बांसा शरीफ में कुल शरीफ अकीदत के साथ सम्पन्न, हजारों जायरीनों ने मांगी दुआएं

बांसा शरीफ में कुल शरीफ अकीदत के साथ सम्पन्न, हजारों जायरीनों ने मांगी दुआएं

निष्पक्ष जन अवलोकन विनय सिंह मसौली (बाराबंकी)। गंगा-जमुनी तहजीब के प्रतीक सुप्रसिद्ध सूफी संत सैय्यद अब्दुर्रज्जाक शाह बांसा शरीफ की मजार पर ईद के दिन से चल रहे 8 दिवसीय सालाना मेले के तहत बुधवार को पूरे अकीदत और शान-शौकत के साथ कुल शरीफ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर लखनऊ के फिरंगी महल के उलेमा-ए-इकराम सहित देशभर से आए हजारों जायरीनों ने शिरकत कर दुआएं मांगीं। परंपरागत रीतिरिवाज के अनुसार 5 शव्वाल को सज्जादा नशीन सैय्यद उमर जिलानी के आवास पर बाद नमाज अस्र, सैय्यद साहब की टोपी, तस्बीह और कश्कोल की जियारत दूर-दराज से आए अकीदतमंदों को कराई गई। इसके बाद नमाज-ए-मगरिब के पश्चात खानकाह रज्जाकिया में कारी अब्दुल रहीम की तिलावत-ए-कुरआन से कुल शरीफ की रस्म शुरू हुई, जिसमें बड़ी संख्या में उलेमा और अकीदतमंद शामिल हुए। कुल शरीफ के समापन के बाद शीरनी का वितरण किया गया तथा सज्जादा नशीन के आवास पर लंगर का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। मेला कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद रिजवान संजय ने बताया कि मेले के सफल आयोजन के लिए सभी सदस्य अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन कर रहे हैं। गर्मी को देखते हुए जायरीनों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी की गई है।