घटिया निर्माण पर एफआईआर, इंजीनियर-ठेकेदार जाएंगे जेल : योगी
निष्पक्ष जन अवलोकन।
शिवम् सिकरवार ब्यूरो चीफ आगरा।
आगरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आगरा में विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट संदेश दिया कि गुणवत्ता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क, सीवर, जल जीवन मिशन और अन्य निर्माण कार्यों में यदि कहीं भी घटिया सामग्री या लापरवाही मिली तो संबंधित इंजीनियर और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री रविवार दोपहर खेरिया एयरपोर्ट पहुंचे, जहां जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह मंडलायुक्त सभागार पहुंचे और केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, प्रभारी मंत्री भूपेंद्र चौधरी, मंत्री जयवीर सिंह, चौधरी लक्ष्मी नारायण, योगेंद्र उपाध्याय, बेबीरानी मौर्य, सांसदों, विधायकों, एमएलसी तथा अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में लोक निर्माण विभाग की पुरानी परियोजनाओं और नई कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए बताया गया कि ई-विश्वकर्मा 2.0 पोर्टल पर प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर आगरा जनपद में 495 विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें 1138.19 किलोमीटर सड़क निर्माण, चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण, सेतु निर्माण, रोड सेफ्टी और भवन निर्माण से जुड़े कार्य शामिल हैं, जिन पर लगभग 2791 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों, विधायकों और जनप्रतिनिधियों को अपनी प्राथमिकताएं शीघ्र तय कर सुझाव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं को तत्काल स्वीकृति देकर धनराशि जारी की जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगरा अब मेट्रो शहर है, इसलिए यहां की सड़कें, पेयजल व्यवस्था, सीवर, सौंदर्यीकरण और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी मेट्रो शहरों के मानकों के अनुरूप विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने आगरा मेट्रो के दूसरे चरण, एयरपोर्ट विस्तार, सेतु निर्माण और सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान एयरपोर्ट विस्तार और अन्य विकास परियोजनाओं में न्यायालय और एनजीटी से संबंधित बाधाओं का मुद्दा भी उठा। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ और अनुभवी अधिवक्ताओं का पैनल बनाकर प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए और कहा कि विकास कार्यों को किसी भी स्तर पर बाधित नहीं होने दिया जाएगा। पड़ोसी राज्यों से होने वाले अवैध खनन और निराश्रित पशुओं की समस्या पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान और मध्य प्रदेश प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर किसानों की फसलों को नुकसान से बचाया जाए और अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाई जाए। ग्रामीण सड़कों पर भारी वाहनों और ओवरलोड डंपरों के संचालन पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सड़कों का निर्माण भारी वाहनों के लिए नहीं किया गया है। ऐसे वाहनों से होने वाले नुकसान की भरपाई संबंधित वाहन स्वामियों से वसूली जाए और इनके संचालन पर प्रभावी रोक लगाई जाए। मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन, अमृत योजना, सीवर और अन्य परियोजनाओं के लिए की जा रही रोड कटिंग के बाद सड़कों की गुणवत्तापूर्ण बहाली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता खराब करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी जनता की सुविधाओं से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बैठक में गोवर्धन परिक्रमा मार्ग की खराब स्थिति का मुद्दा भी उठा। मुख्यमंत्री ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेते हुए आधुनिक तकनीक से सड़क निर्माण कराने के निर्देश दिए, ताकि परिक्रमार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उनके पैरों में छाले न पड़ें। बैठक में मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप, जिलाधिकारी मनीष बंसल, पुलिस आयुक्त दीपक कुमार, आगरा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एम. अरुणमोली, मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।









