दरियाबाद क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में मतदाता सूची से नाम कटने का आरोप, ग्रामीणों ने जांच की मांग उठाई

दरियाबाद क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में मतदाता सूची से नाम कटने का आरोप, ग्रामीणों ने जांच की मांग उठाई

निष्पक्ष जन अवलोकन।

 रत्नाकर पांडेय।

दरियाबाद (बाराबंकी)। विधानसभा क्षेत्र 270 दरियाबाद के अंतर्गत ग्राम पंचायत अतरसुइया, खेवाराजपुर, उमराहरा एवं ककराहा में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान एवं बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) पर पात्र मतदाताओं के नाम मनमाने ढंग से कटवाने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

युवा प्रधान पद प्रत्याशी सचिन सिंह ने आरोप लगाया कि वर्तमान प्रधान द्वारा अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से सैकड़ों लोगों के नाम मतदाता सूची से कटवाए गए हैं। उन्होंने बताया कि उनके परिवार के चार सदस्यों के नाम भी सूची से हटा दिए गए हैं।

ग्राम खेवाराजपुर निवासी विक्रम सिंह सहित कई ग्रामीणों ने दावा किया कि गांव के स्थायी निवासियों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, जबकि कुछ ऐसे लोगों के नाम सूची में बने हुए हैं जो गांव के स्थायी निवासी नहीं हैं। ग्रामीणों ने वार्ड सदस्य श्रीमती मिथिलेश कुमारी का नाम भी सूची से हटाए जाने पर आपत्ति जताई है।

ग्राम ककराहा निवासी विद्यावती (70 वर्ष) ने बताया कि वह वर्षों से मतदान करती आ रही हैं, लेकिन इस बार उनका नाम सूची में नहीं है। उनके परिवार के अन्य सदस्यों के नाम भी सूची से हटाए जाने की बात कही गई है। इसी प्रकार उमराहरा निवासी शिवशंकर एवं सुनीता कुमारी ने भी अपने परिवार के कई सदस्यों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का आरोप लगाया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि पात्र मतदाताओं के नाम हटाकर आगामी पंचायत चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी, उपजिलाधिकारी रामसनेहीघाट तथा निर्वाचन आयोग से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर पात्र मतदाताओं के नाम पुनः मतदाता सूची में शामिल किए जाने की मांग की है।

इस संबंध में बीएलओ कल्पना सिंह ने बताया कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया नियमानुसार एवं प्रशासनिक स्तर पर की जाती है। उन्होंने किसी भी प्रकार की अनियमितता से इनकार किया।

वहीं मामले में उच्चाधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।