अयोध्या हनुमान गढी के महन्त बाबा बलराम दास का तिवारी पुरवा गांव में धार्मिक अनुष्ठान में भब्य स्वागत
अजय रावत निष्पक्ष जन अवलोकन सिरौलीगौसपुर बाराबंकी।अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत बाबा बलराम दास रविवार को बाराबंकी जिले की तहसील सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के तिवारीपुरवा गांव पहुंचे। वे यहां कौशलेंद्र मिश्र के आवास पर आयोजित एक धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने आए थे। उनके आगमन पर क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बन गया। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों और 'जय श्रीराम' के जयकारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। भक्तों ने मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर महंत का अभिनंदन किया। कार्यक्रम स्थल पर उनके शिष्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आरती उतारकर स्वागत किया। महंत बाबा बलराम दास ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए धर्म, सेवा और सनातन संस्कृति के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संतों का जीवन परोपकार के लिए होता है और मानव सेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा है। इस दौरान मीडिया से बातचीत में महंत बाबा बलराम दास ने हाल ही में सामने आए दान चोरी के मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "चोरी करने वाले लोग जो गलत कर रहे हैं, उन्हें उनका दंड मिल रहा है। शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी गठित कर दी है और जांच तेज़ी से चल रही है। उन्होंने आगे कहा, "आज नहीं तो कल सब पकड़े जाएंगे। इस कृत्य को कोई भी सही नहीं ठहरा सकता। यह चंदा चोरी नहीं बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ है।" महंत ने जोर देकर कहा कि जिन लोगों ने यह पाप किया है, उनको सरकार भी दंड देगी और भगवान के घर भी देर है, अंधेर नहीं, वहां भी दंड निश्चित है। महंत ने बताया कि मंदिरों में आने वाला दान धर्म और जनकल्याण के कार्यों में लगता है। उसमें हेराफेरी करना महापाप है। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। इस अवसर पर कौशलेंद्र मिश्र, विष्णु वर्मा, रामसेवक गोस्वामी, द्वारिका वर्मा, पुजारी दास, बाल संत शिवांस दास, अभिषेक दास सहित आसपास के गांवों से आए सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया।









