जय गुरुदेव रीति-रिवाज से संपन्न हुआ स्व. चंद्रमुखी का क्रियाकर्म, समाज में सराहना
संतकबीरनगर। ग्राम महुली खास में स्वर्गीय चंद्रमुखी पत्नी स्वर्गीय गोपाल जी दूबे का क्रियाकर्म कार्यक्रम आज विधि-विधानपूर्वक एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम उनके जीवनकाल की अंतिम इच्छा के अनुरूप आयोजित किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में भावनात्मक माहौल देखने को मिला। जानकारी के अनुसार, स्व. चंद्रमुखी जी जय गुरुदेव की अनुयायी थीं और उनकी अंतिम इच्छा थी कि दाह संस्कार के पश्चात उनका क्रियाकर्म आश्रम परिसर में ही कराया जाए। उनकी इसी इच्छा का सम्मान करते हुए स्नेह लता दुबे पत्नी सुनील दुबे द्वारा उनके द्वारा दान दिए गए खेत में स्थित आश्रम पर ही पूरा कार्यक्रम संपन्न कराया गया। स्नेह लता दुबे ने बताया कि उन्होंने स्व. चंद्रमुखी जी की भावनाओं को सर्वोपरि रखते हुए उनके निर्देशानुसार सभी संस्कार जय गुरुदेव जी की परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार सम्पन्न कराए। साथ ही उन्होंने स्व. चंद्रमुखी जी की स्मृति में आश्रम स्थल पर उनकी समाधि निर्माण कराने का भी निर्णय लिया है। इस निर्णय से जय गुरुदेव समाज में खुशी की लहर दौड़ गई है। समाज के लोगों ने स्नेह लता दुबे के इस सराहनीय कार्य की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और इसे श्रद्धा एवं सम्मान का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। लोगों का कहना है कि जिस प्रकार स्नेह लता दुबे ने अपने जीवन में आश्रम और भक्तों का सम्मान बनाए रखा, उसी भावना के साथ उन्होंने स्व. चंद्रमुखी जी के सभी संस्कार पूरे कर समाज में एक मिसाल पेश की है। इस अवसर पर सुनील दुबे, अनिल दुबे, विजय प्रकाश मिश्रा, राम सुभग, विनोद मौर्य, झिनकू मिश्रा, अरुण दुबे, रमाकांत पांडेय, राधे रमण यादव, राम ललित, सोमई सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। ? कार्यक्रम के दौरान श्रद्धांजलि अर्पित कर सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की









