शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट ने बदली गोरखपुर की तस्वीर, रोड कनेक्टिविटी बनी पहचान

गोरखपुर में योगी सरकार के नौ वर्षों में सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर का व्यापक विकास हुआ है, जिससे कनेक्टिविटी बेहतर हुई और क्षेत्र तेजी से विकास की ओर बढ़ा है।

शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट ने बदली गोरखपुर की तस्वीर, रोड कनेक्टिविटी बनी पहचान
गोरखपुर में विकसित हो रही फोरलेन सड़कें और एक्सप्रेसवे, क्षेत्र के बदलते इंफ्रास्ट्रक्चर की

विभव पाठक /ब्यूरो चीफ

निष्पक्ष जन अवलोकन 

गोरखपुर, 19 मार्च।

गोरखपुर में बीते नौ वर्षों के दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट ने विकास की नई इबारत लिखी है। कभी खराब सड़कों और पिछड़ेपन के लिए पहचाने जाने वाले इस क्षेत्र की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रोड कनेक्टिविटी के क्षेत्र में हुए व्यापक सुधार ने गोरखपुर को तेजी से विकसित होते शहरों की श्रेणी में ला खड़ा किया है।

साल 2017 के बाद से गोरखपुर में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से करीब 1500 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया गया है। इसके विपरीत 2017 से पहले के पांच वर्षों में महज सवा तीन सौ करोड़ रुपये की लागत से लगभग 450 किलोमीटर सड़कों का निर्माण हुआ था। इस तुलना से स्पष्ट है कि हाल के वर्षों में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर विशेष प्राथमिकता दी गई है।

पहले खराब सड़क नेटवर्क के कारण आम जनजीवन के साथ-साथ व्यापार और उद्योग भी प्रभावित होते थे, लेकिन अब बेहतर कनेक्टिविटी के चलते आवागमन आसान हुआ है और निवेश के नए अवसर पैदा हुए हैं। वर्तमान में गोरखपुर से लखनऊ, वाराणसी, नेपाल, देवरिया और कुशीनगर तक फोरलेन सड़क कनेक्टिविटी उपलब्ध है, जिससे क्षेत्रीय संपर्क और मजबूत हुआ है।

गेम चेंजर साबित हो रहा लिंक एक्सप्रेसवे

गोरखपुर-आजमगढ़ लिंक एक्सप्रेसवे इस विकास यात्रा का अहम हिस्सा बनकर उभरा है। लगभग 91 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का निर्माण 7283 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यह एक्सप्रेसवे चार जिलों से होकर गुजरता है और इसकी कनेक्टिविटी से राजधानी लखनऊ की दूरी और भी आसान हो गई है।

पूर्ण हो चुकी प्रमुख परियोजनाएं

योगी सरकार के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी हुई हैं, जिनमें गोरखनाथ ओवरब्रिज, बरगदवा-नकहा रेल ओवरब्रिज, खजांची चौराहा फ्लाईओवर, रामगढ़ताल से देवरिया बाईपास तक फोरलेन सड़क और बालापार-टिकरिया मार्ग पर ओवरब्रिज शामिल हैं। इन परियोजनाओं ने शहर के ट्रैफिक प्रबंधन और आवागमन को काफी सुगम बनाया है।

जारी हैं कई बड़ी परियोजनाएं

वर्तमान में भी गोरखपुर में कई बड़ी सड़क परियोजनाओं पर कार्य तेजी से जारी है। इनमें जंगल कौड़िया-सोनौली फोरलेन, टीपीनगर से पैडलेगंज तक सिक्सलेन फ्लाईओवर, नौसढ़-पैडलेगंज मार्ग, देवरिया बाईपास चौड़ीकरण, पिपराइच-गोरखपुर मार्ग और राप्ती नदी पर नए पुल जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद गोरखपुर न केवल पूर्वांचल बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। बेहतर सड़कों के चलते जहां आम लोगों को सुविधा मिली है, वहीं उद्योग, व्यापार और रियल एस्टेट सेक्टर में भी तेजी आई है।

गोरखपुर में इंफ्रास्ट्रक्चर का यह व्यापक विकास न केवल क्षेत्रीय असंतुलन को दूर कर रहा है, बल्कि इसे एक उभरते हुए आर्थिक और शहरी केंद्र के रूप में स्थापित भी कर रहा है।