षा के मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक; सड़क सुरक्षा के मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश

निष्पक्ष जन अवलोकन। । शिवसंपत करवरिया। चित्रकूट।जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट स्थित कैंप सभागार में 'जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति' की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और सुरक्षा मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों को एनएच-35 एवं एनएच-731 पर स्थित खराब स्पीड ब्रेकर्स को मानकों के अनुरूप तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि खोह से मऊ तक के जर्जर मार्गों एवं पैचवर्क को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाए। साथ ही, मार्ग निर्माण/मरम्मत के दौरान आवागमन बाधित न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्ग (डायवर्जन) की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। यात्री कर एवं माल अधिकारी को निर्देशित किया गया कि स्कूली वाहनों की सुरक्षा के प्रति कोई ढिलाई न बरती जाए। निजी स्कूलों द्वारा पंजीकरण में धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी निजी स्कूलों से एक सप्ताह के भीतर शपथ-पत्र (Affidavit) प्राप्त किया जाए। साथ ही, समस्त उप-जिलाधिकारियों एवं क्षेत्राधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने क्षेत्र के कम से कम 5 विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर उनकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जिलाधिकारी ने जनपद में चिन्हित 15 ब्लैक स्पॉट्स की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि उन स्थानों पर हुई दुर्घटनाओं के कारणों का विस्तृत विवरण, फोटो एवं की गई सुधारात्मक कार्रवाई की सूची अगली बैठक में प्रस्तुत करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन स्थलों पर पिछले 6 माह में 3 या उससे अधिक मृत्यु हुई हैं, उन्हें विशेष श्रेणी में रखते हुए सुरक्षा मानक बढ़ाए जाएं। काली देवी चौराहा एवं शिवरामपुर में सड़क किनारे स्थित विद्युत ट्रांसफार्मर को अन्यत्र स्थानांतरित करने हेतु विद्युत विभाग को एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सड़कों पर ट्रकों को खड़ा न होने दिया जाए। निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही वाहनों को खड़ा कराना सुनिश्चित करें। हेलमेट न लगाने वालों एवं नशे में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई तेज करने तथा लाइसेंस निलंबन की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए। कलेक्ट्रेट परिसर में भी बिना हेलमेट प्रवेश करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी को रोड सेफ्टी क्लब के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं के आयोजन के निर्देश दिए गए। ट्रक चालकों के लिए कार्यशाला आयोजित कर उन्हें सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने एवं वहीं पर उनकी नेत्र परीक्षण (Eye Testing) सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश यात्री कर एवं माल अधिकारी को दिए गए। बैठक में दुर्घटना राहत कोष (पीएम राहत स्कीम) का लाभ अधिक से अधिक पात्र पीड़ितों तक पहुंचाने तथा सड़क दुर्घटना जांच समिति को पुनः सक्रिय करने पर बल दिया गया। इस अवसर पर पुलिस क्षेत्राधिकारी आमीन अहमद, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग अखिलेश कुमार सिंह, यात्री कर एवं माल अधिकारी सुश्री दीप्ति त्रिपाठी, बेसिक शिक्षा अधिकारी एस.के. शर्मा सहित समिति के अन्य सदस्य एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।