टेट अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का मशाल जुलूस, सैकड़ों ने किया प्रदर्शन
निष्पक्ष जन अवलोकन विनय सिंह बाराबंकी। टेट अनिवार्यता के विरोध में सोमवार को अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के तत्वाधान में शिक्षकों द्वारा एक विशाल मशाल जुलूस निकाला गया। जुलूस जी.आई.सी. ऑडिटोरियम से प्रारंभ होकर लखपेड़ाबाग चौराहा होते हुए सरदार पटेल तिराहा तक पहुंचा। इसमें जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पाण्डेय एवं प्रदेश सहसंयोजक अरुणेंद्र कुमार वर्मा ‘मुन्ना’ ने संयुक्त रूप से की। वहीं संयोजन उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ बाराबंकी के जिलाध्यक्ष डॉ. राकेश सिंह, जूनियर हाई शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र वर्मा, यूटा के जिलाध्यक्ष डॉ. आशुतोष बैसवार, अटेवा के जिलाध्यक्ष अमित वर्मा (जिला संयोजक), टीएससीटी के जिला संयोजक महेंद्र वर्मा तथा विशिष्ट बीटीसी शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आनंद कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया। जुलूस में शामिल शिक्षकों ने हाथों में मशाल लेकर अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की और एकजुटता का प्रदर्शन किया। इस दौरान डॉ. देवेंद्र द्विवेदी, उमानाथ मिश्रा, दिग्विजय पाण्डेय, देवेंद्र सिंह, कमलेश वर्मा, राघवेंद्र सुमन, अरुण कुमार वर्मा, राज कुँवर, संतोष शुक्ला, सुरेंद्र जायसवाल, शिव सागर सिंह, राजेश श्रीवास्तव, अनवारुल, सुनील त्रिपाठी, संजय श्रीवास्तव, रामानंद, सत्य प्रकाश तिवारी, जय कुमार, दिलीप तिवारी (जिला मीडिया प्रभारी), श्याम किशोर बाजपेई, अंकित जायसवाल, किरण विश्वकर्मा, रुद्र प्रताप पाण्डेय, आशुतोष मिश्रा, रामपाल, अपर्णा श्रीवास्तव, गुंजन वर्मा, विकास वर्मा, अनूप अवस्थी, हनुमंत अवस्थी, इमामुद्दीन अंसारी, आशीष सिंह, मनीष बैसवार, मनोज चौधरी, मो. इस्माइल, सुरेश, आदित्य, संदीप वर्मा, सुधीर तिवारी, मो. अशरफ, सतीश चंद्र, सर्वेश दीक्षित, दिनेश कुमार वर्मा, दीपेंद्र वर्मा, राजेंद्र त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि टेट अनिवार्यता शिक्षकों के अधिकारों पर कुठाराघात है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक शिक्षकों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अंत में सभी शिक्षकों ने एकजुट होकर आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया।









