निर्वाचन प्रक्रिया में जनविश्वास सुदृढ़ करने हेतु नई दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित; चित्रकूट से जिला सूचना अधिकारी ने किया प्रतिभाग
निष्पक्ष जन अवलोकन। । शिवसंपत करवरिया। चित्रकूट ।भारत निर्वाचन आयोग के तत्वावधान में नई दिल्ली स्थित 'अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान' (IIIDEM) में मीडिया एवं संचार अधिकारियों के लिए एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता, शुचिता और जनविश्वास को सुदृढ़ करना था। जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी चित्रकूट पुलकित गर्ग के निर्देशानुसार, जिला सूचना अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने चित्रकूट जनपद का प्रतिनिधित्व करते हुए इस कार्यशाला में सहभागिता की। कार्यशाला में देश भर के विभिन्न राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों से आए लगभग 300 सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारियों ने भाग लिया। इस उच्चस्तरीय प्रशिक्षण सत्र में सूचना प्रबंधन, प्रभावी मीडिया समन्वय, भ्रामक खबरों (फेक न्यूज) की निगरानी, तथ्य-जांच (फैक्ट चेकिंग), सोशल मीडिया प्रबंधन तथा निर्वाचन प्रबंधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावी उपयोग जैसे समसामयिक विषयों पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया कि त्रुटिहीन मतदाता सूची ही निष्पक्ष चुनाव की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित होने से छूटना नहीं चाहिए। एव किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में अनधिकृत रूप से शामिल न हो। उन्होंने मताधिकार की महत्ता, निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता तथा 'व्यवस्थित मतदाता शिक्षा और निर्वाचक सहभागिता' (सवीप) कार्यक्रमों के सुदृढ़ीकरण पर बल दिया। प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने सूचना अधिकारियों की जिज्ञासाओं का अत्यंत सरल एवं व्यावहारिक समाधान भी प्रस्तुत किया। निर्वाचन आयुक्त विवेक जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक और बदलते संचार माध्यमों के अनुरूप रणनीति बनाकर निर्वाचन आयोग के संदेशों को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े मतदाता तक प्रभावी ढंग से पहुँचाना समय की माँग है। वहीं, निर्वाचन आयुक्त एस.एस. संधू ने मतदाता जागरूकता अभियान की प्रभावशीलता को और व्यापक बनाने तथा सवीप गतिविधियों में नवीन प्रयोगों को शामिल करने पर विशेष जोर दिया। इन्फॉर्मेशन डिसऑर्डर' एवं डिजिटल चुनौतियों पर मंथन तकनीकी सत्रों में विषय विशेषज्ञों द्वारा 'इन्फॉर्मेशन डिसऑर्डर' (सूचना का विकृतीकरण) जैसी उभरती डिजिटल चुनौतियों पर चिंता व्यक्त की गई। कार्यशाला में भ्रामक सूचनाओं के त्वरित खंडन, सटीक सूचनाओं के समयबद्ध प्रेषण और सुव्यवस्थित मीडिया समन्वय पर रणनीतिक चर्चा हुई। वक्ताओं ने एकमत होकर कहा कि त्वरित, प्रामाणिक और पारदर्शी संवाद ही लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में आम नागरिकों के विश्वास को अक्षुण्ण बनाए रखने का एकमात्र माध्यम है।









