फतेहपुर में जल संकट गहराया, 10–15 हजार आबादी प्रभावित

निष्पक्ष जन अवलोकन फतेहपुर (बाराबंकी)। नगर पंचायत प्रशासन की लापरवाही के चलते फतेहपुर कस्बे में पानी का संकट लगातार गहराता जा रहा है। पहले दिन जलापूर्ति बाधित रहने के बाद दूसरे दिन भी सप्लाई बहाल न होने से नगरवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। काजीपुर के तीनों वार्ड, मौलवीगंज के दो वार्ड तथा नालापार दक्षिणी क्षेत्र के आधे हिस्से सहित करीब 10 से 15 हजार की आबादी पानी के अभाव में बुरी तरह प्रभावित रही। इन क्षेत्रों में लोग सुबह से शाम तक पानी के लिए भटकते नजर आए, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है, वहीं कई घरों में साफ-सफाई तक प्रभावित हो गई। जानकारी के अनुसार कस्बे की पुरानी पानी टंकी और पंप पहले से ही जर्जर स्थिति में हैं। नगर पंचायत द्वारा नई बोरिंग से जलापूर्ति की जा रही थी, लेकिन बृहस्पतिवार सुबह अचानक पंप खराब हो जाने से सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई। इसके अलावा जल निगम द्वारा सट्टी बाजार में डाली जा रही पाइपलाइन पुलिया के नीचे फट जाने से स्थिति और बिगड़ गई। दिनभर मरम्मत के प्रयास के बावजूद सफलता नहीं मिल सकी। पंप ऑपरेटर जयप्रकाश मौर्य ने बताया कि खराब पंप और फटी पाइपलाइन की मरम्मत के लिए सामग्री मंगाई गई है, जो देर रात तक आने की उम्मीद है। जल्द ही जलापूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। नगर पंचायत अध्यक्ष इरशाद अहमद कमर ने आश्वासन दिया है कि समस्या का शीघ्र समाधान कर अगले दिन तक पानी की आपूर्ति सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। इधर, पानी की किल्लत को देखते हुए नगर पंचायत द्वारा कुछ स्थानों पर टैंकरों से जलापूर्ति कराई गई, लेकिन कई इलाकों तक टैंकर न पहुंचने से लोगों में नाराजगी बनी रही। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को बाल्टियों में पानी ढोते देखा गया, जबकि नहाने-धोने जैसी दैनिक जरूरतें भी पूरी नहीं हो सकीं। नागरिकों का आरोप है कि समस्या को लेकर अधिशासी अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो सकीं, जिससे आक्रोश और बढ़ गया। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जलापूर्ति सुचारू नहीं की गई तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की गंभीर स्थिति पहली बार सामने आई है और वैकल्पिक व्यवस्था न होने से हालात और बिगड़ गए हैं।